00:00शुरुआत महायुद्ध के छटे दिन की खबर से वो महायुद्ध जिसे 129 घंटे हो चुके हैं
00:06इस युद्ध के पाँच बड़े अपडेट सबसे पहले आपको हम बता देते हैं
00:10पहली खबर है कि इराक में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर इरान ने कुछ देर पहले बड़ा हमला किया है
00:17इर्बिल में अमेरिकी सेना के मुख्याले पर ये हमला हुआ है
00:21दूसरी बड़ी खबर ये है कि रूस की तरफ से कहा गया है कि एरान ने उससे अब तक मदद
00:27नहीं मांगी है
00:27तो क्या रूस मदद करेगा अगर एरान मांगेगा
00:30तीसरी बड़ी खबर रियाद के उपर हमले की है
00:33सौधी राजधानी में धुआ उटता हुआ देखा गया है
00:37चौथा अपडेट यह है कि शिलंका में इरान का दूसरा जहास भी सुरक्षा के लिए इजाज़त माग रहा है
00:42मतलब उसे खत्रा लग रहा है इरानी शिप को डर है कि कहीं फिर अमेरिका वार करके उसे दुबो न
00:49दे
00:50पांचवी खबर यह है कि इसरेल ने लेबनन की राजधानी बेरूत के एक एक लाके को पूरी तरह से खाली
00:56करने की चेतावनी दी है
00:57पहली बड़ी खबर रूस से जुड़ी है रूस का कहना है कि इरान ने रूस से सैन्य सहायता नहीं मांगी
01:03है
01:03क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव से पूछा गया कि रूस क्या सिर्फ बयान बाजी से आगे बढ़कर अपने सैयोगी को सैन्य
01:13सहायता की पेशकश कर सकता है
01:15उन्होंने जवाब दिया कि इरानी पक्ष से कोई अनुरोद आया ही नहीं है
01:20रूसी अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल मॉस्को और तहरान ने रणनीतिक साजेदारी संधी की थी
01:26जिसमें सैन्य सहायता का कोई प्रावधान नहीं है
01:29मतलब रूस सीधे तोर पर इरान के लिए नहीं उतरेगा
01:39तो फिलहाल इरान अकेला ही अमेरिका और इस्रेल का सामना कर रहा है
01:43इरान पर लगातार अमेरिका और इस्रेल बंबारी कर रहे है
01:46फिर भी इरान युद्ध को लेकर कहा जा रहा है कि ये 100 दिन तक चल सकता है
01:52मतलब जून तक ये युद्ध जारी रह सकता है
01:55इसके संकेत सीऊजे सीओhe.
01:57अमेरिकी सेना ही दे रही है.
02:00समंदर में अमेरिका का एक युद्ध पोत
02:02जिससे एक किंबाद एक एरान की तरफ
02:04मिessाईल लाँच की जाती है.
02:13चालीज सेकेंड के स्वीडियो में
02:15तावर तोड मिessाईल लाँच का मकसद
02:17अमेरिका का अपनी पावर देखाना है
02:33ऐसी शक्ति इस्राइल की तरफ से भी रिखाई जा रही है
02:36जो इरान की लगा को विमान उड़ाते हुए वीडियो जारी करता है
02:43युद्ध के छटे दिन इरान में तबाही के दावे हु रहे है
02:46सबसे ज्यादा जोर इरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन लाँचर पर है
02:50लेकिन सवाल है कि जब अमेरिका और इस्राइलिस जंग में इतने ही ज्यादा भारी पड़ रहे है
02:57तब सौ दिनों तक युद्ध चलने की बात क्यों कही जा रही है
03:01इस युद्ध के महीने भर तक चलने भर का ख्याल अमेरिका में विरोध की नई धूरी बन चुका है
03:06सवाल है कि अगर जूम तक ये युद्ध चला तो दुनिया का क्या होगा
03:10क्या इरान को जुकाने के लिए अमेरिका के 20 लाख करोन रुपाए बरबाद हो न अपता है
03:28इरान पर इसी तरह से पिछले 100 घंटे से ज्यादा से बंबारी हो रही है
03:35हम नहीं मारे जा चुके हैं
03:37फिर भी इरान की मौजूदा सरकार को हटाने के अपने मकसद से अमेरिका बहुत दूर है
03:43अमेरिका को उमीद है कि 100 दिनों के अंदर वो इरान को लेकर अपने लक्ष पूरे कर लेगा
03:49वहीं इरान मरते दम तक लड़ने का एलान पहले ही कर चुका है
03:56इरान पर हमला करने वाले डॉनल्ड ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि युद्ध चार हफते चलेगा
04:01नेतन्याओं भी कह रहेते कि युद्ध बरसो नहीं चलेगा
04:05लेकिन अब अमेरिकी सेंट्रल कमान ने साफ कर दिया कि ये युद्ध लंबा खीचेगा
04:09युएस सेंट्रल कमान ने पेंटागन से ज्यादा मिलिटरी इंटेलिजेंस ओफिसर भेजने की गुजारिश की है
04:15ताकि कम से कम सौ दिनों के लिए इरान वार आउपरेशन्स को सपोर्ट किया जा सके
04:20यानि खुद अमेरिकी सेंट्रल कमान कहता है कि ये युद्ध अगले सौ दिनों तक तो चलेगा ही
04:25दूसरी तरफ अमेरिकी वेबसाइट पॉलिटिकों का दावा है कि ये युद्ध सितंबर तक चल सकता है
04:33अगर ऐसा हुआ तो फिर दुनिया पर इसका बहुत बुरा असर होगा
04:37अमेरिका के लिए भी जंग लड़ने की कीमत बढ़ती चली जाएगी
04:46यही वज़ा है कि इरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों से इसराइल ताबर तोड़ हमले कर रहा है
04:50उसका मुक्ष निशाना इरान की मोबाइल मिसाइल लॉंचर्स है एर डिफेंस सिस्टम है
05:01जंग का विरोध करके सत्ता में बैठे ट्रम्प के लिए इरान युद्ध में खुड को सही साबित करना जरूरी होता
05:07जा रहा है
05:07क्योंकि अमेरिका में ही उन पर सवाल उठने शुरू हो गए खासकर युद्ध के खर्चे को लेकर
05:17इरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान ऑपरेशन एपिक प्योरी के छठे दिन तक अर्बो डॉलर खर्च हो चुके है
05:23जंग के पहले 24 घंटे में ही करीब 789 मिलियन डॉलर खर्च हो गए जो भारती रुपियों में 7,000
05:31करोन रुपए से ज्यादा होते हैं
05:32इस भारी शुरुवाती खर्च में B2 स्टिल्थ बॉंबर की तैनाती लगभग 200 टॉम होक प्रूज मिसाइलों से हमला और लडाकों
05:40विमान से हमले शामिल है
05:41हमले से पहले की तयारी में जंग शुरू होने से पहले अमेरिका ने अपने फौजी संसाधनों को जूटाना शूर किया
05:48जिसमें एक दरजन से ज्यादा नौसैनिक जहाजों
05:50USS Gerald R. Port की तैनाती शामिल है इसमें करीब 630 मिलियन डॉलर खर्च हो गए
05:57नौसैनिक बेड़े और दोसों से अधिक सैन रिमानों वाले युद्धा भ्यान के लिए करीब 69.4 मिलियन डॉलर से 7
06:04मिलियन डॉलर प्रति दिन का खर्च आ रहा है
06:06हवाई बंबारी रसत तैनाती और हमलों से पहले किये गए
06:09अभियानों को ध्यान में रखते हुए सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस के मतावे
06:13पहले कुछ दिनों में ही कुल लागत 5 अरब डॉलर से ज्यादा हो गई है
06:17तुरंत के सैने खर्च इसे परे देखें तो पेन वाटन बजेट मॉडल के आर्थिक विशेशग्यों का अनुमान है
06:23कि अगर ये लड़ाई एक महीने उससे ज्यादा समय तक चली तो सैने खर्च और युद्ध से होने वाले आर्थिक
06:28नुकसान से
06:28अमेरिकी अर्थवेवस्था को 210 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है
06:38तो इरान से युद्ध शुरू है भले ही कुछ ही दिन बीते हो लेकिन अगर ये जून या फिर दावे
06:44के मताबिक सितमबर तक चलता रहा
06:46तो फिर अमेरिकी राष्ट्र पती के लिए अपने फैसलों का बचाओ करना मुश्किल होता जाएगा जो इरान के मामले में
06:52भी बड़ बोले सावित हो रहे हैं
07:20मेरे दोसे ही होगी सुमित चौधरी और पढ़े उपाध्याय जुड़े हुए हैं हमारे साथ सुमित सौ दिन का आकलन सबसे
07:28बड़ा क्या कारण कि तीन से चार हफते से लेकर अब सौ दिन का ये आकलन सामने आ रहा है
07:33अमरिका की तरफ से
07:34देखें वैसे तो अगर इन पांच से छे दिनों का आप आकलन देखें या उनकी स्टाइक्स देखें तो आपको अंदाजा
07:39लगेगा जो माक्सम गोल अचीफ किये जाने थे जो अमेरिका द्वारा पहले से कहे जा रहे थे वो तो कर
07:45लिए गए हैं चाहे वो आप कह सकते हैं
07:46रेजिम चेंज के लिए सुप्रीम रीडर का खात्मा हो उनके आसपास के बड़े कमांडर का खात्मा हो या पिर आप
07:52कह सकते हैं कि उनकी सभी कोश्टल एरिया के साथ साथ एडॉमिनंस करना हूँ
07:55इस समय अमेरिका के हाथ में उनकी air dominance के साथ साथ उनकी naval dominance भी है लेकिन अभी भी
08:01सबसे बड़ा concern ये है कि इन 4-5 हफ्तों के अंदर अगर अमेरिका समय ले रहा है शोयता तो
08:05इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है वो enriched uranium कहाँ पर है जो लगातार इरान ने पहले ही कई
08:11locations पर disper
08:13कर दिया है कहाँ पर है वो 400-400 kg का uranium दूसरा सबसे बड़ा कारण है कि ballistic missile
08:19के program को तो आप target कर सकते हैं उनके silos को भी target कर सकते हैं लेकिन ये कैसे
08:23प्रमानित होगा कि जिन चीजों को आपने target किया है उस सश में नश्क हो चुकी है या पिर जो
08:28प्रोसेस है या पिर जो उनके पास
08:43लगा input की सारे की सारे attack निश्क्रिये निकले उससे इरान को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ श्वितार प्रड़े सौ
08:50दिन क्यूं से जितना ही महत्वपूर सवाल हो जाता है सौ दिन यानि कि कितना बड़ा खत्रा और पूरी दुनिया
08:57के लिए
08:58दुनिया को इस खत्रे का एहसास अब बड़ता चला जा रहा है क्योंकि जैसे जैसे इस जंग का दाइरा बढ़
09:02रहा है अगर बीते 48 घंटों में आप देखें तो भारत के करीब भाइंद महा सागर के अंदर अब ये
09:07जंग पहुँच चुकी है जहां एक इरानी युद्ध
09:09पोत को डुबोया गया वहीं दूसरी तरफ अगर आप देखें तो साइपरस और उसके आगे तक इस जंग की का
09:14जो आभास है और इस जंग का जो प्रभाव है वो पहुच रहा है अगर आप अब तक देशों के
09:18दाइरे की बात करें तो अब बिटन अपने युद्ध पोत को
09:33अभी भी वार कर पा रहा है तो इस ने इस पूरी बिसाथ को और कॉम्पलिकेट बना दिया है इसलिए
09:38जो से माना जा रहा था कि ये हो सकता है कि 5-6 दिन का उपरेशन हो एक हफते
09:42का उपरेशन हो तीम चार दिन का ऌपरेशन हो कई आखलन शुरुआत में दिये गए अब ऐ
09:46जैसा लग रहा है कि खुद अमेरिका ही इसकी टाइमलाइन को आगे बढ़ा रहा है जिसमें 100 दिनों की बात
09:50की जा रही है।
09:51और तेल के बढ़ते हुए दाम, तेल की सप्लाई और गैस की सप्लाई की उड़ती हुई चिंताएं और गैस के
09:56बढ़ते हुए दाम और साथ ही बढ़ता हुआ हमलों का दायरा ये बताता है कि ये मैदान अब और पेचीदा
10:01होता चला जा रहा है और जैसे से ये पेचीदा होत
10:16में डाल दिया है
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