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  • 2 days ago
GST_के_सुरक्षा_वाल्व

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00:00नमस्कार!
00:01आज हम GST के अंदर छिपे दो बहुती खास प्रावधानों पर बात करने वाले हैं.
00:05इनको GST सिस्टम का सीक्रेट सेफटी वैल्व भी कहा जा सकता है.
00:09मतलब ये सरकार के वो खास अधिकार है,
00:12जो इस टैक्स सिस्टम को सख्त होने के साथ-साथ जरूरत पढ़ने पर लचीला और व्यवाहारिक भी बनाते हैं.
00:18अच्छा, कभी ये सोचा है कि जब हम अस्पताल जाते हैं,
00:22तो बिल पर GST क्यों नहीं लगता, लेकिन किसी रेस्टोरांट में खाने पर लग जाता है?
00:42ये दोनों सरकार को कुछ खास हालात में, टैक्स के नियमों को बदलने या यूँ कहें कि उनमें थोड़ी धील
00:47देने की ताकत देते हैं.
00:49चलिए, पहले टूल को समझते हैं, section 11, ये सरकार को proactive तरीके से, यानि कोई समस्या होने से पहले
00:58ही छूट देने की शक्ती देता है.
01:00इसका सीधा सा मतलब है कि सरकार जनहित में मतलब लोगों की भलाई के लिए कुछ चीजों या services पर
01:08GST माफ कर सकती है.
01:10तो ये GST छूट आखिर है क्या? देखिए, आसान भाशा में ये सरकार की वो ताकत है जिसके तहद वो
01:17ये तैय कर सकती है कि कुछ खास सामान या सिवाओं पर GST या तो पूरी तरह से नहीं लगेगा,
01:22या फिर कमरेड पर लगेगा.
01:23अब सवाल ये है कि सरकार इस पावर का इस्तमाल करती कैसे है? इसके लिए दो मुख्य तरीके हैं. सरकार
01:31इन दो अलग-अलग रास्तों से ये तैय करती है कि किसे और कैसे छूट देनी है?
01:35पहला और सबसे आम तरीका है सामान्य चूट. ये एक आधिकारिक घोषना, जिससे हम notification कहते हैं, उसके जरिये दी
01:44जाती है. और ये किसी एक इनसान या एक कमपनी के लिए नहीं होती, बलकि सामान या सेवाओं की एक
01:50पूरी की पूरी कैटिगरी पर लागू होती है.
01:52जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, यानि Health Care Services, इन पर पूरी तरह से छूट है, इसलिए अस्पताल के बिल पर कभी
02:00GST नहीं दिखता. या फिर किताबे ले लीजिए. वैसे तो इन पर 5% GST लगता है, लेकिन सरकार शिक्षा
02:07को बढ़ावा देने के लिए एक notification जारी करके इस 5% को
02:12शुन्य कर सकती है. है ना ये एक बहुत ही powerful tool? अब दूसरा तरीका है विशेश छूट. ये बहुत
02:19ही rare है. ये किसी खास मामले में और बहुत ही असाधारन परिस्थितियों में ही दिया जाता है. सोचिए, जैसे
02:26कोई राश्ट्रिया आपातकाल आगया हो या कोई बड़ी प
02:42बड़ी बाड आ गई है. अब एक company को बाहर से बहुत जरूरी medical उपकरण मंगाने है. Normally इस import
02:48पर GST लगता, लेकिन यहां सरकार एक विशेश आदेश जारी करके कह सकती है कि ठीक है, इस एक import
02:55पर कोई tax नहीं लगेगा. ये एक बहुत ही focused और targeted मदद होती है. यहां एक बहुत
03:01जरूरी नियम है. इसे समझना होगा. अगर किसी चीज पर छूट पूर्ण है, मतलब 100% माफ है, तो जो
03:09supplier है, वो ग्राहक से GST ले ही नहीं सकता. जैसे ताजे फलों पर GST पूरी तरह माफ है. इसलिए
03:16कोई फल बेचने वाला आपको फल बेचते समय बिल में GST नहीं जोड स
03:31सकते हैं. देखे, सेक्शन 11 जहां भविष्य को देखकर छूट देता है, वहीं सेक्शन 11A अतीत में यानि पास्ट में
03:40हुई गलतियों को सुधारने का एक तरीका है. ये एक reactive power है. मतलब ये तब काम में आती है,
03:46जब कोई गडबर पहले ही हो चुकी हो. तो ये tax की वसूली �
03:50न करना क्या चीज है? इसे taxpayers के लिए एक सुरक्षा जाल समझेए. अगर किसी पूरी industry में हर कोई
03:57एक ही नियम को गलत समझ रहा था और सालों तक कम tax भरता रहा, तो सरकार इस power का
04:02इस्तमाल करके कह सकती है, ठीक है, हम पिछली गलतियों के लिए अब tax नहीं वसूलेंगे.
04:07लेकिन सरकार इस शक्ती का इस्तमाल ऐसे ही नहीं कर सकती, इसके लिए दो शर्ते पूरी होनी बहुत जरूरी है,
04:15पहली बाजार में GST न लगाने या कम लगाने की एक आम प्रथा या जेनरल प्राक्टिस होनी चाहिए, और दूसरी
04:22ये प्रथा बहुत बड़े पैमाने पर
04:37समझ लेती है, अब सालों तक वो एक खास तरहा की सविस पर कोई GST चार्ज ही नहीं करते क्योंकि
04:42सबको यही लगता है कि उस पे छूट है, उन्हें पता ही नहीं कि उनसे एक बहुत बड़े गलती हो
04:47रही है, अब सोचिए, अगर सेक्शन 11-A ना होता, तो क्या होता?
04:52टैक्स अधिकारी आते और उन सभी कंपनियों से सालों का पिछला GST वो भी ब्याज के साथ मांगते, इसका नतीजा,
05:00बहुत सारी कंपनिया रातो रात दिवालिया हो जाती, लेकिन सेक्शन 11-A के होते हुए, सरकार आगे आती है और
05:07कहती है, ये एक इमानदार भूल थी, हम
05:09पुराने टैक्स को माफ करते हैं, और इस एक कदम से एक पूरी इंडस्ट्री को बचा लिया जाता है, तो
05:16अब तक हमने इन दो दमदार सेक्शन को अलग-अलग समझा, अब वक्त है इनकी आमने सामने तुलना करने का,
05:22ताकि इनके बीच का जो फर्क है वो बिल्कुल साफ ह
05:25इस टेबल पर नजर डालिए, सेक्शन 11 भविश्य की बात करता है, लोगों के हित में छोट देना, जैसे हेल्थ
05:32केर पर, ये एक सोची समझी प्लान की हुई पॉलिसी है, दूसरी तरफ सेक्शन 11-A अतीत को देखता है,
05:39जब पूरे उद्योग से एक जैसी गलती हुई हो, �
05:42तो टैक्स माफ करना, ये कोई प्लानिंग नहीं है, ये एक सुधार का तरीका है, एक इमानदार गलती का समाधान
05:49है, तो इन सब बातों का मतलब क्या है, आखिर ये सेक्शन इतने जरूरी क्यों है, इसका जवाब एक शब्द
05:56में है, निश्पक्षता, और दूसरे में व्य
05:59वहारिक्ता, ये जो सेफ्टी वाल्व हैं, ये पक्का करते हैं कि GST कानून सिर्फ सक्थ नियमों का एक पुलिंदा ना
06:06बन कर रह जाए, ये कानून में व्यावारिक्ता और निश्पक्षता लाते हैं, ये इस बात को सुनिश्टित करते हैं कि
06:13इमानदा टैक्सपेर्स को अ
06:29दोनों मिलकर हमारे टैक्स सिस्टम को लचीला बनाती हैं और इसे ठीक से काम करने में मदद करती हैं, और
06:35अब हम आपको एक सवाल के साथ छोड़ कर जाते हैं, एक निश्पक्ष चूट और टैक्स बचाने के एक चोर
06:42दर्वाजे, यानि टैक्स लूप होल के बीच की वो ब
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