00:00ऐतला लिख खामनई की मौत 28 फरवरी को हुई थी और तब से लेकर आज तक किसी ने भी उनके
00:04शव को देखा नहीं है
00:05पूरा अंतराश मीडिया लगातार ये सवाल पूछ रहा है कि अगर खामनई की मौत हो चुकी है तो उनका जनाजा
00:11क्यों नहीं निकाला गया
00:13इरान के मिनाब में जो 165 बच्चिया मारी गई थी उनका भी जनाजा निकाला जा चुका है
00:17और इसमें 10 लाख लोग शामिल हुए है लेकिन आयतला खामनई के जनाजे को लेकर संशे की स्थिती बढ़ती जा
00:24रही है
00:24खुद इरान के लोग अपने देश में ये सवाल पूछ रहे हैं कि अगर खामनई मारे जा चुके हैं तो
00:29उनका शव कहा है
00:30इन सवालों के बीच इरान की सरकारी न्यूज एजनसी ने लोगों को ये बताया था
00:34कि आद सुबह दस बजे से आयतला खामनई के शव को लोगों के सामने लाया जाएगा
00:40इसके लिए तीन दिन के राश्रे शोक समारो का आयोजन होना था
00:44जिसमें साथ तारीक को आयतला खामनई को सुपुरते खाक किया जाना था
00:48इसलामिक रिपाबलिक न्यूज एजनसी ने ये भी बताया
00:51कि शोक समारो की शुरुआत तहरान की इमाम खुमैनी मुसल्ला मस्जिद से होनी है
00:56लेकिन बाद में अचालक से इस समारो को स्थागित कर दिया गया
01:00ब्लूमबर्ग के मताबिक इरान की सरकार ने ये कहा
01:03कि वो भीड को देखते हुए शोक समारो को टाल रही है
01:06और उसे डर है कि करोडों लोगों के जुटने से हालात बिगड सकते है
01:10लेकिन बहुत सारे लोग इस पर भी संदेह जता रहे है
01:12और उनका कहना है कि पहले तो आयतल्ला खामनई का शव चिपाया गया
01:32साल 1989 में जब इरान के पहले सुप्रीम लीडर रुहला खुमनई का जनाजा निकाला गया था
01:39तस्वीरे देखिए एक करोड से जादा लोग बताया जा रहा है कि तब शामिल हुए थे
01:44उस वक्त उनके जनाजे में भीड का मंजर ऐसा था कि आठ लोगों ने भगदर अपनी जान गवा दी थी
01:50उसमें
01:51भगदर मच गई थी ये देखिए हुजूम लोगों का और इन तस्वीरों से दुनिया में ये संदेश भी गया था
01:56कि इरान की लोग अपने इसलामिक शासन का समर्थन करते हैं
01:58और अगर इस बार भी आयतल्ला खामनाई का जनाजा निकलता है तो इससे दो बातें तैह होंगी
02:05पहला अगर इस जनाजे में करोडों लोगों की भीड जुटती है तो ये अमेरिका और इस्राइल की हार होगी
02:10और दूसरा अगर इसमें फीर्ड नहीं जुटती है और ज्यादा लोग खामनाई को अधिव विदाई देने नहीं आते हैं तो
02:16इसे एरान की सरकार की हार माना जाएगा
02:18और हो सकता है कि अभी इसी दर से खामनाई का जनाजा नहीं निकाला गया है
02:24दूसी तरफ इसराइल ने एक धंकी दी है ताइमस अफ इसराइल के मताबिक अगर इरान में 88 मॉल्वियों की असेम्बली
02:30अफ एक्सपर्ट्स देश के नए सुप्रीम लीडर का चुनाओ करती है तो इसराइल खामनाई की तरह इरान के नए सुप्रीम
02:35लीडर की भी हत्या कर �
02:37कहा जा रहा है कि इसराइल की इस नई धंकी की वजह से इरान में सुप्रीम लीडर के चुनाओ को
02:42भी टाल दिया गया है और अब इसराइल और अमेरिका इरान में एक नया प्रयोग करने के बारे में सोच
02:48रहे हैं अमेरिका चाहता है कि इरान में अब उसी नेता को अगला स�
02:53जाए जो उसकी कटपुतली बनकर काम करें और जो उसके रिमोट कंट्रोल से काम करें इस रेस में हसन
03:02खुमैनी का नाम सबसे आगे चल रहा है हुसैन खुमैनी जो है वो इरण के पहले सिप्रीम
03:43पंती नियमों का समर्थन नहीं करते हैं।
03:50सुप्रीम लीडर को चुनने वाली Assembly of Experts के सदस से बनना चाहते थे लेकिन तब उन्हें चुनाव लड़ने से
03:56रोक दिया गया था।
04:20नाशनल का कहना है कि इरान की Goods Force का चीफ इसमाइल कानी आयतुला खामिनाई का भेदी हो सकता है।
04:30दावाहे की तहरान में Islamic Revolutionary Guard Cops यानी IRGC के जवानों ने इसमाइल कानी को हिरासत में लिया है
04:38और ये भी वता जा रहा है कि उसे फासी देने की तयारी चल रही है।
04:42इरान में इसमाइल कानी की भूमिका हमेशा से संदिक रही है।
04:47उसके लिए कहा जाता है कि जब उसके आसपास मौजूद लोग मारे जाते हैं तब हर बार इत्तिफाक से उसकी
04:54जान चमतकारिक रूप से बच जाती है।
04:58सितंबर 2024 को जब मुसाद ने लिबनान में हजबुल्ला के चीफ हसन असरुला के हत्या करवाई तब कहा जाता है
05:03कि इसमाइल कानी खुद लिबनान में मौजूद था।
05:07लेकिन इस हमले से में उसे एक खरोच तक नहीं आई।
05:11इसे पहले 31 जुलाई 2024 को जब मुसाद ने हमास के चीफ इसमाइल हानीय की हत्या करवाई तब भी इसमाइल
05:21कानी की उससे मुलाकात हुई थी।
05:24उस वक्त इसमाइल हानीय एरान के राश्वपती मसूत पजशकियान के शपत गरन समारों में शामिल होने के लिए तहरान आया
05:31था।
05:32और इसमाइल कानी ने खुद उससे मुलाकात की थी। लेकिन इसी के बाद इसमाइल हानीय के गेस्ट हाउस में धमाका
05:38हुआ उसकी मौत हुगए।
05:42पिछले साल जब बारह दिनों के युद में इसराइल ने इरान के चीफ अफस्टाफ मौम्मद बागेरी आरजीसी के कमांडर इंचीफ
05:49हुसेन सलामी और एरोस्पेस फोसस के कमांडर अमीर अली हजीज़ा देह कुमारा तब भी इसमाइल कानी उनी के साथ मौजूद
05:57था औ
06:02लेकिन युद्ध खत्म होने के बाद इसमाइल कानी को इरान के सरकारी टीवी पर देखा गया और बाद में ऐसी
06:07खबरे भी आई कि उससे जासुसी के शक में पूच्टाच की गई
06:12और अब जब 28 फरवरी को आयतला खामने की तहरान के लीजर्शिप कंपाउंट पर हुई हवाई हमले में मौत हुई
06:17तो दावा है कि कुद्स फोर्स का यही चीफ इसमाइल कानी खामने के साथ मौजूद था
06:22और हर बार की तरह इस बार भी सब मर गए लेकिन ये बच गया
06:27और इसी वज़े से अब इसमाइल कानी को खामने का सबसे बड़ा भेदी माना जा रहा है
06:34इस अख़बार के मताबिक ये रिपोर्ट छपी है
06:36ये भी दावा है कि मुसाद ने इरान के हमास, इसबुला और हूती जैसे प्रोक्सी संगटनों को खत्म करने के
06:42लिए इसमाइल कानी की मदद की
06:45इसमाइल कानी 2020 में उस कुद्स फॉर्स का चीफ बना जिसका काम मिडल इस में हमास, इसबुला, हूती को हतियार
06:52और आर्थिक मदद देना थे
06:54ये इरान का वही आक्सेस आफ रिजिस्टन्स साथ जिसकी कमान इसमाइल कानी को मिलने से मुसाद को छोटी से छोटी
07:01खूटी खूफिया जानकारी मिलने रिए
07:03इससे भी बड़ा इतफाक ये है कि इसमाइल कानी को कुद्स फॉर्स की कमान तक सौपी गई
07:08जब साल 2020 में बगदाद में अमेरिका ने कासिम सुलिमानी को मार गिराया
07:13कासिल सुलिमानी के बाद आयतला खामन इए को सबसे ज़्यादा भरोसा अगर किसी पर था तो वो इसमाइल कानी पर
07:20ही था
07:21लेकिन ये सवाल बार बार उटते हैं कि इसमाइल कानी के कुद्स फॉर्स का चीफ बनते ही मुसाद ने एक
07:26एक करके
07:27हमास, हजबुल्ला, हूती, इन सब के लड़ाकों, उनके आकाओं को मार दिया
07:34और आप ये भी सोचें कि इस बार के हमलों में जब आयतला खामन इए
07:52और क्या यही वो कमांडर है जिससे खामन इए को मरवाया
08:00हलाकि अभी इन आरोपों और दावों की पुष्टी नहीं हुई
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