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क्या अमेरिका को उल्टा पड़ गया ईरान पर हमले का दांव?
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00:00कई मीरे रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जिन देशों के जहाज ट्रेट ओफ और मूँ से गुजरते हैं उन्हें
00:05इरान ने चार श्रेणियों में बांट दिया है
00:07टियर वन वो देश जिन पर इरान कोई हमला नहीं करेगा
00:10टियर टू वो देश जिन से इरान बाचीत करके उनके जहाजों को गुजरने की जहासत दे सकता है
00:20टियर ट्री में वो देश हैं जिने इरान दुश्मन मानता है और टियर फोर में वो छोटे देश हैं जिनका
00:25इस युद्ध से कोई लेना देना नहीं है
00:27लेकिन इरान दुनिया पर दबाब बनाने के लिए इन छोटे देशों के समुद्री जहाजों पर हमला कर सकता है
00:33जैसे थाइलेंड के मयूरी नारी जहाज पर इरान ने जो हमला किया
00:38ये वीडियो आपको दिखाया था हमने
00:40वो यही बताने के लिए था कि Thailand का भले स्यूट से कोई लेना देना ना हो
00:44लेकिन इरान उसे या उसके जैसे दूसरे देशों के जहाजों को भी निशाना बनाएगा
00:49हलाकि इरान के सरकारी मीडिया या IRGC ने इन मीडिया और रिपोर्ट्स की पुष्टी नहीं किये
00:55उल्टा IRGC ने ये बयान जारी किया है कि वो Strait of Hormuz से एक बूंद कच्चा तेल गुजरने नहीं
01:00देगा
01:01मैं आपको बड़ी स्क्रीन पर दिखाती हूँ कि अब तक जो Persian Gulf और Strait of Hormuz के बीचे जो
01:06पूरा मामला अटका हुआ है
01:08वो कैसे आगे बढ़ रहा है अब तक Persian Gulf और Strait of Hormuz में Solar Oil Tankers, Cargo, Commercial
01:16Ships को निशाना बनाए गया है
01:18जूम इन कीजे तो इदर फारस की खाड़ी है Persian Gulf और इदर ओमान की खाड़ी आप देख रहे हैं
01:23ये Strait of Hormuz
01:24ये जो सक्रा वाला रास्ता है पतला साब समझ रहे है यही पर और ऐसे में Solar जहाजों पर इरान
01:30के हमले हुए है
01:31Strait of Hormuz के
01:35अगर आप इस नक्षे को देखेंगे तो सबसे ज़ादा हमले Strait of Hormuz के आसपास हुए है
01:40कुल 11 oil tankers, zoom in कीजे, सबसे ज़ादा ये देखें
01:45ये सारे जो आप देख रहे हैं ब्लास होते हुए
01:48सबसे ज़ादा जो 11 tankers, 11 oil tankers और cargo ships को इसी समुदरी इलाके में निशाना बनाया गया है
01:56और देखें अगर इस पूरे इलाके का ऐसा इसले भी हुआ है
02:00क्योंकि इस समुदरी मार्ग की चोड़ाई जो है वो ज्यादा नहीं है
02:04जिस वक्त कोई समुदरी जहाद स्ट्रेट ओफ अर्मूज में प्रवेश करता है
02:07तब इस जगा की चोड़ाई सिर्फ 50 km रह जाती है ये वाला जो डिस्टेंस है
02:13और जैसे ही ये 50 km पर पहुँची है इसके लावा आगे जाकर यही चोड़ाई सिर्फ 33 km रह जाती
02:20है
02:21पहले 50 फिर 33 वो किसी भी जहाद को इरान के लिए निशाना बनाना बहुत आसान हो जाता है
02:28वो सकरी से रास्ते से गुजर रहे उन पर टागेट कर दीजे
02:31इसे आप इस ग्राफिक से भी समझ सकते हैं
02:34ये देखिए जब आप यहाँ से इस खारी से एक्जिट कर रहे हैं
02:37तो 50 km के आसपास का ये पॉइंट है
02:39लेकिन यहाँ से जैसे आप आगे बढ़ते हैं
02:42आप बिल्कुल चंगुल में आ जाते हैं
02:4330 km की दूरी है से ये जो स्टेट है
02:46तो कोई भी जहाज जो यहाँ से गुजर रहा है
02:48उस पर हमला करना आसाल हो जाता है इरान की
02:5312 नॉटिकल माइल्स का इलाका इरान के अधिकार क्षेत्र में आता है
02:5612 नॉटिकल माइल्स का मतलब होता है
02:58बाइस किलोमेटर अब यहाँ समस्या यह है कि स्ट्रेट अफ हर्मूस की चोडाई
03:03एंट्री और एक्जिप पर 50 km है लेकिन 22 किलोमेटर का अगर आप देखें
03:08इसमें 22 किलोमेटर का जो इलाका है वो इरान के अधिकार क्षेत्र में है
03:13और इस शेत्र में इरान की सेना आवाजाही को कानिनी रूप से
03:17जो अन्य इलाके वहाँ नहीं रोख सकती लेकिन यहां रोख सकती है
03:20इरान जब चाहे यहां रहकर नेवल माइन्स बिचा सकता है
03:23यहां अपनी ऐसी कॉमबाट बोट स्तेनाद कर सकता है
03:26जो इस समुद्री मार्क से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकते है
03:30और वही इस वक्त हम आपको दिखा रहे है
03:32यह जो इलाका है ना यह जो ब्लिंग कर रहा है इस वक्त
03:35यह इरान की तरफ है और ऐसे में सिर्फ इतनी जगा है
03:39यहाँ पर वो जो चाहे कर सकता है यह उसके अधिकार क्षेतर में आता है
03:43देखे नट शेल में अगर हम कहें तो इरान के पास पूरी ताकत है
03:48कि वो स्ट्रेट अफ और मूस को बन कर सकता है और उसने ऐसा ही किया है
03:51आप इन तस्वीरों को देखे जिने इरान ने जारी करते हुए यह बताया है
03:55कि उसने इराक में कैसे एक ओयल टैंकर को आत्मगाती ड्रोन से निशाना बना कर तबाह करती
04:39कर दो कर दो करोड़ बैरल कच्चे तेल का निर्याद इसी समुद्री मार्क से हर महीने
04:51सिर ना से उता था इनमिए से बायासी प्रतिशत क कच्चा तेल अकेले एश्याय देशव
04:57में भीजा जाता था भारत शायना की हिस्खेडारी सबसे जदाती दो सबसे बड़े आयाता तक है कि विश में गच्चे
05:05तेल
05:05हमारा 35 से 40 प्रतिशत कच्चा तेल इस रास्ते से आता था लेकिन अब इरान ने इस रास्ते को अपना
05:11हतियार बना लिया और इससे पूरी दुनिया के सामने एक चैलेंज एक चुनोती पैदा हो गई हालाकि ऐसा नहीं है
05:18कि इस चुनोती का कोई समाधान नहीं है अगर सौधी
05:35ये पैपलाइन 1200 किलोमेटर लंबी है जिसके जरिये फारस की खाड़ी से कच्चे तेल को लाल सागर के यानबू बंदरगाप
05:42तक पहुँचाय जा सकता है अगर सौधी अरब चाहें तो वो हर दिन इस पैपलाइन से 50 लाख बैरल कच्चा
05:49तेल लाल सागर में पहुँचा सक
06:04इसके अलावा यूएई के पास भी इसी तरह की पैपलाइन है जो 360 से लेकर 400 किलोमेटर लंबी मानी जाती
06:11है अगर यूएई चाहे वो इस पैपलाइन के जरिये हर दिन 15 लाख बैरल कच्चा तेल आबुधाबी से सीधा उमान
06:21की खाड़ी में ये जो फुजायरा पोर्ट है
06:23वहां तक भेज सकता है और यहां भी बिना स्रेट अफ हर्मूस के कच्चे तेल की आपूर्ती हो सकते है
06:29लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सौधी अरब और यूए ऐसा करेंगे इस सवाल इसले जरूरी है क्योंकि इरान
06:37इन देशों की ओयल रिफाइनरी पर लवातार हमले
06:39कर रहा है इन हमलों की वजह से आलात ऐसे हो गए कि खाड़ी देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन
06:44जो है वो 50% कम कर दिया इंटरनाशनल एनरजी एजनसी के मताबिक मिडल इस के देश इस यूद्ध से
06:52पहले तक हर दिन दो करोड़ बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करत
06:57लेकिन अब यह उत्पादन घटकर सिर्फ एक करोड़ बैरल प्रती दिन रहे गया है इराक, कटर, कुवेट, साओधी अरव, यूए
07:05इन सब ने इस यूद्ध के कारण अपना जो कच्चे तेल का उत्पादन है उसको प्रती दिन एक करोड़ बैरल
07:10कम कर दिया है इससे आप
07:25कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा, हकीकत तो यह है कि इरान ने इस यूद्ध में बहुत सोच समझ कर
07:29अपनी चाल चलिये, पहले उसने इन देशों की ओल रिफाइनरी उनके बंदरगाहों को हिट किया और जब इन देशों ने
07:37डर के कारण अपने कच्चे तेल का उत्पादन
07:39बहुत कम कर दिया, या कई जगों पर मजबूरन रोकना पड़ा, तब इरान ने स्ट्रेट अफ हमूस को बन किया,
07:45बड़ी बात यही कि इरान ऐसा करके मिडलीज के देशों में अमेरिका की हेजिमनी को खत्म करना चाहता है, अब
07:52तक साओधी अरब, UAE, काटर, कुवेट, �
07:53बहरेन, इराग जैसे देशों ने इसलिए अपनी जमीन पर अमेरिका को सैने ठिकाने बनाने दिये, क्योंकि अमेरिका ने इन देशों
08:00की को सुरक्षा की गारंटी दी, अमेरिका इनको सेक्योरिटी प्रॉमिस करता है, अमेरिका ने कहा था कि ये देश अपना
08:08सारा पैसा, �
08:09oil infrastructure और विकास पर खर्च करें, सुरक्षा की चिंता ना करें, क्योंकि इसकी जिम्मेदारी अमेरिका की है, अब लीजे,
08:17बदले में अमेरिका ने इन देशों को सिर्फ अपना कच्छा तेल डॉलर में बेचने के लिए कहा और ये देश
08:22मान भी गए, लेकिन इरान ने स्युद म
08:27की सबसे बड़ी व्रास टानिरा ओयल rifinery पर हमला किया, कतर में दुनिया की सबसे बड़ी LNG फसिलिटी को निशाना
08:34बनाया है, युएE में दुनिया की सबसे बड़ी ओयल
08:37रिफाइनरी में ऐसे एक रुवेस ओयल फसिलिटी पर हमले कर आए। यूएई में भी मुसाफा फ्यूल टर्मिनल, फुजेरा ओयल टर्मिनल,
08:45सब पर आत्मगाती ड्रोन्स दाग दिए। बहरेन में भी बापको ओयल रिफाइनरी को निशाना बनाया और कुवेट में भी अल
09:07सोचने पर मजबूर कर दिया कि अमेरिका से उने सुरक्षा की जो गैरंटी मिली थी वो खोकली थी और यही
09:12वज़ा है आज ये देश अमेरिका के साथ अपने रिष्टे को लेकर विचार करने लगएंगे बहुत बड़ा ट्रांजिशन है साओधी
09:19अरब जिस तरह से अब सो
09:36ट्रिलियन डॉलर्स यानि 185 लाग करोड रुपए अमेरिका के शेर बाजार, सरकारी बॉंड, रियल एस्टेट, इंफ्रस्रक्ट्टर निवेश फंड में डाले
09:43गए
09:46अब हुँआ ये कि ए खारी देशों को तो फायदा हुआ लेकिन अमेरिका को जादा फायदा नहीं हुआ
09:50अमेरिका ने सुरक्षा की गारन्टी के नाम पर इन खारी देशों से खाफी डॉलर्स वसूले
09:56लेकिन अब जब इरान ने इन देशों के oil infrastructure को निशाना बनाया है तब ऐसा लगता है कि ये
10:01Middle East में अमेरिका की hegemony यानि उसके दवड़वे को कमजोर कर देगा
10:05क्योंकि ये पूरे विश्व के world order में एक बहुत बड़ा बदलाव आ जाएगा अगर UA, सौधी अरब जैसे देश
10:14अमेरिका की छाया से बाहर निकल आएंगे
10:17क्योंकि इरान की यही शर्थ है कि ये तमाम देश जो अपनी जमीन अमेरिकी बेसस के लिए देते हैं, ये
10:23तमाम देश जो अमेरिका से अपने अच्छे संबंद रखते हैं, ये तमाम देश जो सुरक्षा की गैरंटी अमेरिका से लेते
10:30हैं, वो उसके खिलाफ हो जाएं
11:15कि विलुड़ और जिमा, भी आगा है, तो पनापूझा है.
11:22अमेरिका इस बात को माने या ना माने लेकिन हकीकत यही है
11:27कि इरान इस युद्ध की आज से नहीं बल्कि 23 साल से तैयारी करना
11:31साल 2003 में जब अमेरिका के दखल के बाद इराक मुसर्दाम हुसेन की सरकार का पतन हुआ
11:38उसी दिर इरान इस बात को समझ गया था
11:41कि अगर पूरी सकता एक व्यक्ति के आसपास केंतरित रहे
11:45तो वो देश उस व्यक्ति के हटते ही युद्ध में बुरी तरह हार सकता है
11:51तिस अमेरिका ने सद्धाम हुसेन को मारा इराक के ने बरबादी
11:55लेकिन इरान ने इस पर काम किया
11:56इराग के उस संकट से इरान ये भी समझ गया था
11:59कि अमेरिका अक्सर किसी देश के शीर्ष नेत्रितों को हटाने पर ध्यान देता
12:04kill the leader, decapitation
12:07यहाँ पर भी आई किया, आयतल्ला खमने
12:10और उनके साथ-साथ जितने भी शीर्ष नेता, अलग-अलग संगटनों के अधक्षन सब को मारा
12:16जब शीर्ष पद खाली हो जाता है, तो आदेश देने वाला कोई ने रहता
12:20और सैने संचालन रुख जाते हैं, अमेरिका स्थवरी पर काम करता है
12:25कि फिर एक बार हमने हेड को मार दिया, तो देश की युद्ध में हार हो जाती है
12:31अमेरिका की इसी युद्धनीती का जवाब खोजने के लिए इरान ने अपनी एक नई वार डॉक्ट्रीन बनाए
12:36जिसे मुजेग डिफेंस डॉक्ट्रीन कहा दो
12:39इस डॉक्ट्रीन का मकस्त था ऐसी व्यवस्था त्यार करना
12:43जिसमें सिर कटने पर वो पूरा जो शरीर बचा है वो अपना काम करता है
12:49उस वक्त इस्लामिक रेविलूशनरी गार्ड कॉप्स के कमांडर इनचीफ मेजर जनरल मुहमद अली जाफरी ने मुजेग डिफेंस से प्रेर ना
12:56लिए
12:58ये वो कला होती है जिसमें सेकड़ो या हजारों छोटे छोटे छोटे टुकड़ों को मिलाकर एक बड़ी तस्वीर बनाई जाए
13:05और अगर इन मेंसे कुछ टुकडे हटा भी दिये जाए तो बड़ी तस्वीर जो है
13:10वो पूरी तरह से नश्ट नहीं होती
13:12इरान ने तैय किया कि वो युद के लिए खुद को मुजेक की तरह तयार करेगा
13:17जिसमें एक सिर अगर युद में कट भी जाए तो उसकी जगा और नए सिर खड़े हो जाएंगे
13:23बल्कि यह कहा जाता है इरान के बारे में कि वो सिर्फ प्लान B नहीं रखता है
13:27वो प्लान C, D, E, F आगे तक तैयारी रखता है
13:33इसके लिए इरान में हर सैने और शसस्त्र बलकि टुकडी के एक नहीं
13:37बलकि तीन-तीन उत्राधिकारी चुने गए है
13:41यह तैय हुआ कि एक कमांडर मारा जाएगा
13:44तो उसकी जगार लेने के लिए पीछे तीन कमांडर खड़े रहे
13:49इसके लावा इरान ने अपने सभी 31 प्रांतों को 31 यूनिट्स में बाटा
13:54उनके लिए अलग से रक्षा बजट बनाया
13:56उन्हें भरपूर हतियार दिये
13:59सबको यही बताया गया कि अगर भविश्य में इरान में शीर्ष नेत्रत्व खत्म हो जाता है
14:05तो इरान युद्ध लड़ना बन नहीं करेगा
14:06हर सैन्य टुकडी अपने अपने स्तर पर दुश्मन के खिलाफ युद्ध को जारी रखेगी
14:13किसी टुकडी को युद्ध लड़ने के लिए उपर से आदेश लेने के लिए इंतजार नहीं करना होगा
14:19हर सैनिक वहाँ पर नेत्रतों करेगा
14:24इसी वार डॉक्ट्रीन का नतीजा है कि आज बड़े से बड़े हमलों के बावजूद इरान जवाबी हमले पर कर पा
14:30रहा है
14:30और वो एक मोजेक की तरह है जिसमें कुछ टुकडे चाहे वो कितने भी बड़े हो
14:37कुछ टुकडे हटाने से पूरी तस्वीर खराब नहीं जिस वक्त ये वार डॉक्ट्रीन बनाई गई थी
14:42तब इरान में इस बात पर भी मंतन हुआ कि अगर हर सैने टुकडी स्वतंत्र होकर हमले करने लगेगी
14:47तो इरान कैसे और कब युद्ध खत्म करेगा सोचे उस पर भी बाकाइदा स्ट्राटेजी तयार हुए
14:52कि भई युद्ध में तो चले गए हमारे उत्राधिकारी तेह हो गए
14:56लेकिन अगर इरान को ये लगता है कि अब युद्ध रोकना है तो फैसला कौन लेगा
15:01इस सवाल का जवाब भी मुहमद अली जाफरी ने ढूंडा था
15:04उन्होंने ये नियम बनाया कि युद्ध को तभी रोका जाएगा
15:07जब नए सुप्रीम लीडर का चुनाओ हो जाएगा
15:10और वो सुप्रीम लीडर खुद आकर ये ऐलाण करेंगे की अब इयरान इस युद्ध को रोकता है
15:15अब इयरान में मुच्तबा खामनए को नया सुप्रीम लीडर चुना गया है
15:19और उन्होंने अपने पहले आ� compile-सं अंडेश में ये ऐलान किया है
15:21कि अरान इस जुद्द को जारी रखेगा युद्द मेे मारे गए लोगों का जरूर पद्ला लेगा
15:27अमेरिका इस बात को माने या ना माने
15:30लेकिन हकीकत यही है
15:32कि अरान इस जुद्द की आज से नहीं बलकी 23 साल से तीयारी करना
15:36साल 2003 में जब अमेरिका के दखल के बाद एराग में सद्दाम हुसेन की सरकार का पतन हुआ
15:43उसी दिर एरान इस बात को समझ गया थे
15:47कि अगर पूरी सक्ता एक व्यक्ति के आसपास केंद्रित रहे
15:51तो वो देश उस व्यक्ति के हटते ही युद्ध में बुरी तरह हाल सकता है
15:56तिसे अमेरिका ने सद्दाम हुसेन को मारा इराग के लिए बरबादी
16:00लेकिन इरान ने इस पर काम किया इराग के उस संकट से इरान ये भी समझ गया था
16:04कि अमेरिका अक्सर किसी देश के शीर्ष नेत्रितों को हटाने पर ध्यान देता है
16:09किल दे लीडर, डीकैपिटेशन, यहाँ पर भी आई किया
16:14अयतल्ला खमने और उनके साथ साथ जितने भी शीर्ष नेता
16:18अलग-अलग संगटनों के अधाक्षन सब को मारा
16:21जब शीर्ष पद खाली हो जाता है, तो आदेश देने वाला कोई ने रहता
16:25और सैने संचालन रुख जाते है, अमेरिका स्थोरी पर काम करता है
16:30कि फिर एक बार हमने हेड को मार दिया, तो देश की युद्ध में हार हो जाती है
16:35अमेरिका की इसी युद्धनीती का जवाब खोजने के लिए
16:39इरान ने अपनी एक नई वार डॉक्ट्रीन बढ़ाई, जिसे मुजेक डिफेंस डॉक्ट्रीन कहा दो
16:44इस डॉक्ट्रीन का मकस्ता था ऐसी विवस्था त्यार करना
16:48जिसमें सिर कटने पर वो पूरा जो शरीर बचा है वो अपना काम करता है
16:54उस वक्त इस्लामिक रेविलूशनरी गार्ड कॉप्स के कमांडर इनचीफ मेजर जनरल मुहमद अली जाफरी ने मुजेक ड्स से प्रेर ना
17:01लिए
17:03ये वो कला होती है जिसमें सैक्डों या हजारों छोटे छोटे छोटे छोटे टुकडों को मिलाकर एक बड़ी तस्वीर बनाई
17:10जाए
17:11और अगर इन में से कुछ टुकडे हटा भी दिये जाए तो बड़ी तस्वीर जो है वो पूरी तरह से
17:16नश्ट नहीं होती
17:18इरान ने तैय किया कि वो युद के लिए खुद को मुजेक की तरह तयार करेगा
17:22जिसमें एक सिर अगर युद में कट भी जाए तो उसकी जगा और नए सिर खड़े हो जाएंगे
17:28बल्कि यह कहा जाता है इरान के बारे में कि वो सिर्फ प्लान B नहीं रखता है
17:32वो प्लान C, D, E, F आगे तक तयारी रखता है
17:38इसके लिए इरान में हर सैने और शसस्तर बलकि टुकडी के एक नहीं
17:42बलकि तीन-तीन उत्राधिकारी चुने गए
17:46ये तैह हुआ कि एक कमांडर मारा जाएगा
17:49तो उसकी जगर लेने के लिए पीछे तीन कमांडर खड़े रहे
17:54इसके लावा इरान ने अपने सभी 31 प्रांतों को 31 यूनिट्स में बाटा
17:59उनके लिए अलग से रक्षा बजट बनाया
18:01उन्हें भरपूर हतियार दिये
18:15अपने अपने स्तर पर दुश्मन के खिलाफ युद्ध को जारी रखेगी
18:19किसी तुकड़ी को युद्ध लड़ने के लिए उपर से आदेश लेने के लिए इंतजार नहीं करना होगा
18:24हर सैनिक
18:26हर सैनिक वहाँ पर नेत्रितों करेगा
18:29इसी वार डॉक्ट्रीन का नतीजा है कि आज बड़े से बड़े हमलों के बावजूद इरान जवाबी हमले पर कर पा
18:35रहा है
18:35और वो एक मोजेक की तरह है
18:38जिसमें कुछ टुकड़े
18:40चाहे वो कितने भी बड़े हो
18:42कुछ टुकड़े हटाने से
18:44पूरी तस्वीर खराब नहीं
18:45जिस वक्त ये वो डॉक्ट्रीन बनाई गई थी
18:47तब इरान में इस बात पर भी मंतन हुआ कि
18:49अगर हर सैनिक टुकड़ी स्वतंत्र होकर
18:51हमले करने लगेगी तो इरान कैसे
19:08भी मौमद अली जाफरी ने ढूंडा था
19:09उन्होंने ये नियम बनाया कि युद्ध को तभी
19:11रोका जाएगा जब नए सुप्रीम लीडर का चुनाओ हो जाएगा
19:15और वो सुप्रीम लीडर खुद आकर
19:18ये ऐलान करेंगे कि अब इरान इस युद्ध को
19:19रोकता है अब इरान में
19:21मुच्टबा खामनई को नए सुप्रीम लीडर चुना गया है
19:24और उन्होंने अपने पहले आउडियो संदेश में
19:26ये ऐलान किया है कि इरान इस युद्ध को
19:28जारी रखेगा युद्ध में मारे गए
19:30लोगों का जरूर बदला लेगा
19:33आज हम आपको ये भी बताना चाहते हैं
19:35कि जिस युद्ध को आप संकट समझ रहे
19:36वो युद्ध अमेरिका के लिए बिजनस मॉडल है
19:39अब तक एतिहास में
19:41अमेरिका ने कई युद्ध को वार मशीन बना कर
19:43उससे काफी पैसा कमाया
19:45आज हम आपको कुछ ऐसे आंकड़े देता आएंगे
19:47उससे आपको ये पता चलेगा कि युद्ध अमेरिका की और नहीं आता
19:51बलकि अमेरिका खुद युद्ध की तरफ जाता है
19:55पूरी दुनिया में रक्षा बजट और हतियारों पर जितना पैसा खर्च किया जाता है
19:59उसमें अकेले 37 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिका की है
20:05दुनिया में अमेरिका के 800 से जादा सैने ठिकाने है
20:08और दुनिया में जब भी कोई युद्ध शुरू होता है
20:11तो उसका सीधा फाइदा अमेरिका को मिलता है
20:14ऐसे युद्ध के कारण कई देश अपनी से रक्षा को लेकर दबाव में आते है
20:18वो नए हतियार खरीदने के लिए अपना रक्षा बजट बढ़ाते है
20:22और ये नए हतियार जिस देश त्वारा बेजे जाते हैं
20:25उनमें सबसे उपर है अमेरिका
20:28और हमने पहले भी आपको ब्लाक इन वाइट में ही दिखाया था
20:32कि जो लोग हतियारों की होड में रेस में गुश जाते हैं
20:36वो वैसा ही है जैसे आग बुझाने के लिए आप पेट्रोल की खरीददारी शुरू कर देए
20:40बढ़ा देए देगे सिप्री के मुताविक दोजार तीन के इराक यूद से पहले
20:45दुनिया में हतियारों का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर रश्या बन गया था
20:48उस वक्त हतियारों के अगर आप एक्सपोर्ट में देखें
20:50तो रश्या की हिस्सेदारी 32% अमेरिका की हिस्सेदारी 31%
20:56लेकिन इसके बाद जब इराक युद्ध हुआ
20:59और इसके कारण कई देशों ने अपना जो डिफेंस बजट है रक्षा बजट है वो बढ़ाया
21:04तो इसी आम्स एक्स्पोर्ट में रश्या की हिस्सेदारी घटकर हो गई 25% अमेरिका की 31% पर रही
21:11तो साल 2012-16 के बीज जब अमेरिका अफगारिस्तान में युद्ध लड़ रहा था
21:20साल 2016-20 के बीच अमेरिका की हिस्सेदारी 36% हतियार बेशने लगा
21:2621 से 25 के भी जब यूक्रेइन यूद हुआ यूरप समेट कई देशों ने अपना रख्षा खर्च बढ़ाया तो फिर
21:32से इस यूद के कारण अमेरिका को काफी फायदा हुआ
21:34इस दोरान आम्स एक्सपो में अमेरिका की हिस्सेदारी 36 प्रतिशत से भी आगे बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई
21:43और अब भी यह जो यूद चल रहा है इसके कारण दुनिया में हत्यारों की नई मांग पैदा होगी
21:47क्योंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा आमस एक्सपोर्टर है इसलिए उसे भी इसका ज़्यादा फायदा होगा
21:53कई रिसर्च पेपर्स बताते हैं कि दूसरे विश्वयूद वर्ल्ड वॉर्ड टू के दौरान अमेरिका की 30 से 40 प्रतिशत अर्ट
22:01व्यवस्ता डिफेंस सेक्टर रक्षक शेत्र पर निर्भर दे
22:05और जब ये दूसर विश्वयूद खत्म हो रहा था तब अमेरिका को इस बात की काफी चिंता हुई
22:10कि वो अपनी इस अर्ट व्यवस्ता को कैसे बचाएगा और इसी के बाद उसने सोवियत संग के खिलाफ कोल्ड वॉर्ड
22:18जिया
22:20इसके लावा जिस वियतनाम युद से अमेरिका का कोई संब्द नहीं था
22:23वहाँ कम्यूनिजम के खिलाफ अमेरिका की सेना युद लड़ने पहुँच गई
22:27उस युद को अमेरिका ने 20 साल तक लड़ा था
22:30यह वही समय था जब अमेरिका में डिफेंस लॉबी बहुत मजबूट थी
22:34अमेरिका की सेना के बड़े बड़े अधिकारी
22:37डिफेंस कंपनी इसके बोर्ट मेंबर्स बन गए
22:39वो यह तैय करने लगे कि अमेरिका कौन सा हथियार बनाएगा
22:45किसको बेचेगा
22:47अमेरिका ने शांती की कई बातें की
22:51इसके लिए एक वेवस्था भी बनाई लेकिन आप खुद सोची अमेरिका खुद
22:54कब इस वेवस्था का पालन करता है
22:57अमेरिका ने यूद को ना सिर्फ वार मशीन बनाया
23:00बलकि अपने दबदबे का जरिया भी
23:03आज अमेरिका को कैनड़ा भी चाहिए
23:05उसको ग्रीन लाइन भी चाहिए
23:07वो गल्फ अफ मेकसिको को गल्फ अफ अमेरिका घोशट कर चुका है
23:11वेनिजवेला के कच्चे तेल का भंडार पर अपना हक जताता है
23:14यूक्रेन पर दुल्लब खनिजों के लिए दबाव बनाता है
23:17इरान के बाद क्यूबा पर हमला करने की धमकी देता है
23:20दुनिया पर मनमाने टारिफ लगाता है
23:23कई देशों को जबरदस्ती निवेश करने के लिए मजबूर करता है
23:27ये भी तै करता है कि कौन सा देश परमानू हतियार और मिसाइले बनाएगा और कौन सा नहीं
23:35आप खुद सोचें क्या ये लोकतांत्रिक्स वभाव है
23:40इस युद्ध की शिरुआत से पहले तक हर को यही मान रहा था
23:44कि इरान अकेले अमेरिका और इस्राइल का सामना नहीं कर पाएगा
23:48जैसा एक वक्त पर अश्या युक्रेण युद्ध में युक्रेण पर शक की निगाथ
23:52ये माना जा रहा था कि आयतल्ला खमने की मौत के बाद इरान सरेंडर कर देगा
23:56लेकिन ये सारे अनुमाल धरे के धरे रह गए
23:59और अमेरिका इरान के जिस नुक्लियर प्रोग्राम को जड़ से मिटाना चाहता था
24:03वो नुक्लियर प्रोग्राम अब उसके लिए बहुत बड़ा सिर्दर्द बन सकता है
24:09New York Post की एक नई रिपोर्ट है जिसमें दावा किया गया है
24:13कि इरान ने पहाडों के पीछे पिकैक्स माउंटन नाम का एक बंकर बनाया है
24:18ये बंकर जमीन की सतह से 330 मीटर नीचे और कहा जा रहा है कि इरान ने जो
24:23साथ प्रतिशत यूरेनियम इंरिच किया था वो यूरेनियम अब उसने इसी बंकर में शिफ्ट कर दिया है
24:30International Atomic Energy Agency के प्रमुक रफाल ग्रॉसी का कहना है कि उन्होंने जब इस बंकर के बारे में इरान
24:36से सवाल पूछे
24:37तो इरान ने कहा था कि इस बंकर से इस Agency का कोई मतलब नहीं होना चाहिए
24:42दावा किया जा रहा है कि इरान ने गोपनिय तरीके से इसी बंकर का निर्मान किया
24:48और अब यहाँ जो यूरेनियम हो सकता है अगर वो 90 प्रतिशत तक एन्रिच हो जाए
24:53तो इससे 11 परमाणू खतियार बन सकते है और अब यूएस इंटेलिजेंस ने इसे एक बड़ा खत्रा बताया है
25:02खत्रा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह बंकर जितनी गहराई में बनाया है उसे नश्च करने के लिए दुनिया
25:06में आज तक कोई बॉम या मिसाइल बनी ही नहीं
25:10अमेरिका का बंकर बस्टर बॉम भी जादा जादा जमीन की सतह से 200 फीट नीचे मौजूद जो धाचे है उनको
25:16नश्च कर सकता है जबकि यह बंकर तो 330 फीट नीचे मौजूद है
25:20और इसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या अब राश्रपती ट्रंप इस यूरेनियम को अपने कबजे में लेने के
25:26लिए अमेरिका की सेना को इरान भेजेंगे
25:31अगर ऐसा होता है तो क्या यह योद कई महीनों साल तक चल सकता है
25:37और अमेरिका यहां यह भी जानता है कि वो बीस सालता अफगानिस्तान में यूद लड़कर देख चुका है
25:42जिसमें उसे सफलता हासल नहीं हुए और गुरेला वार में तालिबान उस पर हावी रहा
25:47और इरान भी गुरेला वार लड़ने में माहिर माना जाता है
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