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अमेरिका-इजरायल ने मिलकर 'ऑपरेशन खामेनेई' को कैसे दिया अंजाम? देखें वारदात

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00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहरखान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:03एरान के सर्वोत चनेता आयतुलाख खामनी
00:0628 फर्वरी की सुबह तहरान की एक खुफिया बिल्डिंग में
00:10एरान के टॉप लीडर्शिप के साथ मीटिंग करने जा रहे है
00:14ये खबर अमेरिकी खुफिया एजनसी सियाईए को किस ने दी
00:18क्या खामनी का कोई बेहत करीबी ही घद्दार था
00:21आज वारदात में हम आपको बताएंगे
00:24कि अमेरिका और इसराइल ने मिलकर इस पूरे आपरेशन को कैसे अंजाम दिया
00:29क्यों इसराइल ने पहली बार दिन के उजाले में इरान पर हमला किया
00:33तो पेश है उस आपरेशन की कहानी जिसकी तैयारी तो महीनों से चल रही थी
00:39पर खत्म सिर्फ साट सिकन्ड में हो गया
00:57वो 13 जून की सुभा थी जब इसराइल ने इरान के कई ठीकानों पर हमले किये थी
01:03इस हमले के ठीक चार दिन बाहर अमेरिकी राश्रुपदी डोनेल्ड टरम्प ने 17 जून 2025 की शाम 5 बचकर 19
01:12मिनट पर सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया था
01:15इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था हमें पता है कि तधाकतित सोप्रीम लीडर कहा छुपे है
01:22वो एक आसान टार्गेट है लेकिन सुरक्षित है अभी हम उन्हें बाहर निकालना नहीं चाहते यानि मारना नहीं चाहते
01:32दरसल जून में 12 दिनों तक चली एरान इसराइल के बीच इस जंग इसराइल को एक बार एक मौका मिला
01:39था
01:39इरान के सर्वोच जनीता आयतला आली खामिनी को मारने लेकिन तब खुद टरम्प ने इसराइल को ऐसा करने से रोग
01:48दिया था
01:48सलाहकारों ने टरम्प को समझाया था कि खामिनी को मारने का असर पूरे मिडल इस पर पड़ेगा
01:54बारह दिन बाद तब वो जन्ग रुक गई
01:57लेकिन इसराइल नहीं रुका
01:59डिपलोमेटिक चैनल से एरान और अमेरिका के बीच बात चीड जारी थी
02:03अमेरिका चाहता था कि एरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम और खास्ताओ पर लंबी दूरी के बैलिस्टिक बिजाईल को बनाना रोग दे
02:11पर बात नहीं पर गए थी
02:18इसे बीच फरवरी के दूसरे हफते में टरम्प ने धंकी दे
02:22टरम्प ने इरान को न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने या न्यूक्लियर डील पर समझाओता करने के लिए 10 से 15 दिन का
02:29वक्त जीए
02:30साथ ही ये भी कहा कि ऐसा नहीं होता है तो फिर अर्जान पुरा होगा
02:49इस बातचीत में अधिकारियों के अलावा अमेरिका की तरफ से इस बातचीत में अमेरिका के मिडल इस्ट के दूप इस्टीव
02:59विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेट कुष्णर शामिल थे
03:03इस बातचीत की मध्यस्ता कर रहे थे ओमान के विदेश मंद्री बद्र अल्बुसे थे
03:08सुबा की बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुँचे दूसरे रौन की बातचीत के लिए शाम को फिर से मिलने का
03:15दैगुए
03:16ट्रम्प को इस बातचीत की पलपल की जानकारी दिन जा रही थे
03:20पर ट्रम्प इस बातचीत से ज्यादा खुश नहीं थे
03:23असर में वो इरान से सुनना चाहते थे कि वो कभी न्यूक्लियर हत्यार अब नहीं बनाएंगे
03:29तर ऐसा हुआ नहीं
03:30सोला घंटे जिनेवा में रहने के बाद विटकॉफ और कुश्टन अमेरिका लॉट आए
03:35ये बात शुक्रवार 27 फरवरी की है
03:38बातचीत नाकाम होते ही ओमान के विदेश मंतरी बदर अल्बुसेदी जिनेवा से सीधे वाशिंटन पहुंच दे
03:59जिलते हैं और पहली बार खुलासा करते हैं कि एरान के खिलाफ हमला तैय है
04:06एरान पर अमेरिका के इस हमले की दो और वज़ा थी पहली वज़ा इसराइल था
04:10टरम्प के डेडलाइन दिये जाने के बाद इसराइल लगातार अमेरिका को ये यकीन दिलानी की कोशिश कर रहा था
04:17कि एरान जून के हमले के बावजूद बड़ी तेजी से फिर से अपने निउक्लियर प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहा है
04:24हाला कि खुद टरम्प के कई सलाहकारों ने टरम्प को ये समझाया था
04:28कि इसराइल के इस दावे पर पूरी तरह यकीन नहीं करना चाहिए
04:32इसराइल बढ़ा चड़ा कर बता रहा
04:35दूसरी तरफ साओधी एरप के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सल्मान
04:39लगातार टरम्प को फोन कर जल से जल इरान के खलाफ एक्शन लेने की बाख कर रहे थे
04:44क्राउन प्रिंस का कहना था कि अगर अभी इरान पर एक्शन नहीं दिया गया
04:49तो एरान पूरे मेडलीस्ट के लिए खत्रा बन जाएगा
04:59एक तरफ ये सारी प्लैनिंग और बात चीच चल रही थी
05:02टरम्प की दियो ही डेडलाइन खत्म हो रही थी
05:05और इसे बीच अमेरिकी खुफिया एजनसी सियाईये ने एक एहम जानकारी थी
05:10ये जानकारी एरान के सर्वोच धार्मिकनेता आयतल्ला अली खामिने के तहरान में मौदूद ठिकाने को लेकर थी
05:17सियाईये से मिली इस जानकारी को अमेरिका ने इसराईल के साथ शेयर किया
05:22CIA की जानकारी को हर तरह से क्रॉस चेक करने के बाद ये साफ हो गया
05:27कि खबर पक्की है
05:29खामिनई तहरान में ही अपने दफ्तर में अब चीजें तेजी से बदलने लगी
05:34इसे बीच CIA ने एक और बड़ी खबर दी
05:37खबर ये कि आयतुल्ला खामिनी एरान के टॉप ओफिशल्स के साथ 28 फरवरी
05:43यानि शनिवार की सुबह अपने कमपाउन में ही एक हाई लिवल मीटिंग करने जा रहे है
05:48ये खबर और भी बड़ी थी
05:50क्योंकि एरान की टॉप लीडर्शिप और एरानी रिवलिशनरी गाड कॉपस एक साथ खामिनी के साथ होने वाले थी
05:59असल में बीचे कई महीनों से CIA और मौसाद खामिनी के हर गतीविधिया पर नसर रख रहे थी
06:05बीते साल जूम में होई बारगा दिनों के जंग में क्ामिनी के ठेकाने के बारे में अमरिका और इसराहिल को
06:12पूरी जानकारी थी
06:14आला कि तब ये कहा गया था कि खामिनी अपनी जान बचाने के लिए रूस बाघ भाग सकते हैं
06:19लेकिन खामनेई को गरीब से जानने वालों के मताबिक खामनेई कभी देश छोड़कर भागने वाले लीडर नहीं थी।
06:26अलबता जून की जंग के बाद उन्होंने अपना ठिकाना बदल लिया था।
06:30बताते हैं कि वो तेरान में एक ऐसी विल्डिंग में रह रहे थे जिसमें लिफ्ट जमीन के अंदर पाँच फलोर
06:36तक जा सकती है यानि एक गहरे बंकर में बने खर में
06:42जून के बाद मुसाद और सी आईए दोनों ही खामिनई का निया ठिकाना जानने की कोशिश में चुटे रहे
06:49सी आईए ज्यादा तर टेकनोलोजी और सेटलाइट इमेज की मदद से खामिनई के नए ठिकाने को धूट रहा था
06:56जबकि मुसाद इरान में मौजूद अपने लोकल एजिन्टों की मदद से
07:01दरसल मुसाद ने कुछ वक्त पहले ही अपने आउपरेशन में एक नया बदलाओ लाया
07:06अब मुसाद के एजिन्ट में ज़्यादा तर लोकल लोगों को अपना एसिट बनाते हैं
07:11ये वो लोग होते हैं जो सब्ता या सरकार में बैठे लोगों से नाराज रहते हैं
07:16इन्हें मुसाद खुद ट्रेनिंग देता है और पिर उन्हीं देशों में उनकी तैनाती करती जाती है
07:22अब पहरान के अंदर रहकर मुसाद के जासूस खामिनई का ठिकाना ढूट रहते हैं
07:27तो वही दूसी तरह CIA सेटलाइट, ड्रोन, सिगनल इंटलिजन्स, AI और डेटा एनलिसिस की मदद से खामिनई को ठोट रहा
07:36था
07:38हाई रिजलोशन सेटलाइट जो तस्वीरे भेचती है वो इतनी साफ होती है कि कार में बैठा शक्स तक नज़र आ
07:45जाता है
07:46CIA ने सेटलाइट का इस्तमाल हर उन ठेकानों पर किया जहां खामिनई की मौजूद्गी का जरा भी शक होता
07:52किस इलाके में या किस कमपाउंड के हिट गिट सुरक्षा बढ़ा दी गई है, कौन सी गारी किस बिल्डिंग तर
07:59चा रही है
07:59कहां पर अचानक रोजमर्णा से हटकर ज्यादा गतिविदिया नज़र आ रही है
08:04सुरक्षा काफिलों का मूवमिन्ट ज्यादा किधर है
08:07सेटलाइट के जरिये मिली इन तस्वीरों से टार्गेट के बारे में बहुत कुछ जानकारी में जाती है
08:13सेटलाइट इमेज के अलावा सियाईए मोबाई फोन या दूसरे डिवाइस पर भी नज़र रखी
08:19इसके जरिये ये पता करना था कि कौन किसके संपर्ग में कहां से संपर्ग किया जा रहा है
08:25किसी खास ठिकाने पर अचानक कोई मुबाईल या फोन चालू या बन तो नहीं हो
08:30ये भी एक तरह का संकेत होता है
08:39सियाईए और मुसाद ने मिलकर 86 साल के खामनईई की महीन जासूशी की
08:45खामनईई का रुटीन क्या है
08:46वो कब उटते हैं ? कब सोते हैं ? क्या खाते हैं ? किन किन से मिलते हैं ?
08:51जिन से नहीं मिलते हैं ? उन से कैसे संपर्ग करते हैं ? कैसे बात चीत करते हैं ?
08:55हमले की सूरत में कहा कहा पना ले सकते हैं ?
08:58ये सारी जानकारी बहीनों तक C.I.A जुटाती रही
09:01इस दोरान ऐसा कई बार हुआ जब C.I.A ने खामनई के ठिकाने के बारे में मुसाद को जानकारी
09:08दी
09:08लेकिन तब ऐसी तमाम जानकारिया पुखता नहीं थी
09:16लेकिन 27 फरवरी की रात तहरान में जब एक खास बिल्डिंग के इतकित
09:20C.I.A ने हलचल महसूस की तब लगा कि इस बिल्डिंग में कुछ बढ़ा होने वाला है
09:26दरसल खामनी के जो चुछनिंदा ठिकाने थे जिन पर C.I.A महीनों से नज़र लख रही थी
09:31उनमें से एक बिल्डिंग ये भी थी
09:33C.I.A को बिल्डिंग में ये हलचल थोड़ी अजीब लगती है
09:36इसी के बाद C.I.A तहरान में अब लोकल एजन्ट को एक्टिव करता है
09:41और तब एक सबसे बड़ी खबर मीती है
09:44खबर ये कि 28 फरवरी अनि शनिवार के सुबह तहरान की इस बिल्डिंग में
09:49आयतुलाख खामनी एरान के टॉप लिडर्शिप जिन में एरान के डिफेंस मिनिस्टर
09:55और एरानी रिवलुस्टरी गार्ट कॉप्स के कमांडर इंचीफ समये
09:59तमाम आला अफसरों के साथ मीटिंग करने वाले है
10:04सियाए की ये फुफता जानकारी इसराइल को दी गए
10:07यसी जानकारी के बार अमेरिका और इसराइल इरान पर फॉरण हमला करने का फ्लैन बनाए
10:13पहले इरान पर हमला शायद 28 फर्वरी ये एक मार्च की रात को होना था
10:18लेकिन चूकी खामनई की मीटिंग 28 फर्वरी की सुबा होनी थी
10:22लिहाजा हमला पहले करने का फैसला लिया गया
10:25तैय ये हुआ कि इसराइल खामनई के ठिकाने पर हमला बोलेगा
10:29जब कि अमेरिका इरान के सैन निठिकानों पर
10:33इससे पहले इसराइल ने हमेशा इरान पर रात के अंधेरे में हमला किया था
10:38पर ये पहली बार था जब सुभा के उजाले में इरान पर हमला होने वाला था
10:49यही वो वक्त था जब इजराइल से कुछ फाइटर जेट्स अपनी बेस से उड़ान भरते हैं
10:54इन फाइटर जेट्स में लंबी दूरी से मार करने वाले बेहत खातक हत्यार थे
10:59इन फाइटर जेट्स का रुख इरान की राजधानी तहरान के करीब था
11:10ठीक यही वो वक्त था जब इजराइली फाइटर जेट्स ने लंबी दूरी तक मार करने वाले वीजाही से
11:15तहरान के उस सबसे थाकतवर बिल्डिंग को निशाना बना है
11:19जिस बिल्डिंग में खामने की मौजूदगी की बात कही गई थी
11:23इस बिल्डिंग के करीब एक और बिल्डिंग थी जिस वक्त बिल्डिंग पर बम गिराए गए
11:28तब एरानी रिवलुशनरी गाट कॉपस के टॉप आफिसर एक बिल्डिंग में थे
11:33जबके खामने ये अपने फैमली के कुछ सदस्यों के साथ बराबर की दूसरी बिल्डिंग में
11:38बिल्डिंग पर कुल बारा बब गिराए गए
11:41ये सब कुछ सिर्फ एक मिनट में हुआ
11:44यानि साठ सेकंड में
11:46साथ सेकंड बाद इसराइल के फाइटर टेट्स वापस अपनी पेस की तरफ मुल चुके थे
11:51आज तक बिल्ड़
11:55आपरेशन खत्म हो चुका था लेकिन अभी ये साफ नहीं हुआ था
11:58कि इस हमले में खामने ये बजग गए ये मारे गए
12:01इसे के बाद आपरेशन का दूसरा पार्ट शुरू होता है
12:05इस दूसरे पार्ट में दरसल तलाश थी एक लाश की तस्वीर की
12:09उस तस्वीर की जिसे दिखा कर अमेरिका दुनिया को ये बता सके
12:14कि खामनी इस हमले में मारे गए
12:16और आखिरकार ये तलाश कुछ घंटों के बाद पूरी हो जाती है
12:26खामनी ये और टॉप इरानी ओफिशिल्स को निशाना बनाने के कुछ तेर बाद ही
12:30अमेरिका और इसराइल ने अब इरान की बाकि सैन निठिकानों पर बंबारी शुरू करती थी
12:36इसी के बाद पूरी दुनिया को पता चला कि अमेरिका और इसराइल ने इरान पर हमला बोल दिया है
12:42लेकिन घंटों बीच जाने के बाद में किसी को ये पता नहीं था
12:46कि इस हमले में आयतल्ला खामनी की मौत हो चुकी है
12:50असल में खुद टर्म और इजराइल पहले ये पुखता कर लेना चाहते थे
12:54कि हमले में खामनी की मौत हो चुकी है
12:57इस में कुछ वक लगा
12:58जिस बिल्डिंग में खामनी की मौत हुई
13:00उसी बिल्डिंग से खामनी की लाश की तस्वیरیں не गई
13:04उस तस्वीर को पहले सियाई ए और फिर मुसाद ने कन्फरॉम किया और जब ये पुखता हो गया कि ये
13:10खामनेई की हिलाश है तब सबसे पहले पहली बारे एक मार्ची देर रात तरके तीन बचकर सत्रह मिनट पर डोनेल
13:18ट्रम्प ने खामनेई की मौत को लेकर सोशल मीडिया
13:21पर इक पोस्ट डाई हाला कि तब तक 15 गंटे से ज़्यादा बीच चुके थे लेकिन एरान अभी खामनेई की
13:30मौत पर खामोश था बलकि एरान की तरफ से खामनेई की मौत को लेकर ऐसी तमाम खबरों को अफवाह बताया
13:36था लेकिन फिर लगभग 15 गंटे बार इरानी सरका
13:40आरी टीवी और नैस्टर मीडिया ने ये खबर दी कि एरान के रहनुमा आयतल्ला आली खामनी की मौत हो चुकी
13:48है
13:48रूह बुलंद और मलकूती कुह नस्टूह विलायाद फिदर मेहरबान उम्माद
13:56इस खबर के साथ ही पूरे एरान में मातम पसर गया बस महीने भर पहले तक जो लोग एरानी सरकार
14:04और खामनी से नारास थे
14:05वो खामनी के समर्थन में सड़कों पर उतरा है
14:08लोगों का सैला अब सड़कों पर था और सभी अपने लीडर की मौत का पदला लेनी की मांग कर रहे
14:16थे
14:29ये पर्शियन इम्पायर है जिसे एरान कहा जाता है
14:33पच्छिस सौ साल तक इस देश पर कई राजाओं ने हुकूमत की जिने शाहों के नाम से जाना गया
14:391950 में इरान की जंता ने मुहम्मद मुसादिक के रूप में एक धर्म निर्पेक्ष राजनीता को प्रधान मंत्री चुरा
14:47सक्ता में आते ही मुसादिक ने इरान के तेल का फाइदा सीधे अपने लोगों तक पहुचाने के लिए
14:53ब्रिटिश और यूएस पिट्रॉल होल्डिंग कमपनी का राज़्टे करन कर दिया
14:58ये वो वक्त था जब दुनिया सिकन्ड वल वार से उबन चुकी थी
15:02और अमेरिका को यकीन हो चला था कि उसके अंदर सुपर पावर बनने की पूरी सलाहियत भी है और मौखा
15:09भी है
15:09ल्याजा 1953 में उसने ब्रिटिन के साथ मिलकर एक साज़िश के तहर मुसादिक का तखता पलट कर दिया
15:16और एक लोकतांतरिक देश को राजशाही में तबदील कर मौम्मद रजा पहलवी को एरान का नया शाह बना दिया
15:2622 साल का शाह उस वक्त मशूर था अपनी आयाशियों और फिजूल खर्चियों के लिए
15:32कहते हैं आलम ये था कि उसकी पत्मी पानी नहीं बलके दूट से नहाया करती थी
15:36जबकि शाह का लंच रोजाना पैरिश से मंगवाय जाता था
15:41इस बात की परवा किये बगयर कि उसके अपने मुलक में लोग फूके मर रहे थे
15:46पहलवी राजवन्ष पर फिर से खत्रा नमन रहे और सत्ता पहलवी राजवन्ष के ही पास रहे
15:51इसलिए पहलवी राजवन्ष के आखरी शाह मुहम्मद रजा पहलवी ने अपनी एक बेरहम आंतरिक पुलिस सवाक की अस्थापना की
15:59जिसका एक ही मकसद था राजवन्ष के खलाफ उटने वाली किसी भी आवास को बड़ा बनने से पहले ही कुचल
16:06देना
16:12वहीं दूसरी तरफ दुनिया में ग्लोबलाइजेशन के दौर पर बाजार तंत्र हावी होने लगा था
16:18मगर इसके लिए जरूरी था एरान का पश्मी रंग में रंगना और शाह ने अगला कदम यही उठाया
16:24इरान के बाजार को दुनिया के लिए खोल दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि तहरान फैशन का हब बन गया
16:31कहते हैं उस दौर में फैशन पैरिस से पहले तहरान में आने लगा था
16:35अयाशी का कोई ऐसा सामान नहीं जो इरान की राज़धानी में मुहया नहो
16:4190 फी सदी शिया मुसलिम और करीब 9 फी सदी सुन्री मुसलिमों को
16:46शाह पहलवी का ये खुला रूप बिलकल भी नहीं भारा था
16:49उनके मताबक अमेरीका के दbाओँ में शाह पहलवी ने नसर्फ बुल्क को अ मेरीका के सामने गिर्मी रग दिया
16:56बलके एरान की तमीज और तहजीब का भी बेड़ा घरक कर दिया
16:59तरीब दस सालों तक एरान को पश्मी रंग में बदलते हुई
17:03अपनी आँखों से देखने के बार लोक शा पहलवी के खलाफ सड़कों पर उतरा है
17:08और इन लोगों की अगवाई इसलामिक लीडर आयतल्ला रुहला खुमैनी कर रहे थे
17:14शाह की सुरक्षा एजिंसियों ने फौरण आयतल्ला खुमैनी को ग्रफतार कर लिया
17:19और उन्हें 18 महीनों तक जेल में यातनाए दी
17:221964 में जेल से आजादी के लिए उनके सामने दो शर्टें रखी गए
17:27या तो वो शाह से माफी मांगे या देश छोड़ दे
17:30आयतल्ला खुमैनी ने दूसरा रास्ता चुरा और उन्हें देश से निकाल दिया गया
17:35उस दिन के बाद से वो अगले 14 साल इरान से दूर रहे
17:39पहले इराग फिर तर्की और फिर फ्रांस
17:42और इन सालों में खुमैनी वही से मुहम्मद रजा पहलवी को सत्ता से बेदखल करने का हाका ठीचते रहे
17:54फ्रांस में रहने के दौरान उनके संदेशों को मुलक में पंप्लेट और आडियो वीडियो मैसेज के जरिये लोगों तक पहुँचाय
18:01जा रहा था
18:02जो काम आयतुल्ला खुमैनी मुलक में रहकर नहीं कर पाए
18:05वो उन्होंने मुलक से बाहर रहते हुए कर दिया
18:08अब एरान में हर तरफ एक ही आवास थी आयतुल्ला खुमैनी जिन्दावार शाह पहलवी मुर्दावार
18:15लेकिन ऐसा कता ही नहीं था कि एरान में जो कुछ हो रहा था उससे दुनिया ने आखे बंद करनी
18:20थी
18:21खासकर अमयरिका ने शाह पहलवी का इरान की स्टा पर काबिज रहना
18:25अमयरिका के लिए उतना ही जरुरी था जितना कि उसके लिए सूपर पावर बने रहने की असली पावर
18:34उसे एरान और फारस की खाडी से मिल रही थी
18:37पश्मी एशिया में एरान एक बड़ा और बेहत अहम देश है
18:43नसरिफिस की सरहत अगल बगल के करीब आधा दरजन देशों के साथ लगती है
18:48बलकि महा सागरों और खाड़ियों के मामले में ये किसी भी देश से बेहतर स्थिती में है
18:54उत्तर में तर्केमेंश्तान, कैस्पियन सागर, अजरबैजान, पश्चिम में तर्की, ईराग
19:00और पूर्व में पाकिस्तान और अफगानिस्तान, दक्षिर में फारस की खाड़ी और रूमान की खाड़ी
19:07दोनों खारियों को जोड़ता है एक वाटर चैनल जिसका नाम है स्ट्रेट अफ हार्मोस
19:12इस स्ट्रेट अफ हार्मोस को गोर से देख लीज़े क्योंकि यही वो जगा है जो मौझूदा हालात में अमेरिका और
19:19इरान की जंग का मैदान बना हुआ है
19:23तो भौगलिक रूप से इरान की एहमियत इसलिए जादा है चूंकि वेपार के नज़रिये से और प्राकिर्टिक संसाधनों के मामलों
19:30में दुनिया में इस से बेहतर जगा कोई नहीं है
19:33तेल और गैस की खोज ने तो इस मुलक को सोने की खान बना दिया
19:38और इसलिए अकेले अमरिका ही नहीं बलके इस से पहले ब्रेटन और सोवियत यूनियन यहां अपने प्रभावों के लिए जद्दो
19:45जहत करते रहें
19:46अब इस इलाके को फिर से गोर से देखी
19:48फारस और रोमान की खाड़ी को जोडने वाले इस समुद्र की चोड़ाई महस 55 किलो मिटर है
19:54इसलिए इस इस इलाके में इरान से पंगा लेने का मतलब है
19:58तेल और निर्भर मुलकों के लिए खुदकुशी के बराबर
20:01क्योंकि दुनिया की 20 फिसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है
20:05जब तक शापहल वी मुलक पर काबिज रहे
20:07तब तक एरान नसर्फ अमेरिका के लिए बाजार था
20:10बलकि ज़्यादा तर तेल और गैस संसाधनों पर उसका कबज़ा भी रहा
20:14इस दौरान अमेरिका ने एरान का जम कर इस्तमाल किया
20:18और अपनी इसी दोस्ती के बल पर कई बड़े कूटनी तिक फैसले लिए
20:22जिसने उसे सूपर पावर से भी पावरफुल बना दिया
20:25आज तक प्योड़ो
20:27तो वारदात में फिलाल इतना ही
20:30मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए
20:32आप देखते रही आज तक
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