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  • 9 hours ago
चंद्र ग्रहण 2026: सूतक काल में क्या करें, क्या ना करें? ज्योतिषी से जानें

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00:00नदिता जी आपका आप क्या कहेंगी इस सूतक काल में लोग क्या करें देगे जब चंदरग्रहन पढ़ता है तो उससे
00:069 गंटे पहले से सूतक काल शुरू होता है तो आपका जो भी स्थान विशेश है वहाँ पर देखी कि
00:12आपका चंदरग्रहन कितने बज़े से कितने बज�
00:16पर ले तो 6 बज़ के 20 मिनट से आपका शुरू हो जाएगा तो आप उससे आल्मोस 9 गंटा पहले
00:22आप लेंगे तो करीबन 9 बज़े के आसपा से आपका सूतक काल शुरू हो जाएगा उसी तरह से 9-30
00:27में और पहले शुरू हो जाएगा आइडिली क्योंकि 3 बज़ के 20 मिनट
00:31से ग्रहन शुरू हो रहा है तो सूतक काल 6 बज़ के 20 मिनट से शुरू हो जाएगा अब सूतक
00:36काल क्या होता है सूरी ग्रहन का होता है 12 गंटे पहले चंद्र ग्रहन का होता है 9 गंटे पहले
00:40चंद्रमा मन सो जाता है यानि कि चंद्रमा जो है आपका मन का कारक है मन को कंट्र
00:58में हो तो उसके लिए कुछ प्रेपरेशन हमारे शास्ट्रों इक है क्या ऐसा करिए तो उस में क्या होता है
01:03कि आप, है淡िल सु्टकल से पहले सदमान कर अब खानीकाल में आप क्हाना नह खाये
01:11क्योंकि उस समें gross energies जो रहू के तुके energies होती है
01:146 घंडे
01:16उसमें
01:169 घंडे
01:179 घंडे
01:18भीकुस भरत रखते हैं
01:19आप करवाचोध का वरत रखते हैं
01:22आप शिवरातरी का वरत रखते हैं
01:25जनमाश्ट भी का रखते हैं
01:26उन सारे वरतों में भी आप नहीं खाते हैं
01:42गर्वती महीला हैं
01:43उनके लिए ये सूतक में काफी ज़ादा relaxation होता है
01:46यानि कि अगर आपको जल ग्रहन करना है
01:48या किसी और को भी मजबूर ये दवाईयां का नहीं है
01:50तो आप उसमें तुलसी पात्रे डाल के करें
01:52क्योंकि तुलसी में और कुशा घास
01:54इन दोनों में बहुत strong properties होती है
01:58negative energies को absorb करने की
01:59उसको negate करने की
02:01इसलिए बोला जाता है इनको खाने के
02:03अगर खाना कुछ रखाया तो उसमें पहले उसको रख दे
02:05ताकि वो negativity हाट जाए आप ग्रहन कर ले
02:07बिल्कुल गर्म अगर खाना है उसको आप खा सकते
02:22कोई भी शाप वस्तू अब उसके पीछे लॉजिक है शाप वस्तू क्यों नहीं करते क्योंकि अगें ऐसाइसाइसाइट चंद्रमा मनसु जाता
02:29है आपका
02:29emotional upheaval चंद्रमा 70% of हमारी बॉड़ी में पानी है जलतत्व है चंद्रमा जो आरभाटे कर सकता है
02:39आपके जीवन में आपके अंदर कितनी जारा उथान पथन होते रहते हैं उसमें emotional कारूनूं की वज़े से तो इस
02:47वज़े से बोले जाता है कि थोड़ा
02:48शांत रहिए मानसिक जाप करिए मनसिती अपनी ठीक करिए भगवान राम काई नाम केवल लिखिए या ओम-ओम केवल लिखते
02:55जाए ताकि अपकी तंद्राएं एकागरिचित होकर के positive सकरात्म कूर्जा की तरफ रहें ना की नकरात्म क्योंकि इस से में
03:02रहू के तू के अनर
03:16भार मज जाए है उसके पीछे भी कारण है कि बहार जाने से आपको डारिक जो ग्रहन की लाईट है
03:22उससे आपको इंपक्त होगा वो कई बार ultra wallet lights होती हैं बहुत स्ट्रॉंग कर सकती हैं आपकी skin diseases
03:30आपको activate कर सकती हैं इससे कहा जाता है इनको avoid करा जाए मंदिर के कापाठ ह
03:37यह मतलब नहीं है कि भगवान को कुछ हो जाएगा.
03:39देखे, पुराने जमाने में बहुत एक किवदंतियों की तरह,
03:43एक रिचुलिस्टिक तरह से चीजों को समझाया गया.
03:46कि हम क्या करते हैं, जब हम तेजना में होते हैं,
03:49हम कहां जाते हैं, हम भगवान के पास जाने की कोशिश करते हैं,
04:04� comprendre मंदिर में जाने की जाकर दर्शन करा है,
04:09तो आप घर से बाहर निकलेंगे, घर से बाहर जाकर के मंदिर में जाएंगे,
04:19का जाब करिए आप नरायन के मंत्र का जाब करिए आप महमृत्तिन जे के मंत्र का जाब करिए यह सब
04:24की वे उसमें आपको इंटर कई लाख गुणा फल मिलता है एक मंत्र बोलते हैं उसका एक हजार आपको गुणा
04:31जादा फल मिलता है पवन जी कुछ जोड़ना चाह रहे थे
04:48इसको सब लोगों को सुनना भी चाहिए
04:51देखे बारत में कोई भी घटना
04:53या कोई भी घटना का विसलेशन होता है
04:56चाहे धार्मिक रूप से ही चुना हो
04:58वहे विज्ञान की ठोस धरा तल पर होता है
05:02अब सूतक काल क्या है
05:04कि हमारे पास सूर्य और चंद्रमा की रेज डिरेक्ट आनी चाहिए
05:08यदि वो इंडिरेक्ट आएगी तो अपीवल्स क्रियेट करेगी
05:12जीवन परिशानिया क्रियेट करेगी
05:14प्रजिस्टरोन हॉर्मोन्स को वो बढ़ाएगी
05:17इसलिए गर्वती स्थरोय को वो परशानी होती है
05:20तो वो क्या होता है कि वो सीधी नहीं आती है
05:23कब जब चंद्रकेरन होता है
05:27उससे नौ घंटे पहले वो सीधी आना बंद हो जाती है
05:29इसलिए नेगेटिविटी आती है
05:31वैसे कोई negativity नहीं आएगी, इसलिए आती है, और सूरे गहन से 12 गंटे पहले आना शुरू हो जाती है,
05:37इसलिए वो negativity आती है, तो हमें उस समय कुछ ऐसा कारे करते रहना चाहिए, कि हम उससे बच सके,
05:47कितना बच सकेंगे, यह अलग बात है, उसकी कोई guarantee नहीं है, लेकिन कितना
05:51बस सकेंगे, यह देखा जाए, और उसके एक चीज़ मैं और यहां पर जोड़ना चाहूँगा, कि इस समय जो viral
06:01attack होता है, यह maximum होता है, इसलिए तुलसा का प्रियोग करते हैं, तुलसा के या जो बेसल है, उसके
06:08बारे में जो वरनन है, वो भारती शास्त्रों में है ही है, सा
06:14अरब के शास्त्र में भी उसका वरनन है, बाकि जो सिमेटी शास्त्र है, सब में उसका वरनन है, क्योंकि इसको
06:23इतना पवितर पौधा है, इसलिए माना जाता है, कि यह हमारे bacterial infections को lower down करता है, कम करता
06:29है, इसलिए उसको खाने में रख दिया जाता है, उससे हम negativity को absorb कर पाएं,
06:36वो समभ नहीं है, उस पत्ते से इतनी बड़ी negativity को absorb नहीं कर सकते हैं, लेकिन उसका असल उस
06:44कटोरी में जरूर होगा, जिस कटोरी में तुलसी दल पढ़ा होगा, यह तुलसी का पता पढ़ा होगा, तो इसलिए सूतक
06:54काल का महत्व है, सूतक काल और कुछ नहीं, सिर्फ किर
07:01प्रणों में नकारात्मकता होती है, बैक्टिरियल इंफेक्शन से स्वक्त मैक्सिमम होते हैं, प्रजिस्टरोन हॉर्मोन चुकी चंद्रमा से सीधे रेलेटेड है,
07:10इसलिए उसमें प्राब्लम होती है, इसलिए गर्वती महिलाओं को यह कहता है, कि वो अपना इलाज करने
07:17अधिक कोई दिक्कत मैसूस हो, 99.99% उनको दिक्कते नहीं होती, केवल 0.01% किसी को दिक्कत होती
07:26है, जैसे किसी का सतमासा चल रहा है, या एत मन्त है, नाइन्त मन्त हो चुका है, तो उनको कहीं
07:33कुछ अगर परशानी लगती है, तो इमीचेटी डॉक्टर के पास जाएं, ब
07:46बहुत अच्छे तरीके से उसको मैथमेटिकली समझाने की कोशिश की है, और मेरे खाल से ये विज्ञानिकों को सी सबजना
07:53चाहिए, क्योंकि हम उस विज्ञान से अपनी तुलना करने लगते हैं, जो 17th century के बाद चीजों को समझना शुरू
08:01कर रहा है, और हमारे हैं, वो च
08:16चीजे आ गई हैं, तो खेर, भोजन इसलिए नहीं करते हैं, भोजन इसलिए नहीं पकाते हैं, ज्ञान साधना इसलिए करते
08:24हैं, कि हमारा जो अपना औरा ही strong हो, बाकी इससे ज़्यादा हो, हम कर भी नहीं सकते हैं, जहां
08:31पूरी प्रकृतिपर प्रभाव है, वहां इससे �
08:33ज़्यादा हम मनुष्य क्या कर सकते हैं, ये बात मैं रखना और कहना चाहता था, कि जोतिश एक विज्ञान की
08:43धोसदारातल पर खड़ा हुआ है, बाके विज्ञानों ने जोतिश से सीखा है.
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