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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz एक बार फिर वैश्विक संकट का केंद्र बन गया है। दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से होती है, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के कारण यहां स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने लगी हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिखने लगा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से इस मार्ग की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है। हालांकि कई यूरोपीय देश सैन्य हस्तक्षेप से बचना चाहते हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने भी इस संघर्ष को और बढ़ाने के खिलाफ बयान दिया है। वहीं चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping कूटनीतिक समाधान की बात कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह संकट वैश्विक ऊर्जा और राजनीति को नई दिशा देगा।

Amid rising tensions in the Middle East, the Strait of Hormuz has once again become the center of a global crisis. Nearly 20% of the world’s crude oil supply passes through this crucial sea route, but growing tensions between Iran and the United States have made the situation extremely sensitive. Oil prices are approaching $100 per barrel, raising concerns about the global economy and fuel costs worldwide.

In response, U.S. President Donald Trump has urged countries including China, France, Japan, South Korea, and the United Kingdom to send naval ships to help secure the vital shipping lane. However, several European nations are hesitant to get involved militarily, fearing that it could further escalate the conflict. Spain’s Prime Minister Pedro Sánchez has also spoken against actions that could intensify the situation. Meanwhile, Chinese President Xi Jinping has emphasized the need for a diplomatic solution. The big question now is whether this crisis will reshape global energy security and international politics.

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~PR.516~HT.408~ED.104~GR.506~

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00:07कि दुनिया एक ऐसे मोड पर खड़ी है जहां एक संकरी समुद्री खाड़ी पूरे वैश्विक राजनीती को हिला सकती है
00:13कि तेल की एक लाइन दुनिया की सबसे ताकतवर सैने गटबंधन नाटों की भविश्य को तै कर सकती है
00:20और सबसे बड़ा सवाल आखिर क्यों डॉनल्ड श्रॉप अपने ही सयोगी देशों को खुली चेताबनी दे रहे हैं
00:26आज हम आपको बताएंगे स्ट्रेट अफ हॉर्मोज की उस कहानी के बारे में जिसने अमेरिका, यूरोप, चीन और पूरी दुनिया
00:33को एक नई कूटनीतिक लड़ाई में खड़ा कर दिया है
00:37मदेपूर्व में बढ़ते तनाव की बीच दुनिया की सबसे एहम समुदरी गलियों में से एक स्ट्रेट अफ हॉर्मोज, इस समय
00:44वेश्विक संकट का केंदर बन गया है
00:46ये वही समुदरी रास्ता है जोहां से दुनिया की लगभग 20 प्रतीशत कच्चे तेल का व्यपार होता है
00:51लेकिन एरान के साथ बढ़ते सेने टकराव की बीच वी रास्ता लगभग बंध हो चुका है
00:56पड़े नाम अंतराश्टे बाजार में तेल की कीमते 100 डॉलर प्रती बैरल के करीब पहुँच गई है
01:02और इसका असर दुनिया की अर्थवेवस्था से लेकर आम लोगों की जेब तक पड़ सकता है
01:07इस संकट को देखते हुए अमेर की राश्टपती डॉलर श्रांफ ने कई देशों से अपील की कि वो अपने युद्ध
01:13पोत भीज कर समुदरी रास्ते को सुरक्षित करे
01:15उन्होंने जिन देशों से मदद मांगी उनमें शामिल है ट्राइना, फ्रांस, जपान, साउथ कोरिया और युनाइटेट किंग्डम
01:22ट्रम्प का तर्क साफ है इन देशों के अत्वेवस्था भी खाड़ी से आने वाले तेल पर काफी निर्भर है
01:28इसलिए उन्हें भी सुरक्षा मिश्ण में शामिल होना चाही लेकिन यही से शुरू होती है असली कूटनीतिक कहानी
01:34जब इन देशों की ओर से कोई स्पष्ट सेने समर्थन नहीं मिला तो ट्रम्प ने कड़ा रुख अपनाया
01:40उन्होंने कहा कि अगर सहयोगी देश मदद नहीं करते तो ये नाटो के भविश्य के लिए बहुत बुरा साबित हो
01:46सकता है
01:47ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका हमेशा यूरोप के लिए खड़ा रहा है
01:51चाहे वो रश्या यूक्रेन वार में समथन हूँ या अन्य सुरक्षा संगट
01:55लेकिन अब अमेरिका ये देखना चाहता है कि क्या उसके सहयोगी भी उसके ले खड़े होंगे
02:01जल्ला मरू मज्यकी निगरानी के लिए हमारे साथ काम कर रहे हैं तो हम हन्य देशों से बात कर रहे
02:07हैं
02:08टेर मुझे लगता है कि हमें अच्छा जवाब नहीं मिलता तो भी अच्छा है
02:15तेकिन यान रखें जैसे नाटो देशों में हमेशा नाटो के साथ हैं
02:36अब सवाल उठाए अगर होर्मोज इतना जरूरी है तो यूरोप और दूसरे देश युद्ध पोत भीजने से क्यों हिचक रहे
02:43हैं
02:43इसके पीछे कई बज़े हैं पहली बज़ा यूरोप के कई देश इस संखर्ष को और बड़ा नहीं करना चाहते हैं
02:50दूसरी बज़ा कुछ देशों का मानना है कि इस संखर्ष सीधे तोर पर अमेरिका इरान टकराव से जुड़ा है
02:56इसलिए वो इसमें सैने रूप से शामिल होने से बचना चाहते हैं
03:00उधारन के तोर पर स्पेन ने खुल कर इस युद्ध का विरोध किया है
03:04स्पेन के प्रधान मंतरी पेडरो सेंचेस ने कहा कि एक गैर कानूनी कारवाई का जवाब दूसरी गैर कानूनी कारवाई से
03:11नहीं दिया जा सकता
03:12इस पूरे मामले में चाइना की भूमिका भी पेहद एहम मानी जा रही है
03:16क्योंकि चीन को अपने तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मिलता है
03:20ट्रम्प उम्मीद जता रहे हैं कि उनके संभावित बैठक से पहले चीनी राष्टपती जी जिंग पिंग इस संकट को सुलजाने
03:27में कोई कदम उठाएंगे
03:29हाला कि चीन की ओर से अभी तक केवल यही कहा गया है कि वो युद्ध ख़स्म करने और उजा
03:34पूर्टी को सुरक्षित रखने के लिए बातचीत का समत्थन करता है
03:38दूसरी तरफ एरान ने भी साफ किया है कि उसने युद्ध विराम की कोई मांग नहीं की है
03:43इरान के विदेश मंत्री अबास राग ची का कहना है कि कई देश पहले ही उनसे संपर्क कर चुके हैं
03:49ताकि उनके जहाजों को सुरक्षित रास्ता मेर सके
03:51दल्चस्प बात ये है कि इंडिया के कुछ जहाज हाल ही में इसी रास्ते से सुरक्षित गुजर कर आ चुके
03:57हैं
03:58जिसे बातचीत का परिणाम बताया गया
04:00मुझे नहीं लगता कि अमेरिकियों से फिर से बात करने या उनसे बातचीत करने का सवाल मेज पर होगा
04:09क्योंकि आप जानते हैं अमेरिकियों से बात करने का हमारा बहुत कड़वा अनुभव रहा है
04:17हमने पिछले साल जून में उनसे बातचीत की थी और बातचीत के बीच में ही उन्होंने हम पर हमला कर
04:22दिया
04:22और इस साल फिर उन्होंने हमें यह समझाने की कोशिश की कि इस बार बात अलग है उन्होंने हमसे वादा
04:28किया कि उनका हम पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है
04:31तो और वे इरान के प्रमाणों मुद्दे को शांती से हल करना चाहते थे और एक बादचीत से समाधान निकालना
04:37चाहते थे और हमने आखिरकार मान लिया
04:39लेकिन फिर से तीन दौर की बातचीत के बाद और बातचीत में अमेरिकी टीम ने खुद कहा कि हमने बहुत
04:48बड़ी प्रगति की है
04:49फिर भी उन्होंने हम पर हमला करने का फैसला किया
04:54तो मुझे नहीं लगता कि अब अमेरिकीयों से बात करना अब हमारे एजेंडे में होगा
05:01अगर स्ट्रेट ओफ होर्मूज लंबे समय तक बंद रहता है तो इसके कई बड़े असर हो सकते हैं
05:07वैश्विक तेल कीमतों में भारी उचाल, कई रेशों में इंधन संकट, वैश्विक अर्थ विवस्था पर दबाव और मध्यपूर में युद्ध
05:15के और फैलने का खत्रा
05:17यही बजाए कि दुनिया की नजर इस समय छोटे से समुद्री रास्ते पट्टिकी हुई है
05:22तो सवाल यही है कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेने गडबंदन नाटो इस चनौती में अमेरिका का साथ देगा
05:28कि चीन कूटनीती से इस संकट को कम कर पाएगा
05:32या फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मोज आने वाले दिनों में दुनिया के सबसे बड़े उजा युद्ध का केंदर बन जाएगा
05:38और अगर यह रास्ता पूरी तरह बंद हो गया तो सिर्फ तेल ही नहीं दुनिया की राजनीती की दिशा भी
05:44बदल सकती है
05:44हम इस काहनी पर लगतार नजर बनाए हुए हैं लेकिन जाते जाते आपसे एक सवाल
05:49क्या आपको लगता है कि ये संकर तीसरे पड़े वेश्विक ठकराव की शुरुआत बन सकता है
05:54हमें अपने राए कमेंट में जरूर बताए
05:56देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए देखते रहे वन इंडिया हिंदी
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