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  • 3 hours ago
ओडिशा के भुवनेश्वर की शुभरानी दास पिछले 24 सालों से न्यूजपेपर हॉकर का काम कर रही हैं. उनका संघर्ष रात से ही शुरू हो जाता है, वो स्कूटर पर सवार होकर वो मास्टर कैंटीन पर जाती है, वहां से न्यूजपेपर इकट्ठा करती हैं. कोई दिन हो या कोई मौसम शुभरानी का सफर नहीं रुकता. लोगों के ताने सहकर भी वो अपने काम में लगी रहती हैं.  शुभरानी सिर्फ भुवनेश्वर में ही नहीं, बल्कि पूरे ओडिशा में अकेली महिला न्यूजपेपर हॉकर हैं, जो पिछले 24 सालों से ये काम कर रही हैं. पहले उनके पति ये काम करते थे, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया. पति से अक्षम होने के बाद शुभरानी ने उनका काम संभाल लिया और परिवार का सहारा बनीं. 

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Transcript
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01:01पहले मैं पेपर बाटता था साल 2000 में मेरा एक्सिडेंट हो गया कुछ दिनों तक मुझे घर पर रहना पड़ा
01:07उस वक्त मेरी पत्नी और मेरी बेटी पेपर बाटते थे पेपर बाटने का बिजनेस बंद ना हो इसलिए शुबरानी लगातार
01:15पेपर बाट रही है लोग तरतर
01:28अकेली ऐसी महिला नियुज पेपर होकर हैं जो पिछले 24 सालों से एक काम कर रही हैं पहले उनके पत्न
01:35एक काम किया करते थे लेकिन हादस से ने सब कुछ बदल दिया शुबरानी नेसनल लेवल की फुटबाल अखों को
01:43खिलाडी रही थी वो ओडिसा महिला फुटबाल टीम
01:45की कैप्टन भी रह चुकी हैं लेकिन शादी के बाद उनका सब कुछ बदल गया
01:55हलाकी वह महिला है लेकिन वह एक पुरुस का काम कर सकती है मेरी मा ने मुझे प्रेरित किया है
02:00मैं भविश्य में ऐसा ही कुछ करूंगी मैं हर सुबह अपनी मा की मदद करती हूँ फिलहाल मैं पढ़ रही
02:06हूँ और बच्चों को पढ़ाती भी हूँ हम कितने भी बड़े हो
02:20ही अपने परिवार का सहरा बनाया है इटीवी भारत के लिए भुवनेश्वर से मिकाश कुमार दास की रिपोर्ट
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