00:00What is the first time?
00:04One child had a large house.
00:08The house had a large house.
00:10He had a large house.
00:13He had some large house on his own.
00:18He had some large house.
00:29in his hands.
00:35What does these hair look like?
00:39A girl would like to do these hair.
00:44A girl would like to do the hair.
00:48What is my hair?
00:50What is your hair?
00:51What is your hair?
00:53What is your hair?
00:57ये भगवान, ये मुझसे कितनी बड़ी गलती हो गई, अब क्या करूँ, एक काम करता हूँ, इसे गाउं के सरपंच
01:07को सौप दूँगा, फिर वही फैसला लेंगे कि इसका क्या करना है, फिर घर पहुचते पहुचते उसे रात हो जाती
01:15है, फिर वह उस सिर को खिड़की के प
01:19आस रखकर सोने चला जाता है, फिर आधी रात होते ही उसमें जान आ जाती है, आखिर कार मैं आजाद
01:32हो ही गई, गाउंवालों, अब तुमसे बदला लेने का वक्त आ गया है, अजीब देखिए न, साथ वाले कमरे से
01:45कैसी अजीब अजीब सी आवासे आ रही है,
01:54अरे मर गई रे, कहीं उस सिर में जान तो नहीं आ गई, अजीब आप किस सिर की बात कर
02:02रहे हो जीब आज जब मैं जंगल में खुदाई कर रहा था, तब मुझे एक सिर मिला था, मैं उसे
02:08घर ले आया, सोचा था सरपंच को सौप दूंगा, लेकिन रात हो गई, तो इसे घर
02:15अरे नास मिटे, चुडैल का सर घर पे क्यों ले आया, हे बगवान अब क्या होगा
02:23तभी वहसिर उनके कम्रे में आ जाता है
02:32अच्छा तो तू ही है, जिसने मुझे आजाद करवाया है
02:39हाँ जी चुडैल जी, मैंने ही आपको जमीन से बाहर निकाला था
02:44कृपर करके हमें चोड़ दो
02:49ठीक है, तेरी वजहे से ही मैं आजाद हुई हूँ
02:54इसलिए तुझे चोड़ रही हूँ
02:58लेकिन उससे पहले तुझे मेरा एक काम करना होगा
03:04तुझे वापिस उसी जगहें पर जाकर मेरा धड़ भी खोद कर निकालना होगा
03:14अरे मर गए रहे, अब क्या करूँ, नहीं नहीं चुड़ जी, मैं ऐसा नहीं कर सकता
03:20तो फिर ठीक है, मरने के लिए तैयार हो जा
03:26मैं सबसे पहले तेरी पत्नी का सिर खाऊंगी, फिर इसके धड़ पर अपना सर जोड़ूंगी
03:36अरे मर गए रहे, नहीं नहीं चुड़ जी, क्रिपा करके रुख जाओ, अजी जल्दी जंगल जाओ
03:43और इस चुड़ का धड़ खोद कर इसे दे दो, नहीं तो ये मेरी जान ले लेगी
03:49नहीं नहीं चुड़ जी, आप ऐसा मत करिये, मैं अभी आपके साथ चलता हूँ और आपको आपका धड़ धूंड कर
03:57देता हूँ
03:58फिर वेह कटा हुआ सिर और गोपी आधी रात को जंगल की ओर चल देती है
04:06फिर उसी जगहें पहुँचकर धड़ की तलाश शुरू कर देता है
04:11वेह बहुत देर तक खुदाई करता है
04:16फिर उसे वेह धड़ भी मिल जाता है
04:20चुड़ेल अपना धड़ देखकर खुश हो जाती है
04:25तभी गोपी वहां से भाग जाता है
04:29फिर वेह कटा हुआ सर उस गड़े में चला जाता है
04:35और देखते ही देखते पुरी की पुरी चुड़ेल गड़े से बाहर निकल आती है
04:48गाओं वालो अब मरने के लिए तयार हो जाओ
04:54मैं किसी को नहीं छोडूँगी
05:05फिर गोपी भागता भागता सीधा सर पंच के घर पहुँच जाता है
05:12अरे सर पंच जी दर्वाजा खोलो अनर्थो गया है
05:18वह सिरकटी चुड़ेल वापस आ गई है
05:21फिर सर पंच अपने घर से बाहर आता है
05:26फिर गोपी उसे सारी बात बताता है
05:29ए भगवान ये क्या अनर्थ हो गया
05:32हमने उस चुड़ेल के दो टुकड़े किये थे
05:34अब वह बदला लेने के लिए वापस जरूर आएगी
05:38हमें अभी कुछ ना कुछ करना होगा
05:41तब ही वह चुड़ेल जंगल से निकल कर वापस गाउं में आ जाती है
05:47ए गाउं वालो कहा छुप कर बैठे हो
05:53तुम लोगों ने किस तरह मेरे दो टुकड़े किये थे
05:59अब बदला लेने का समय आ गया है
06:04सब गाउं वाले छुप छुप कर उसे देखते रहते हैं
06:10और वह चुड़ेल अपने शिकार की तलाश में गाउं की गलियों में घूमती रहती है
06:18सर पच्च जी देखिये वह चुड़ेल गाउं वालों की तलाश में इधर उधर घूम रही है
06:24अगर कोई गाउं वाला इसे मिल गया तो ये उसका सिर धर से अलग कर देगी
06:30भाई किसी के पास कोई तरकीब है तो बताओ, वरना सुबह होने तक कोई नहीं बचेगा
06:35सर पांच जी, मेरे पास एक तरकीब है, हम इस चुडैल को उस पुराने घर में कैद कर सकते हैं
06:42मैं इस चुडैल का भोजन बनकर उस घर में जाता हूँ, ये मेरा शिकार करने वहाँ जरूर आएगी
06:48फिर इतना बोलकर भीमा भाग कर उस घर के बाहर पहुँच जाता है और उस चुडैल को पुकारने लगता है
06:59ए चुडैल देख तेरा काल यहां खड़ा है, मैंने ही तेरे दो टुकड़े किये थे, इतनी जल्दी भूल गई क्या
07:06ए अच्छा हुआ, जो तु खुद मेरे सामने आ गया, मुझे कब से तेरी तलाश थी
07:15रुक, तुझे अभी बताती हूँ
07:20फिर जैसे ही चुडैल भीमा की तरफ जाती है, भीमा भाग कर घर के अंदर चला जाता है
07:30और एक जगहे पर जाकर खड़ा हो जाता है, उस घर की चछत पर गोपी और शिवा पहले से मौजूद
07:40होते है
07:41भीमा भाई, तुम घबराओ मत, जैसे ही चुडैल तुम्हारे करीब आएगी, हम तुम्हें उपर खीच लेंगे
07:49फिर चुडैल भी भीमा का पीछा करते करते उस घर में घुज जाती है
07:56अब मुझसे बच कर कहा जाएगा मौर्क
08:00फिर जैसे ही वह चुडैल भीमा पर हमला करती है, तभी गोपी रसी को नीचे फेग देता है
08:09और भीमा उस रसी के सहारे घर की छट पर चड़ जाता है
08:14फिर तीनों लकडी की मदद से छट का छेद बंद कर देते हैं
08:21और सरपंच घर का दर्वाजा भी बाहर से बंद कर देता है
08:26ताकि वह चुडैल घर से बाहर ना निकल पाए
08:30फिर वह चुडैल उस घर में कैद हो जाती है
08:34ए मूर्ख गाओं वालो तुम्हें क्या लगता है तुम मुझे इस घर में कैद कर लोगे
08:42भायो मुझे लगता है हम जादा देर तक इस चुडैल को कैद नहीं कर पाएंगे
08:47चरपंच जी बस थोड़ी देर में सूरज निकलने ही वाला है
08:51हमें थोड़ी देर तक इस चुडैल को इसी घर में रोक के रखना होगा
08:58फिर चुडैल जोर जोर से दर्वाजा पीटने लगती है
09:03तब ही दिन हो जाता है और आकाश में सूरज निकल आता है
09:09फिर गोपी छत पे रखी लकडी को भी हटा देता है
09:14ताकि सूरज की रोष्णी अंदर जा सके फिर सूरज की रोष्णी घर के अंदर जाते ही वह चुडैल तड़पने लगती
09:25है
09:26ए गोवालो तुमने फिर से मुझे धोके से इस घर में फसा लिया
09:32ये तुमने अच्छा नहीं किया
09:36अरे मर गई रे हाए हाए मर गई रे ये सूरज तो मुझे जला कर ही दम लेगा
09:46फिर देखते ही देखते वह चुडैल जलकर राख हो जाती है
09:52और एक बार फिर गाउवालों की एकता की वजह से लोग चुडैल से छुटकारा पा लेते हैं