In today’s age of social media, cybercrime has emerged as a silent yet devastating threat, capable of shattering lives overnight. Aik Aur Pakeezah tells the story of Pakeezah, a young woman whose life takes a tragic turn.
Soon, Pakeezah finds herself navigating a series of challenges that test her strength, resilience, and trust in humanity. She must confront the harsh realities of a society where privacy is fragile and reputations can be destroyed.
This drama is more than a story. It reflects the dangers of our interconnected world and highlights the urgent need for awareness, caution, and understanding of the risks that affect countless lives in the digital era.
Can Pakeezah confront unfavourable circumstances? Will the harsh realities of society break her down? Who will stand by her in her time of need?
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00:18कितनी नेक औरत है अलिया
00:22उसके पेट से ऐसी अवारा लड़की कैसे पैता हूं गए
00:29टोपाँ टोपाँ अनला के काँ बही है
00:37मैंने तो पहले ही कह था इतबार नही है मुझे इस फराज पर
00:41कि इसके बीच में इस अजएब हो जाना है
00:44ना तुझे चलीया किला देता है दो पैसे तेरे हाथ पर रख देता है
00:47तो तू समझती है कि तेरा खावंद वापस मेले गिया है
00:50और उसको देख चुपके चुपके मुल्क से बार जाने के चकक चला रहे है
00:55बाजो और उसकी छोटी बेहन
00:57रेंदे पाकीजा
00:59इनी बेहनों का भाना करके न
01:00उसरे का था कि वो तुझे रखनी ही सकता
01:03गरनी ले जा सकता
01:03तो ना अब इन बेहनों की वज़ा से उसने चले जाने दूसरे मुल्क
01:07ना तू उसकी कुछ नहीं लगती
01:09पताने ममी जी
01:12निकाह हुए तेरा उसके साथ
01:13कोई जिम्दारी बनती है कि नहीं बनती
01:18पताने ममी जी
01:19ना पता कैसे नहीं
01:22हिम्मत करके तू ने केस किया है
01:24अब समन के दफतर में भी काम कर रही है कि दो पैसे जोड ले
01:27और जो पैसे उस फराज ने तुझे दिये थे
01:30उसके तूने उसी कली शूस खरीद लिये
01:33ना उसका भी को फार्स बनता है कि नी बनता हो
01:36पताने ममी जी
01:39एनवा सखी है
01:41पतानी ममी जी, पतानी ममी जी
01:45पतानी ममी जी
01:59तो बड़ी बात रहे है किसा है
02:02हुद ही अपने अपर हस लेती है
02:06मेरी अम्मी कहती थी
02:09ज्यादा और जोड से हसने से लड़की अवारा हो जाती है
02:15हो तो गई
02:19ते माटे रिकॉर कार्ड ना
02:27असलाम अलेकों
02:28कितनी नीक औरत है अलिया
02:33अलिया
02:35ऐसे अंदेरे में क्यों गटी हो
02:38असी नीक औरत के पेट से कैसे पैदा हुए ऐसी अवारा लड़की
02:49अलिया क्या बात है
02:52कैसी नीक औरत है अलिया
02:56ऐसी नीक औरत के
02:58पेट से कैसे पेदा हुए अवारा नड़की
03:03तोब हो अल्ला के गाम
03:07अल्ला के गाम है
03:11अल्ला के गाम है
03:14समर्ण मुझे अंदाज़ा नहीत है कि तुम इस तरह willen रिएक करोंगी
03:17अगर पता होता है तो कसम से मैं इसको यहाना लेकर आता हूँ
03:21ले तो आय तो
03:25समिन मजबूरी थी
03:27से पुरे गाउं को कठा कर लिया था
03:29शोर में जाना शुनू कि दे बैंट डालना शुनू कर दिया था
03:33गाड़ी में डालकर उसको मुझे लेकर आना ही पढ़ा
03:35और क्या करता?
03:37मैं क्या करूं सुबैर?
03:40इंडियो हेल्प सुमू
03:47सो गई होगी
03:50मैं भी सोचाँगा बस अभी
03:55अभी अच्छेरी बावत है आज है
04:01अच्छा अच्छी लग रही थी आज तो
04:05वह जो रंग पहना था
04:10पहने तो गभी नहीं पहना तो
04:15अच्छा लग रहा था
04:18मैंने तो गभी नहीं लेकर दे है तुझे नहीं कपड़े
04:26और यह कहना था कि
04:31कुछ नहीं
04:33कुछ अच्छा बाग है
05:02अच्छा
05:04तुम जो तिरी वोमन राइट्स की चैंपिन बनती है
05:06तुम मेरी स्ट्रगल और मेरी प्रैक्टिस को धाल बनाके उसके पीछे चुप रहे हो
05:10तुम भी तो एक लॉयर हो ना
05:12हां तुम भी तो फेमिनिस्ट हो
05:14तो तुम क्यों नहीं उस रोती धोती बैन डालती हुए औरत के मस्ले सुल जाते
05:18जो कि तुमारी एक्सवाइफ है
05:20अरे एक्सवाइफ एक कागस के टुकड़े पे थी और उस कागस
05:35और मेरे और नूर भरी के दरम्यान में अब वो कागस का टुकड़ा भी नहीं है
05:39मैंने जो भी किया, इंसानी तनाती किया
05:42उसके जगा कोई और होती
05:43तो भी मैं यही करता के एक रोती धोती औरत को तुम तक लेकर आता
05:48और मैंने यही किया है समन
05:52यह रहे ममी जी, आपका कागा
05:54यह उंदीर है
06:05ममी जी
06:10आपके जो पहले शोहर थे
06:12जो मुल्क से बाहर जाकर गायब हो गय थे
06:15उनका बता चला?
06:18हाँ, कोई ना
06:21कोई कहता था कि मर गया है
06:25फिर किसी ने आके दस्या कि नशकीलात लग गई थी
06:30उसमें मर गया
06:31पता कोई ना लगया
06:35पहले फोन नहीं होते थे ना
06:37बरना आप मुबाइल पर फोन करके पता कर लेती
06:42पकीजा
06:46जिसने गयब होना होता है ना
06:49वो ये फोन मुबैलों समेथ ही गयब हो जाता है
06:53तो जिसने खबर लेनी या देनी हो बगयर मुबैल के भी खबर रख लेता है
07:08तुने फिर कल वाला जोड़ा पहन ली है
07:12वैसे ही इस तरी नी करना पड़ा ना
07:17बड़ी वैसे कम चोर कुड़ी है
07:18इस तरी नी होती तेरे को लो
07:21सुसुराल में रहरी होती ना
07:23बड़ी जाडें पढ़नी थी तुझे
07:27फिर तो अच्छा हुआ ना
07:29सुसुराल की जाड से बच गई
07:36अन्ला पैस
07:45गुद मॉर्निंग
07:47काफे देर तक शोती रही है
07:54कितनी खुबसूरत है ना नूर भरी
08:01लगता ही नहीं जैसे उस पर इतना कुछ बीता हो
08:07लगता ही नहीं जैसे गाम उसे चूख कर भी गुजरा हो
08:14मेरी उमर की होगी लेकिन
08:17किती चोटी लगती है मुझसे
08:25क्या वो तब भी ऐसी थी जब तुम्हारा निकाह किया गया था उससे
08:36क्या वो तब भी इतनी खुबसूरत थी जब तुम्हे उसे आखरी बार देखा था
08:47भूलबरी को आखरी बार मने दब देखा था
08:53जब मरी मरहूम भाई की बेवा थे
09:12दोक्टर की बीबी?
09:14हाँ अकबर मैंने बुलवाया था चाय पर और यह देखो
09:17असकर को मैंने का बड़ी वाली बेकरी से मुझे फ्रूट वाला केक लाके दे
09:21बाग गया यह मंगाया है मैंने नीचे स्टोर से
09:25सादा है मगर अच्छा है
09:26आप तो बहुत चड़ती हैं जोक्टर की बीबी से
09:29हाँ हाँ
09:30लगाई बजाई की अधर जो है
09:32घर घर पिरती है घूम घूम के अधर के बार तुदर अधर अधर अधर अधर अधर
09:36पर क्यों बुलाया था उसे
09:38अपनी पाकीजा के बताने के लिए
09:40क्या मतलब क्या बताने के लिए
09:44यही क्या हमारी पाकीजा माशाला से अब खुद वकील है
09:49हमने के हाथ पर हाथ दे रहे बैठे रहे ना ना जी
09:51केस कर दिया यह सीन प्या
09:54ना जी वह पूरे मुले में फिला देगी
09:58यही तो इसने तो बताया
10:03केखा सादा है पर अच्छा है
10:10नीचे क्यों बैठी हो
10:19यह क्या हशर किया हुआ है
10:21कौन साफ करेगा
10:23वेकू क्या पता
10:28नाश्टे के बाद
10:30चीजों को उनकी जगा पर रखा करो
10:31चूला कितना गंदा है यह को चाय गिरी हुई हर जगा
10:41नूर भरी
10:44हमारी घर में कोई मुलाजिम नहीं है
10:46यहां अपने सारे काम हम खुद करते हैं
10:49तुम्हें भी करना हुँगे
10:52क्यों?
10:54सारी हयातिये नादी बहंडे कपड़े धुंदी रह गई
10:58हुण मेरी बास है
11:05अज़न सबस्टाथ
11:06हुआ हुआ हुआ हुआ है
11:08वह सुआ है
11:29झाले तुम्हें
11:29झाल झाल
12:12किछे जा रहे हैं माजी?
12:14गूमने के लिए
12:16गूमने?
12:18मतलब किसके साथ?
12:21किसके साथ जाना है मैंने?
12:22अपने साथ?
12:24मैं न घर के कामों से बड़ी बोर हो गई हूं
12:28लाइफ ही नहीं मेरी कोई
12:29तो मैंने सुचे ज़रा बार घूमा दी
12:32क्या चल रहा है माजी?
12:35पहले डॉक्टर की बीवी को बला के सारी खबरे दे दी
12:38शाम तक पुरे महले को खबर होगी
12:40और आप घूमने जा रही हैं?
12:43शाम तक नहीं दुपैर तक
12:45डॉक्टर की बीवी बड़ी चुसता है
12:50कोई काम हो ना
12:51तो मुझे कॉल ना करना
12:52और जो कोई चीज चाहिए तो भी कॉल ना करना
12:56माजी
12:57माजी
13:01जिसने वीडियो बनाई
13:02और अगर किसी और ने उसको वाइरल की तो वो भी मुच्रिम है
13:06यासीन की डिवाइस अगर नहीं मिल रही
13:08तो इंडिरेक्ट एविडेंस मिल सकता है
13:11आयो साब कह रहे थे कि अगर एविडेंस ना मिला तो सिफ एरास्मेंट का केस होगा
13:16और
13:16एफ आई ए से अप्लिकेशन खारी हो जाएगी
13:19उस आयो को तो तो तुम से इस तरीके से बात करनी ही नहीं चाहिए
13:23उसका काम है इन्वेस्टिकेशन करना
13:25और वो जिस तरीके से तुम से इंक्वाईरी भी कर रहा था ना
13:28वो तो खेर है
13:29मैं अजगर को भी समझा रही थी कि तफ्तीश ऐसे ही होती है
13:34ऐसे नहीं होती तफ्तीश
13:36ये गलत है पाकीज़ए
13:41तुम्हारे खिलाफ जुर्म हुआ है
13:43तुमने एफ आए के तहट दरखास दी है
13:45तुम अप्लिकेंट हो
13:46उनका काम है कि उस अप्लिकेशन पे सिर्फ कानूनी कारवाई करें
13:50बस तुम कौन हो
13:53वहां क्या कर रही थी
13:54तुम्हार और फरास का क्या तालुक है
13:56इस नन ओफ देर कंसर्ण
13:57उनका काम है इंक्वाईरी करना और फेर इंक्वाईरी करना
14:01दास इट
14:02मैं वो बड़े हैं वो बस मिझे समझा रहे थै
14:07पाकीजा
14:08उनका बनता ही नहीं है तुम्हें समझाना
14:11ना तुम्हें नसीहत करना
14:13और ना ही तुमसे कोई सवाल करना
14:16कानून से जुड़े इदारों का काम है
14:18इंक्वाइरी करना
14:19और मुझरिम को पकड़ना
14:22और अगर इन इदारों में कोई काली भेड़े हैं ना
14:25तो प्लीज
14:26उनसे अपना दिफा करना सीखो
14:29तुम पड़ी लिखी हो
14:30खुद एक वकील हो
14:32तो और क्या
14:34यू दब जती हो जैसे गाओं की कोई लड़की
14:36पहली दफा शहर आई हो
14:37जिसको किसी चीज का कुछ पता ही ना हो
14:40गाओं की एक अनपढ़ गवार औरत
14:42भी तुमसे ज्यादा हुश्यार होगी
14:44वैसे बड़ी स्वार्ट बनी फिर थी
14:46काल जो मैंने लॉपोइंट्स दिये थे
14:48बनाए
14:51इंटर्न वाला कोई पैशन ही नहीं है
14:54ऐसे नहीं चलेगा
14:58असलम माशाललह ते
15:00पाकीजा ने कचेरी में काम करना शुरू कर दिया
15:04क्या बखवास है ये
15:06वो मैं समन और सरासिन के साथ
15:11यार बड़ी खुशी होती है
15:14जब बच्चे तरक्की करके हमसे आगे निकल जाएं
15:18और आगे बढ़ जाएं
15:20तरक्की कर जाएं
15:25अभी कल को यहीं
15:30केस पे खड़े होना है
15:31और हम दोनों
15:34पाकीजा का केस
15:36यहीं लगा रहे होंके
15:40आज कल की लड़कीयां
15:42बड़ी समझदार हो गई है
15:45लड़कों से बहुत आगे निकल गई है
15:48वो तो
15:49बिचारी के साथ वो विडियो वाला सीन हो गया
15:53वरना तो
15:54बड़ी हिमत वाली है
15:58कोई और उती तो शरम से ही
16:01मेरा मतलब
16:04लड़कियां सिर्मिली होती हैं ना तो थोड़ा सा मुर्जा के रहती हैं यह पाकीजा तो बड़ी फास्ट है शुरू से
16:15ही ऐसी थी
16:21असलम कितने सालों से जानता हूं तुझे अकबर असगर मेरी आँखों के सामने बड़े हो बड़े ही शरीफ और महजब
16:30लड़के हैं
16:33माप करना यह पाकीजा कहीं नन्याल बालों पर चली गई क्या स्पीट है
16:46असलम
16:49सुना है पाकीजा ने केस साइबर क्राइम में दे दिया है बड़े बड़ लिहाज लोग होते हैं
16:58खुले डुले सवाल कौन था कितने लोग कितनी तू तू सीनियर है इदर ही कचेरी में केस लगना है
17:12देख असलम मुझे पता है लड़की तेरे काबू में नहीं है विडियो देखके ही अंदाजा हो गया था बिलकुल हाथ
17:20से निकल गई है
17:24लेकिन तू फिकर ना कर अंदर की खबर आई है एफ आई ए को एविडेंस मिला ही नहीं है
17:32डिवाइज नॉट फाउंड मतलब केस दिस्मिस खांब खांब खांब परशान हो रहा है
17:48लागा चुनरी में दाग छुपाऊं कैसे लागा चुनरी में दाग
18:09अमनी
18:14देख पाखिजा कैसी रौनक लगी है यहां बंदा यहीं खड़ागड़ा सारा शेयर देखता रहे
18:25आप यहां कैसे यहां कैसे
18:31वो आसकर तो काबू ही नहीं आता
18:36नहीं नौकरी कर लिए उसने
18:39तो सुबह से वेरे निकल जाता है
18:41किसी पार मिसी में किये नौकरी
18:44तो रिक्षे पर आगी मैं परे तो मिल जाता था ना गली में अब जरा बाहर जाना पड़ता
18:50सड़क तो है
18:53फुरूट कैसे दाम मिलता है यहां पर
18:56हमारे घर के पास तो ऐसी बस निराव
19:00अच्छा फूरूट है यहां पर रेडियों की लाइनों पर लेने लगी हुई है
19:05लेके जाओंगी फूरूट जाते वक्त
19:08तो अच्छा चल रहा है कि इस वगेरा सब जो भी होता है
19:13जे
19:20वो अकबर ने तो नाइट ड्यूटियां करकर खुद को पागल ही कर लिया बाज ही नहीं आता
19:27वोई देर से आना तो बाल भी सारे गिर गए उसके
19:35तो वो जगहा देता था मुझे मेरी नेंद डिस्टाब होती थी तो तेरे अबूने ना ताला लगवा दिया घर के
19:45बार वो बड़ा वाला नहीं होता डबल लाक वाला
19:47दो दफ़ा चाबी को माऊना तो खुलता है फिर वो तो बस यह कि फिर अपनी मर्जी से आए अकबर
19:54मज़े से मुझे ना जगाए मेरी तो फिर नेंद जब खराब होती तो फिर बलड हाए हो जाता है तो
20:03तो यह यह चाबी है तेरी पाकिजा सब बच्चों को दी है एक एक �
20:13अपनी मर्जी से अराम से आओ जब दिल चाए ना दर्वासा कट गटाना ना किसी को नेंज से जगाना ना
20:23पूछना ना किसी को बताना यह तेरी जापी है
20:28मैं भी जाते वे बाहर से फूट ले जाओंगी
20:34खोट के लिए कभी कुछ खरीदा ही नहीं
21:01अच्छा
21:04आपको तो लगना है रहती नियोई
21:08क्यों
21:10तू हिरान होई थी समझ
21:15जी ममी जी
21:18और क्या मुझे अच्छा लगता
21:22नहीं
21:24अच्छा लगने वाली तो कोई बात नहीं
21:26कि तेरे शोर की पहली बीवे आकर तेरे गर में बैठ चाए
21:31सुबहर ने कुछ चुपाया नहीं था मुझसे
21:36तेरे डेड़ी ने भी कभी मुझसे कुछ ने चुपाया
21:39आप मेरी जिंदगी मेरी सिचुएशन को अपशे अपनी जिंदगी से क्यों मिलाती हैं
21:47ले है ना समन कैसे रल मिल जाती हैं तेरी मेरी सिचुएशन हैं
21:54अब देख तू और में दोनों दूसरी बीवी हैं
21:59मिल गई ना
22:02जुबैर नूर भरी को कही साल पहले तलाक दे चुका था
22:09नूर भरी
22:11किना सोना ना है
22:13खुद भी प्यारी है
22:18ठीस कर रही है आप मुझे
22:21मैं आप से अपने दिल की बात कर रही हूँ
22:23मैं परेशान हूँ और आप
22:25चंगा कर रही है ना
22:26जो दिल की बात कर रही है, पिश्री वरी आई थी ना तो, दिल की बात दिल में लेकर ही
22:32चली गई।
22:39दासुन, तेरा जुबहर क्या कहता है?
22:51अलिया, अलिया, मैं बाहर कब से देख रहा हूं तो मैं तुम यहां मेट यहां?
22:58सोचा था आराम से बैठके मज़े से आलू बुखारे खाऊंगी, बरफ लगा के ठंडे किये थे, मगर नहीं, सरकारी मुलाजमों
23:07के बिना मज़े होते हैं,
23:08ना जब दिल चाहता मूँ चुक के वापस गार आ जाते हैं, सरकार से तन्खाजों मिलती रहती हैं.
23:22यह समान क्यों कोल दिया है?
23:25पाकीजा का कमरा है न, उसका समान है.
23:29कोल क्यों दिया है?
23:31असलम साहब, तकि जिस चीज़ की जरूरत हो असानी से मिल जाए.
23:37किसे, किसे किस चीज़ की जरूरत हो?
23:39पाकीजा को, उसका कमरा है उसकी चीज़े तो उसे को मिलेंगी न?
23:45उसका कोई कसूर नहीं है मामी.
23:49जिमोन भरी उसकी गले पढ़गी है.
23:54सारे ना, मेरे लिए भी यही कहते थे.
23:59तेरे डैडी भी कहते थे.
24:01तानि, किदरो मेरे गले पढ़गी है?
24:07पहने दे आप.
24:10आपसे बात करना बनता ही नहीं है.
24:12पता है.
24:12पहे जाए, समन.
24:17पहे जाए.
24:29सोच जरा.
24:32ना, जुबैर ने अतने साल पहले,
24:36उसे तलाक दे दी थी.
24:40तो फिर वो उसके प्योगे घर में क्यों बैठी हुई थी?
24:50तो तो वकील है.
24:52वो भी औरतों की.
24:58परो तड़ा के आफ़ता नुव परी तेरे सामने आके खलो गई.
25:04तो तुर ने पूछा नहीं अपने जबैर से.
25:10बिचारा बेकुसूट.
25:18अकीजा जा चुकी है, हलिया.
25:21तो असलम साब, लड़कियां जब आके अपने घर चली जाती हैं,
25:26तो क्या मैके वापस नहीं आती हैं?
25:28मैके के दरवाजें उन पर हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं?
25:31उसका घर है, उसका कमरा है, उसकी चीजे हैं, जब दिल चाहेगा खैरी सला आएगी.
25:38पका ठीक करवाएं, मोटर वाइंड होने वाली है, वाज कर रहा है ये.
25:42अक्बर को बोलके बिजली वाले को बुलवाएं, ताकि जब पकीजा आए तो पका तो खैर से चले न ठीक तर
25:47आओ.
25:57ना जी, मुझे क्या लगे, हैं जी, ना समन ने कोई मुझे से पूछ कर आपसे लव किया था, और
26:05वो जो आपसे लव वाली महरेश की, वो भी अपनी मर्जी से की न, मैं तो राजी नहीं थी.
26:12मुझे पता हैं, आपको मेरी बातें बुरी लग रही होंगी, सकत बात करती हूँ ना मैं, इसलिए, पर क्या करूँ,
26:19ऐसी हूँ मैं, एहमी ना बस मुझे निकल जाती है, सची बात, खाएं ना आप भी, खाएं जले भी, एहमी
26:27लोग ना बहाने करते हैं ये, परेज वरेज
26:29के, फिर चुप चुप आके जब कोई देख नहीं रहा होता तो, खाभी लेते हैं, मैं तो कहती हूँ आप
26:37भी ऐसी बन जो, उपर से कुछ, अंदर से कुछ,
26:43मैं जानता हूँ कि आपने मुझे यहां पर क्यूं बुलाया, आप सही कह रही है, जब हमने अपनी मर्जी से
26:52शादी की थी, चॉइस होारी थी, फिर जो भी मसले हैं, मैं खुद ही हैंडल करने चाहिए, मुझे बात बिलकु
27:02ने अच्छी लगी, कि समन ने आपको इंवाल्�
27:07किरेशान हो, यह बात थीक है, बच्चे तो होती है, कि मांबाप को सूली पे घांके रखें है, लिकिन बात
27:20यह वह थीक है, आप, इमगों इनीवल होंगी हम लोग बड़े हैं, मां लोगों की थी pulley कर सकते हैं,
27:31आपका।
27:57मेरी बच्ची की खुशी का मामला है
28:02तो मैं तो बुलाकर पूछूँगी आपको
28:05कि आपकी पहली बीवी क्यूं आकर घर में बैठी वी है
28:08और अब आगे उसका क्या प्रोग्राम है
28:11है अब शादी समन की मर्जी से हुई
28:16या मेरी मर्जी से
28:19सवाल जवाब तो मैं करूँगी बेटाजी
28:32अब लेट हो गया अज
28:39अब लड़ा ही पड़ी भी थी
28:42पहले सोचा तुझे कॉल करके बता दूँ कि नहीं आ सकूँगा
28:46पर सोचा जा कर देख लेता हूँ अगर तो अगर तो आफिस वी तो और
28:49तो देर तक आफिस बेटी रही है अज गहर नहीं गई?
28:53हाँ कि इस पर वाकिंग कर रही हूँ, टाइम कर बता नहीं चलो
29:01मुझा लगा अब मेरे इंतजार में बठी
29:08अब पाजी ने रोला डाला हुआ है
29:14गुस्टे में कुछ भी कह देते हैं
29:16हर वक्त ही गुस्टे में रहते हैं
29:18एमीन ही मेरी मा जल्दी मर गई
29:22एक तो उनके शोगर ने दिल जखनी किया हुआ था
29:24बाकिय कसर मैंने बुरी कर ली
29:28बच्पन में समझाती थी हमी जी
29:30कि फराज, उस्ताना कर
29:33किसी का दिल नहीं दुखाना
29:36ले
29:38मैंने दिल दुखा दी हम उनका
29:45चलो भाई, जो कहना है मुझे कह दे
29:49बले गाली दे लें, मार लें
29:53लेकिन तुझे क्यों कहते हैं, तुझे क्यों बाते सनाते हैं
29:59तेरी बात हो या ना हो, मा बिराकर बात तेरे पास ले आते हैं
30:04हर बेहुदा जुम्ला, हर बेहुदा लव तेरे लिए गया
30:11नाला के, अबबा जी के अपने तीन बेटी हैं
30:16लेकिन मुझे मा बहन की गाली निकलते देर नहीं लगती
30:20कभी तो मुझे सब कुछ फ्रॉड लगता है
30:24ये FIA के चार्चेज, ये इंक्वाइरी
30:28ये यासिन पकड़ा भी किया ना
30:30हमारे घरवालों ने हमारा पीछा नहीं छोड़ना
30:34बहाने बहाने से रोज इंक्वाइरी करेंगे
30:39रोज ट्राइल हुआ करेगा और खुदी सजा सना दिया करेंगे
30:47लेसिस खुले हैं बांद ले
30:50मैं तो चला जाओँगा
30:53तनकी बीदे का कुछ बता होता है
30:57कॉपेजिन बुला ले, कहते हैं कि भाई पहुन जाओ
31:00मैं तो निकल जाओँगा जंजार बुरे से
31:10बस फिर वाँ जाके डॉलर भेजता रहूंगा इनको
31:13सबको सुगून मिल जाएगा
31:17मैंने तो चले जाना है
31:18इस मुसीबतां से दूर
31:23क्यों कहा जा रही है?
31:24घर
31:27पहले काफी देर हो गए
31:28चट लाफिस
31:37अबाजे
31:40ये एक अजगरी काफी नहीं था
31:42जो बगैरतों की तरह
31:44एफ़ाये में बैठा होता है
31:48वो बार बार वो
31:51वीडियो चला कर गंदे
31:52सवार जवाब करते हैं
31:55और वो बैठा होता है बेशर्मों की तरह
31:59और माजी ने नया तमाशा शुरू कर दी
32:01पूरे महले में बात खिला दी है कि पाकीजा
32:03वकील हो रही है
32:05वकीलों का कौन पूछता है
32:06अबाजे बड़े बड़े हैं
32:10अबाजी
32:12यासीन मले की शादी पर
32:13वो सब्ज नमबर प्लेटों वाली
32:15और वो हूटर वाली गाड़ियां भी आए थी
32:18इसने उन
32:19बड़े लोगों के लड़कों के साथ
32:21खूब बनाई हुई है
32:23उनके साथ वो इतवार को जाता है
32:25कार रेसिंग के लिए
32:29उसको सिजा कैसी हो सकती अबाजी
32:31नहीं हो सकती
32:34आखर में हम भी जलील उखार होंगे
32:37यह महला क्या यह शेहर ही छोड़ना पड़ेगा
32:40और वो आंखें दिखाता पिरता रहेगा
32:44और हम बूच चुपा रहे होंगे
32:50अबाजी
32:51यह तो आप माजी और अजगर को समझा लें
32:54वनना मुझे अपनी जबान में समझाना पड़ेगा
32:59अच्छा लगएगा
33:00इस सब बेज़ती और जलालत के बाद
33:02यह सीन आपके सीने पर दंदनाता पिरे
33:06कहोना तो अबाजी यही है ना
33:10इस सिस्टम में उसे कोई हाथ ने लगा सकता
33:28बहुत अजीब से सवाल करें थी तुमारी अमी मुझ से
33:32अनिया अज़िफ मैंने क्या किया
33:34किया तो है
33:36क्या किया है मैंने
33:39मारे डाड की तरह खूपिया शादी तो नहीं की मैंने
33:45की तो है
33:49कलत बात
33:51तुम्हें मैं सब बहुत पहले से बताब चुका हूँ
33:53यह अबाजी ने जबरदस्ती मेरी शादी करवाई थी जिसके वएस से मैंने सारी सिंदगी माफ नहीं कर सका
33:59और तलाक में बहुत पहले सी दे चुका था उसको तुम्हें पता तरही सब
34:04तलाक दे दी थी जो तुम्हारे घर में क्या कर रही थी वो
34:09मेरे कोलो पुच्छों
34:15मैं दसीन लिया
34:22घरगी चाबी है
34:25अमी कह रही थे अपनी मर्जी से आओ अपनी मर्जी से जाओ
34:30जाएगी तु
34:35अब उजी को अच्छा नहीं लगेगा
34:38भाई एकबर भी नराज होगा
34:40बड़ा है ना सबसे
34:43मुझे मारने कूटने की ड्यूटी उसी की लगती है
34:46तब्यत में है नहीं यह सब कुछ
34:47तो अच्छा नहीं लगता उसे मार पीट करना
34:52तो पिर चाबी क्यों देकर गई है तेरी मा
34:55ना पकीजा ना तू ना चाहिए
34:58ऐसा ना तुझे तो कैसे बुला के तो कुछ
35:00उल्टा सीधा कर दे तेरे साथ
35:02मुझे ना बरोसा नहीं राब किसी पर
35:05अब और क्या उल्टा सीधा करेंगे मामी जी
35:09ले तुझे नहीं पता
35:11रोज अखबारों में खबरे लगी होती है
35:14कि पसंद की शादी करने पर
35:16करवालों ने कुड़ी कुमार डाला
35:18मैंने पसंद की शादी तो नहीं की मामी जी
35:24तेरी फराज से जबर्दस्ती शादी हुई थी
35:28ची मामी जी
35:33तुझे अब
35:35फराज पसंद नहीं रहा पकीजा
35:40नहीं पसंद
35:44जे नहीं पसंद तो फिर
35:47उसकी पसंद का रंग के पहन कर गई थी
35:51उसने तो आज
35:52तेरा जोड़ा देखा भी नहीं होगा
36:00तेरे गारवाले तो चल हैंई बेट बारे
36:04पर तेरा फराज भी ना
36:06मुझे गड़बड़ी लगता है
36:08पर वा कोई नहीं दे रही है
36:10सारा को छोड़ जाड़के तो
36:12बागने का प्रोग्राम नाया वे उसने
36:17फिर तू क्यों पहने
36:19उसकी पसंद के रंग
36:28ये ये क्या के रही है जुबैर
36:32मेको दरोज ही होगाल
36:36निकी धा फोन आया है
36:39मेका बार ले मुल्जा बिठा है
36:41मेको ना तलाक अदा भी नहीं पता
36:45ना कोई कागज
36:46ना कोई शेह
36:51नूर भरी को नहीं पता था
36:52कि तुमने उसे तलाक बेजी है
36:53क्या ये सच है
36:55तेड़े सामने ता एक कोड मरे सी
36:59बिशन जिंदे को लुमर सी पुछो
37:01कि नूर भरी को तलाक मिलिये की नहीं
37:04कुछ बोलो जुबैर
37:06I have no clue
37:14मेडा ने के दिन आनलिका पड़ाया है
37:17बले उथो निकल गए
37:20वाँ पैवाँ
37:23बहु चंगे
37:25वल मेहीं दे प्यूदी रोटिया पकेग दी रहिया
37:31बड़ी पकेडी बनी वदी है
37:34असमा भी छोटे घर देता नहीं
37:38ड़ा मुरपे
37:39ड़ा मुरपे मिटे ना थी हन
37:41जड़े विले में परनी आ
37:46ना कुई बेड़ा है
37:47ना भेड़ा
37:49जड़ी शे है मिटे मापियो मिटे ना चाला है
37:55हींदा प्यूँ
37:57सारा कुछ खा पी के आपका बरिच वंद बढ़ाए
38:02हर शे हर शे स्वाफ खाली कर तभूड मैं केड़ पासे बना
38:15मेड़ा हींदे नालने का पड़ाया है
38:18हुण में को साम हो
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