00:00ट्रम्प इनके बड़े अप्पा हैं अरे बीजेपी आरे सस्वालो अगर भारत से महप बखाए तो ठूको जालिम पर रुखाओ कि
00:08हम जिससे चाहे तेल लेंगे डर लगता है इनको नहीं बौल सकते
00:12हमारे तेल का बहुत बड़ा हिस्सा मध्यपूर्व से आता है वह बहुत महंगा होने वाला है वह बाधित होने वाला
00:20है भारत में कीमतें बढ़ने वाली हैं
00:23क्या भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम एक बार फिर आसमान छूने वाले हैं क्या मिडल इस्ट में सुलक्ती
00:29जंग की आग अब आम भारतियों की जेब बुरी तरह जला देगी ये बड़ा सवाल इसके उठ रहा है क्योंकि
00:35देश के दो बड़े विपक्षी निताओं न
00:37भारत पर मंडराते इस पड़े आर्थिक खत्रे को लेकर मोधिस सरकार को पूरी तरह कट घरे में लाख़डा किया एक
00:44तरफ केल्डम में रहुल गांधी ने च्वेतावनी दी कि एरान अमेरिका और इस्राइल के बीच छुड़ी इस भयानक जंग में
00:50भारत को भारी कीमत च
01:04सीधा और तीखा हमला बोला जरा सुनिए वो ऐसी क्या कुछ बता रहे हैं
01:34हैं राष्टवाद जेश भक्ती की बात करने वाले आरेसस वालो बताओ एक कौन
01:40अमरिका का मिनिस्टर जो हम से कह रहा है 133 कोर के मुल्क से कह रहा है
01:45कि आप एक महीने के लिए तेल खरीच सकते अरे बीजेपी आरेसस वालो अगर भारत से महब बठाए तो ठूको
01:53जालिम पर रुताओ कि हम जिस से चाहे तेल लेंगे
01:57जिस से चाहे हम तेलेंगे तुम होते कौन हमको बोलने वाले एक महीने के लिए ले लो
02:02क्या भारत को गिर भी रख दिया अपने अमरिका के पास बताओ बीजेपी वालो
02:08कि एक मिनिस्टर कह रहा है एक महीने के लिए ले लो कौन है ये लोग
02:14कैसी लिए अंग्रेजों से हमने आजादी हासिल की थी कि कोई गोरी चमडी वाला हमसे कही कि एक मैने के
02:20लिए ले लो
02:22मगर नहीं बोलेंगे ट्रम्प इनके बड़े अप्पा हैं डर लगता है इनको नहीं बोल सकते
02:29वैसी कि इस तीखे सवाल ने देश के सियासी पारे को एकदम से ज्यादा चड़ा दिया विदेशी ताकतों का इसीधा
02:35दखल और मिडल इस्ट का लगातार बढ़ता तनाव भारत की अर्थववस्था के लिए एक बड़ी चुनावती बन गया आईए अब
02:41आपको बताते हैं कि
02:42इस बीहत गंभीर मुद्दे पर राहुल गांधी ने केरलम में क्या कुछ कहा क्यूं भारत के लिए मिडल इस्ट की
02:49ये जंग नुकसान दायक है आर्थिक प्रगती को क्या कुछ नुकसान होगा सुनिए
02:55इसराइल इरान युद्ध से हम सब वाकिफ हैं क्या आपको लगता है कि यह भारत को प्रतिकूल रूप से प्रभावित
03:03कर सकता है हाँ बहुत ज़्यादा कैसे होगा
03:11सबसे पहली बात तो ये है कि उपरी तौर पर ये अमेरिका इसराइल और इरान के बीच एक युद्ध जैसा
03:20लगता है
03:23ये असल में अमेरिका चीन और रूस के बीच का संगर्श है
03:31असल बात ये है कि असली खिलाड़ी अमेरिका चीन और रूस है और टकराव चल रहा है
03:41इरान यूक्रेन और अन्य जगहों पर लेकिन असली और बड़ा संगर्श ये है कि हमारे पास संयुक्त राज्य अमेरिका नाम
03:49की एक महाशक्ती है
03:51और चीन नाम का एक प्रतिद्वन्द्वी और संयुक्त राज्य अमेरिका ये सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि वह
03:58महाशक्ती बना रहे
04:00और चीन धीरे धीरे अमेरिका के और करीब आता जा रहा है तो यही बड़ी तस्वीर है
04:13मध्य पूर्वी क्षेत्रे दुनिया में उर्जा उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र है तो
04:23लग भग पूरी उर्जा जो इस्तेमाल हो रही है या इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व से आ रहा
04:33है
04:34तहीं तो आप जो गाड़ियां चला रहे हैं बसें कारें उनका अधिकांश भाग वहीं से आ रहा है और अब
04:44उसकी आपूरती बाधित हो रही है
04:47और मुझ जल्ड मरू मध्य अवरुद्ध है उह अमेरिकी इरान पर हमला कर रहे हैं इरानी उम अमेरिकी संपत्तियों पर
04:57हमला कर रहे हैं लेकिन बाकी दुनिया के लिए कहानी ये है आप लोग लड़ रहे हैं लेकिन हम भी
05:04कीमत चुकाएंगे और भारत इसकी कीमत कैसे च
05:11प्रत्यक्ष पर हमारी उर्जा निर्भरता के कारण हमारे तेल का बहुत बड़ा हिस्सा मध्यपूर्व से आता है वह बहुत महंगा
05:22होने वाला है वह बाधित होने वाला है भारत में कीमतें बढ़ने वाली हैं
05:29भारत में इंधन और महंगा होगा भारत की आर्थिक वरिद्धी धीमी होगी इसलिए हमें बहुत सावधान रहना होगा कि हम
05:39क्या करते हैं
05:40और वैसे भी यह सिर्फ इरान इसराइल अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष की बात नहीं है
05:48यह वह दुनिया है जिसमें हम अब प्रवेश कर रहे हैं आप देखेंगे कि इस तरह के और भी कई
05:55संघर्ष सामने आएंगे
05:58यूक्रेन में पहले से ही एक है लाखों लोग मारे गए हैं अब इरान में एक है लेकिन ये संघर्ष
06:05कम से कम इस बदलाव के दौर में बढ़ेंगे और आप ऐसे और भी कई देखेंगे
06:10तो भारत को समझना होगा कि हम अब एक हिंसक और खतरनाक दौर में प्रवेश कर रहे हैं इसलिए हमें
06:21बहुत स्पष्ट होना चाहिए कि हमारी नीतियां क्या हैं हम ऐसा क्यों कर रहे हैं और हम इससे कैसे निपट
06:30रहे हैं
06:34खतरनाक दौर क्योंकि अगर हम नहीं संभले और लड़ाई में पड़ गए तो हम गंभीर मुसीबत में होंगे
06:43ये चीन हमारी सीमा पर है और अमेरिका हमारा सहयोगी है और वे लड़ने की तैयारी कर रहे हैं तरीकवें
06:52इसलिए हमें बहुत सावधान रहना होगा कि हम कहां खड़े हैं और हम अचानक उनकी लड़ाई में नफंस जाएं
07:00रहुल गंधी ने साफ तोर पर कहा कि सीधे तोर पर ये युद्ध भले ही अमेरिका इस्वराईल और इरान के
07:06बीज नसरा रहा हो लिकन असलियत में ये अमेरिका चीन रश्या और इन सब के बीच एक बड़ी व्यापारिक और
07:13रणनीतिक प्रतिस परधा है
07:15रहुल ने समझाए कि अमेरिका व्यश्यक शक्ति के रूप में अपनी प्रमुक स्थिति को बनाय रखने का प्रयास कर रहा
07:21है जबकि चीन लगातार आगे बढ़ रहा है
07:23रहुल गांदी ने ये भी कहा कि मिडल इस उजा उत्पादन का दुनिया का सबसे वड़ा केंद्र है और होर्मूज
07:30स्ट्रेट दुनिया की तेला पूर्ति के लिए सबसे एहम रास्ता भी अगर यहां तनाव बढ़ा तो दुनिया भर में इसका
07:36असर महसूस किया जाना है
07:37उन्होंने गहरी चिंदा जताए कि जब यह महाशक्तियां आपस में लड़ रही है तो भारत जैसे देशों को इसकी भारी
07:43कीमत चुकानी पड़ सकती है भारत अपनी उज़ा जरुरतों के लिए अब इन इलाकों पर निर्भर है सबसे ज्यादा निर्भरता
07:51दिखाता है इस
08:06दिविकास भी भारत का धीमा पड़ जाएगा ये रफ्तार कहीं ना कहीं चोटिल सी नजर आएगी रहुल गंधी ने ये
08:13भी कहा कि भारत को अब ये समझना होगा कि दुनिया एक बेहर आस्थर और खतरनाक दौर में प्रवीश कर
08:18रही है और ऐसे में हमारी नितिगत स्थित
08:21एक दम सपष्ट होनी चाहिए बहराल अब मौजूदा स्थिती क्या कुछ है और क्या कुछ बदल जाएगा इस पर अपनी
08:29आपको रिपूर दिखाएंगे पर उससे पहले आपको बता दे राश्पती डोनाल्ड ट्रम्प के तरफ से एक जीवोगरी बयान आया है
08:36इरान के सा
08:48अमेरिका को उससे कुई फर्क नहीं पड़ता ये युद्ध ये अभियान इरान को सबक सिखाना ज्यादा जरुरत है देखे हमारी
08:56एक खास रेपॉर्ट
08:59अमेरिका इसराइल और इरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट के बंध होने का भारी खत्रा मंडरा
09:05रहा है इस समुद्री रास्ते से भारत अपनी 40 फीसदी तेला पूर्ती पूरी करता है इसके बादित होने की स्थिती
09:12में भारत की रूसी कच्च
09:26अमेरिका चाहता था कि युद्ध के कारण रूस पर आर्थिक दबाव बनाया जाए लेकिन भारत के लिए अपने एक अरब
09:33से अधिक नागरिकों की उर्जा सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है ऐसे में संकट के समय रूस ने भी भारत की
09:40उर्जा मांग लगातार प�
09:54कि ये संघर्ष कितने समय तक चलता है विशेशग्यों के अनुसार यदि ये युद्ध अगले 15 दिनों के भीतर समाप्त
10:01हो जाता है तो भारत बेहद सहच स्थिती में रहेगा लेकिन अगर ये युद्ध लंबा खिचता है तो देश के
10:07सामने एक गहरा आर्थिक संकट उत्
10:09करता है और पेट्रोलियम उत्पादों के साथ साथ अन्य जरूरी वस्तों की कीमते भी तेजी से बढ़ सकती है भारत
10:16के पास तेल रिफाइन करने की क्षमता बहुत अधिक है और वो रूसी तेल को रिफाइन करके पश्चिमी देशों को
10:21भी निरियात करता है इसलिए भारत
10:35कि गरेलू मांग को पूरा करने के लिए परियाप्त तेल भंडार मौजूद है इन में भूमिगत गुफाओं रिफाइनरियों और अन्य
10:43भंडारन सुविधाओं में रखा कच्चा तेल और पेट्रूलियम उत्पाज शामिल हैं हाला कि प्राकृतिक गैस के मामले में भारत
10:49के सामने एक नई चुनोती खड़ी हो गई है हालिया हमलों के बाद भारत के सबसे बड़े आपूर्ती करता कतर
10:55ने उत्पादन रोक दिया है जिससे भारत की गैस आपूर्ती सीधिये तोर पर प्रभावित हो रही है आर्थिक मूर्चे पर
11:02विशेशग्यों को फिलहान दे�
11:05कोई उम्मीद नहीं है तेल कंपनियों ने सस्ते रूसी तेल के दौरान अच्छा मुनाफ़ा कमाया था जिससी में कुछ समय
11:11तक इस जटके को आसानी से सह सकती है विशेशग्य मानते हैं कि भारत कुछ हफ्तों तक स्थिति को संभाल
11:17सकता है और वैश्विक दबाव के कार�
11:19तेला पूर्ती की नाके बंधी बहुत लंबे समय तक नहीं चल पाएगी
11:23तो ये थी आज देश और दुनिया की सबसे बड़ी ख़बर हैं जुनका जानना आपके लिए और हमाई लिए था
11:28जरूई मेरा नाम है मुकुन तमाम बड़ी अपडेट्स के लिए आप बने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया
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