00:00पर्षार मॉष्पृव पर्दORAब पर्दमाट
00:04अप्रिया पर्दाब
00:05पर्दामाट
00:08नप्रिया करिजी है
00:19ठracि समय जीते है Stones
00:23रष्राग सत्रिया करू के लोड पर्दत फर्दाब
00:25ंप्रिया करि कर दोड़
00:46आज का ये प्रोग्राम या आज का ये बरनामा आलम इसलाम के एक आजीम शख्सित के शहादत के मुनास्बत से
00:53मनाया जा रहा है
00:54नफकत हांजीवेरा में बलकि ये जहां जहां भी जमीर पसंद मुसल्मान हैं जहां जहां भी आलम इसलाम हो या गहर
01:03आलम इसलाम हो जहां भी मजलूम शख्सित हो चूंकि ये शख्स की शहादत हुई है वो मजलूम का दर्दमन था
01:11वो हमेशा मजलूम के आवाज उठाता था
01:13इसलिए जहां जहां भी मजलूम कौम है वो आज इस मुसीबत में इरान की शरीक है ने सिर्फ इरान की
01:22बिल्कि आलम इसलाम के हर फर्द के इस गम में शरीक है
01:25इसलिए इसी मुनासबत से पिछले दो दिनों से हांजी और अपाईन में ये रेलिया निकलती है और एक मुसीबत को
01:36बार बार दोखराया जाता है
01:37और इमाम खामनाई की सदा को दुनिया के गोश और किनार तक पहुशने की कोशिश की जाती है
01:44और जो मकार फरेवकार नामनहाद इसलामी लीडर या गएरी इसलामी लीडर जोनों ने इस फजी और इस वाकिन इस दर्दनाख
01:57हादिसे को रूनमा किया है
02:00जिसमें सौदिय अरब के बादशाह मुहम्मद बिन सल्मान हैं और उसके अलावा डोनाल ट्रॉम्प और नेतनियाहु जाईसे लाइन और मलाइन
02:12शख्सियत इसमें शामिल है
02:14इन ही को इन ही की जो यह अज़ियत उन्होंने इस आलम इसलाम को पहुशाई है
02:21उसी के कर्ड़नम करते है और उसी के खलाव यह एहत्याज बुलंद करते हैं
02:25और जो द皆ऑशे आलम इसलाम को पहुशाया है उस दर्ध को अपनी जबान पर लाके आलम इसलाम विलकी दुन्या के
02:32ह Rebecca की हर अमन पसंद
02:33और इनसान तक पहुशने का एक वोशिशा है
02:53झाल झाल
03:21झाल झाल
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