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  • 12 hours ago
केंद्र सरकार के भरोसे के बाद भी देश में LPG सिलेंडर के लिए क्यों मारामारी?

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00:00सबसे पहले हम आपको ये बताएंगे कि जब सरकार ये कह रही है कि देश में रसोई गैस की कोई
00:05कमी नहीं है तो फिर अलग-अलग राज्यों, शहरों, कस्बों में LPG सिलेंडर के लिए लंबी लाइने क्यों लगे?
00:13उत्तरप्रदेश से लेकर पंजाब, हर्याना, दिल्ली, राजस्तान, मद्ध्रदेश, बिहार, करनाटक, केरल और तमिल नाड़ू समेत कई राज्यों में LPG सिलेंडर
00:24के लिए मारा-मारी हो रही है
00:27और ये देखिया हम आपको हर जगा की तस्वीर दिखा रहे हैं
00:31उत्तरप्रदेश और बिहार में तो कई एजंसियों के दफ्तरों के बाहर एक-एक किलोमिटर लंबी लाइन लग गई है
00:39और ये स्थिती भी तब है जब केंद्र सरकार ये कह रही है कि देश में अभी फिलहाल रसोई ग्यास
00:46का कोई संकट नहीं है
00:48अब सवाल यही है कि फिर आखिर ये लोग लाइनों में पहुँच रहे हैं
00:53सवाल यही है कि जब संकट नहीं है तो अलग-अलग राज्यों शहरों में लोग परिशान क्यूं है
00:59इसके पीछे चार बड़े कारण है आज ये कारण भी आपको जानने चाहिए
01:03कि आखिर क्या वज़ा है ये लंबी-लंबी लाइने इस तरह की क्यों हो रही है
01:08तो सुनिए पहला कारण तो यही है कि बहुत सारे लोगों को तैस समय पर LPG सिलिंडर की डिलिवरी नहीं
01:15हो रहे
01:16इस वज़े से जो LPG सिलिंडर के गोदाम है वहाँ लोग खुद जाकर लाइने लगा रहे है
01:21अपनी परची दिखाकर सिलिंडर ले रहे हैं कई लोगों में एक पैनिक मोड है उनको लग रहा है कि सिलिंडर
01:26जल्दी लेकर घर में रखना है
01:28दूसरा कई राजों और शेरों में लोगों ने ये शिकायद भी की है कि उन्हें ओनलाइन बुकिंग के बाद भी
01:33LPG सिलिंडर की डिलिवरी नहीं मिल रहे है
01:37इस वज़े से लोगों को गैस एजन्सियों के दफ्तरों में लाइने लगानी पड़ रहे है
01:42अपनी ओनलाइन बुकिंग का स्टेटस दिखा कर वो परची बनवानी पड़ रही है
01:46कि भई देखो यहाँ पर हमने बुकिंग की है पेमंट किया है
01:49पहले बहुत कब मामलों में ये परची बनवानी होती थी
01:52और ते समय पर रसोई गैस सिलंडर अपने आप ही घर पर आ जाता था
01:55लेकिन अब लोगों का कहना है कि ऐसा नहीं हो रहा है
01:59इसलिए उन्हें लपीजी सिलंडर की फिजिकल बुकिंग करानी पड़ रही है
02:03जिससे भीड बढ़ रही है भीड से पैनिक फैल रहा है
02:06और तीसा कारण यह है कि लोगों को डर है
02:09कि आने वाले दिनों में रसोई गैस सिलंडर की किल्लत हो सकती है
02:13इसलिए वो इसकी पैनिक बुकिंग कर रहे है
02:17अगर आप इस ग्राफिक्स को देखेंगे तो इस यूद से पहले हर दिन
02:21एक दिन का हम आपको पूरा नंबर्स दिखा रहे है
02:24यह फैक्ट्चुल बाते है
02:25इस यूद से पहले हर दिन औस तन 55,70,000 लोग LPG सिलंडर की बुकिंग कराते थे
02:35लेकिन अब जब से यह ख़बर आई की रसोई गैस की किल्लत हो सकती है
02:40उसके बाद से आप ग्राफ को देखे
02:42तब से हर दिन 75,70,000 सिलंडर की एडवांस बुकिंग हो रही है
02:47यानि पानिक के कारण हर दिन लगवाग 20,00,000 सिलंडर पहले से ज़ादा बुक हो रहे है
02:53वो नंबर देखे
02:53इसके अलावा पहले 71 प्रतिशत लोग ऑनलाइन सिलंडर की बुकिंग कराते थे
02:57लेकिन अब 83 प्रतिशत लोग ऑनलाइन बुकिंग करा रहे है
03:01लेकिन बहुत सारे लोगों को इसके बाद भी गैस एजनसी के दफतर जाकर परची बनवानी पड़ रहे है
03:05क्योंकि ऑनलाइन काम नहीं कर रहे है
03:07और यह तो सच है कि लोगों को LPG सिलंडर मिलने में देरी हो रही है
03:13इसके अलावा सरकार ने खुद बताया है कि जो LNG उद्योगों में इस्तमाल होती है
03:21उसका स्टॉक
03:25अगले
03:27दस दिनों के लिए
03:30बचा है
03:33जबकि LPG अगले 25 से 30 दिन तक चल सकती है
03:36और ऐसे में ये तो नहीं कहा जाएगा कि भारत के सामने संकट नहीं है
03:40संकट तो है और उसकी वज़े से ही लोगों को परिशानी हो रही है
03:43और इस पर सब को सतर्क होना
03:45काला बाजारी रोकनी होगी
03:48पैनिक बुकिंग करने से लोगों को रुकना होगा
03:50अब LPG सिलंडर के बाद पेट्रोल डीजल के सवाल पर आते हैं
03:53क्योंकि बहुत सारे लोग दावा करे हैं कि युद के कारण
03:55पेट्रोल डीजल की भी किल्लत हो सकती है
03:57लेकिन सरकार ने इन दावों को खारिच किया है
04:00बताया है अब हारे पास अभी रिजर्व है
04:05भारत ने कच्छे तेल का अच्छा खासा भंडारन होते हुए
04:08रश्या से तीन करोड बैरल कच्छा तेल खरीद लिया है
04:11जबकि अंगोला से मार्च के पहले दस दिनों में
04:1734 लाक बैरल अभी आ चुका है
04:20कॉंगो से 19 लाक बैरल कच्छा तेल खरीदा गया है
04:24यानि कुल मिलाकर अनुमान है कि भारत के लिए लगबग 10 करोड बैरल कच्छा तेल आसानी सो पलब्द रहेगा
04:30हमारे सामने अभी बहुत बड़ी चुनोती नहीं आएगे
04:32हलाकि सरकार ये भी बता रहे है कि स्ट्रेट अफ और मूस के पश्चिम में
04:36भारत के 23 और पूर में तीन जहाज अब भी फसे है
04:40और यहां बड़ा सवाल यही है कि क्या इरान इन भारतिय जहाजों को
04:44स्ट्रेट अफ और मूस से गुजरने की इजाज़त देगा
04:49यह सवाल इसले भी पूछा जा रहा है क्योंकि एक दिन पहले भारत के
04:52दो जहाज स्ट्रेट अफ और मूस से मुंबई पहुँचे
04:55इनमें एक जहाज में 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल भारत आया
05:00और यह भारत के लिए एक राहत की तरह है
05:04भारत के विदेश मंत्री अज़्याशंकर 9 अर्च से 12 मार्च के बीच
05:07चार बार इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची से फोन पर बात कर चुके हैं
05:14जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस युद्ध में पहली बार इरान के राश्रपती मसूत पेज़ेशक्यान से फोन पर बात
05:23की अब तक प्रधानमंत्री मोदी ने मिडलीज के उन देशों के राश्रा धक्षों से फोन पर बात की थी जिन
05:28पर इरान के हमले हु
05:34लेकिन अब पहली बार ऐसा हुआ है जब प्रधानमंत्री मोदी ने इरान के राश्रपती से भी फोन पर डिरेक्ट बातचीत
05:41किये है।
06:26लेकिन इरान दुनिया पर दबाब बनाने के लिए इन छोटे देशों के समुद्री जहाजों पर हमला कर सकता है।
06:38यही बताने के लिए था कि थाइलेंड का भले स्यूट से कोई लेना देना ना हो लेकिन इरान उसे या
06:44उसके जैसे दूसरे देशों के जहाजों को भी निशाना बनाएगा।
06:48हलाकि एरान के सरकारी मीडिया या IRGC ने इन मीडिया और रिपोर्ट्स की पुष्टी नहीं की है।
06:53उल्टा, IRGC ने ये बयान जारी किया है कि वो स्ट्रेट अफ हर्मूज से एक बूंद कच्चा तेल गुजरने नहीं
06:59देगा।
06:59मैं आपको बड़ी स्क्रीन पर दिखाती हूँ कि अब तक जो पर्शन गल्फ और स्ट्रेट अफ हर्मूज के बीचे जो
07:05पूरा मामला अटका हुआ है वो कैसे आगे बढ़ रहा है।
07:08अब तक पर्शन गल्फ और स्ट्रेट अफ हर्मूज में सोलर ओइल टैंकर्स, कारगो, कमर्शल शिप्स को निशाना बनाए गया है।
07:17तो इधर फारस की खाड़ी है पर्शन गल्फ और इधर ओमान की खाड़ी आप देख रहे हैं यह स्ट्रेट अफ
07:22हर्मूज, यह जो सक्रावाला रास्ता है, पतला साप समझ रहे हैं यहीं पर, और ऐसे में सोलर जहाजो पर इरान
07:29के हमले हुए हैं स्ट्रेट अफ हर्मूज
07:33अगर आप इस नक्षे को देखेंगे तो सबसे ज़्यादा हमले स्ट्रेट अफ और मूस के आसपास हुए है
07:38कुल 11 ओयल टैंकर्स, जूम इन कीजे, सबसे ज़्यादा, यह देखिए
07:44यह सारी जो आप देख रहे हैं, ब्लास होते हुए, सबसे ज़्यादा जो 11 टैंकर्स, 11 ओयल टैंकर्स और कार्गो
07:51शिप्स को इसी समुद्री इलाके में निशाना बनाया गया है
07:55और देखिए, अगर इस पूरे इलाके का ऐसा इसले भी हुआ है, क्योंकि इस समुद्री मार्ग की चोड़ाई जो है,
08:01वो ज्यादा नहीं है, जिस वक्त कोई समुद्री जहाज स्रेट ओफ अर्मूस में प्रवेश करता है, तब इस जगा की
08:07चोड़ाई सिर्फ 50 किलोमेटर
08:09रह जाती है, यह वाला जो डिस्टेंस है, और जैसे ही यह 50 किलोमेटर पर पहुंची है, इसके अलावा आगे
08:16जाकर यही चोड़ाई सिर्फ 33 किलोमेटर रह जाती है, पहले 50, फिर 33, वो किसी भी जहाज को इरान के
08:25लिए निशाना बनाना बहुत आसान हो जाता है, वो संकर
08:27इसे रास्ते से गुजर रहे हैं, उन पर टागेट कर दीजे, इसे आप इस ग्राफिक से भी समझ सकते हैं,
08:33यह देखिए, जब आप यहाँ से इस खारी से एक्जिट कर रहे हैं, तो 50 किलोमेटर के आसपास का यह
08:37पॉइंट है, लेकिन यहाँ से जैसे आप आगे बढ़ते ह
08:41जाते हैं, यह 33 किलोमेटर की दूरी है, सिर्फ यह जो स्रेट है, तो कोई भी जहाज जो यहाँ से
08:46गुजर रहा है, उस पर हमला करना आसाल हो जाता है, इरान के लिए, 12 नौटिकल माइल्स का इलाका इरान
08:53के अधिकार क्षेत्र में आता है, 12 नौटिकल माइल्स का मतलब हो
09:11और इस शेत्र में इरान की सेना आवाजाही को कानिनी रूप से जो अन्य इलाके महा नहीं रोख सकती लेकिन
09:18यहां रोख सकती है, इरान जब चाहे यहां रहेकर नेवल माइन्स बिचा सकता है, यहां अपनी ऐसी कॉमबाट बोट स्तेनात
09:24कर सकता है, जो समुद्री मार्क से
09:26गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकते हैं, और वही इस वक्त हम आपको दिखा रहे हैं, यह जो इलाका
09:32है ना, यह जो ब्लिंक कर रहा है इस वक्त, यह इरान की तरफ है, और ऐसे में सिर्फ इतनी
09:37जगा है, यहां पर वो जो चाहे कर सकता है, यह उसके अधिकार क
09:52करते हुए यह बताया है कि उसने इराक में कैसे एक ओयल टैंकर को आत्मगाती ड्रोन से निशाना बना कर
09:58तबाह करती है,
10:4028 फरवरी से पहले तक इसी समुद्री मार्क से हर महीने 3,000 जहाज गुर्ज़रते थे, हर रोज 2 करोड
10:48बैरल कच्चे तेल का निर्याद इसी रास्ते से होता था,
10:51इन में से 82 प्रतिशत कच्चा तेल अकेले एशियाई देशों में भीजा जाता था, भारत, चाइना की हिस्सेदारी सबसे जादा
11:00थी, दो सबसे बड़े आया तक है विश्मे कच्चे तेल के, हमारा 35 से 40 प्रतिशत कच्चा तेल इस रास्ते
11:08से आता था, लेकिन अब इरान �
11:09इस रास्ते को अपना हतियार बना लिया है और इससे पूरी दुनिया के सामने एक चैलेंज, एक चुनोती पैदा हो
11:15गई, हलाकि ऐसा नहीं है कि इस चुनोती का कोई समाधान नहीं है, अगर सौधी अरब और UAE चाहें, तो
11:21वो बिना स्ट्रेट अफ और मूस का इस्तमाल कि
11:22अपना कच्चा तेल अलग-अलग देशों में भेज सकते हैं, सौधी अरब, सौधी अरब ने इसी दिन के लिए एक
11:29पेट्रो लाइन बनाई ती, जिससे एस्ट-वेस्ट पाइपलाइन भी कहा जाता है, ये पाइपलाइन 1200 किलोमेटर लंबी है, जिसके जरिये
11:36फारस की खा
11:54इसी परिस्थिती में स्ट्रेट ओफ और मुझ से होने वाली कच्चे तेल की 25 प्रतिशत आपूर्ती सिर्फ इस पाइपलाइन के
12:00जरिये जारी रह सकते हैं, इसके अलावा, UAE के पास भी इसी तरह की पाइपलाइन है, जो 360 से लेकर
12:08400 किलोमेटर लंबी मानी जाती है, अगर
12:10UAE चाहे, वो इस पाइपलाइन के जरिये, हर दिन 15 लाक बैरल कच्चा तेल आबुधाबी से सीधा ओमान की खाडी
12:19में ये जो फुजैरा पोर्ट है, वहां तक भेज सकता है, और यहां भी बिना स्रेट अफ होर्मूस के कच्चे
12:27तेल की आपूर्ती हो सकते हैं, लेकिन बड
12:39अबलों की वज़ा से आलात ऐसे हो गए कि खाडी देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन जो है, वो 50
12:44प्रतिशत कम कर दिया,
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