00:04भारतिय पारंपर एक संस्रुती में शादी की बाद बहु की पहली होली माईके में मनाने की प्रथा सदियों पुरानी है
00:11ये परंपरा सिर्फ एक रिवाज नहीं बलकी प्रेम, अपनापन और भावनात्मक जुडाव का सुन्दर प्रतीक है
00:17इसके पीछे कई सामाजिक और धार्मिक कारण भी है
00:20शादी के तुरंत बाद लड़की एक नए घर, नए लोगो और नए माहौल में जाती है
00:24वही होली जैसे रंगो और शोरगुल वाले तेवहार के दोरान उसे असहश्ता महसूस न हो
00:29इसलिए माना गया है कि पहली होली वो अपने मायके में अपने परिवार अपने बच्पन के वातावरन में ही मना
00:35है
00:35इस्सों से भावनात्मक, इस्थिरता मिलती है और नए रिष्टों में ढ़लने के लिए समय भी मिलता है
00:41भारतियस अंस्कृति में बेटी हमेशा अपने मायके के लिए प्रिय मानी जाती है
00:45शादी के बाद पहली होली पर उसे मायके बुलाना प्यार, सम्मान और अधिकार देने का तरीका है
00:50ये संकेत है कि शादी के बाद भी लड़गी का मायका पर पूरा हक है
00:54शास्त्री मानिता के अनुसार बहु कमाय का जाकर पहली होली मनाना ससुराल और माय के दोने परिवारों को शुबता और
01:01समर्दी देता है
01:02मानिता है कि माय के से खुश होकर आने वाली बहु ससुराल में सुख और सकरात्मकता लेकर आती है
01:09होली, रंगो, मस्ती और परिवार के साथ बिताने वाला त्योहार है
01:13नई दुलहन को माता-पिता से मिलकर भावनात्मक सयोग मलता है
01:17ये उसके लिए एक तरह से emotional recharge का काम करता है
01:21पुराने समय में होली पर माहौल, अने अंतरत, रंगो और पानी का अधिक उपियोग और सफर लंबा होता था
01:27नई दुलहन को ससुराल में रंग खेलनी की जिजग भी रहती थी
01:30इसलिए परिवार वाले उसे सुरक्षत माहौल यानि कि उसको माईके भीजते थे
01:35कई राज्यों में तो उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, हर्यान ये परंपरा आज भी निभाई जाती है
01:41इसे शगुन मानते हैं
01:43पहली होली के माईके से बहु जब वापस आती है तो ससुराल में उसे उपहार, आशरवाद और पूर्ण संबान मलता
01:48है
01:48ये सर्फ रीती नहीं बलकि प्यार, सुरक्षा और भावनात्मक जुडाओं का सुन्दर प्रतीक है
01:55आप सब को हैप्पी होली
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