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Corporate Boardrooms: A new report by KPMG and AIMA, has has been published before Women's Day 2026, reveals the uncomfortable truth about gender balance in Corporate India. While more women aspire to leadership, only a small fraction reach top boardroom positions. From broken promotion ladders to mid-career burnout and bias, the data exposes why progress remains slow. Are companies truly ready for equality, or is it just talk? Here’s what the numbers really say.

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Transcript
00:00माम आप इतनी देर तकıs ऑफिस कैसे बानच कर लेती हैं? घर कौन संफालता है?
00:05एक सीनियर महिला मैनेजर से पूछा गया ये सवाल सुनने में शायद छोटा लगे, लेकिन इस एक लाइन में भारत
00:13के कॉर्पोरेट बोर्ड्रूम की असली कहानी चुपी हुई
00:16चमकते इमारते, क्लास के केबिन्स हैं, बड़े बड़े टाइटल है, सब कुछ modern और advanced दिखता है
00:22पर तस्वीर बदलती है जब उसी boardroom का chair count सामने आता है
00:26अभी जिस सवाल का जिक्र इस वीडियो के शुरुआत में मैंने किया था
00:31वो बस इसलिए नहीं कि हम कुछ दावे करना चाहते हैं या कोई थियोरी आपके सामने रख रहे हैं
00:35वो इसलिए कि हम facts आपके सामने रख रहे हैं
00:39Corporate India की चमकदार इमारतों के पीछे एक खामोश सच्चाई चिपी हुई है
00:44जो हाल ही में सामने आई KPMG और AIMA की एक report
00:49Women Leadership Inc. इंडिया 2026 के आखड़ों में
00:54200 से ज्यादा professionals के सर्वे पर आधारत इस report में
00:5962% women यानी 62% महिलाएं और 38% पूरुष शामिल थे
01:05अलग-अलग sectors, education से 21% इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस
01:10manufacturing से 15% financial services से 12% ये data इन सारे sectors से लिया गया
01:16तस्वीर साफ निकल कर आई, बदलाव हो रहा है लेकिन बहुत थीमा
01:20अगर 10 लोगों की leadership की team है तो औसतन सिर्फ दो महिलाएं
01:25उस टेबल पर बैठती है
01:262024 में 35% organizations में 30% से ज्यादा महिलाएं leadership role में थी
01:332026 में या आखड़ा बढ़कर 44% हो गया
01:37सुनने में progress लगेगी लेकिन पूरी तस्वीर देख लीजे एक बार
01:4146 वीसिदी कंपनियों में महिलाओं की हिस्सदारी अब भी
01:4510 से 30 स्वीसिदी के बीच अटकी है
01:4810 स्वीसिदी organizations में top level पर एक भी महिला नहीं
01:51और पिशले 5 सालों में 30 स्वीसिदी कंपनियों में कोई सुधार नहीं हुआ
01:55कुछ में तो बलकि किरावट आ गई है
01:57अब सबसे बड़ा मित सुनिया
01:59महिलाएं खुद आगे नहीं बढ़ना चाहते
02:01रिपोर्ट इससे सीधे खारच कर रही है
02:04उन्या से फीसिदी यानि 79%
02:06विमन लीडर्शिप रोल्स चाहती है
02:0952% सी सूट
02:11यानि CEO, CFO जैसी
02:13पोजिशन तक पहुँचने का सपना देखती है
02:15यानि महत्व कांग्शा की कमी नहीं है
02:17कमी है रास्ते की बराबरी में
02:19इस रिपोर्ट में एक इंपोर्टन फ्रेज है
02:22ब्रोकन रांक
02:22यानि पहली प्रोमोशन की सीड़ी
02:25जहां से करियर की असली रफ्तार शुरू होती है
02:27यहीं सबसे ज्यादा फिसलन है
02:30भारत में 74% और्गनाईजेशन में
02:33लंबे समय से काम कर रही
02:35महिलाओं में से 30% से भी काम
02:37लीडर्शिप तक पहुँच रही है
02:38कई जगा यह आकरा 10% से भी कम है
02:41जबकि पुर्शों में 68% और्गनाईजेशन ने माना
02:45कि 30% या उससे ज्यादा पुरुष लीडर्शिप तक पहुँच चाते है
02:49शुरुआत बराबर लेकिन आगे बढ़ने की रफ्तार अलग-अलग
02:52मिट केरियर वो दौर है जहां सपने और जिम्मेदारियां टकराते है
02:5665% लोगों का मानना है कि इसी इस्तर पर महिलाई सबसे ज्यादा बाहर हो जाती
03:0148% ने work-life balance और burn-out को सबसे बड़ी चुनौती बताया
03:0638-40% ने परिवार और caregiving जिम्मेदारियों को वजह माना
03:1124% ने gender bias का नुभव किया है
03:1449% महिलाओं ने स्विकार किया कि उन्हें उनके workplace पर भेदभाव से देखा गया
03:21या फिर उन्होंने वो भेदभाव जहला
03:32सबसे जादा चुबने वाला आकड़ा सुनिये
03:34सिर्फ 28 वीसिदी कर्मचारियों को promotion process unbiased लगी है
03:39यानि 10 में से 7 लोगों को system पर भरोसा ही नहीं है
03:42pay parity पर भी सिर्फ 42 वीसिदी लोग मानते हैं कि salary या wages बराबर है
03:48आठमाज को women's day है और अब हमें ये तैय करना होगा कि क्या हम सिर्फ तालियां बजाएंगे तारीफ करेंगे
03:55या system भी बढ़लेंगे
03:56बराबरी की बात करना असान है लेकिन उसे लागू करना हिम्मत और साहस माग रहा है
04:01आज अगर 10 में से 2 महलाएं टेबल पर है तो ये उनकी शमता की कमी नहीं है
04:05व्यवस्था की कमजोरी है
04:07सवाल अब ये नहीं कि महलाएं तैयार है या नहीं
04:10सवाल ये है कि क्या corporate अंडिया सच में तैयार है
04:13इसी सवाल के साथ आपको छोड़के जा रहे है
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