00:00होली का मतलब समझते हैं हम क्या है
00:07खिरन कश्यप सिर्फ राजा ही नहीं था प्रहलाद का बाप भी था
00:12और वो कोई साधारन राजा नहीं था वो वर्दान प्राप्त राजा था
00:17कथा कहती है कि उसने वर्दान ले लिया था
00:20दिन में नहीं मरेगा, राट में नहीं मरेगा, अस्त्र से नहीं मरेगा, शस्त्र से नहीं मरेगा, आदमी से नहीं मरेगा,
00:24पशु से नहीं मरेगा
00:26इतना खतरनाक था कि उसने पूरे राज्य में पाबंदी कर दी थी
00:29कि भाई अब कोई किसी सत्य का या इश्वर का नाम नहीं लेगा मेरी पूजा करो मेरी और छुटके ने
00:37बोला कि नहीं चलेगा जैसे वो राजा खतरनाक था वैसके उसकी जबरदस्त बहन थी और बहन के पास कहते हैं
00:44कि एक शक्ति थी तो राजा ने कहा अपने हाथों से इसक
00:59बुआ जी उसको लेकर आग से निकली तो कहने आले कहते हैं कि कुछ ऐसी हवा चली कि बुआ जी
01:04ने जो पहन रखा था वो ओड़ करके प्रहलाज पे चला गया तो प्रहलाज तो बच गया और बुआ जी
01:10को इतने सखमाए होंगे इतना जल गई होंगे कि बुआ जी फिर सा�
01:25मता कुछ कहती हो मुझे करना वही है जो सही है यह है होली कुछ नहीं था छोटू के पास
01:34लेकिन जीता और जो जो लगे हुए थे उसको मारने में सब सास हो गए यह त्योहार बताता है तुमको
01:42कि कितने भी कमजोर हो तुम कितने भी छोटे हो गलत जगह सर नहीं जुका दे
01:47झालाइब झालाइब
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