00:05इस तरह की बातों से मैं इतनी परिशान हूँ कि मैं कुछ करी नहीं सकती, कोई करे तो क्या करे
00:30बाहर से हमें क्या फर्क पड़ता है लोग बोलते भी इसी लिए क्योंकि उनको पता है कि इसको बोलेंगे तो
00:36यह दबेगी जुकेगी इस पर अंतर पड़ेगा और जो दुनिया आपके उपर बड़े से बड़ा पहरा लगाती है कि तुम
00:43लड़की हो महिला हो कोई तुम्हार
00:58भी लगे ठीक है मैं जहां से बोल रहा हूँ मेरी बात को समझिएगा कह देना चाहिए कि वैसा कुछ
01:04हो भी गया तो कोई बात नहीं हम झेल लेंगे इतनी बड़ी बात नहीं है देह कि उसके लिए जिन्दगी
01:12को हम बंधक या गुलाम बना दें आप आप सड़क पर जा रह
01:27होगे यह दो हाथ हैं और यहां इंटेलिजेंस है बाहर निकलो खत्रे उठाओ दम दिखाओ और दुख जेलो संघर्ष करो
01:37क्या होगा धूल मिट्टी फाक नहीं पड़ेगी फाको या फिर गुलामी बरदाश्ट करते रो तुम्हारी मरजी है
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