00:00उमान के पोर्ट पर ड्रोन से हमला हुआ है।
00:30दोसो डॉलर तक पहुचेगी, कच्छे तेल की की मत, और वान के पोद के पर इस बीच, ड्रोन से हमला
00:36हो जया है, तेल के टाइकर में आग लग गई है वहांग लग गई है वहांग लेकिन यह जो हम
00:41स्टेट अफर्मों की बात कर रहा है, कि इन हमलों के परे भी, वहां से कोई
00:45निकल ही नहीं पा रहा है, या ऐसा तो नहीं है कि जो डॉनल्ड ट्रॉंप समझ ही नहीं पाए कि
00:52इरान का ये ट्रॉंप कार्ड किस तरीके से काम करेगा
01:07तो उससे क्या होता है कि एक साथ तीन चार जहाज नहीं जा सकते, एक जहाज आ रहा है या
01:13एक जहाज घाड़ी के अंदर आ रहा है तो सिर्फ इतनी ही दूरी है उसमें, तो उस दूरी को
01:20अगर अंदर नीचे और चाहे वहाँ पर जमीन से भी कुछ मार करें जहाजों के उपर तो उसको छती पहुचा
01:28सकते हैं
01:29तो इसलिए अमेरिका के लडाकू जहाजों को नीवी को भी वहाँ रखना ठीक नहीं होगा क्योंकि वह हो सकता है
01:37आपके जहाज को ही डेमिज कर दे तो संकिर्न रास्तों में पतले रास्तों में छोटा देश भी उस रास्ते को
01:45रोकनी की छमता रख सकता है
02:04तो इस पूरे पूरे युद्ध के साथ जो तेल की कीमतों को लेकर समविदन शीलता है वो और बढ़ जाती
02:13है
02:13यह तस्मीर आप देखे किस तरीके से ड्रोन से हमला होने के बाद वहां से धुए का गोबार उठने लगा
02:18है
02:19काला धुए जो की तेल के किसी भी जो स्टोरेज होता है उसके उपर अगर आग लगती है तो उसका
02:26धुए इसी रंग का होता है
02:27और इस काले धुए के साथ दुनिया के उपर जो संकत के काले बादल है वो भी दिख रहे हैं
02:33ये जिस तरीके से जो petroleum development ओमान का है पीडियो वहाँ पर उसके जो reserves है वो सब पूरी
02:43दुनिया के लिए बहुत ज्यादा आवश्यक है बहुत ज्यादा जरूरी है लेकिन ओमान के प
02:52तेल टैंकर में आग लगने से ये इस पूरे क्षेत्र का संकत बढ़ता जा रहा है तो ऐसे ऐसे हमले
03:15कितना ज्यादा माइने रखते हैं आला कि ये भी है कि जो वान का कुरूर
03:22है सबसे अधी चीन की तरफ सप्लाइं होता है लेकिन दुनिया का हर देश इस समय जितने ही चिंता में
03:29है तेल के ऊपर जिस तरीके से ये पूरा क्षेत्र इस समय रस्ता कशी में फसा हुआ है और एरान
03:38की वो धंकी जो कहती है कि दोसो डॉलर सथी बैरल जब तक प्रूड �
03:42की कीमत नहीं हो जाएगी अश्रफ ये जुद्ध शुरू करने से पहले शायद डॉनल्ड ट्रंप ने ये सोचा था कि
03:54इरान की बाते कुछ और है और अमरीकी हथियार चलने के बाद उनके सूर कुछ और होंगे पर हुआ इसका
04:01उल्टा ही
04:03शुद्ध दरसल जो ये तेल पर प्रहार की बात है इसकी शुरूआत अमरीका नहीं की तबी जो है आगा इरान
04:11ने किया था कि अब आपने ये तेल पर खेल का यो यूद छोड़ा छिड़ा है उसका भी अंथम करेंगे
04:17तो दरसल जिस अंदाज से मनमर्जी के मुताबिक डो
04:32अभी तक तो जितने भी युद हुए या पिछले साल के बारा दिन का युद हुआ यहां तक कि दमकी
04:36दी गई कि अमरिका की तरफ से हम एरान के तेल के बंडारों को छटी पहुचाएंगे उन पर हमला करेंगे
04:42लेकिन तब नहीं किया लेकिन अब की बार जो है इस युद मे
04:59जैसे आपने बात कि ओमान की या फिर पहरें की इन मुलकों का पता है इरान को भी कि ये
05:05मुल्क जो है ये खाड़े के जो देश हैं ये कोई रिजिस्टनस नहीं कर सकते हैं इरान के साफ़ें तो
05:10जाहिर है कि जो देश यहां से तेल ले रहे हैं फिरहार अमरिका और इसराइ
05:28जैसे हमारा देश बारत है उनको कोई मतलब नहीं है ना इरान से ना अमरीका से ना इसराहिल से लेकिन
05:32उसके बावजूद भी जो है बारत के टैंकर्स भी दस बार सोचेंगे कि स्ट्रीट आफ हार्मोन से निकलना है या
05:39नहीं निकलना है एक वी ये बात तो दूसरी तरफ स
05:42जो है कि जिस अंदाज से पूरी मैं अभी देख रहा था कि जिस अंदाज से ग्लोबल क्रैसिस हो गई
05:49है इस बारा दिन के युद के दोराद अभी अभी बता रही थी कि आप उस तरफ है सीमा के
05:54मैं इस तरफ सीमा के हूँ तो लेबनान में जो जिस अंदाज से अब युना
06:12कि पांच सो से ज्यादा पांच सो सी लोग मारे गए यहां पर इस मारिश की महीने में दस दिन
06:17में और साथी साथ जो है पंदरा सो के करीब लोगाईल है पूरी तरह से यहां का इंफरेस्टियर तबा हुआ
06:23है जिन जगों पर साइब करा है और दूसरी तरफ अर्टरवस्था �
06:29कि अगर प्रहार होता है तो वो हुमैनिटी रेक्राइस की शक्तुल लेता है लोग चीजों के लिए मजबूर हो जाते
06:35हैं तो चाहिए कि असी बास्त की चिंता होनी चाहिए कि अब सब देश उनसे यह सवाल पूछेंगे कि अम
06:41हम क्या करें किस तरीके से यहां से निकलें सि
Comments