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  • 2 days ago
बड़वानी की ऐतिहासिक गाड़ा खिंचाई की परंपरा आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत की है प्रतीक. ठीकरी, अंजड़ और नवलपुरा क्षेत्र में उत्साह.

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00:00संत कांडेराओ महाराज और फखरुद्दिन बाबा की इसमती में निभाई जा रही कई वर्स पुरानी गाड़ा खिचाई परंपरा
00:064 मार्च 26 को गोधुली बेला में जिले भर में स्रद्धा और उत्सा के साथ आयोजित होगी
00:11विक्रम संत से चली आ रही है परंपरा आज भी आस्ता और सामाजिक समरस्ता का प्रतिक मानी जाती है
00:17बड़वानी सहर के नवलपुरा छेत्र में इस वर्स गाड़ा खिचाई का आयोजन विसे साकर सक रहेगा
00:21लगभग 14-15 सजे हुए गाड़ों को एक साथ बानकर हल्दी कुमकुम से पूजन किया जाएगा
00:27बड़वार आकेश यादव के इस पर्स करते ही कई टन वजनी गाड़े आगे बढ़ेंगे
00:31पूरे मार्ग पर रांगोली और गुलाल से सजावाट रहेगी तथा बड़ी संख्या में सध्धालू मार्ग और छतों से इस अद्भूत
00:36द्रश्य को देखेंगे
00:37ठिकरी में एक दिन पूर्व पाबा खांडेराओ माराज मंदिल से गाड़ों को गाड़ा मेदान में लाया जाएगा गोधुली बेला में
00:43बड़वा एडू यादव के कंधा लगते ही गाड़े स्वताह चल पड़ेंगे
00:47इसी करम में अंजड में बस स्टेंड से भोगली नदी पुलिया तक गाड़ा खिचाई होगी जहां बड़वा संतोस धन्गा के
00:53निततों में आयजन संपन होगा
00:57यह तो दो हजार उन्नीस सो एक्कीस के सम्तिंग के चल रही है और यह मानने ते अभी चल रही
01:03है उसकी खाड़रो महराज की
01:06किसे सुर्वात हुई किसी यह तो वहां ठीकरी में जो गुरू थे बुजूर्ग थे दादा उनको आज घंशाम जी की
01:15घर बाबा और पिर भग्रुदीन जिसा नर्मदा टट पर मिले ते उसके बाद में उन्होंने गाव में रातरी रूख कर
01:21और यह संदेश दिया कि हमारी
01:35बढ़वानी में और इसके अलावद कहा शुचे आते हैं अंजर निवाली कसरावत बड़ी कसरावत कैसे आते हैं क्या होता है
01:44इसमें पढ़वा की दिन जिसरोज जुलेंडी रहती है उसरोज सुबे से पूजा बाट होती है और साम को गोजली बेला
01:52में इसका आयोजन होता
01:54है असब PROF Congress होति है मतलब क्यास आप अपृद्ध करने के बाद जाता हैं कहां से अंधसे प्रस होती
02:15उसके बाद में अन्मां जी का मंदिर है वहां पर मकडी लगी हुए
02:26foreign
02:27foreign
02:48I don't know.
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