00:17सुधा जैसे बिहार के नालंदा के सकूची डी गाउं में कई बच्चे हैं जो रोजाना नाव चलाकर स्कूल जा रही
00:25है।
00:25इस गाउं में ग्रामीडों को भी अपनी रोज मर रहा की जरूरतों जैसे बाजार या अस्पताल जाने के लिए भी
00:32उफंती सक्री नदी को नाओ के सहारे पार कर सकूची सराय गाउं जाना पड़ता है
00:41दोनों गाउं के बीच इस नदी पर मुख्यमंत्री ग्रामीड सेतू योजना के तहट 96.84 मीटर लंबे पुल का निर्माड
00:49होना है
00:50पर काम अब तक शुरू नहीं हो सका है
00:52पुल को बनाने की लागत कोई छोटी मोटी नहीं
00:55बलकी करीब 6 करोड 20 लाख रुपे तै की गई है
00:58नाओ से स्कूल आ रहे बच्चों को लेकर स्कूल के सिक्षत बताते हैं
01:05हमारे विद्रकी गाउं का ऐसे भी बच्ची आते हैं
01:07जो ना संपढ़न सडख है ना बिरीजी और ना उसे नदी को पाग के आते हैं
01:14और मेरा गाउं सौक्चुटी गाउं है
01:16वहां के बच्चीयां 40 से 50 बच्चे नाइट रहा पर नमंकन है
01:20जिसमें 30 लड़कियां 20 लड़के हैं
01:23बरसाथ के मौसम में ऐसा होता है
01:26कि बिद्रकी गाउं के लोगों के साथ साथ सभी बच्चों की मांग है
01:43कि सरकार पुल निर्माण का काम जल्द से जल्द शुरू कराए
01:47देश को आजाद हुए लगभग 80 साल हो चुके है
01:50बावाजूद इसके बिहार में आज भी कई ऐसे इलाके है
01:54जहां विकास अपनी धीमी रफ्तार से दोड़ रहा है
01:57यहां हर गाउं में स्कूल तो है
02:00पर बहां तक पहुचने के लिए ना तो कोई सडक है और ना ही कोई पुल
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