00:00इरान ने अमेरिका और इसराइल को धंकी दी है कि अगर उसने उनके द्वीपो पर हमला करने की रणनीति गलती
00:05की तो स्ट्रेट अफ हॉर्मूस की तरह बाबल मंदेब स्ट्रेट भी रोक दिया जाएगा
00:11इसके साथ ही आपको बताएंगे कि इरान के खिलाफ अमेरिका और इसराइल का जो रिजीम चेंज प्लान है तो फेली
00:19हो गया
00:20यूस इंटेलिजन्स की ताज़ा रिपोर्ट के मताबिक खामनाई की मौत के बाद भी इरान की इसलामिक सरकार गिरने के कोई
00:27संकेत नहीं है
00:28अब अमेरिका और इसराइल इरान में ग्राउंड इंवेजन की तैयारी में है लेकिन ये उनके लिए आसान काम नहीं है
00:37क्योंकि इरान एक किले की तरह है
00:40इसके लिए में सेंध लगाना बहुत मुश्किल है अज आपको बताएंगे कि अब ये युद किस मोहाने पर पहुँच चुका
00:47है
00:48और इस युद ने आपके लिए क्या-क्या दिक्कते पैदा कर दी
00:52अमेरिका और इसराइल अब इरान की आर्थिक रीड पर हमला करने की तैयारी कर गए
00:57जिसको कहते है एकनॉमिक बैकबोन
00:59स्ट्रेट अफ अर्मूस इरान का बैकबोन है
01:02और इस पर नियंतरण रखने के लिए इरान अपने छोटे छोटे द्वीपों पर निरभर है
01:08अमेरिका और इसराइल की योजना है कि इरान के इन द्वीपों पर हमले किये जाए
01:14ताकि स्ट्रेट अफ अर्मूज से एरान का नियन तरण खत्म हो
01:17और साथ ही साथ इन द्वीपों पर मौझूदा तेल और सेन ठिकाने भी नश्ट हो जाए
01:24इसराइल के वेपक्षनेता यायर लापिड ने हाली में अपने एक बयान में कहा
01:29कि अब इसराइल को इरान के खार्ग द्वीप पर मौझूद तेल ठिकानों पर हमला करना चाहिए
01:35इस बयान के बाद से इरान में खलबली मच गई
01:38इरान को डर है कि इसराइल और अमेरिका की नजर उनके महतपून द्वीपों पर है
01:42और वो कभी भी इन पर हमला कर सकते है
01:46फारस की खाड़ी में इरान के करीब 30 से ज़्यादा द्वीप है
01:49जिन में कुछ उसके लिए रननितिक और कुछ आर्थिक रूप से महतपून है
01:54करीब 10 द्वीप तो ऐसे हैं जिनसे वो तेल, गैस का निर्याद, समुद्री, सुरक्षा, इलाके में सेने नियंत्र, स्ट्रेट औफ
02:03और मूस की निगरानी करता है
02:06इरान के लिए सबसे महतपून है खार्ग द्वीप
02:09ये द्वीप फारस की खाड़ी में इरान के बुशार सिटी से करीब 30 किलोमेटर दूर है
02:14ये द्वीप इरान के तेल निर्याद का सबसे बड़ा और महतपून टर्मिनल है
02:21इरान का लगपग 90 प्रतिशत कच्चा तेल का निर्याद यहीं से होता है
02:25इस अकेले द्वीप से प्रतिदिन करीब 20 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्याद होता है
02:31इरान जिनको भी कच्चा तेल बेचता है उनके जहाज यहीं पर डॉक किये जाते है
02:38और उनकी लादिंग भी यहीं पर होती है
02:43अगर यहाँ पर अमेरिका और इस्राइल ने हमला कर दिया तो इरान की कमर तूट जाएगे
02:48यह द्वीप इरान के लिए खार्ग द्वीप इसलिए भी बड़ा है क्योंकि यहाँ पर उनका ओइल रिजर्व है
02:55जिसमें एक करोड असी लाख बैरल कच्चा तेल रखा है
03:13के जहाज डॉकिंग करते हैं स्ट्रेट ऑफ और मूस के पास होने की वजह से यह इरान के लिए रन्नितिक
03:20रूप से बहुत महत्रपून जगा है
03:23इसके अलावा कुछ और द्वीप, कुछ और आइलंस जैसे किश, अबु मूसा, ग्रेटर टुनब, लेजर टुनब, लावान, सिरी, हेंगम द्वीप
03:34यह भी इरान के लिए रन्नितिक और आर्थिक रूप से काफी महत्रपून है
03:39यह द्वीप, वैश्मिक व्यापार और अंतराशिक परियर्टन से जुड़े हैं
03:43इसके अलावा इनमें सेने ठिकाने भी हैं जिससे इरानी सेना को मदद मिलती है
03:49इन छोटे छोटे द्वीपो की मदद से इरान स्ट्रेट अफ हर्मूज से होने वाले व्यापार पर अपना नियंतरण बना कर
03:57रखता है
03:58और कोई भी अन्यदेश उसके नियंतरण को चुनाओती नहीं दे पाता
04:02और यही वजह है कि इन ध्वीपों पर पेहमले के संकेत मिलने से इरान भढ़का हुआ है
04:07इरान ने तो अमेरिका और इस्राइल कोचे त्याव नहीं दे जाली है
04:10कि अगर उनके ध्वीपों पर अगर उनके आईलेंस पर हमला हुआ
04:14तो यो तो और बड़े स्तर पर होगा
04:17स्ट्रेट अफ और मूज को बन करके एरान ने पूरी दुनिया की जो 20 प्रतिशत तेल सप्लाई है
04:24उसको रोक दिया है
04:26इसे कई देशों में उर्जा संकट खड़ा हो गया है
04:29लेकिन एरान की एक और खतरनाक योजना का खुलासा हुआ है
04:32और अगर उसकी ये योजना कामयाब होगा
04:35तो दुनिया में तेल और अन्य सामानों का करीब 32 फीजदी समुद्री व्यापार ठप हो जाएगा
04:43और तब दुनिया में खलबली मज जाएगी असली हंगामा शुरू होगा
04:48इरान के एक वरिष रधिकारी ने अलजजीरा को दिये अपने एक इंटर्व्यू में संकेत दिये
04:54कि वो एक और स्ट्रेट को बाधित कर सकते हैं
04:57इस इंटर्व्यू में कहा गया है कि अगर अमेरिका ने कोई रणितिक गलती की
05:02तो एक और स्ट्रेट बंद हो जाएगा और फिर मिडल इस में एक खतरना क्षेत्रिय संगर शुरू होगा
05:09माना जा रहा है कि इरान बाबल मंदेब स्ट्रेट को बाधित करने की योजना बना रहे है
05:15बाबल मंदेब स्ट्रेट दुनिया में सबसे व्यस्त महत्पोंट समुदरी मारगों में से एक है
05:20ये स्ट्रेट अफ हॉर्मू से करीब धाई सौ किलोमेटर दूर है
05:24और यहां से होने वाले व्यापार पर यूरोपिय देश कापी हद तक निर्वर है
05:28बाबल मंदेब स्ट्रेट गल्फ ओफ एडन और रेड सी को जोडता है
05:33इसके एक तरफ यमेन है दूसी तरफ अफरीकी देश जिबूती है
05:38यहां से एशिया और यूरोप के बीच व्यापार होता है
05:41जो गल्फ ओफ एडन, रेड सी और स्यूर्ज केनाल के जरिये किया जाता है
05:46अगर इरान या फिर उसके प्रोक्सी ही कह लीजे
05:51हिजबुल्ला, हमास, हूती, कोई भी
05:53अगर इरान या उसके प्रोक्सी संगटन हूती ने
05:57इसे बंद करने के लिए हमले कर दिये शुरू
06:00तो पूरी दुनिया बड़े आर्थिक संकट में भस जाएगी
06:03इस समुद्री मार के बंद होने से
06:05जहाजों को आफरिका का पूरा चकर लगा कर
06:08लंबे रास्ते से होकर जाना पड़ेगा
06:10जिसे व्यापार की लागत बढ़ेगा
06:12तेल और गैस की कीमतों पर असर पड़ेगा
06:15अगर इरान और हूती ने
06:17बाबल मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की कोशश की
06:20तो एक बार फिर से पिश्वलियुद्ध की स्थिपी बनेगी
06:22क्योंकि इस समुद्री मार की सुरक्षा के लिए
06:26जानते कई देशों की सेनाए जो नौ सेनाए है
06:30वो हमेशा तहनात रहती है
06:32खासकर अमेरिका, इंग्लेंड, साओधी अरग, इन सब की सेना
06:38इसलिए एरान ने अमेरिका और इसराइल को धंकी दे डाली है
06:41कि अगर उसने उनके द्वीपों पर हमला करने की रन्नीते गलती की
06:45तो स्ट्रेट और फॉर्मूस की तरह बाबल, मंदेब, स्ट्रेट भी रोक दिया जाएगा
06:53अमेरिका और इसराइल ने युद्ध से पहले सोचा था कि अली खामनाई की मौत के बाद
06:56इरान की जंता सरकों पर उतर कर इसलामिक रजीम को खत्म कर देगी, वो तो विरोध पर दर्शन कर ही
07:02रहे थे
07:03लेकिन अली खामनाई की मौत के बाद इरान लड़ रहा है
07:07इस्लामिक रजीम को बदल कर मन्चाही सरकार पाने का प्लान फेल हो चुका है उस पर पानी फिर चुका है
07:14US Intelligence की एक रिपोर्ट ने ही अमेरिका और इसराइल को एक बड़ा जटका दिया
07:18US Intelligence की सिपोर्ट में बताया गया है कि इरान की मौझूदा इसलामिक सरकार गिरने के कोई संकेट नहीं मिले
07:24और इरान का धार्मिक नेत्रत एक जुट है
07:28मतलब ये कि अमेरिका और इसराइल ने युद्व की समय सीमा को लेकर जैसा प्लैन किया था वैसा कुछ हुआ
07:33नहीं है
07:33इसलिए अब ये माना जा रहा है कि अमेरिका और इसराइल की सेना में जमीनी हमले की प्लैनिंग पर काम
07:38कर रही है
07:39अमेरिकी और इज्वाइली सेना के रणी तिककारों का मानना है
07:42कि उनकी सेना इस जमीन पर उतर कर इरान की जनता को सुरक्षित महौल देंगे
07:47ताकि वो सरकों पर उतर सके
07:49लेकिन क्या ये मुम्किन है
07:52सच ये है कि उनके लिए सबसे बड़ी चुनोती इरान की प्राक्रितिक के लिए जैसी सुरक्षा है
07:57इरान की प्राक्रितिक संरचना इस तरह की है कि उस पर जमीन हमला करना बहुत मुश्किल है
08:04और जो भी उस पर जमीनी हमला करता है उसे लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है, आखिर इरान पर जमीनी हमला
08:09मुश्किल क्यों है?
08:10तो देखें, इरान के पश्चिम में Zagros Mountains है, Zagros की पहाडियां, ये पहाड इराक सीमा पर दुश्मनों को चुनोती
08:20पेश करते हैं, यहाँ पर इन पहाडों की उचाई करीब 4000 मीटर है, जिससे किसी भी सेना की बखतर बंद
08:26गाडियों, टैंक या भारी वाहनों का गुजरना म
08:40जो कैस्पियन सागर से जुड़े हैं, यहाँ भी सक्रे रास्ते हैं, जिससे गुजरना बहुत मुश्किल है दुश्मनों के लिए, मुश्किल
08:46टास्क है, इरान के ये पहाडी इलाके गुरिला युद के लिए बेस्ट है, और IRGC के फाइटर्स को गुरिला युद
08:53की खास �
08:56पहाडी रास्ते, पहाडी रास्ते से आने वाले दुश्मनों के लिए जाल कैसे बिछाना है, उनको कैसे घेरना है, उनसे कैसे
09:04लड़ना है, IRGC के लिए बहुत आसान है, इसके अलावा है दश्ते कवीर और दश्ते लुत, नाम के दो विशाल
09:13रगिस्तान, दश्ते कवीर �
09:15रगिस्तान करीब 77,600 वर किलो मेटर में फैला है जिसमें रेथ है कीचड़ है दलदल भी कई जगा है
09:21नमक की एक परत है इसी तरह दश्टेलो करीब 51,000 वर किलो मेटर में फैला हुआ रगिस्तान है यह
09:27दोनों दुनिया के सबसे गर्म रगिस्तानों में से एक माने जाते हैं �
09:30कतापमान दिन में 70 डिगरी सेल्सियस तक पहुंच जाता है मतलब यह कि इस इलाके में इरान पर जमीनी हमला
09:38करने का मतलब अपनी सेना को गर्म भट्टी में जोग देना और वो भी अमेरिकी इसके अलावा इरान के दक्षण
09:47में स्ट्रेट ओफ हर्मूज है जो दुनिया मे
09:50कच्छे तेल का महतवपुन्ट समुद्री मार गए इस सीमा से हमला करने का मतलब है दुनिया को कच्छे तेल के
09:57संकट में जोग देना
09:59साल 1980 में इरान पर हमले की एक कोशश इराक ने की थी इराक और इरान के बीच शटल अरब
10:05नदी और कच्छे तेल की कीमतों को लेकर विवाद चल रहा था
10:08इस विवाद के बीच सदाम हुसेन ने इरान पर कब्जा की जंग शुरू कर दी गए इराक ने जाग्रोस माउंटेंज
10:15वाले इलाकों से हमला करके सीमा वर्ती खुजेस्तान प्राद के शहरों पर कब्जा कर लिया था
10:20लेकिन इसके आगे वो बढ़ ही नहीं पाए क्योंकि जाग्रोस माउंटेंज ने रास्ता रोक लिया और इराक की सेनाई इनी
10:27में फसकर रहे गई ये युद्ध करीब आठ वर्षों तक चला
10:31दस लाख लोग मारे गए लेकिन फिर भी युद्ध का कोई नतीजा नहीं लिखना और इराक को विश्व में दबाव
10:37में हार मानकर पीछे हटना पड़ा
10:41माना जा रहा है कि अमेरिका और इस्राइल इरान पर जमीनी हमले के लिए धृत्यव विश्व युद्ध वाली रन्नीती पर
10:46काम करेंगे
10:471941 में ये रन्नीती युनाइटेट किंग्डम सोवेत युनिन ने अपनाई थी और जीत हासल की थी
10:52उस हमले में इरान का ये किला ध्वस हो गया था क्योंकि उस वक्त दो दिशाओं से उन पर हमला
10:58हुआ था
10:59द्रित्यव विश्व युद्ध के दौरान वर्ल्ड वार टू के दौरान इरान के जर्मनी की तरफ जाने का डर था
11:07इसलिए इंग्लेंड और सोवेत यूनियन ने इरान पर दो दिशाओं से हमला कर दिया
11:11सोवेत यूनियन की सेना ने इरान के उतर से जो ये अलबॉस माउंटन से है उन पहाडियों की तरफ से
11:18हमला शुरू किया
11:19United Kingdom यानि England की सेना ने दक्षर से यानि ओमान और फारस की खाडी से हमला शुरू किया
11:26तो तरफा हमलों की वज़े से इरान की सेना ने बहुत जल्दी हार मान ली थी और इरान पर उनका
11:31कबजा हो गया
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