00:00शिवजी क्यों पहनते हैं म्रिक छाला?
00:02होली का दहन नरसिंह अवतार से क्या है कनेक्शन?
00:05पौरानिक कथा के अनुसार हिरण्य कशिपु ने वर्दान के बल पर अत्याचार किये
00:09लेकिन उसके पुत्र प्रहलात की भक्ती अडिग रही
00:11अन्ततह भगवान विश्णु ने नरसिंह अवतार लेकर संध्या समय
00:15महल की चोखट पर अपने नाखूनों से हिरण्य कशिपु का वध किया
00:19कथा के आगे के प्रसंग में बताया गया है कि वध के बाद नरसिंह का क्रोध शांत नहीं हुआ
00:24देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव ने शरब अवतार धारण कर उनके उग्र रूप को शांत किया
00:30मान्यता है कि इसके बाद शिव जी ने नरसिंह के चर्म को धारण किया
00:34जो व्याग्र चर्म या म्रिक्छाला के रूप में प्रतिकात्मक रूप से दर्शाया जाता है
00:38होली का दहन बुराई के अंत का प्रतीक है
00:40वहीं ये कथा अंदर के अहंकार और क्रोध को भी त्यागने की प्रेर्णा देती है
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