00:27।
00:29मैं अभी मौजूद हूँ हाजिपुर के कौनहारा घाट पे जहां गंगा कास और गंडग का संगम अस्थल ही यह वही
00:35घाट है जहां पे गज गड़ा की लड़ाई हुई थी और सिरीहरी विश्नु गज की रक्षा के लिए आए थे
00:40लेकिन आज का मुद्दा बिलकुल अलग ह
00:48इस चर्चा है कि जो मसान होली होगी उसमें जो सब जलता है उसके राक से भी होली होगी
00:56हाजीपुर के वैशाली में इस महत्सव के संरक्षक और मातारा तंत्रपीठ के महंत श्री महकाल बाबा ने बताया कि इस
01:05होली के लिए चिताओं की ताजी भस्म का उपियोग किया जाएगा
01:35मसान होली खेलने के लिए राक कैसे लाई जाएगी यह सवाल जब हमने महकाल बाबा से पूछा तो उन्होंने बताया
01:54कौन हरा घाट के शमशान भूमी पर मौझूद मातारा संस्थान से काफी लोग जुड़े हुए हैं
02:00जो बताते हैं कि यहाँ पिछले चार साल से मसान होली का आयोजन किया जा रहा है
02:28मसान होली को राख का तेवहार भी कहा जाता है
02:31यह तेवहार मोह माया के जाल से मुक्त होने को दर्शाता है
02:36पौरानिक कथाओं के मताबिक मसान होली की शुरुवात भगवान शिव नहीं की थी
02:41हाजीपुर से ETV भारत के लिए रंजीत पाठक की रिपोर्ट
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