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Middath e Rasool SAWW | Shan e Iftar | 14 MARCH 2026 | Waseem Badami | #shaneramazan

In this segment, we will be blessed with heartfelt recitations by our esteemed Naat Khwaans, enhancing the spiritual ambiance of our Iftar gathering.

Host: Waseem Badami.
Naat Khuwan: Mehmood Ul Hasan Ashrafi.
Zohaib Ashrafi.
Waseem Wasi.
Qari Mohsin.

#WaseemBadami #Mmiddatherasoolsaww #Ramazan2026 #RamazanMubarak #ShaneRamazan #Shaneiftaar

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Transcript
00:00वो शहरे महोब जहां मुस्तफा है वहीं घर बनाने को जी चाहता है
00:17वो सोने से कंकर वो चांदी सी माटी नजर में बसाने को जी चाहता है
00:35जो पूछा नबी ने के कुछ गर भी छोड़ा तो सिदिक अकबर के होटों पे आया
00:52वहां माल दौलत की क्या है हकीकत जहां जहां लुटाने को जी चाहता है
01:09वो शहर मुहाबत जहां मुस्तफा है वहीं घर बनाने को जी चाहता है
01:26सितारों से ये चाहता है हर दूँ तुम्हें क्या बताओं वो टुकडों का लूँ
01:43इशारे में आका के इतना मजा था इशारे में आका के इतना मजा था
01:59के फिर तूट जाने को जी चाहता है वो शहर मुहाबत जहां मुस्तफा है
02:16वहीं गर बनाने को जी चाहता है वो सोने से काकर वो चादी सी मती
02:32नजर में बसाने को जी चाहता है
02:41सबसे ओ लाओ आला हमारा नभी
02:51सबसे ओ लाओ आला हमारा नभी
03:00अपने मौला का प्यारा हमारा नभी
03:19दोनों आलम का दूला हमारा नभी
03:28बुच गए जिसके आगे सबी मौश अले शम्मा वो लेकर आया हमारा नभी
03:55जिसके दर वो का दूला है आगे आया हमारा नभी
04:22खलक से ओलिया ओलिया से रुसुल और रसुलों से आला हमारा नभी
04:49सबसे आला हमारा नभी
04:58सबसे बाला हमारा नभी
05:07हम को अपनी तलब से सिवा चाहिए
05:25आप जैसे है वैसी आता चाहिए
05:33आप जैसे है वैसी आता चाहिए
05:42क्यूं कहें ये आता वो आता चाहिए
06:00आपको इल्म है हमको क्या चाहिए
06:17भरके जोली मेरी मेरे सरकार ने
06:34मस्कुरा कर कहा और क्या चाहिए
06:42आप अपनी खुलामी की देदे सनद
06:51आप अपनी खुलामी की देदे सनद
07:00बस ये ही इसतो मरतबा चाहिए
07:08आप जैरे से है वैसे अता चाहिए
07:16लब पर नाते पाक का नगमा
07:25कल भी था और आज भी है
07:43मेरे नबी से मेरा रिशिदा
07:49कल भी था और आज भी है
07:55मेरे नबी से मेरा रिशिदा
08:01कल भी था और आज भी है
08:07और किसी चानिब क्यों जाए
08:13और किसी को क्यों देखे
08:19और किसी चानिब क्यों जाए
08:26और किसी को क्यों देखे
08:32अपना सब कुछ गुंबद खजरा
08:37कल भी था और आज भी है
08:45बतला दो गुस्ताख नबी को
08:51गैरत मुस्लिम जिन्दा है
08:57पतला दो गुस्ताख नबी को
09:05गैरत मुस्लिम जिन्दा है
09:10उन पर भर मिटने का जजबा
09:16कल भी था और आज भी है
09:22उन पर भर मिटने का जजबा
09:29कल भी था और आज भी है
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