Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
यह वीडियो 28 फ़रवरी को आयोजित गीता सत्र से लिया गया है।
➖➖➖➖➖➖
#JesusChrist #Christianity #Crucifixion #BibleWisdom #SinAndRepentance #SpiritualTruth #ReligionTruth #JesusSacrifice #FaithAndTruth #SpiritualAwakening

Category

📚
Learning
Transcript
00:00इसाईयत जो दुनिया भर में फैली उसके बहुत कारण थे पर जो एक प्रमुख कारण था वो जो सूली और
00:07सलीब की कहानी थी नियत बदल दी उस कथाने बहुतों की
00:13जवान आदनी है भूम रहा है कोई उसको सुनने वाला नहीं कुछ उसके आठ दस ग्यारा बारा साथ में मित
00:22रहें शिश्य हैं उनके साथ चल रहा है मा है एक लड़की भी है फिर उन्हीं शिश्यों में से एक
00:28जाकर के धोखा दे देता है बेच आता है जुडास नाम का और उ
00:38यह नहीं कि कुछ लोगों ने कुछ गिने चुने लोगों ने कहीं कोने में एक आंत में उसको मार दिया
00:43सारी जनता को इकठा करके मारा जाता है अब यह जो बात थी यह इतनी स्पष्ट इतनी प्रत्यक्ष इतनी प्रकट
00:52हो गई इतनी इंद फेस हो गई कि आंकार के लिए �
00:58इसको ठुकराना मुश्किल हो गया तो नियत फिर बदली
01:02सिन, गिल्ट, रिपेंटेंस ये शब्द सब इसाइयत में बड़े केंदरी हैं
01:08कि तुमने पाप करा है उनकार पापी तो होता ही है
01:12पर वो पापी है इसका उसको कभी प्रमाण नहीं मिलने पाता न
01:17कथा के माध्यम से प्रमाण मिल गया कि देखो तुम कैसे लोग हो
01:21कि जो तुमारा भला करने आया था तुमने उसको मरते हुए भी पत्थर मारे
01:26और उसमें भी सच-मुछ नियत कितनों की बदली नहीं पता
01:29कह नहीं सकते कि कितनों की नियत लेकिन असर हुआ
01:32पर ये नियत इतनी गंदी चीज है कि बदलने के लिए फिर किसी मसीहा का खून मांगती है
01:40सच पूछो तो सारे करंथ इसी लिए हैं ताकि नियत बदल सके
01:45वो आपको कुछ सिखाने नहीं आते हैं
01:47वो आपको भीतर से तोड़ने आते हैं
Comments

Recommended