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  • 7 minutes ago
वाराणसी : रंगों के त्योहार होली पर व्यंग्य और मजाक न हो तो मजा थोड़ा अधूरा सा लगता है. होली में हंसी ठिठोली के बीच व्यंग्य की परंपरा काशी के नमो घाट पर देखने को मिली. नमो घाट पर कवियों, साहित्यकारों के साथ लोक गायक का जमघट मस्ती करते दिखा. इस दौरान साहित्यकार बद्री विशाल, राजेंद्र त्रिवेदी सहित कई कलाकारों और कवियों ने व्यंग्य की फुहारों से सब गुदगुदाया. रंगों भरी प्रतिक्रिया के साथ भंग, ठंडई, रंग गुलाल-अबीर के इंतजाम से माहौल मस्ती भरा रहा. काशी में होली पर एक अलग ही उत्साह रहता है. यहां होली की शुरुआत रंगभरी एकादशी से हो जाती है. इस दिन मान्यता के अनुरूप शिव भक्त भोलेनाथ को पहला गुलाल अर्पित कर जमकर होली खेलते हैं. इस बार 10 मार्च को रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी. 

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00:00This is a production of the U.S. Department of State.
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