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मिडिल ईस्ट की जंग अब और खतरनाक मोड़ लेती दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि रूस और चीन की खुफिया मदद से ईरान अमेरिका के खिलाफ इस जंग में मजबूत हो रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा तेज है कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln को निशाना बनाया गया और उसके लापता होने की अफवाहें फैल गईं।

हालांकि अमेरिकी सेना इन दावों को खारिज कर चुकी है, लेकिन सवाल फिर भी बड़ा है—क्या यह अमेरिका और इजराइल की इंटेलिजेंस फेल्योर है? क्या रूस-चीन की रणनीतिक मदद से ईरान इस युद्ध का पलड़ा पलट सकता है? और क्या यह टकराव अब एक बड़े वैश्विक संघर्ष में बदल सकता है? इस वीडियो में समझिए पूरी कहानी और जंग का असली गणित।

The Middle East conflict is escalating rapidly as tensions between Iran, the United States, and Israel intensify. Reports and online discussions claim that Russia and China may be providing intelligence support to Iran, strengthening its position in the ongoing conflict.

Meanwhile, rumors spread on social media that the U.S. aircraft carrier USS Abraham Lincoln was targeted and possibly missing. However, U.S. officials have denied these claims and said the missiles did not even come close to the carrier.

This raises critical questions: Is this a major intelligence failure for the U.S. and Israel, or part of a larger geopolitical strategy? Could support from Russia and China shift the balance of this war? Watch this video to understand the full story and the global implications.

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Transcript
00:00सर एक और बहुत ही एहम सवाल आपसे शुरू करते हैं फिर सिरोई साब के पास जाएंगे और फिर चतुरवेदी
00:06साब के पास एक एहम सवाल यह रिपोर्ट आ चुकी है और काफी हद तक यह खुलासा हो चुका है
00:11बड़े-बड़े अख़बार इसको रिपोर्ट कर रहे हैं �
00:22साफ लेशियर के सामने नहीं आ रहा मददनी कर रहा है। यह रिपोर्ट जो आई है कि रोकेशनеспनी दे रहा
00:44है
00:44military assets के, इसको आप कितना बड़ा help होगा इरान के लिए?
01:23लिए, वो तो नॉर्मल जी सी जीपेस में आप देखिये, आप देखिया जाता है, लेकिन आपर अमेरिका के एक टूंटी
01:33टू खड़े हैं, कहां पर ब्लास्ट बैंड के बाद उनके एक थर्टी फाइब खड़े हैं या किसी टेन एर टू
01:38एर रिफ्युलर खड़े हैं, वो �
01:40लेटेस्ट पहले की पास करता है चीन भी कर रहा है चीनी सटलाइट जो है वो भी मिलिटरी सटलाइट इस
01:49तरह की
01:50information gather कर रहे हैं और इरानियन को दे रहे हैं क्या होता है कि यह कहना गलत होगा कि
01:58रूस ऑर चीन मदद नहीं कर रहे हैं हम नहीं प्रática है अपनी आर्मी नहीं भीज रहे है नहीं भीज
02:05रहे है लेकिन जो नॉन कानेटिक हेल्प होती है क्यों वहां 12 और इंडिकल सपॉर्ट दे रहे है हैं वाइन्शियल
02:15सपोर्ट दे रहे हैं हम इंगां इस बात हो
02:28एजेंट हैं, दुनिया बर में उनको चीन और रूस कुछ-कुछ विदेशी मुद्रा देते रहते हैं, बात सिर्फ यह है
02:36कि रूस और चीन हतियार कैसे भेजें, पहले चीन हतियार पेजता रहता है, समुदरी मार्ग से भेजता था या हवा
02:43इजाज के रास्ते से भेज रहा �
02:44लेकिन अब समुदरी मार्ग से पूरा यूएस नेवी के हाथ में है, और अब सागर ओमान की खाड़ी यूएस नेवी
02:50के हाथ में है, वो चाइनीज होस्टाइल शिप नहीं आने देंगे, इस तरह से हावा में, यैसे रूस से उनकी
02:56जो आयल-76 ट्रांस्पोर्ट विमान है,
02:58उसमें लोड होकर रूस से हथियार आते थे एरान, खाड़ो से S-300 मिसाइल के जो, S-300 सिस्टम की
03:08जो मिसाइल पार्ट है, आते थे, लेकिन अब एरान की जो पूरी आसमान है, एर स्पेस ओने स्काइज ऑफ एरान,
03:16उस पे अब अमेरिका एर फोर्स और इसराइल एर फोर्स
03:28मुक्तर से दर्शी ने, ये लेटिचूड, लॉंगिचूड, ग्रिड रेफरेंस, कोई ना जाए कि हम उसको शूट डाउन कर सकते हैं,
03:34गल्ती से, तो कोई भी नहीं जा रहा, तो सामगरी लेके, युद्ध सामगरी लेके, इरान के यहां आके तेरान पे
03:41लैंड करने की को�
03:56रहा है, जीडी बक्षी साब का इंटर्व्यू हमने दो-तीन दिन पहले किया था, और वो बता रहे थे कि
04:00500-600 किलोमीटर दूर चला गया, जब पहली स्ट्राइक हुई, चार मिसाइले दागी थी इरान ने, और इरान ने बोला
04:07कि अभी तो हम बस ट्राई और टेस्ट कर रहे
04:51भाग तो नहीं गया?
04:54जो इक जो बाउत कर रहे हैं तो मतलब जो एक है उसके साथ जो बाकि है जो
05:11डिस्ट्रोय अगेशन पता होगी और वो जो है इसराःम को इसको इरान को जो फीड़ बैक दे रहे होगे
05:23शोच्षरायान, लोब सब्सक्राइब के चात्राम करते हैं
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