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  • 2 days ago
शरारती टिंकू और जंगल का भूत एक रोमांचक और सीख देने वाली हिंदी कहानी है।

एक छोटे से गाँव में रहने वाला शरारती लड़का टिंकू अपनी शरारतों से सबको परेशान करता था। एक दिन वह जंगल में चला जाता है जहाँ उसका सामना एक रहस्यमयी जंगल के भूत से होता है। इसके बाद टिंकू की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है।

क्या टिंकू अपनी गलती समझ पाएगा?
क्या जंगल का भूत सच में डरावना है या उसके पीछे कोई रहस्य छुपा है?

इस मजेदार और रोमांचक Hindi Moral Story को अंत तक जरूर देखें।

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Transcript
00:00सरारती तिंकू और जंडल का भूत
00:30तो कभी किसी को धक्का देकर गिरा देता
00:33कई बार तो वो बच्चों को मार भी देता था
00:36गाओं वाले रोज उसकी शिकायत लेकर दादी के पास आ जाते
00:45अम्मा जी
00:56अम्मा जी अपने पोते को समझाओ
00:58आज फिर मेरे बेटे को मारा है
01:02बेचारी दादी शर्म से सिर जुकाने की
01:30घर आकर वो तिंको को समझाती बेटा दूसरों को दुख देने वाला कभी खुश नहीं रहता
01:37लेकिन तिंको हसकर बात ताल देता
01:41बच्चों की योजना एक दिन गाओं के सारे बच्चे बहुत परेशान हो गए
01:46उन्होंने फैसला किया कि अब तिंको को सबक सिखाना पड़ेगा
01:50शाम नाम के लड़के ने कहा
01:53मैंने सुना है गाओं के बाहर वाले जंगल में एक भूत रहता है
01:57जो भी वहाँ जाता है वो वापस नहीं आता
02:01तभी श्याम का सबसे अच्छा दोस्त राजू बोला
02:05नहीं श्याम हम अपने दोस्त के साथ ऐसा नहीं कर सकते
02:09तिंको जैसा भी है हमारा दोस्त है
02:13श्याम कुस्से में बोला
02:15लेकिन वो हमें रोज मारता है और परेशान करता है
02:19इसलिए जो उसके साथ होगा ठीक होगा
02:23आखिर सबने मिलकर योजना बना ली
02:28अगली दिन बच्चों ने तिंकु को खेलने के बहाने बुलाया
02:33शाम बोला चलो जंगल के पास नई जगह मिली है खेलने के लिए
02:38तिंकु तुरंद तयार हो गया
02:41उसे रोमांच बहुत पसंद था
02:43जैसे ही वे जंगल के पास पहुचे
02:46बच्चे धीरे धीरे पीछे हट गये
02:49और तिंकु अकेला अंदर चला गया
02:51अचानक पेरों के पीछे से अजीब आवाजे आने लगी
02:55हू, कौन आया मेरे जंगल में
02:58तिंकु का दिल जोर जोर से धलकने लगा
03:02अचानक सफेद चादर ओढ़े
03:04एक आकरती उसके सामने आ गई
03:06मैं जंगल का भूत हूँ
03:08जो बच्चों को सताता है
03:10उसे मैं नहीं छोड़ता
03:12तिंकु दर के मारे कापने लगा
03:15मुझे माफ कर दो
03:16मैं अब किसी को नहीं मारूंगा
03:18दादी की भी बात मानूंगा
03:21वह रोते हुए बोला
03:22तभी भूत जोर से हस पड़ा
03:25चादर हटाए गई
03:26और सामने शाम और बाकी बच्चे खड़े थे
03:30तिंकु हैरान रह गया
03:32राजु आगे आया
03:33और बोला
03:44तिंकु की आखों में आसु आ गये
03:46मुझे माफ कर दो
03:48मैं सच में बहुत गलत था
03:56उस दिन के बाद तिंकु बदल गया
03:59अब वो बच्चों के साथ प्यार से खेलता
04:02किसी की मदद करता
04:03और अपनी दादी का भी
04:05खूब ध्यान रखता
04:06गाव वाले भी खुश हो गए
04:08एक दिन दादी ने मुस्कुरा कर कहा
04:11देखा बेटा
04:13प्यार से समझाने वाले ही
04:15सच्चे दोस्त होते हैं
04:16तिंकु मुस्कुरा दिया
04:18सीख
04:19दूसरों को दुख देने से
04:21दोस्त नहीं बनते
04:22सच्चे दोस्त वही होते हैं
04:25जो हमें सही रास्ता दिखाते हैं
04:27झाओ झाओ झाओ झाओ झाओ झाओ प्यार कर दोस्ते हैं

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