00:00इरान और इस्राइल अमेरिका के बीच के युद्ध की लगातार कवरिच आप देख रहे हैं अफगानिस्तान पाकिस्तान में भी फ्रंट
00:06खुल गया है लेकिन यहां देश के अंदर पक्ष और विपक्ष की लड़ाई विदेश नीती को लेकर ऐसा लगता है
00:12कि आज सुबा य
00:16राहूल गांधी ने बड़ा हमला किया है उन्होंने केंदर सरकार पर हमला किया है और सीधे पूछा है इरान युद
00:22के बीच राहूल गांधी का केंदर पर हमला वो ये पूछ रहे हैं कि आखिर इस पर चुपी क्यों है
00:27इरान पर हमले के बीच चुपी क्यों ये राहूल ग
00:45गांदी का सवाल है और इसी के साथ साथ सोनिया गांदी ने भी अख़बार में एक लेख के जरिये सरकार
00:53पर हमला किया है और खामनेई की मौत पर चुपी खलती है इनको
01:07सोनिया गांदी का सरकार पर निशाना एक लेख के जरिये उन्होंने सवाल पूचा है और सीधा अली खामनेई का जिक्र
01:12है अगर आप देख रहे होंगे बीते दो तीन दिनों से कांग्रस पार्टी लगातार अली खामनेई की मौत के बाद
01:17से सवाल पूच रही है और सरकार से �
01:20कि आखर इस पर चुपपी क्यों है लेकिन इसी बीच राहूल गांदी और सोनिया गांदी आज दोनों ही इस युद्ध
01:27के चौते दिन खामनेई की मौत को लेकर आकरमक हो रहे हैं लेकिन शायद विपक्ष के ये तमाम नेताज भूल
01:33रहे हैं कि साल 2017 से लेकर साल 2014-25 तक जम
01:50सरकार ने जम्व कश्मीर को अपने संगर्श की अपनी आजादी की लड़ाई लड़नी चाहिए ऐसे बयान देने से लेकर भारत
01:58में मुसल्मान खतरे में हैं कहने वाले खामनेई के लिए आज विपक्ष लाम बंद होता हुआ दिख रहा है और
02:17देश की विदेश नीती पर स
02:20विपक्ष जरूर हमरावर है लेकिन अभी के मौजूदा हालात ऐसे हैं कि पूरी दुनिया में एक नए जंग का अगाज
02:25हो चुका है ऐसे में भारत क्या कर सकता है किस तरी किस अपनी डिप्लोमेसी को मिंटेन कर से पढ़े
02:30हमारे साथ मौजूद है पढ़े अभी डिप्लो
02:44माटी डिप्लोमासी जो है वो एक नया रूप लेने वाली है लगातार जिस तरी के समीकरन बदलते जा रहे हैं
02:49पूरे दुनिया में
03:03भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर जैशंकर ने सेयद अराक्ची जो की इरान की विदेश मंत्री है उनको भी फोन किया
03:08और गिडियन सार जो की इसराइल की विदेश मंत्री है उनको भी फोन किया
03:12भारत ने एकी पक्ष दोनों से कहा, इस बीच प्रधानमंत्री मोधी की भी बाचीत हुई है
03:16और इसलिए देखे, एक बड़ा अंतर इसके अंदर है कि प्रधानमंत्री मोधी ने सबसे अगर आप देखें कि बात किन
03:22से की है
03:23तो उसमें गखाडी के वो देशों के नेता है, चाहे साओधी अरब के क्राउन प्रिंस हों, चाहे युएई के प्रेसिडेंट
03:28हों, या बहरीन के सुल्तान के किंग हों, उनसे बाचीत की है
03:32और वो इसलिए भी किये है क्योंकि इन इलाकों के अंदर भारती बड़ी संख्या में हैं, उनकी सुरक्षा सुनिशित करने
03:37के लिए वो फोन कॉल जो है, वो सबसे महत्पूर्ण था क्योंकि यहाँ पर बड़े पैमाने पर भारती लोग भी
03:42है और इस समय में एरपोर्ट प
04:02यानि ये युद्धकाल नहीं है, ये प्रधानमंत्री हरमज से बोलते रहें और हर देश से भारती कलौता ऐसा देश है,
04:09जिसको फिलिस्तीन भी अपना सरवोच्च सम्मान प्रधानमंत्री नरेंडर मोदी को देता है और इसराइल भी देता है
04:14इसमें एक और महतपूर्ण चीज़ ये है, कि कई लोगों के मन में ये सवाल आ सकता है, कि भारत
04:18कोई कुछ क्यों नहीं बोल रहा है, इरान के साथ गलत हो रहा है, हम कुछ क्यों नहीं कर रहे
04:21हैं, लेकिन जब ऐसे कानफ्रिक्स होते हैं, तब आपके सामने एक स्ट्रेजि
04:39करने के लिए, दूसरी बात ये है कि भारत के जाबा �ित कहां पर है, हित से मतलब ये हमारी
04:44एनरजी कहां से आती है और हमारे लोग सबस्राइबा कहा है, वो खाڑगी के उन देशों के अंदर है, जहां
04:48पर इस समय बंबारी हो ये है, और इरान कर रहा है इस समय, तीसरी सब स
05:06एरबेसिस का इस्तमाल करने दे उस समय NDA के अटल विहारी बाचपई सरकार थी संसद में इस पर बहस भी
05:10हुई और भारत ने एक joint statement इशू किया था उसके अंदर और उस संसद के जो resolution या जो
05:15आप statement था उसमें हमने उस युद्ध को या उस चीज को deplore किया था लेकिन उसके beyond क्य
05:22अटस्त रहते हुए केवल अपने हिटों को इस समय गाड कर रहे हैं और ये बहुत सारे देश कर रहे
05:25हैं इस समय भारत अकेला नहीं है
05:52भारत के खिलाब दिये हैं जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर दिये हैं ऐसे में खुलकर क्या वोट बैंक की राजनीती
05:58नहीं है इसी रा सवाल है प्रड़ है जिसकी बज़े से उनका पक्स लेकी बात की जारे की चिस पी
06:02तोड़ी है
06:03इस कॉन्फिलिट के बाद जो भारत सरकार का पहला आधिकारिक बयान आया विदेश मंत्राले का भारत ने इस हमले को
06:08या जो अमेरिका इसराइल की कारिवाई है उसको टेरिटोरियल इंटिग्रिटी और सवरेनिटी का वाइलेशन करार दिया है यनि संप्रभुता और
06:15इरा
06:33हैं उस बीच में आप क्या कर सकते हैं जब वो एक दूसरे के उपर घुन से चला रहे हैं
06:36हो तो आप रोकने की कोशिश ही कर सकते हैं और बिल्कुल अपने उसके अंदर खास्तों पर मुझे याद है
06:41परदानमंत्री मोदी ने जब नित्यनाहूं से बात की ती तब भी ये स्
06:49आप जो फैक्ट बता रहे हैं लगातार क्या ये फैक्ट रहाँल गांदी तक नहीं पहुँच पा रहे हैं क्योंकि देखिए
06:53डिप्लोमेसी तो कोई सरकार का नहीं एक लॉंग स्टेंडिंग प्रोसेस होता है पिछले दशकों से चलती आ रही हमारी पॉलसी
06:58है एक हमारी स्
07:01चाहे देश हों चाहे राजनितिक दल हों अपने राजनितिक हितों के आधार पर फैसले करते हैं अपने शितरूप से कॉंग्रस
07:07पार्टी को इस समय लगता है कि एक बड़ा तबका है उसके मद्दाताओं का जो इन भावनाओं से असोसियेट भी
07:12करता है और जिसे लगता है
07:13कि भारत को एक स्टैंड लेना चाहिए भारत को अटलीस कंडेम करना चाहिए एक एक देश का पॉलिटिकल फिगर हेड
07:18जो है वो इस तरीके से मार दिया गया अमेरिका इसराइल का की ज्यादती है और उसे खलाव भारत को
07:24बड़ी डिमॉक्रसी होने के नाते बोलना चाहिए
07:26अगर ये सारे सवाल खामना ही स्पेसिफिक है तो फिर इस पर प्रशन उठते हैं
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