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00:30बाई मैं तो पूरी कोशिश करता हूँ के पैसे टाइम पर ढूँ पर क्या करूँ दुकान आज कल ठीक नहीं
00:36चल रही
00:37बिटो तरी दुकान ठीक से चले ना चले माली की दिम्मेदारी नहीं
00:47ये कहकर वो आदमी वहां से चला जाता है जबके उसी गाओं में मीठे नाम का लड़का अपनी बीवी नसीबो
00:56कैंची के साथ रहता था
00:57मीठा जंगल में जाता था और परिंदे पकड़ता था और उन्हें बजार में लाकर बेचा करता था
01:04ये असली और नसली परिंदे वो भी सस्ते दामों में आओ आकर ले जाओ तब ही दो आदमी आते हैं
01:12भाई परिंदे तो तुम्हारे सच में बहुत प्यारे हैं ये पीले वाला परिंदा कितने का तोक है
01:18भाई ये मेरी तरह खुबसूरत और हसीन परिंदा आपको सिर्फ और सिर्फ 800 रुपे का दूंगा
01:23भाई परिंदे तो आपके अच्छे है पर इनके दाब आप बहुत ज्यादा बाग रहे हो
01:28हाँ भाई मेरे दोस ठीक बल रहा है आपके दाब थोड़ा जाओ रहा है
01:37हाँ भाई मेरे दोस ने आपको इनका बहुत अच्छा भेट लगा दिया है
01:42थीक है भाई लोगों आप भी क्या याद करोगे दो पैसे और ये पांचो परिंदे ले जाओ
01:47फिर वो पैसे देते हैं और परिंदे ले जाते हैं मीठा बहुत खुश हो रहा होता है
01:53वा आज तो मेरे मज़े लग गए सारे परिंदे इतनी जल्दे और अच्छे दामों में बिग गए
01:58मीठा खुशी खुशी घर आ जाता है
02:01मीठे क्या बात आज तू बहुत खुश लग रहे
02:12मीठे मेरे जाड के टोटे तू तो बहुत अच्छे शिकारी के साथ बहुत अच्छा करो बारी भी बढ़ गया है
02:18मीठे तू इसकाम में दिल लगा के काम करे इस तरह मारे पास खुब पैसा जा पिका
02:23फिर शाम हो जाती है बिट्टू उदास परेशान घर आ जाता है
02:28बिट्टू जे क्या हुआ आप बहुत परेशान लग रहे हो
02:31बेगम बात ही परेशानी वाली है मैं जिससे दुकान का समान लेता हूँ
02:36उसने मुझे आज का दिन दिया है अगर कल तक उसे समान के पैसे ना दिये तो वो दुकान समान
02:43समेट खाली करवा लेगा
02:44बिट्टू ये तो सिद्मे बहुत परेशानी वाली बात है अब आप क्या करोगे
02:49बेगम अल्ला माली कहें देखते हैं कल क्या बनता है
02:53फिर अगला दिन होता है बिट्टू अपनी दुकान पर खड़ा होता है
02:57तो वो आदमी दो बदमाशों के साथ वहां पर आता है
03:01आ लड़के पैसों का बंदो बस्त हो गया
03:04वो वो भाई मुझे कुछ दिन का ओर टाइम देडें मेडे पास अभी को पैसे नहीं है
03:10वो बिट्टू की एक नहीं सुनते और दुकान खाली करवा लेते हैं
03:15बिट्टू परिशान वहां से चला जाता है
03:18जबके दूसरी तरफ मीठा रोस की तरहां बजार में परिंदे बेच रहा होता है
03:24बिट्टू का उस बजार से गुजर होता है
03:27क्या हुआ मोटे तो आज बहुत परिशान लग रहा है
03:41अच्छा मीटे भाई ये बताएं कि आपका परिंडो का काम कैशा चल रहा है
03:47मेरा तो काम एकदम मस्त चल रहा है
03:50जंगल से परिंदे पकड कर आता हूँ
03:52और इन्हें अच्छे दामों में बेच देता हूँ
03:54ये सुनते ही बिट्टू सोचने लगता है
03:57क्यों ना मैं भी जंगल जाकर परिंडे पकड़ूं
04:00और इन्हें बजार में बेचूं
04:02मोटे क्या सोच रहा है
04:03कुछ नहीं मीठे भाई अच्छा अब मैं चलता हूँ
04:07फिर बिट्टू वहां से चला जाता है और घर आ जाता है
04:11क्या हुआ बेटू आज अब इतनी जल्दी घर वापिस आगे सब खेर तो है
04:15बेगम सा मान के पैसे ना देने की वज़ा से उन्होंने मुझसे दुकान खाली करवाली
04:21हाई बेटू ये तो बहुत बुरा हुआ
04:23अब हम गुजारा कैसे करेंगे
04:25बेगमा परशान मत हो
04:27मेरे जहर में एक बहुत अच्छा काम आया है
04:29मैं भी मीटे भाई की तड़ा जंगल से परिंदे पकड़ कर आऊंगा
04:34और इन्हें बाजार में अच्छे डामों में बेच दिया करूंगा
04:37हाई बेटू आब यही काम करो
04:47फिर अगला दिन होता है और बिटू घर से निकलता है और जंगल आ जाता है
04:53बिटू परिंदों की बहुत तलाश करता है पर उसे कोई परिंदा नजर नहीं आता
04:59बिटू ठक हार कर एक दरख्त के नीचे बैड़ जाता है
05:03तो उसकी अचानक नजर एक मुर्गी पर पड़ती है
05:14फिर बिटू चुपके से जाता है और मुर्गी पकड़ लेता है और बाजार बेचने आ जाता है
05:22ये लो मुटी से हटमन का जायत से बड़पूर मुर्गी वो भी मुनाशिक डामों में आओ आकर ले जाओ
05:35ये कहकर वो बंदा वहां से चला जाता है इस तरह वो ग्राहक भी यही बोलते हैं
05:42बिटू परेशान हो जाता है और वो मुर्गी लेकर घर आ जाता है
05:47वा बिटू आश्के चंगल से बड़ी सेहत मन मुर्गी पकड़ कर लाए हो
05:51बेगम क्या आपको ये मुर्गी नजडा रही है
05:54बिटू ये आप कैसी बात कर रहे हो इतनी सेहत मन मुर्गी हाथ में पकड़ कर ऐसा क्यों बोल रहे
06:00हो
06:00फिर बिटू चम्मो को सारी बाते बताता है जिससे सुनकर चम्मो भी हैरान हो जाती है
06:19फिर वो मुर्गी को जिबा करने लगते है तो उसमें से एक चुडेल बाहर आ जाती है
06:26और इनसानों तुम लोगों ने मुझे इस मुर्गी से आज़ात करवा कर बहुत अच्छा काम किया है
06:33पर पर चुडेल बाजी आप इस मुर्गी में क्या कर रही थी
06:37इनसान मुझे एक जातू गंड़ इस मुर्गी में गैद गर दिया था
06:41और इसने असा मुंतर पड़ा था कि मैं सिर्फ तुम दोनों कोई नजर आ सकती थी
06:46जब ही वे जंगल में खुद तुम्हारे साब ने आ गई
06:49अब मैं तुम दोनों को मुर्गी के अंदर ले जाकर उड़ती उड़ती उड़ती अपने घर कोकाफ चली जाओगी तो चुड़ेल
06:56बाजी हमें अपने साथ मत लेकर जाए हमने तो आपको आज़ाद करवाया है
07:14तो मैं तुम दोनों के खुआश फूरी करेंगे मांगो क्या मांगते हैं वो वो चुड़ेल बाजी मेरी खुआश ये है
07:21कि आप हमारे घर के पीछे कैसा चोटा जंगल बना दें जहां परिंदे आ जाया करें ताकि मैं उन्हें बजार
07:28में बेच शकूँ
07:29पर इंसान मैं तो तुम लोगों को अपने साथ ले जा रही हूँ तो तुम जंगल बनवाकर परिंदों का चाल
07:36डालोगा है
07:37वो वो चुड़ेल बाजी हमें पांच दिन का टाइम भी डेड़े ताकि हम पांच दिन में अपनी जिन्देगी मज़े से
07:43गुजार लें
07:50ये कहकर वो चुड़ेल दुबारा मुर्गी के अंदर चली जाती है फिर अगला दिन होता है तो बिट्टू और चम्मो
07:59देखते हैं घर के पीछे जंगल बना होता है और बहुत सारे परिंदे बैठे होते हैं
08:05फिर बिट्टू कुछ परिंदे पकड़ कर बाजार ले आता है तो मीठा उसके पास आता है और मोटे पेट वाले
08:13गेंडे तूने भी जंगल से परिंदे पकड़ना शुरू कर दिये तेरी वज़ा से मेरे हाथ आजे की परिंदा नहीं लगा
08:20मेरे पुत अगर अब तो जंग
08:35मैं आपको एक सच बताना चाहता हूं असल में ये परिंदे मैंने जंगल चे नहीं पकड़े एक चुडेल बाजी है
08:43जिन्होंने मुझे ये परिंदे दिये हैं और अब वो मुझे और मेरी बीवी को सोने की दुनिया में ले जाएगी
08:49फिर हम वहां से खूब सोना लेकर आए
08:52ये सुनकर मीठा हैरान हो जाता है ये मोटा तो बहुत तेज निकला ये सोने की दुनिया में क्यों जाएं
08:59मैं और नसीब सोने की दुनिया में जाएंगे मीठे भाई आप क्या सोच रहे हो कुछ नहीं अच्छा बिटू मेरे
09:06प्यारे भाई ये बताओ वो चुडेल कहां मिल
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11:33अगले दिन ही बिट्टू अपने जंगल से परिंदे पकड़ता है और खुशी खुशी बाजार में बेच रहा होता है