00:00नवफकार विशेश में स्वागत है आपका, मैं हूँ आपके साथ अरपता आर्या
00:04आर विशेश में एक ऐसे खबर जिसे सुन कर हर कोई हैरान है, परिशान है
00:11सवालों में एक संतान है, एक बेटा जिसने अपने ही पिता को पहले बिरहमी से मारा
00:18और पिता के शफ के टुकड़े टुकड़े करके एक नीले ड्रम में भर किया
00:23इससे पहले कि वो पिता की लाश को ठिकाने लगा पाता फकड़ा किया
00:28लेकिन सवाल ये है कि आखिर एक बेटे ने ऐसा किया क्यों
00:32लखनों से समझ श्रवास्तों की ये रिपॉर्ट देखिए
00:48लखनों में एक बेटा अपने ही पिता का हत्यारा कैसे बन दो
00:55एक बेटे ने अपने पिता को बेरहमी से काट कर नीले ड्रम में क्यों डाला
01:03चार दिन तक पिता की लाश घर में छिपा कर मासूम बनने की आक्टिंग क्यों करता रहा
01:11लखनों की आशियाना कॉलोनी में एक ऐसी घटना हुई है जिसने पूरे देश को हिलाक रख दिया
01:20आपको मेरट का बहुचर्चित सौरब हत्यकांड याद होगा जिसमें सौरब की पत्नी ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पहले
01:28पती की हत्या की और फिर
01:30शब के टुकडे कर एक नीले ड्रम में फेक दिये और उपर से सीमेंट का घोल डाल दिया था लखनों
01:36में भी बिलकुल ऐसा ही हत्यकांड हुआ है बस यहाँ पत्नी की जगह बेटा है लखनों में 49 साल के
01:43मानमेंदर सिंग को उनके ही 21 साल के बेटे ने पहले गोली मारी फिर
01:47पिता के शब के टुकडे किये और फिर नीले ड्रम में डाला और तेजाप से गलाने की तैयारी भी कर
01:53रहा था
02:03हत्कडियों में जकड़ा यही वो कल्यूगी बेटा अक्षद प्रताप सिंग है जिसने अपने पिता को माल डाना और हत्या भी
02:09ऐसी कि हर कोई हैरान है
02:13इस वक्त हम उस जगा पर हैं उस क्राइम सीन पर हैं जहां इस घटना को अंजाम दिया गया है
02:19अगली तस्वीर आपको मैं उस कमरे की दिखाने जा रहा हूँ
02:21यह वो कमरा है जिसे फिलहाल पुलीस ने सील किया हुआ है और यहां पर आप एक ताला लगा हुआ
02:26देख पाएंगे यह ताला लगा है और इस कमरे के अंदर वारदात को अंजाम दिया गया है
02:31मामला कुछ इस तरीके का है जो जानकारी फिलहाल सामने आ रही है कि एक पिता जो मानवेंद्र है जो
02:37शराप कारोबारी है पैथलोजी लाब्स भी है वो अपने बेटे पर नीट की पढ़ाई का एक तरह से दवाब बना
02:43रहे थे और उस दवाब के चलते बेटे को गुस्सा
02:46आया उसने राइफल निकाली और अपने ही पिता के सिर पर गोली चला दी उसमें पिता की मौत हो गई
02:53इसके बाद वो वहां नहीं रुका उसने बोडी छुपाने के लिए बोडी के टुकडे किये और उसे नीले ड्रम में
02:59डाल दिया बोडी यहीं रही इसके बाद वो खु�
03:13इसरा फ्लॉर है यानि की नीचे की तरफ अगर आप देखें तो यह पूरा मकान मानवेंद्र का ही है इसके
03:19दूसरे नीचे वाले फ्लॉर पर एक फ्लॉर छोड़कर उनके भाई रहते हैं अर्विंद ऊपर एक छट है और यहीं पर
03:25उस घटना को अंजान दिया गया है
03:35तो कहानी यह है कि मानवेंद्र सिंग लखनव में शराब के बड़े कारुबारी है इसके अलाबा उनकी कई सारी पैथलोजी
03:42लैप्स भी है वो अपने बेटे अक्षद और छोटी बेटी के साथ आश्याना इलाके की इस पोठी में रहते थे
03:48उनकी पत्नी नहीं है इसी घर म
03:50एक फ्लोर पर मानवेंद्र के छोटे भाई और बिजनेस पार्टनर भी रहते थे और एक फ्लोर पर किरायदार भी रहते
03:57हैं
03:5719 फरवरी की देर रात को मानवेंद्र सिंग किसी शादी से लोटे और फिर अचानक से 20 फरवरी से लापता
04:04हो गए
04:04सुभे पडोसियों ने और उनके छोटे भाई ने बेटे अक्षत से पूछा कि पापा कहा है तो अक्षत ने बताया
04:10कि पापा दिल्ली चले गए है और दो दिन में वापिस आएंगे
04:13लेकिन मानवेंद्र सिंग का फोन लगातार स्विश्ट ओफ आ रहा था अगले दिन भी जब फोन आफ मिला तो उनके
04:19भाई और बाकी पडोसी अक्षत के साथ ठाने गए
04:22मानवेंद्र सिंग की गुमशुद्वी की रिपोर्ट दर्ज करा है
04:24है और को वी स्विश्ट अपटा कि एक वह दिल्ली गया है आपने किसे पूछी यह बात लड़के से शेथ
04:40और दो दिन बाद पापसाएंगी तो हमने ठीक है दो एक दिन तक इंतिजार किया दूसरे दिन साम तक है
04:51ना वो दूसरे दिन साम तक फर भी सोचराव
04:54यहां सो छपो रहा तो उसके बाद हमने कहा कहा कि वह यह सोच हो है का कराIS के exciting
04:59Σबसे
05:01कि अब्लैस्ट करें फोग को कि तो उसके बाद फिलोगों ने मिलके
05:09सबने छाइप लिखने के बाद बात ताने में मिशिगों कि रिपोड लिखाई उसके
05:29पड़ोसियों ने बाकाइदा मानवेंद्र मिसिंग का एक ग्रूप भी बनाया था, जिसमें उनकी गुमशुद्गी की रिपोर्ट दी जाती थी, उनके
05:35बारे में पूछा जाता था, ये एक वाट्सअप ग्रूप था, जिस पर तमाम पड़ोसी एक्टिव थे
05:43मानवेंद्र मिसिंग का एक ग्रूप भी बना लिया गया था, जब मानवेंद्र यहां नहीं मिले, तो मतलब जो महला था,
05:48वो लगा था, कि आखिर मानवेंद्र गय कहा, जो हस खेल रहे थे, अब हम आपको ग्रूप भी दिखाएंगे, जो
05:53ग्रूप मानवेंद्र ये देखि�
06:17लेकिन थाने की पुलिस ने जादा लोड नहीं लिया
06:20तो फिर मानवेंदर सिंग के भाई और पडोसी DCP आफिस गए
06:23और उसके बाद पुलिस एक्टिव गई
06:25और फिर जो खुलासा हुआ उससे हर किसी की रूह काब गई
06:30पुलिस ने सकती से पूछताच की
06:32तो अक्षत ने बताया कि 20 फरवरी को रात को किसी बात को लेकर पिता पुत्र में विवाद हुआ
06:37गुस्से में आकर अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल से उन्हें गोली मारते
06:42मानवेंदर सिंग की मौके पर ही मौत हो गई
06:44घटना के वक्षत की चोटी बेहन कृती अपने कमरे में सो रही थी
06:48बताया जा रहा है कि अक्षत ने अपनी बेहन को धमकाया कि किसी को मत कहना
06:52इसके बाद तो अक्षत ने हैवानियस की सारी हदे पार कर दो
06:56वारदात मकान के तीसरे फ्लोर पर हुई थी
06:58पूछताच में आरूपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वो शब को घसीटते हुए ग्राउंड प्लोर पर लाया
07:04यहाँ खाली कवरे में शब रख दिया इसके बाद शब को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया
07:08पहले कार में लात कर गोगती नदी में फेकने की साजिश रची लेकिन शब का वजन जादा था
07:13इससे वो अकेले ऐसा नहीं कर पाया इसके बाद एक आरी खरीक कर लाया और पिता के शब के टुकड़े
07:19कर दिये
07:19धर ठिकाने नहीं लगा सकने पर नीला ड्रम खरीक कर लाया और उसमें डाल दिया
07:26इससे पहले के अक्षत धर को ठिकाने लगा था उसकी करतूत उजागर हो गई
07:58सबसे नीचे वाले फिलोर में ले जाकर एक नीले ड्रम में डालके उसने रखा था यहां गुमसुदगी दर्ज कराई गई
08:05जो मानमें सिंग के पार्टनर है उनको जब पता जला कि मुबाइल सुचोप बता रहे हैं तो उन्होंने गुमसुदगी दर्ज
08:11कराई चे लड़क
08:19सबाल ये भी है कि रात को धाई या तीन बजे जब अक्षत ने अपने पिता को गोली मारी तो
08:25फिर आसपडोस या नीचे के फ्लोर पर रहने वाले मानमेंदर के भाई की नीद क्यों नहीं खुली किसी को पता
08:30क्यों नहीं चला एक तरक ये भी दिया जा रहा है कि इस दोरान
08:59बहुत सी शादियों की आतिश बाजी भी हो रही थी
09:06पिता की हत्या करने वाला बेटा सवालों के घेरे में है और सवाल उस नामालिक बेटी पर भी है जो
09:12इस हत्याकान के बाद पूरे चार दिनों था खामोश रहे
09:15इस दोरान ये बेटी एक्जाम भी देती है घर से बाहर भी निकलती है अपनी सहलियों से भी मिलती
09:21उनके घर पर भी जाती थी लेकिन उसने किसी को भी इसके बारे में कुछ भी नहीं बताया
09:27लेकिन क्यों? देखिया हमारी अगली रुपॉर्ट में
09:40लेकिन सवाल ये है कि अक्षत ने अपने पिता की हत्या क्यों की?
09:44जिस पिता ने बचपन से पाला, जो सब कुछ उसी के लिए कर रहा था
09:48क्योंकि वो घर खा एकलोता बेटा था
09:50जिस पिता ने बचपन से ही उसे मा का प्यार भी दिया था
09:54अच्छे स्कूल में पढ़ाया, अच्छी जिंदगी थी, सारे एशो आराम दिये
09:58और उसी ने पिता को काट डाना, लेकिन क्यों?
10:01ये वो सवाल है जिसका जवाब हर कोई जानना चाह रहा है
10:06पूछताच में अच्छत सिंग ने बताया है कि वो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था
10:10उसने बताया कि पिता उस पर नीट निकालने का दबाव बना रहे थे
10:14घटना के समय बाचीत के दौरान उसने इसकी तैयारी करने से मना कर दिया था
10:18इस पर मानवेंदर सिंग भड़क गए और उस पर लाइसेंसी राइफल तान दे
10:23आरोपी ने पुलिस को बताया है कि राइफल चीनने की कोशिच के दौरान पिता को गोली लग गई
10:28जो भी इकबाल किया है उसमें बता रहा है कि उसके पिता जी उस पर प्रतियोगी प्रशाओं के लिए तैयारी
10:36कर दिकले दबाव बनाते थे
10:37इस क्रब में सुबह सुबह जबढ़ा हुआ और राइफल से इसने बोली चला दी जिसे कारण पिती मौके दही बती
10:43हो प्रतियोगी लेकिन ये थोरी किसी के गले नहीं उतर रहे
10:58क्योंकि वो खुद द्यापारी थे बड़े कारोबारी थे वो अपने एकलोते बेटे पर ऐसा दबाव क्यों मनाईगे ये किसी के
11:05गले नहीं उतर रहा खुद मानमेंदर के भाई ये थोरी मानने को तैयार नहीं है
11:21लेकिन सबाल तो ये भी है कि अक्षत ने तो पिता की हत्या की तो उसे पकड़े जाने का डर
11:26था
11:26इसलिए उसने सब को बेवकूब बनाया और वो घुमाता रहा लेकिन मानमेंदर की बेटी ने अपना मूग क्यों नहीं खुला
11:33ये कहा जा रहा है कि अक्षत ने अपनी बहन को धंकाया था लेकिन हत्या के बाद बेटी घर से
11:38बाहर गई
11:39इस बीच में अपना एक्जाम देने भी गई अपनी पडोसी सहेली के घर पर पढ़ाई करने के लिए भी गई
11:44तब भी उसने इसके बारे में किसी को क्यों नहीं बताया
12:06वानवेंदर सिंग के लाश उनके घर में पड़ी थी और वेटा अंजान बने रहने की एक्टिंग कर रहा था
12:11कह रहा था कि पापा दिल्ली गए है और इस दोरान उनकी बेटी भी नॉर्मल दे वो तो बाकाइदा अपना
12:17एक्जाम देने भी गई और पडोसी सहेली के घर पर पढ़ाई के लिए भी गई
12:41अब जादा कुछ ने सामान थी तुम पर रज़े नमस्ते नमस्ते के ठीक अपर अएक तेगर तो इसने यह भी
12:50पूचा था कि मैं आके पढ़ लू तो पढ़ लू तो पर लो आसा क्यों क्योंकि अपने घर में नहीं
12:55पढ़ पारी थी तेसा दा नें मैं साहिदी के वोवी इ
13:20पिलाल वुशेश में वक्त एक छोड़े से ब्रेक का है आप देखते रहे आज तक
Comments