00:00पिछले पांच दिनों में ही तेल के दाम 11 प्रतिशत उचल चुके हैं ये खबर भारत के लिहाज से बहुत
00:05एहम है क्योंकि अगर ये युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ तो फिर तेल के दाम सौ के पार जा सकते
00:11हैं
00:14केवल मिलिटरी कांफ्रिक्ट से किसी भी मुद्ध का समाधान नहीं निकल सकता युक्रेन हो या पस्चिमी एशिया हम संगर्स की
00:27शिग्र समाप्ती और शांती के हर प्रयास का समर्थन करते रहेंगे
00:34अमेरिका और इरान के बीच शांती नहीं हुई तो क्या होगा क्योंकि पेंटागन के आंतरिक सूचना पराधारित पॉलिटिकों की एक
00:42रिपोर्ट से पता चलता है कि ये युद्ध सितंबर तक खिट सकता है
00:46अगर ऐसा हुआ तो भी सबसे बड़ा सवाल तेल के दाम को लेकर है जो पिछले पांच दिनों में ही
00:51यार अफीस दी तक पढ़ चुका है
00:54ये जो कहते युएई में जो है गल्फ क्रिकेट में होता ना गुगली आइटिक इरान में इतरह की यॉर्कर फैकी
01:01है
01:16तेल के दाम अगर बढ़े तो इसका अमेरिका पर भी असर पड़ेगा
01:20इसलिए उसकी तरफ से स्ट्रेट आफ होर्मूज में तेल के टैंकर को सुरक्षा देने की बात कही जा रही है
01:26भारत के लिहाद से भी ये सवाल बहुत एहम है जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आया तक है
01:35ब्लूम्बग की रिपोर्ट कहती है 28 फरवरी को होर्मूज से कुल 44 जहाज बाहर जा रहे थे
01:40जिसमें 24 तेल टैंकर और 6 गैस टैंकर थे
01:43जंग छीडी तो एक मार्च को कुल 13 जहाज डिकले जिसमें सिर्फ चार तेल टैंकर और एक गैस टैंकर था
01:48फिर दो मार्च के बाद होर्मूज से कोई तेल टैंकर या गैस टैंकर नहीं निकला
01:52तीन मार्च को सिर्फ एक तेल टैंकर निकला
01:56तेल के टैंकर पर हमले की लगातार तस्वीरे भी सामने आ रही है
02:00ऐसे हमले लाल सागर में देखे जाते थे लेकिन हुर्मूज की खाड़ी ने तेल की चुनौती को गहरा कर दिया
02:07भारत अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है जिसमें 50 फीसदी कच्चा तेल हुर्मूज से ही
02:15आता है
02:1525 लाख बैरल रोज हुर्मूज से आता था जिसमें 85 फीसदी तक रुका वटाई है
02:20इस हिसाब से भारत को 20 लाख बैरल रोज कम तेल मिलने लगा है
02:28हालाकि सरकार की तरफ से लगातार ये दावा हो रहा है कि तेल और गैस की कमी नहीं होगी
02:33लेकिन अगर युद्ध सौ दिन से ज्यादा चला तब क्या होगा
02:41क्या उससे पहले ही भारत को रूस की तरफ दोबारा रुक करना होगा
02:45तो ऐसा करने पढ़ डॉनल्ड ट्रम्ब का रुक क्या रहेगा
02:50विद युद्ध गोवीशा नहीं है
02:53एंडिया नहीं नहीं है
02:57विशी ल्योश भ्येट है फ्याहिजाँ है
03:12ब्लूम्बर्ग की रिपोर्ट के मताबिक समुद्री जहाजों के ट्रैकर से पता चला कि बाल्टिक सागर और काला सागर से लोड
03:18हुआ रूसी टैंकर भारत आया है
03:20इन दो टैंकर में 14 लाक बैरल कच्चा तेल था इसमें से एक ओड्यून स्वेज मैक्स का जहाज था जिसमें
03:277.30 लाक बैरल तेल था जो पारादीप पहुंचा और दूसरा टैंकर अफरा मैक्स का मतारी था जो 7 लाक
03:35बैरल तेल लेकर जा रहा था ये वडिनार पोर्ट आया है
03:39इसके अलावा इंद्री नाम का एक ओर जहाज स्वेज मैक्स का है जो सिंगापूर जा रहा था अब 7.30
03:45लाक बैरल तेल लेकर भारत की ओर आ रहा है
03:49जहां तक shortages का खत्रा है, shortages कभी भी किसी भी कारण हो सकती है
03:55कुछ समय पहले हमने देखा कि semiconductors की shortage दुनिया में हो गई
03:59supply chain का disruption इस बारी तेल की supply chain में disruption हुआ है
04:05और COVID के बाद लगातार दुनिया ये समझ रही है कि supply chains में disruption है
04:10हमें ये lesson लेना चाहिए कि 20-22 साल पहले भारत ने crude oil के strategic reserves का अभ्यान शुरू
04:19किया था
04:19Mangalore जैसी जगा में और बाकी कुछ स्थानों पे जमीन के अंदर हमने crude oil को store करने का एक
04:26process शुरू किया
04:28उस process का बहुत बड़े पैमाने पे एक प्रकार से expansion होना चाहिए
04:35दुनिया में कब क्या हो जाएगा कुछ कहा नहीं जा सकता इसलिए समझदार EC में है कि चीन की तरह
04:41तेल रिजर्व के समय रहते उपाय किये जाए ताकि किसी भी युद्ध का भारत की अर्थवेवस्था परसर कम से कम
04:47पड़े
04:52प्रणे टारिफ के पूरी उस चर्चा के समय डॉनल्ड ट्रम्प को एतराज रहा रूस से तेल लेने पर अब जो
04:59परिस्थितियां उनके ही कारण उन्पन हुई है उसमें रूस से तेल लेना हमारे लिए कैसा विकल्प है क्योंकि रूस की
05:07तरफ से कहा जा रहा है हम तो हमे�
05:12पूर्टी को लेकर भारत सरकार का जो रुख है वो हमेशा से स्पष्ट रहा है कि भारत अपनी जरूरतों के
05:17आधार पर अपनी रणनितिक स्वायतता के आधार पर और बाजार के डाइनमिक्स के आधार पर ये फैसला करेगा कि उसे
05:23तेल कहां से चाहिए क्योंकि भारत 140 करो
05:38पैर को हमेशा स्पष्ट घूरत के लिए उसको हमेशा से डावेर्सिफाय रखाई है कोई एकस रोत नहीं है भारत की
05:42और पर जबाजिए के लिए उसको आकरशित करने और उसके साथ तेल आप ओर एकर्द करने की इच्छा किसी भी
05:51देश की होगी हो शायद यही वजह है कि �
05:53उस खोए बाजार को जिसके अंदर कटाओती आई थी
05:55अमेरिका की पाबंदियों के चलते अमेरिका के दबाओं के चलते
05:57उसकी भरपाई करने के लिए उसने ततकाल जो है करीब
06:019 लाक से जाबा का जो बैरल का जो तेल है
06:049.5 मिलियन सॉरी माप कीजेगा
06:069.5 मिलियन तो ये बिर्शित रूप से एक बड़ा है अमाउंट है
06:10जिसको भारत की तरफ उन्होंने बढ़ाया और ये कहते हुए बढ़ाया है
06:13कि अगर आप चाहें तो ये तेल ले सकते हैं
06:15हाई सीज के अंदर बहुत बड़ी मात्रा के अंदर तेल अवेलेबल है
06:19और ये इसलिए रखा जाता है कि जिसे जरूरत हो वो उस तेल को खरीच सके बाजार के उन तमाम
06:24दामों और मुल्यों के आधार पर
Comments