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इजरायल में PM मोदी के सम्मान से कौन परेशान? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:03नमस्कार मैं हूँ अंजिना वंकशिप और ब्लाक इड़ वाइट में आपका स्वागत है
00:13आज सबसे पहले हम आपको वो आशू दिखाएंगे
00:16जो तभी तपकते हैं जब घाजा में किसी की मौत होती है
00:20क्योंकि आखे सिर्फ फिलिस्तीन के मुसल्मान में ही भाईजान देख पाती है
00:25लेकिन जब अफगानिस्तान में मुसल्मानों के बच्चों को बेरहमी से मारा जाता है
00:29तब इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता
00:31बले ही अफगानिस्तान के मासूमों की हत्याएं माहरमजान में की जा रही है
00:36पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान के मुसल्म माओं की गोद उजाड रहा है
00:41लेकिन मजाल है कि पचास से ज़ादा मुसल्म देशों को जरा सी भी तकलीफ हुई हो
00:46लेकिन जब इसराइल गाजा पर हमला करता है
00:49तो सब सेफ फिलिस्तीन के नारे लगाते है
00:53आज हम इसी पाकंड की पोल खोलेगे
00:55ये तस्वीरे जो अफगानिस्तान से आ रही है वो आपको जगजोर देंगी
00:59इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के इसराइली दोरे का विशलेशन करेंगे
01:02जब भारत की संसद में इसराइल के खिलाफ जए फिलिस्तीन के नारे गुंचते हैं
01:06तब इसराइल की संसद में जए भारत की गुंच को सुना गया
01:10यहां तक कि इस्राइल के प्रधान्वंत्री बेंजमिन नेतन्याहू प्रधान्वंत्री मोधी की तरह भारतिय परिधान में नजर आए
01:16आज भले हमारे देश के कुछ नेता फिलिस्तीन को मुद्दा बनाकर प्रधानवंत्री मोदी के इसराइल दोरे का विरोध कर रहे
01:22हूँ
01:22लेकिन सच यही है कि प्रधानवंत्री दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में से एक है
01:26जिने फिलिस्तीन और इसराइल दोनों देशों ने अपना सरवोच सम्मान दिया है
01:34इसके बाद आपको बताएंगे कि कैसे स्वामी अभी मुक्तेश्वरा नंद की मुश्किलें बढ़ ले
01:39उन पर दो नाबालिक बच्चों के यौन्ट शोशन के आरूप लगाए है
01:42और अब मेडिकल रिपोर्ट में यौन्ट शोशन की पुश्टी भी हो चुकी है
01:47जिसके बाद सवाल पूछा जा रहा है कि क्या अब अभी मुक्तेश्वरा नंद की गिरफतारी हो सकती है
01:53और मेरी AI वर्जिन आज आपके पास कौन सी ख़बर है
02:00हाज मैं नौर्थ कोरिया से AI परेड की तस्वीरें दिखाऊंगी
02:04इन तस्वीरों ने अमेरिका को बेचैन कर दिया है
02:06किम जोंग उनने इस परेड में अमेरिका और साउथ कोरिया को परमाणू हमले की धमकी दे डाली
02:12हम एक सवाल पूछना चाहते हैं कि अगर घासा में मरने वाले मासूम बच्चों की तस्वीरें दुनिया भर के लोगों
02:18की अंतरात्मा को जगजोर सकती है
02:20तो फिर अफगानस्तान में मरने वाले मासूम बच्चों की तस्वीरें किसी को विचलित क्यों नहीं करें
02:25और आखिर दर्द के इस दर्दनाक पहलू की कोई क्यों नहीं बात करता
02:31ये तस्वीरे आठ साल के नूर आलम की है
02:35जिसने पाकिस्तान के हवाई हमले में अपने पूरे परिवार को खो दिया है
02:41नांगरहार प्रांत में हुए इस हमले में कई आम मुसल्मानों ने
02:44पवित्र रमजान के महीने में अपनी जान गवादी इन मुसल्मानों की जान लेवा देश जो इनके लिए बना है
02:52जो जान लेने वाला देश है वो कोई और नहीं बलकि पाकिस्तान है
02:56वही पाकिस्तान जो खुद को मुसलिम उम्मा का ठेकेदार बताता है
02:59लेकिन अफसोस की बात ये है कि इन मुस्लिम बच्चों का जीवन तबाह करने के लिए कोई भी देश पाकिस्तान
03:05की आलोचना नहीं कर रहा है
03:06इस्राइल की आलोचना सूट करने के हिसाब से की जाती है
03:09फिलिस्तीन का मुद्दा अपनी सहूलियत से उठाई जाती है
03:12लेकिन इन बच्चों का दद क्यों नहीं पहुँच रहा है
03:16उन मानवाधिकारों के बड़े स्तंभोता
03:18ना तो अब तक संयुक्त राश्रु में इस पर कोई विशेश प्रस्ताव लाकर
03:21अफगानिस्तान के इन मुस्लिम बच्चों के प्रती समवेदना ही जताई गई हो
03:25ना ही और्गनाइजेशन अफ इस्लामिक कोउपरेशन के 57 मुस्लिम देशों ने इसकी निंदा की है
03:32क्या कसूर है इस बच्चे का
03:34अज बड़ा सवाल ये है कि अगर मरने वाले बच्चों की पीड़ा मारने वाले लोगों का धर्म देख करते होने
03:41वाली है
03:41तो इनसानियत और मानवता का ये ढोंग दूनिया में क्यूं किया जा रहा है
03:46क्या ये सच नहीं है कि घाजा में मरने वाले बच्चों की मौत का कारण
03:50यहूदी धर्म को मानने वाला इसराइल है
03:52इसलिए घाजा के मुसिलिम बच्चों पर समा सुबाथे है
03:55जै फिलिस्टीन सेफ
03:57फिलिस्टीन के नारे लगाते हैं
03:58अफगालिस्तान में गरीब मुस्लिम बच्चों उनके परिवारों पर बंबरसाने वाला देश
04:03Islamic Republic of Pakistan है इसलिए इन बच्चों की चीक पर चारों तरफ खामोशी है
04:12और यहाँ बाद सिर्व अफगालिस्तान की नहीं है युद्ध तो यूक्रेन में भी चल रहा है
04:16जहाँ पिछले चार सालों में 763 मासूम बच्चों की जाने जा चुकी है
04:2110,000 से जादा मासूम बच्चों ने अपने परिवार को खो दिया है
04:24लेकिन कि आपने कभी किसी को हमारे देश में जै यूक्रेन का नारा लगाते हुए देखा
04:29या संसद में किसी को यूक्रेन के नाम से बैग लाते हुए देखा
04:33सोचे आखिर धर्म के नाम पर ये कौन सा धर्म युद्ध खेला जा रहा है
04:37जिसमें दर्द को भी सेलेक्टिव बना दिया गया है
04:41हम चाहते हैं कि आज पूरी दुनिया अफकालिस्तान के इन रोते बिलखते बच्चों का दर्द सुने
04:47जिन्होंने पाकिस्तान के हमलों में अपने परिवार को खो दिया
04:50और इनमें एक बच्चा तो ये कहता है कि वो और उसका भाई ईद पर एक जैसे कपड़े पहनने वाले
04:56थे
04:56लेकिन इस हमले ने सब कुछ खत्म कर दिया अब वो पूरी तरह तूट चुके है
05:01देखिए
05:04और इसलिए आज हमने ये विडियो और इसके साथ ब्लाक इन वाइट की शुरुआत की है
05:07किसी ने सही कहा है कि कुछ दर्द कैमरों के सामने पैदा होते हैं जब कि कुछ दर्द अंधेरे में
05:12दम तोड़ देते हैं
05:14और इन बच्चों का दर्द उन्ही में से एक है
05:16फिलिस्तीन के नाम पर प्रदानवंत्वी मोदी के इसराइल दौरे का विरोध कर रहे है
05:19और इस विरोध का एक बड़ा कारण ये तस्वीरें भी है
05:22जब भारत की संसद में इसराइल के खिलाफ जै फिलिस्तीन के नारे गुंचते हैं
05:27तब इसराइल की संसद में जै भारत की गुंच को सुना गया
05:30और इसराइल ने भारत के साथ अपने रिष्टों को व्यापक अटूट अटल स्थाई भरोसे मंद बना लिया है
05:36ये द्रिश्य इसराइल की उसी संसद के है
05:39जहां प्रधानमंत्री मोदी ने नेसेत में 32 मिनट लंबा भाशन दिया
05:43और वो ऐसा करने वाले भारत के इतिहास के पहले प्रधानमंत्री बन गए
05:47ये भाशन इसलिए भी एतिहासिक रहा क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने
05:5127 अक्टूबर 2023 को इसराइल में हमास त्वारा किये गया आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की बिना हिचक
05:57आतंकी संगठन का नाम लिया
06:00ये कहा कि भारत इसराइल के दर्द को महसूस भी कर सकता है और कोई भी कारण आतंकवाद को सही
06:06नहीं ठहरा से
06:08प्रदानुति मोदी के इसराइल के उन जखमों पर मरहम लगाने का काम किया जिन जखमों को दुनिया ने पूरी तरह
06:15नजर अंदास करने की कूश रही पूरी दुनिया में गाजा पर सेने हमले करने के लिए इसराइल की तो खूबा
06:20आलोचना हुई
06:20लेकिन इन हमलों से पहले हमास ने इस्राइल के लोगों का जस्तरा से खून बहाया था
06:26उस पर किसी ने चिंता हमदर्दी नहीं जताई और किसी ने
06:30All Eyes on Israel नहीं कहा
06:34लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा करके इस्राइल को अपना समर्थन दिया
06:37हमने ये भी स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद पर हमारा कड़ा रुख कभी नहीं बदलेगा
06:43इस्राइल के इसी संसद में प्रधानमंत्री मोदी को
06:45नेसिट के सर्वोच सम्मान स्पीकर मेडल से भी समानत किया गया
06:49और वो इस समान को पाने वाले दुनिया के पहले नेता बनी इसके जरीए
06:54इस्राइल ने ये बताने की कोशिश की कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इस्राइल के
06:58रणनीतिक संबंदों को सशक्त बनाने के लिए जो प्रयास किये है वो असाधारण है
07:32झीक
07:50अज भले हमारे देश के कुछ नेता है फिलस्तीन को मुद्दा बना कर प्रधानुती मोधी के इस्राइल दौरे का विरोध
07:55कर रहे हूँ
07:56लेकिन सच यही है कि प्रधानुती दुनिया के उंच्छनिंदा देशों में से एक में गए है जिने फिलस्तीन और इस्राइल
08:03अगर आप देखें एक नेता के तौर पर तो फिलस्तीन और इस्राइल दोनों देशों ने अपना सर्वोच्छ समान प्रधान मंत्री
08:10नरेंद्र मोधी को दिया है
08:11साल 2018 में जब प्रधान मंत्री मोधी फिलस्तीन के दौरे पर गए थे तब पैलस्तिनियन नाशनल अथोरिटी के राश्रोपती
08:20मेहमूद अबास ने अपने सर्वोच्छ नागरिक सम्मान उन्हें दिया था जिसे ग्रांड कॉलर ऑफ दे स्टेट ऑफ पैलस्ताइन कहा जाता
08:27है
08:28और फिर बीते दिन इस्राइल ने दिया अब इस्राइल की संसद ने भी उन्हें अपने सर्वोच्छ समान स्पीकर मेडल से
08:35सम्मानित किया है
08:37यहां राजनीती करने वाले लोग ये भूल जाते हैं कि जब साल 2018 में प्रधानवंती मोदी फिलिस्तीन में वेस्ट बैंक
08:42के दौरे पर गए थे
08:44तब उन्होंने इस्राइल का दौरा नहीं किया था और उस वक्त तमारे देश में एक भी नेता ऐसा नहीं था
08:50जिसने ये कहा हो कि प्रधानवंती मोदी अगर वेस्ट बैंक जा रहे है तो वो इस्राइल भी उनको जाना चाहिए
08:56क्यों नहीं इस्राइल भी जा रहे है लेकिन आज ऐसे नेताओं की लाइन बहुत लंबी है
09:00जो इस बात पर दुख जता रहे है कि प्रधानवंती मोदी अपने इस्राइल दौरे पर गाजा या वेस्ट बैंक क्यों
09:06नहीं गए
09:06पिश्री बार जब गाजा वेस्ट बैंक गए थे तो इस्राइल नहीं गए थे
09:10भारत ते करेगा
09:11इस सवाल का सही जवाब यही है कि अब हम फिलस्तीन और इस्राइल में से किसी एक को नहीं चुनना
09:16चाहते है
09:16बलकि अब हम इस्राइल और फिलस्तीन दोनों के साथ परस पर रिष्टे रखना चाहते है
09:21और यही कारण है कि जब प्रधानवंत्वी मोधी वेस्ट बैंक जाते है तो वो फिलिस्तीन के साथ अपने रिष्टों को
09:27महत्व देते है और जब वो इसराइल जाते हैं तो वो इसराइल के साथ अपने सामरिक रिष्टों को मजबूत करते
09:32हैं आतंकवाद के खिलाफ बोलते
09:36और अब हम दोनों रिष्टों को साथ मिलाकर पुरानी घल्तियां नहीं दोहराना चाहते हैं
09:41आज आपको इन तस्वीरों को भी देखना चाहिए जिनमें इसराइल के सांसिदों के बीच प्रधानवंत्वी मोदी के साथ सेलफी लेने
09:46की होड दिखी
09:47और वहां मौजूद हर नेता यहीं कह रहा था कि मोदी एक शांदार नेता है इसराइल उन्हें बहुत पसंद करता
09:53है देखे
10:34और यह पहली बार नहीं हुआ है जब किसी दूसरे देश की संसद में प्रधानवंत्वी मोदी की ऐसी लोगप्रियता नजर
10:40आई है
10:41साल 2023 में जब प्रधानवंत्वी मोदी ने यूएस कॉंग्रस को संबोधित किया था तब भी अमेरिका की कई सांसदों ने
10:47उन्हें सेल्फी और आटोग्राफ के लिए इस तरह से उनके पास चले गए उस वक्त भी इन तस्वीरों की पूरी
10:54दुनिया में काफी चर्चा हु�
10:56यह जरूर निर्वर करता है कि चाहे वो इसराइल हो जहां पर विपक्ष के कई नेता वॉक आउट कर गये
11:01या फिर अमेरिका जहां पर कई जो प्रतिद्वन्दी है बहां पर विपक्षी पार्टिया है वो कई बार विरोध भी करती
11:07है लेकिन ये भी तय है कि जो संसदों का
11:11नेताओं का हुजूम उनके साथ फोटो कीचना चाहता है उनके साथ दिखना चाहता है उनकी ज्यादा तर वहाँ पर लोग
11:18प्रियता दिखाई देती है कल भी इसराइल की संसद में ऐसे ही दृष्ष देखने को मिले और ये दृष्ष यही
11:22बताते है कि प्रधानवंत्री मो
11:34मोधी को सोशल मीडिया की दुनिया का सबसे बड़ा पुलिटिकल इंफ्लूएंसर कहा जाता है मैं आपको बड़ी स्क्रीन पर इसे
11:40दिखाना चाहती हूँ क्योंकि जब आप बड़ी स्क्रीन पर देखेंगे तो आपको समझ में आएगा प्रधानमंत्री मोधी दुनिया के
11:46पहले ऐसे राजनेता बन चुके है जिनके इंस्टाग्राम पर कुल फॉलोर्स की संख्या 100 मिलियन यानी 10 करोड हो गई
11:56है इसी सूची में दूसरे स्थान पर राश्रपती ट्रम्प के 4 करोड 32 लाग फॉलोर्स है जो प्रधानमंत्री मोधी के
12:04फॉलोर्स से आधे से भी कम ह
12:06मतलब 5 करोड से भी कम है प्रधानमंत्री के 10 करोड फॉलोर्स है उसके बाद तीसरे स्थान पर जेलन्स्की है
12:14युक्रेइन के वलौदिमेर जेलन्स्की जिनके 1 करोड 61 लाख फॉलोर्स है और उसके बाद आप आजाएं प्रुबो वो सुभ्यान्तो जो
12:23के इंडोनेशन हे�
12:25उनके डेड़ करोड है, मुझे तो लगता है अगर आप ये तीन चार मिला लिजिए, चार करोड, पाँच करोड, छे
12:31करोड, साथ करोड, आठ करोड, आठ करोड, बत्यस लाग, इन चारों को मिला कर भी आप प्रधानमंतरी का कद नहीं
12:38चू सकते हैं, बतला दूसरे, तीसरे,
12:41चौते, पाँचवे पाइदान पर जो लिला डे सिल्वा ब्रजिल के हेड है, 1.44 बयानी, एक करोड, 44 लाग, इन
12:47सब को जोड दीजे, तब भी 10 करोड का नंबर नहीं आता है, उसके बाद है, रेसेप एर्दुआन, जो की
12:54तुर्किये के हेड है, एक करोड, 16 लाग, उसके �
12:57बाद है, नायब बुखले, जो की एल सालवर्डॉर के है, वो एक करोड, 15 लाग उनके फॉल्वर्स है, उसके बाद
13:04जेवे मिलाए है, जो की आजंटीना के है, उनके 64 लाग फॉल्वर्स है, 61 लाग फॉल्वर्स है, इमानुवल माक्रो के,
13:11और 56 लाग, 81,000 फॉल्वर्स हैं
13:26पाचवे पादान पर, उन सब को भी जोड लीजेए, तो प्रधानमंत्री का 10 करोड का नंबर नहीं आता है, प्रधानमंत्री
13:31मोदी ने लोग प्रियता का इसतर तब हासिल किया है, जब वो पिछले 25 सालों से सत्ता में बने हुए
13:35है, पहले वो 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्
13:39सारी रहे, और इसके बाद 2014 से आज तक वो भारत के प्रधानमंत्री है, इतने सालों में कई बार नेताओं
13:46की लोग प्रियता कम होने लगती है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक अलग ही लीग बनाई है, इस लीग में
13:51modern इना का कोई भी नेता उनके आस-पास नजर नही
14:06इसके बाद साल 2019 में आईए जब लोगसभा के चुना हुए तब यही फॉलोवर्स तीन करोड हो गए और जब
14:162024 में लोगसभा के चुना हुए तब यही फॉलोवर्स बढ़कर 8 करोड 30 लाक हो गए थी और उसके बाद
14:24फरवरी 2026 में आज यही आकड़ा आप सोचिए लगबग
14:28एक साल के अंतराल में वो 10 करोड का चुचुके हैं तो यह अपने आप में बहुत बड़े पैमाने पर
14:36बताता है कि वो क्या कर रहे हैं क्या पोस्ट कर रहे हैं यह देखने और चाहने की जो उत्सुकता
14:41लोगों में है वो किस तादाद में इस वक्त है प्रदानवंत्री मो�
14:58प्रदानवंत्री मोदी के इसराइल दौरे की हैं और यह दोनों वो देश हैं जिनने अब तक अलग थलक करके रखा
15:03गया यूक्रेइन युद्ध के कारण रश्या पर अमेरिका और यूरप ने 26,000 प्रतिबंद अमेरिका ने लगाएं रश्या और गाजा
15:12युद्ध के कार�
15:27भारत में गर्म जोशी से स्वागत किया और अब प्रदानवंत्री मोदी ने इसराइल दौरे पर जाकर एक कड़ा एक स्पष्ट
15:33संदेश दिया है और वो संदेश ये है कि भारत के हित के लिए जो ज़रूरी होगा वो हम सब
15:41करेंगे आप इन तस्वीरों को भी देखे जिन
15:56के साथ भी एक ही गाड़ी में सफर कर सकते हैं रुधानमंजी बेंजमिन नेतन याहू के साथ भी कारपूल वाली
16:02कूटनीती को आगे बढ़ा सकते हैं देखिए
16:38आज इन तस्वीरों की भी काफी चर्चा हो रही है जिसमें प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन याहू प्रधानमंत्री मोधी की तरफ उन्हीं
16:44के भारतिय परधान में नजर आ रहे है
16:49और इन तस्वीरों पर प्रधानमंत्री नेतन याहू ने लिखा है कि इस भारतिय परधान से उन्होंने डिनर पर हुई मुलाकात
16:55के दौरान प्रधानमंत्री मोधी को चौका दिया जबकि पीए मोधी ने कहा कि ये पूरे भारत के लिए समान की
17:00बात देखिए
17:24प्रधानमंत्री नेतन याहू का भारतिय परधान में नजराना
17:27हमारे देश के लिए गर्प की बात है लेकिन क्या आप जानते हैं कि अभी सोशल मीडिया पर हमारे देश
17:32के लोग इन तस्वीरों को लेकर क्या चर्चा कर रहें
17:34जो कॉंग्रेस के समर्थक है वो इसे नहरू जाकेट बता रहे है जबकि जो बीजेपी के समर्थक है वो इसे
17:40मोधी जाकेट बता रहे है लेकिन इसके बारे में असली इतिहास क्या कहता है आज आप उसे भी देख लीजे
17:46असल में भारत में ख्लोस्ड नेक कोट यानि बंद ग
18:04पूरी बाजू के फुल स्लीव आले होते लेकिन इसके बाद बीसवी सदी में अचकन के स्वरूप को बदला गया भारत
18:09में प्रिंस कोट काफी मशूर हुआ
18:11यह वही प्रिंस कोट था जिसे 1930 के दशक में जोदपूर की पोलो टीम ने अपनी युनिफॉर्म भी बनाया था
18:18जो इस वक्त आप देख रहे हैं
18:20लेकिन इसके बाद 1940 के दशक में पंडित जवाहलाल नहरू इसी तरह की जाकेट पहनने लगे
18:32और जब वो कई देशों में इसी परिधान में नजर आए तो उनके जाकेट को नहरू जाकेट का नाम दिया
18:46गया
18:55गिल्बर्ज फिरूर और जमेनिको कारसैनी ने नहरू जाकेट से मिलते जुलते कुछ ऐसे ही डिजाइन्स बनाये जिनने मशूर रॉक बैंड
19:04बीटल्स
19:05मशूर गायक सामी डेविस जूनियर और स्कॉर्टिश अभिनेता शॉन कॉनरी ने पहना और दुनिया इसे नहरू जाकेट कहने लगी
19:14लेकिन इसके बाद प्रधानवंती मोदी ने भी कुर्टे के ऊपर आदी बाजू के ये जो बंद गले की जाकेट है
19:19वो पहनना शुरू किया जिसे पहली बार मोदी जाकेट तब कहा गया
19:22जब 2018 में दक्षर कोरिया के ततकाली राष्रपती मुझे इन ने ये बताया था कि उन्हें भारत दौरे पर प्रधानवंती
19:31मोदी की जाकेट काफी पसंद आई थी
19:33और इसके बाद जब ये जाकेट प्रधानवंती मोदी ने तोफे के रूप में मुझे इन को दक्षर कोरिया भिजवाई तो
19:39उन्होंने इसे मोदी जाकेट कहा और यहीं से ये जाकेट मोदी जाकेट के नाम से दुनिया में चर्चित हो गई
19:44जिसका हम आपको प्रमान दिख
19:47में इस पर भी खूब राजनितिक टकरा होता है कॉंग्रेस के समर्थ तक नेरू जाकेट कह रहे हैं बीजेपी के
19:51समर्थ तक मोदी जाकेट कहते हैं तो बस एक वज़ा चाहिए अपस में टकराने की खेर इस राजनीती के बीच
19:58आज प्रधानवंत्री मोदी जेरुसलेम के ह
20:02समंताना शाह हिटलर के शासन में मारे गए लाकों यहूदियों की याद में पनाया गया है इसके बाद प्रधानवंत्री मोदी
20:09ने इसराइल के राश्रपती आईजाक हर्जोग से मुलाकात की और इस दौरान प्रधानवंत्री मोदी ने उन्हें भारत आने का भी
20:16न्योता �
20:17दिया इसके बाद भारत और इसराइल के बीच दिवपक्षवारता हुई जिसमें यह तैह हुआ कि भारत का UPI payment system
20:23अब इसराइल में भी भारत के मूल के लोग और परेटक के इस्तमाल कर पाएंगे और इसी बैठक में यह
20:29तैह हुआ कि भारत और इसराइल के बीच बहुत जल
20:45की स्टार कास से मुलाकात की और यह वही टीवी सीरीज है जिसमें इसराइल की खूफया एजनसी मुसाद के एजिल्स
20:53आतंकवादियों के खिलाफ नए नए और खतरनाक ऑपरेशन्स चलाते हैं दुनिया भर में मशूर है यह फौदा टीवी सीरीज और
21:02यही वज़ा है कि ज
21:15इसलें भी खास माना जाता है क्योंकि यह स्टार कास रिल लाइफ के साथ रियल लाइफ में भी हीरो से
21:20कम नहीं है
21:21साल 2023 में जब इसराइल की सेना घाजा में हमास के खिलाफ युद लड़ रही थी
21:26तब इस टीवी सीरीज में काम करने वाले आक्टर इदान अमीदी इसराइल की तरफ से युद लड़ने चले गए थे
21:34और इस युद में वो बुरी तरह घायल हो गए थे
21:36उस वक्त हमारे देश में भी बहुत सारे लोगों ने ये पूछा था कि क्या भारत का कोई भी आक्टर
21:41अपने देश के लिए दुश्मन के खिलाफ युद लड़ने जा सकता है क्या ये भारत में संभव है
22:06झाल झाल झाल झाल झाल
22:53दुनिया में शायदी ऐसा कोई देश होगा जसने इतिहास में एक अलपना की हो कि भारत और इसराइल के रिष्टे
22:58इतने भी मजबूत हो सकते है
23:00भारत तो वो देश था जो कूलकर के कहता था कि दुनिया के नक्षे पर इसराइल नाम का कोई देश
23:04ही नहीं होना चाहिए
23:05साल 1920 से 1948 के बीच जब फिलस्तीन का भूबाग बिटिश हुकूमत के नियांतरन में था तब भारत ने बिटिन
23:12से कहा था कि उसे फिलस्तीन की जमीन पर इसराइल बनाने की भूल नहीं करनी चाहिए
23:16उस वक्त महात्मा गांधी नेभी 26 नमंबर 1930 को अपने हरजन अखबार में इसराइल देश बनाने का विरोध किया था
23:25और ये कहा था कि जैसे अंग्रेजों के लिए इंग्लेंड है वैसे ही अरब के मुसल्मानों के लिए फिलस्तीन है
23:30और फिलस्तीन की जमीन पर यहूदियों को बसाना सही नहीं होगा
23:34लेकिन भारत और उसके जैसे कई देशों के विरोध के बावजूब
23:38ब्रिटिन ने साल 1948 में सयुक्त राश्र की मदद से फिलस्तीन को दो हिस्सों में बाटने का फैसला किया
23:43इनमें एक फिलस्तीन देश कहलाया दूसरा इजराइल देश बना
23:47ये भी तब हुआ जब इससे कुछ महीने पहले 15 अगस 1947 को ब्रिटिश हुकूमत ने भारत को भी दो
23:53हिस्सों में बाटकर पाकिस्तान नाम का देश बना दिया था
23:56सोचने वाली बात ये थी कि भारत के उस समय के नेताओं ने अपने देश के विभाजन को किस तरह
24:02से स्विकार किया
24:02लेकिन फिलस्तीन के विभाजन का विरोध हुआ था
24:06इन बातों को लेकर उस वक्त कई लोग हैरान हुए उनका ये कहना था कि भारत को खुद के विभाजन
24:11से जादा तकलीफ फिलिस्तीन के विभाजन से आखिर क्यों है
24:15भारत की आजादी के बाद जब संयुक्त राश में फिलिस्तीन को बाट कर इसराइल बनाने पर वोटिंग हुई
24:19तो भारत ने तब भी इस प्रस्ताओं के खलाफ वोट डाला
24:36तब उन्हें जान से मारने की धंकियां तक दी गई थी
24:40लेकिन इन धंकियों के बाजूद भारत ने अपना फासला नहीं बदला
24:43हमारे रहे दुनिया के नक्षे पर इसराइल देश नहीं बनना चाहिए
24:47भारत के विरोध के बाद जब साल 1948 में सयुक्तराश ने फिलस्तीन को बाट कर इसराइल देश बनाया
24:53भारत का रुख नहीं बदला
24:55साल 1949 में इसराइल को सयुक्तराश का सद्द से देश बनाने पर वोटिंग हुई जोरान भारत ने इसराइल के खिलाब
25:01वोट डाला
25:02इसराइल को परिशान कर रही थी ये बात वो चाहता था कि भारत उसको एक राश्र के रूप में मानिता
25:07दे उसका पूर्ण रूप से समर्थन करे
25:09इसके लिए इसराइल ने अलग-अलग समय पर कई अधिकारियों को भारत भेजा और मशूर वेग्यानिक अलबर्ट आइंस्टाइन ने भी
25:15पंडित जवाहलाल नहरू को चिट्टी लिएकर इसराइल का समर्थन करने की अपील की थी
25:20अलबर्ट आइंस्टाइन भी यहूदी धर्म को मानते थे इसलिए भारत ने अपने रुख को बदला
25:24साल 1950 में हमने इसराइल को एक देश के रूप में मानिता दे दी
25:28अलाकि ऐसा करते वक्त पंडित जवाहलाल नहरू ने शब्द शह कहा था कि भारत अब तक इसलिए इसराइल बनाने का
25:35विरोध कर रहा था
25:36क्योंकि भारत को डर था कि इससे अरब देशों की भादना को ठेस पहुँच सकती है
25:40और पंडित नहरू का यही वक्तव विबाद में इसराइल को लेकर हमारी विदेश नीती का एक सिध्धान्त बना
25:45यह दूसरी अगर आप देखे तो यह दूसरा दौरा है पी-म का
25:51लेकिन यह जो 1960 से दूरी साल 1960 से यह दूरी तब जादा दिखी
25:57जब पंडित जवालाल नहरू फिलस्तीन में घाजा के दौरे पर पहुँचे उन्होंने इसराइल जाने से इंकार किया
26:02अलाकि भारत के इस कड़े रुक के बाद भी इसराइल ने भारत को अपना दोस्त माना
26:07गाजा से भारत लोटने के सिर्फ दो साल बाद जब साल 1972 में भारत और चाइना के बीच युद हुआ
26:12तब इसराइल वो पहला देश था जिसने सबसे पहले भारत की तरफ मदद का हाथ आगे बढ़ाया
26:19उस वक्त इसराइल के प्रधान मंत्री डेविट बेंगूरियर ने कहा भारत को युद में हतियार देने की पेशकर्श की थी
26:25जिसे पंडित नहरू ने एक शर्ट के साथ स्वीकार किया
26:29पंडित नहरू ने आगरह किया था कि जो समुद्री जहाज इन हतियारों को लेकर भारत आएंगे उन जहाज उपर इसराइल
26:36के जंडे का इस्तमाल ना किया जाए
26:37ये शर्ट तब इसलिए रखी गई थी ताकि अरब के जो मुसलिम देश है वो भारत से नाराज ना
26:441971 में जब पाकिस्तान से भारत का युद्ध हुआ तब भी इसराइल ने भारत को हतियार दे कर उसकी मदद
26:50की
26:50और इस बार इसराइल ने बदले में भारत से कहा कि वो उसके साथ राजनाइक संबंदों को स्थापित करे
26:56लेकिन ततकालीन प्रधानवंत्री इंद्रा गांधी ने ऐसा नहीं किया
27:01इसकी जगा भारत ने पैलिस्टिनियन लिबरेशन ओगनाईजेशन को मानता दी
27:04पेलो ने भारत में अपना दफ्तर खोला
27:06इसके बाद 1988 में भारत ने फिलस्तीन देश को भी मानता दे दी
27:10ये वही वक्त था जब इसराइल भारत के साथ मिलकर पाकिस्तान के परमानू ठिकानों पर हमला करना चाहता था
27:16और पाकिस्तान को परमानू हत्यार बनाने से रोकना चाहता था
27:20ये कोशिश भारत भी कर रहा था लेकिन इसमें हम इस्राइल की मदद नहीं लेना चाहते थे और हमने साल
27:261992 तक इस्राइल से दूरी बना कर ही रखे
27:30लेकिन इसके बाद साल 1991 में जब सोवियत संग का विगटन हुआ, USSR तूट गया, इसी के साथ शीत युद्ध
27:38समाप्त हुआ, कोल्ड वार का एंड हुआ, जब भारत ने इसराइल के साथ पहली बार साल 1992 में राजना एक
27:44संबंध स्थापित के और साल 1999 के करगिल युद्ध में �
27:47इसराइल ने भारत की काफी मदद की, उस वक्त इसराइल ने भारत को लेजर गाइड़ बॉम किट्स और मिसाइले दी
27:55थी, और इसी मदद के बाद अत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपई की सरकार में भारत और इसराइल के रिष्टे काफी
28:01मजबूत हुए, स
28:15साल 2004 के आम चिनाओं के बाद, जब कॉंग्रेस और उसके सहीयोगी दलों ने यूपीय सरकार बनाई, तब ये रिष्टे
28:21फिर से ठंडे हुए, यूपीय की सरकार में फिर से फिलस्तीन को उतना ही महत्वत दिया जाने लगा, जो एक
28:26वक्त पर पंडित नहरू, इंद्रा गा
28:42प्रधानवंत्री बने तब पहली बार साल 2017 में इसराइल का दौरा किया, उस वक्त ये भारत के किसी भी प्रधानवंत्री
28:50का, पहला इसराइली दौरा था, और आज आप देखें कि प्रधानवंत्री मोधी 9 साल बाद फिर से 2 दिनों के
28:56इसराइल दौरे पर पहुंचे, आ�
29:11है क्योंकि साल 1936 में, All India Radio की जो सिगनेचर ट्यून बनाई गई थी, उसकी रचना Walter Kaufman ने
29:19की थी, Walter Kaufman मूल रूप से चेक रिपबलिक के नागरिक थे, लेकिन जब जब जर्मन तानाशा जौल फिटलर यहूदियों
29:27का नरसंगार कर आ रहा था, तब Walter Kaufman अपनी जान बचा कर �
29:31आ गए थे और उन्होंने भारत में शरण ले ली थी, उस वक्त Walter Kaufman को All India Radio में
29:37मूजिक डिरेक्टर की नौकरी में और इसी नौकरी में उन्होंने All India Radio की इस आइकॉनिक सिगनेचर ट्यून की रचना
29:45की, और सबसे बड़ी बात यह है कि यहूदी धर्म से होते हुए Walter Kaufman ने भ
30:01सोचिए कि आपको इससे पहले पता था कि यह सिगनेचर ट्यून भारत में शरण लेने वाले यहूदी Walter Kaufman ने
30:08बनाई थी
30:10आज भी इसे सुनकर जैसे पुरानी आदे ताजा हो जाती है, हर एक इनसान ठहर जाता है दो पल को,
30:16इतना नौस्टालिया जुड़ा है इस गाने से
30:19हाली में दुरंदर नाम की एक फिल्म आई थी जिसमें ये दिखाया गया था कि भारत को कांधार हाईजाक के
30:23वक्त आतंकवादियों की मांगे नहीं माननी चाहिए थी
30:25और मसूद अजर जैसे आतंकियों को रिहा नहीं करना चाहिए था
30:28लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी तरह का सवाल एक बार इस्राइल के सामने भी आया था
30:32जब साल 1976 में चार आतंकवादियों ने तलवीर से पारिस जाने वारी एर फ्रांस की एक फ्लाइट को हाईजाक कर
30:39लिया था
30:39उस वक्त इस फ्लाइट में कुल 258 लोग मौजूद थे जिनमें 103 यहूदी सवार थे
30:44इस हाईजाक की कहानी ध्यान से सुनियेगा क्योंकि यह वही घटना है जिसने बेंजमिन नतन्याहू को बात में इसराइल का
30:51प्रधान मंत्री बना दिया
30:53साल 1976 में एफ्रांस की एफ्लाइट एथिन्स में स्टॉप ओवर के बाद हाईजाक हो गई थी और आतंकवादी इसे लिबिया
31:02के पाद युगांडा के एंटेबे एपोर्ट ले गए थे जहां ताना शाह इदी अमीन का शासन था
31:09इदी अमीन आतंकियों का कट्टर समर्थक था इसी वज़े से इन आतंकियों को लगता था कि वो इसराइल से अपनी
31:14सारी शर्ते सारी मांगे मना लेंगे
31:16उस वक्त आतंकवादियों ने इस स्लाइट को हाईजाक करने के बाद गयर यहूदी नागरिकों को रिहा कर दिया था
31:46यहूदी नागरिकों की जान बचाए और इसी दबाव के बीच इसराइल की सरकार ने ये भी सोचा कि आज अगर
31:51उन्होंने कुछ आतंकियों को छोड़ दिया
31:53कल फिर से ऐसी और फ्लाइट साइजाक होगी और यह सिलसला कभी नहीं रुकेगा
31:58यही सोचते हुए इसराइल की सेना ने अपने बंदकों को छोड़ाने के लिए एक सेन्य ओपरेशन लाँच किया जिसका नाम
32:05था ओपरेशन थंड़ बोल्ट
32:07इसके तहत इसराइल की इलीट कमांडो यूनिट के सौ से ज़ादा जवानों को एक ट्रांसपोर्ट विमान में चार हजार किलोमेटर
32:14दूर यूगांडा भेजा गया
32:16और यूगांडा भेजने के बाद इन जवानों ने खूफिया तरीके से यूगांडा के इंटेब एरपोर्ट में प्रवेश किया और वहां
32:22मौझूद सभी आतंकियों को खत्म करके अपने बंदकों की जाने बचा लिए
32:28हलाकि इस दोरा आप पूछ रहोंगे सोच रहोंगे कि इस से बेंजमिन नेतन याहू का क्या रिष्टा
32:33इस से ने ऑपरेशन में इसराइल के एक जवान की जान चली गई
32:36और वो जवान कोई और नहीं बलकि इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के भाई योनतन नेतन्याहू थे
32:45योनतन नेतन्याहू की शहादत और बहादुरी ने उनके परिवार को इसराइल के लोगों का नायक बना दिया
32:52और यह बेंजमिन नेतन्याहू उस वक्त अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहे थे उन्हें वापस इसराइल लौट कर आना पड़ा
33:00यौनतन नेतन्याहू की शहादत के कारण बेंजमिन नेतन्याहू भी इसराइल के लोगों के नायक बन गए
33:04और इसी के बाद उन्होंने राजनीती में आने का फैसला किया
33:08इसराइल में बहुत सारे लोग ये भी कहते हैं कि ये भाई-भाई की वो कहानी है जिसने इसराइल के
33:13इतिहास को बदला
33:14यौनतन नेतन्याहू की शहादत के कारण बेंजमिन नेतन्याहू पहली बाद साल 1996 में इसराइल के प्रधानमंत्री बने है
33:23और आज भी बेंजमिन नेतन्याहू इसराइल के एक लोते ऐसे नेता हैं जो साल 2009 से 21 और फिर 22
33:29से आज तक देश की कमान सभाल रहे हैं
33:32यह है कि नतन्याहू अपने शहीद भाई को कभी नहीं बूलते वो आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे
33:36ऐसा करके उन्होंने अपने देश के 103 लोगों की जाने बचाए
33:42आगे बढ़ते हैं आपको यह बताते हैं कि भले ही पाकिस्तान फ्रिकेट की T20 वर्ल्ल कप से लगवग बाहर हो
33:47चुका है लेकिन बेज़ती कराने के वर्ल्ल कप में पाकिस्तान की जीत हो सकती है
33:51ऐसा हम इसले कह रहे हैं क्योंकि अब भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर उसकी असली आउका दिखा दी
33:55है
33:56सयुक्तराश में भारत ने जम्मू कश्मीर और P.O.K. को लेकर पाकिस्तान को चम कर धोया
34:10पाकिस्तान का दुष्परचार जलन से भरा है हमारे जम्मू और कश्मीर का विकास बजट पाकिस्तान की आएमफ से मिली भीक
34:16के भी दोगुने से जादा है
34:18सुन
34:19Mr. President, it is indeed hard to take lectures on democracy from a country where civilian governments rarely complete their
34:28terms
34:28they ring hollow. The record voter turnout in general elections and assembly elections in Jammu and Kashmir is a testimony
34:34to the fact
34:35that people of Jammu and Kashmir have rejected the ideology of terrorism and violence propagated by Pakistan and are surging
34:42ahead on the path of development and democracy
34:44Mr. President, if the Chenab Rail Bridge, the world's highest bridge inaugurated in Jammu and Kashmir last year is fake,
34:51then Pakistan must be hallucinating or living in the la-la land
34:55or maybe Pakistan finds it unbelievable that the developmental budget of Jammu and Kashmir is more than double the recent
35:02bailout package they sought from the IMF
35:04Mr. President, to conclude, despite Pakistan's efforts to destabilize the region through relentless state-sponsored terrorism, Jammu and Kashmir continues
35:13to surge ahead
35:14politically, economically and socially. Pakistan would do well if it focuses on fixing its steepening internal crisis than to mask
35:22them with grandstanding at such platform.
35:24The world can certainly see through its charade. Thank you.
35:54The world can also see the
36:47एक तरफ एरान अमेरिका के टेंशन बढ़ा रहा है दूसी तरफ एरान के बाद नौ्ट कोरिया के सुप्रीम लीडर किम
36:53जोंग उन ने भी
36:54अमेरिका की नाक में दम कर दिया है किम जोंग उन ने एक बार फिर अपनी सेने ताकत परमानू शमताओं
36:58का प्रदर्शन करते हुए अमेरिका और साउथ कोरिया दोनों को चेताबनी दे डाली है
37:04नौ्ट कोरिया की राज़ानी प्यंग्यांग में एक भव्यसेन परेड आयोजित की गई
37:09इस परेड के दोरान किम जोंग उन ने अमेरिका और दक्षर कोरिया को साफ शब्दों में चेताबनी दी
37:15अपने भणकाओ आक्रमक भाशन में उन्होंने साउथ कोरिया को अपना पर्मिनेंट एनिमी बताया
37:20किम जोंग उन ने कहा कि वो अपना परमाणू कारक्रम आगे तक ले जाएंगे
37:45उन्होंने अपने पता के साथ सेन अधिकारियों से मुलाखात की
37:48इस परेड में उनकी उपस्तिती से ये संकेत मिल रहा है कि नौत कोरिया का परमाणू कारक्रम जारी रहेगा
37:54आने वाली पीडिया इसकी कमान समा लेंगी जो अमेरिका और दक्षण कोरिया के लिए चिंता की बात है
38:00इस बीच खबर ये भी है कि किम जोंग उनके बात उत्तराधिकार को लेकर उनकी बहन बेटी में जंग है
38:07ऐसा दावाद अक्षन कोरिया की खूफिया एजनसी ने अपनी रिपोर्ट में किया है
38:11पिशे कुछ समय से किम जॉंग उनकी बेटी किम जुए लगातार उनके साथ सावजनिक रूप से नजर आती है
38:30पार्टी से लेकर सेना तक उनकी मजबूत पकड़ है
38:34हमारी अगली खबर जोतिश पीट के शंकराचारे स्वामी अवी मुक्तेश्वरानन से जुड़ी है
38:40जिन पर दो नावालिक बच्चों से यौन शोशन का आरोप लगा है
38:44पौक्सों के इस मामले में स्वामी अवी मुक्तेश्वरानन पर गिरफतारी की तलवार अब लटक रही है
38:49और हर दिन इसमें कुछ ऐसे खुलासे हो रहे है
38:52इस साल माग मेले के दौरान 24 जन्वरी को आश्टोष महराज नाम के एक संत ने प्रयागराज के जूसी में
38:58एक शिकायत दर्च करवाई
38:59इसमें कहा गया कि स्वामी अवी मुक्तेश्वरानन और उनके शिश्य मुक्ता अनन्द प्रह्मचारी ने माग मेला 2026 और महा कुम्ब
39:072025 के दौरान गुरू सेवा के नाम पर बच्चों का यौन शूशन किया
39:11इस शिकायत के बाद जब आक्शन नहीं हुआ तो 8 फरवरी को प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोट में केस दायर
39:18किया गया
39:18जिसके बाद 13 फरवरी को कोट की सुनवाई में दो बच्चों को पेश किया गया
39:22और पीड़ बच्चों के बयानों के आधार पर कोट ने पुलिस को F.I.R. दर्ज करने के निर्टेश दिये
39:28पुलिस ने स्वामी अवी मुक्तेश्वरानंद, मुकदानंद ब्रह्मचारी और तीन अग्यात लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया
39:36केस दर्ज होने के बाद स्वामी अवी मुक्तेश्वरानंद और अशुतोष महराज के बीच आरोप प्रत्यारोप का एक दौर शुरू हो
39:43चुका है
39:43अशुतोष महराज ने दावा किया कि माग मेले के दौरान ही ये दोनों बच्चे उनके पास आये थे
39:48उन्होंने खुद को अवी मुक्तेश्वरानंद का बटू क्यानी शिष्य बताया और आरोप लगाया कि अवी मुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी पिछले
39:55एक साल से उनके साथ अनयतिक काम कर रहे है
39:58अशुतोष महराज का दावा था कि ये बच्चे अवी मुक्तेश्वरानंद के शिवर से भाग कर उनके पास आये थे
40:05पोक्सो केस में आरोपी बनने से स्वामी अवी मुक्तेश्वरानंद की छवी को गहरा नुकसान हुआ है
40:10और वो इन गंभीर आरोपों को एक बड़ी साज़श बता रहे है
40:14उनका कहना है कि सारे आरोप जूटे हैं
40:16आरोप जिस व्यक्ति की तरफ से लगाए गए हैं वो एक अपराधी है
40:21स्वामी अवी मुक्तेश्वरानंद के मुताबिक आश्चुतोष महराज राम भद्राचारिक के चेला है
40:27और वो पहले भी जूटे केस लगाकर लोगों को धमका चुके है
40:40आश्चुतोष महराज की ओर से एफ़ायार दर्ज करवाई गई है
40:43उनका इतिहास भी कुछ ठीक नहीं है
40:57अश्चुतोष महराज का असली नाम अश्चुतोष पांडे है
41:02वो मूल रूप से यूपी के शामली के रहने वाले है
41:06शामली लखनाओ गॉंडा में इन पर गुंडा आक्ट, गोवद अधिनियम, गैंस्टर आक्ट और आईटी आक्ट समेट काई आपराधिक धाराओं में
41:14लगभग 21 केस दर्ज है
41:16अश्चुतोष महाराज यूपी के शामली गॉंडा मुजफर नगर की जेलों में भी रह चुके है
41:21दिसंबर 2012 में अश्चुतोष महाराज पर पशुत असकरी के एक मामले में गुजदेने के आरोबी में भी गिरफतार किया जा
41:27चुका है
41:29इनका नाम है अजय पाल सिंग जी इस समय यही मुखिया है जिनके अंडर में यह जांच का कार्य चल
41:38रहा है
41:38लोग हमारे पास फोटो बेज रहे हैं कि देखिए जब जी महाराज के साथ तथा कतित जी महाराज के साथ
41:46सेलिबरेशन जो कर रहा है अधिकारी
41:48वो आपकी जांच कर रहा है महाराज जी यह बात लोग हमको फोटो बेज बेज करके बता रहा है
41:56अभी मुक्तेश्वरा नंत इन महाराज पर या स्पी पर अनेको आरोप लगा सकते हैं
42:02लेकिन मामला संगीन है मामला पॉक्सो अक्ट का है इसकी गंभीरता बहुत बड़ी है
42:10नियमों के तहट पॉक्सो केस दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी को तुरंट गिरफतार कर सकती है
42:14लेकिन इस मामले में अभी तक स्वामी अभी मुक्तेश्वरा नंद की गिरफतारी नहीं हुई है
42:18पुलिस पूरी तरह से पक्का होने के बाद ही गिरफतारी की प्रक्रिया पर आगे बढ़ेगी
42:23लेकिन उससे पहले स्वामी अभी मुक्तेश्वरा नंदे गिराफतारी से बचने के लिए तैयारी की
42:28उनकी लीगल टीम अगरिम जमानत के लिए इलाबाद हाई कोट पहुँची है
42:31जिस पर कल सुनवाई होनी है कल फाइसला आना है
42:33अभी की जो सिती है उसे यही लग रहा है कि स्वामी अभी मुक्तेश्वरा नंद को रहत मिलना मुश्किल है
42:39क्योंकि माबला पॉक्सो आक्ट का है इन पीड़तों की मेडिकल रिपोर्ट से ये पता चला है
42:46कि पीड़त बच्चों का यौन शोशन हुआ था
42:49मेडिकल रिपोर्ट में बच्चों के साथ हुई हर ज्यादती की डीटेल्स दी गई है
42:55हमारी टीम ने यौन शोशन का शिकार हुए एक पीड़त बटुक से बात की है
42:59पीड़त ने स्वामी अभी मुक्तिश्वरानान का नाम लेते हुए खुद पर हुए जुर्म की पूरी कहानी हमें बताई
43:04इस बाचीत के गईवरान पीड़त बटुक ने कई दावे कि
43:10उन से हम मिले थे साथ आज तारिक को और यहीं मिले थे
43:16और उसी समय से उन्होंने हमारे साथ ऐसे काम किये है
43:22आप वहाँ पर पढ़ाई के लिए पहुचे थे कैसे मिले थे उन से
43:26अध्यन के लिए हम गय थे उनके पास उसी समय से उन्होंने हमारा सोशन किया
43:31हमारे साथ साथ और भी बच्चे हैं उनका वो लगातार सोषण करते हैं
43:37सोषण किया मतलब किस ने किया सोषण आपका कौन है
43:41अभी मुक्तेश्वरा अनन्द उनके सिस्य मुकुंदा अनन्द और अन्य है
43:48तो जून जो वो समय कह रहे हैं अब देखिए अभी ये सब फेक्ट की बात आजाएगी
43:54तो अब फेक्ट हम पब्लिक में कहें कि कोर्ट में कहें
43:58उस समय हम वहाँ उपस्ति थी नहीं थे तो कहां से वो हमारे पास पहुच गए
44:02कहां से हम से दीख्षा ले ली क्या कर लिया यही सब प्रस्ण है
44:05तो जो जो वो कहानी कह रहे हैं सारी की सारी कहानी जोटी है
44:10मन गडंत का मतलब पूरी तरह से एक फिक्षन एक ऐसी कहानी बनाई गई है
44:17और उस कहानी को बना करके चला दिया गया है
44:22स्वामी अभी मुक्तेश्वराननंद के वारणसी वाले आश्रम को लेकर भी बहुत सवाल चुरू हो गया है
44:27भूमिका दिवेदी नाम की एक महिला का दावा है कि साल 2022 में वारणसी के आश्रम में दो महिने रही
44:32थी
44:32और जारान उन्होंने संदिक दगतिविदिया देखी
45:02जाने नहीं दिया गया आरोप यूई भी है कि मट में एक सीक्रेट दरवाजा था
45:06जो यह आरोप लगा रही है उसके पीछे कुछ संदिक दगतिविदिया होती थी
45:10भूमिका के मुताबिक आश्रम के विद्यारती जिने बटुक कहा जाता है उनको किसी अन्य से बाचीत करने से रोका जाता
45:16था
45:17रोक थी उनको बटुकों को उनके परिवारवालों से भी मिलने नहीं दिया जाता था
45:22बुमिका के द्वारा अपने वार्णसी आश्रम पर आरोप लगने के बाद स्वामी अभी मुक्तेश्वरानन्द भड़क गए।
45:52के अपने अपने हॉल है और वो बहुत सेपरेट है वो आम बाहर के लोगों से बिलकुल अलग है वो
45:59दुनिया ही अलग है।
46:22क्योंकि उनके परिवार के लोगों ने बताया भी था कि थोड़ा मानसिक स्थिती अच्छी नहीं रहती है उसके।
46:32वारनसी के जिस मट को शीश महल और रहसे लोग कहा जा रहा है हमारी टीम बहां गए।
46:37हमने उस मट में जाकर देखा कि क्या व्यवस्था है।
46:40अब हम आपको मट के अंदर से अपनी ये रिपोर्ट इखाते हैं।
46:44जब हम अंदर प्रवेश करते हैं इस विद्यमत में तो सबसे पहले आप बेस्मेंट में जाते हैं।
46:49बेस्मेंट में जब हम अंदर चल रहे हैं तो सीधे नीचे की तरफ जाती हुई सेड़ियां है।
46:55विवस्था ये है कि अंदर जो भी आता है वो यहां पर अपनी एंट्री कराएगा।
47:00एंट्री कराने के बाद जो भी विक्ति आते हैं वो यहां से अंदर प्रवेश करते हैं।
47:05अंदर आने के बाद ये एक रास्ता बना हुआ है दूसरे जो गेच से भी ये रास्ता अंदर प्रवेश करता
47:12है और यहां से जब हम अंदर जाते हैं तो अंदर प्रवेश करके सीधे एक गैलरी है ये गैलरी है
47:19ये बाहर से अगर कोई जाता हूपर तो ये उपर कर रास्ता ल
47:35करते हैं उननों से मुलाकात गर यहां पर दिनभर यही बैठते भी यहां स्वामियो मुख्टिश्वरा नंत और उसके बाद जब
47:44हम सीधे चलते हैं हैं से सीधे आपको जो महल है कि शीशे का जो कहा गया यह शीशे का
47:52है किदार घाट के किनारे यह बना आश्रम है और जब हम �
47:55इधर से प्रवेश करते हैं तो यह अंदर है दिविन पांडे जी है विशेश प्रतनिधी हैं एक आरोप यह कि
48:01यह पांच मंजिला है शीश महल उपर स्विमिंग पूल है सचाई क्या है जब आप मठ में प्रवेश करते हैं
48:09तो मठ में प्रवेश करते हुए जब आप आए हैं
48:14पुमारा जी आंग हैं
48:28भात करते हैं तो इसे के साथ ब्लाक इंवाइट में आज के लिए इतना ही कल रात
48:42नौ बुचे आपसे फिर होगी मुलाकाद
48:44तब तक आप खुश रहिए, सुरक्षित रहिए
48:46स्वस्त रहिए
48:47और दुनिया में सलाह देने वाले तो
48:50सब्सक्राइबर्स की तरह बढ़ रहे
48:52पर साथ देने वाले
48:54अनफॉलो करते जा रहे
48:56तबसकार
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