00:00બહાત સહાર્એ પહારારહે વહુભોંઈ પહારહે જેદારેબારેદે હેદેવેદેઈ પહ્થ્દેવેદ કૂરારારુિ�
00:29तभी खुदाई करते करते उसे कुछ बाल दिखाई देते हैं
00:35अरे इका है ये बाल किसके हैं
00:39फिर गोपी उन बालों को पकड़ कर खीचने लगता है
00:43तभी उसके हाथ में उस चुडैल का सर आ जाता है
00:48अरे मर गया आरे ये क्या चीज है ये तो किसी का सर है
00:53हाई रे अब क्या करूँ ये तो किसी चुडैल का सिर लगता है
00:57ए भगवान ये मुझसे कितनी बड़ी गलती हो गई अब क्या करूँ
01:01एक काम करता हूँ इसे गाओं लेकर चलता हूँ
01:05इसे गाओं के सरपंच को सोप दूँगा
01:08फिर वही फैसला लेंगे कि इसका क्या करना है
01:11फिर घर पहुँचते पहुँचते उसे रात हो जाती है
01:15फिर वह उस सिर को खिड़की के पास रखकर सूने चला जाता है
01:21फिर आधी रात होते ही उसमें जान आ जाती है
01:26hahaha
01:29I am granted
01:30After geri I have the power
01:38myself
01:39Mycroft
01:40Mycroft
01:40doway
01:41my execution范
01:45my Yum
01:47om栗cych
01:47Laughter Hmm Come
01:55in
01:55This
02:00अजी, आप किस सिर की बात कर रहे हो जी?
02:03अजब मैं जंगल में खुदाई कर रहा था, तब मुझे एक सिर मिला था, मैं उसे घर ले आया, सोचा
02:10था सरपंच को सौप दूँगा, लेकिन रात हो गई, तो इसे घर पर ही रख लिया
02:15अरे नास मिटे, चुडेल का सर घर पे क्यों ले आया, हे बगवान, अब क्या होगा? तब ही वहसिर उनके
02:26कमरे में आ जाता है
02:32अच्छा, तो तू ही है, जिसने मुझे आजाद करवाया है
02:39हाँ जी चुडेल जी, मैंने ही आपको जमीन से बाहर निकाला था, कृपर करके हमें चोड़ दो
02:49ठीक है, तेरी वजहे से ही मैं आजाद हुई हूँ, इसलिए तुझे चोड़ रही हूँ
02:58लेकिन उससे पहले तुझे मेरा एक काम करना होगा
03:04तुझे वापिस उसी जगहें पर जाकर मेरा धड़ भी खोद कर निकालना होगा
03:14अरे मर गए रे, अब क्या करूँ, नहीं नहीं चुड़ जी, मैं ऐसा नहीं कर सकता
03:20तो फिर ठीक है, मरने के लिए तैयार हो जा
03:26मैं सबसे पहले तेरी पत्नी का सिर खाऊंगी, फिर इसके धड़ पर अपना सर जोड़ूंगी
03:36अरे मर गए रे, नहीं नहीं चुड़ जी, क्रिपा करके रुख जाओ, अजी जल्दी जंगल जाओ
03:43और इस चुड़ का धड़ खोद कर इसे दे दो, नहीं तो ये मेरी जान ले लेगी
03:49नहीं नहीं चुड़ जी, आप ऐसा मत करिये, मैं अभी आपके साथ चलता हूँ और आपको आपका धड़ धूंड कर
03:57देता हूँ
03:58फिर वेह कटा हुआ सिर और गोपी आधी रात को जंगल की ओर चल देती हैं
04:06फिर उसी जगहें पहुँचकर धड़ की तलाश शुरू कर देता है, वेह बहुत देर तक खुदाई करता है
04:16फिर उसे वेह धड़ भी मिल जाता है, चुडैल अपना धड़ देखकर खुश हो जाती है
04:25तभी गोपी वहां से भाग जाता है, फिर वेह कटा हुआ सर उस गड़े में चला जाता है
04:35और देखते ही देखते पुरी की पुरी चुलैल गड़े से बाहर निकल आती है
04:47गाओं वालो अब मरने के लिए तयार हो जाओ
04:54मैं किसी को नहीं छोड़ूंगी
05:04फिर गोपी भागता भागता सीधा सरपंच के घर पहुच जाता है
05:12अरे सरपच जी दर्वाजा खोलो अनर्थ हो गया है वह सिरकटी चुडेल वापस आ गई है
05:21फिर सरपच अपने घर से बाहर आता है फिर गोपी उसे सारी बात बताता है
05:29ए भगवान ये क्या अनर्थ हो गया हमने उस चुडेल के दो टुकडे किये थे अब वह बदला लेने के
05:36लिए वापस जरूर आएगी हमें अभी कुछ ना कुछ करना होगा
05:41तभी वह चुडेल जंगल से निकल कर वापस गाउं में आ जाती है
05:47ए गाउं वालों कहा छुप कर बैठे हो तुम लोगों ने किस तरह मेरे दो टुकडे किये थे अब बदला
06:00लेने का समय आ गया है
06:04सब गाउं वाले चुप चुप कर उसे देखते रहते हैं और वह चुडेल अपने शिकार की तलाश में गाउं की
06:15गलियों में घूमती रहती है
06:18सपच जी वह देखिये वह चुडेल गाउं वालों की तलाश में इधर उधर घूम रही है
06:24अगर कोई गाउवाला इसे मिल गया
06:27तो ये उसका सिर्धड से अलग कर देगी
06:30भाई किसी के पास कोई तरकीब है तो बताओ
06:32वरना सुबह होने तक कोई नहीं बचेगा
06:35सर पंच जी मेरे पास एक तरकीब है
06:38हम इस चुडएल को उस पुराने घर में कैद कर सकते हैं
06:42मैं इस चुडएल का भोजन बनकर उस घर में जाता हूँ
06:46ये मेरा शिकार करने वहाँ जरूर आएगी
06:48फिर इतना बोलकर भीमा भाग कर उस घर के बाहर पहुँच जाता है
06:55और उस चुडैल को पुकारने लगता है
06:59ए चुडैल देख तेरा काल यहां खड़ा है
07:02मैंने ही तेरे दो टुकडे किये थे
07:04इतनी जल्दी भूल गई क्या
07:06ए अच्छा हुआ जो तु खुद मेरे सामने आ गया
07:12मुझे कब से तेरी तलाश थी
07:15रुक तुझे अभी बताती हूँ
07:20फिर जैसे ही चुडैल भीमा की तरफ जाती है
07:25भीमा भाग कर घर के अंदर चला जाता है
07:30और एक जगहे पर जाकर खड़ा हो जाता है
07:35उस घर की चछत पर गोपी और शिवा पहले से मौजूद होते हैं
07:41भीमा भाई तुम घबराओ मत जैसे ही चुडैल तुम्हारे करीब आएगी हम तुम्हें उपर खीच लेंगे
07:49फिर चुडैल भी भीमा का पीछा करते करते उस घर में घुज जाती है
07:56अब मुझसे बच कर कहा जाएगा मौर्क
08:00फिर जैसे ही वह चुडैल भीमा पर हमला करती है तभी गोपी रसी को नीचे फेग देता है और भीमा
08:10उस रसी के सहारे घर की छट पर चड़ जाता है
08:14फिर तीनों लकडी की मदद से छट का छेद बंद कर देते हैं और सरपंच घर का दर्वाजा भी बाहर
08:24से बंद कर देता है ताकि वह चुडैल घर से बाहर ना निकल पाए
08:30फिर वह चुडैल उस घर में कैद हो जाती है
08:34ए मूर्ख गाओं वालो तुम्हें क्या लगता है तुम मुझे इस घर में कैद कर लोगे
08:42भायो मुझे लगता है हम जादा देर तक इस चुडैल को कैद नहीं कर पाएंगे
08:47चरपंच जी बस थोड़ी देर में सूरज निकलने ही वाला है
08:51हमें थोड़ी देर तक इस चुडैल को इसी घर में रोक के रखना होगा
08:58फिर चुडैल जोर जोर से दर्वाजा पीटने लगती है
09:03तब ही दिन हो जाता है और आकाश में सूरज निकल आता है
09:09फिर गोपी छत पे रखी लकडी को भी हटा देता है
09:14ताकि सूरज की रोष्णी अंदर जा सके फिर सूरज की रोष्णी घर के अंदर जाते ही वह चुडैल तड़पने लगती
09:25है
09:26ए गोवालो तुमने फिर से मुझे धोके से इस घर में फसा लिया
09:32ये तुमने अच्छा नहीं किया
09:36अरे मर गई रे हाए हाए मर गई रे ये सूरज तो मुझे जला कर ही दम लेगा
09:46फिर देखते ही देखते वह चुडैल जलकर राख हो जाती है
09:52और एक बार फिर गाउवालों की एकता की वजह से लोग चुडैल से छुटकारा पा लेते हैं