Skip to playerSkip to main content
  • 14 minutes ago
उत्तराखंड प्रवास के दौरान देहरादून में हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने लोगों से संवाद किया.

Category

🗞
News
Transcript
00:00U.G.C की जानत बाद है, तो अभी इस विवाद में कोई जानत है नहीं, सुप्रिम कोड के पास
00:04मामला है, उनके पास से आने जो, उसके बाद उसका विचार करेंगी है, अगर उसमें विवाद यास, विवादन की संभावना
00:13है, तो जो आया नहीं उसमें क्यों पड़ा, आने क
00:27इसलिए उसको इस रूप में हम समर्थन करेंगी है, वैसे अपना देश विविधता को मानता है, और इसलिए प्रत्यक की
00:38विश्रिश्टतात अब लग लग चले तो भी, एक बन कर हम चल सकते हैं, परंदू नाजरिक कानों नहीं, क्या है
00:48विवाद है, विवाद अच्छे ज
00:57तो अपने आप लोगों में एक चलने की एक बात हो जाती है, उसका लाभ ही है, तो समाज को
01:05एक करनी के लिए वो लाभ, इसको हम पुरूर समर्थन करते हैं, और वो जैसे आता है, जैसे आना चाहिए,
01:14जैसे यहां पर लाया किया, एक प्रपोजर प्रपोजर देया दिया, �
01:19उसको पब्लिक गौर्में प्रपोजर देया, कीन लाग सुजाव है, सबका विचारवा, फिर से सबसे सम्वाद का, और फिर एक प्रस्ताव
01:28है, तो उसको स्विकार करनी में, तुरिणा से कशेना ही बहुत कम है, तो क्यों, समान नगरिक कानों लाना लोगों
01:37को एक बनाने क
01:40अधार लोगों में जड़ने लोई, तो दिखाएं पड़े का, आता है तो बहुत अच्की बाद, और आ सके ऐसा, इसलिए
01:47प्रसीजर बहुत अच्छा है, इसलिए दंसंध्या रहेंगे, उसके लिए स्वाध्या और उसको खिच्छा की सुविधा, शिक्षा की सुविधा,
01:55कि हम पैसी दे सकेंगे, कितनी बढ़नी चाहिए, कितनी हम कर सकते हैं, परियावरन के स्थिते खिच रखना, कितना हो
02:01सकता है, हमारे संसाधन कितने हैं, वो संसाधन बढ़ा थे बढ़ादे कि इतने बढ़ाने पड़ेगी, महिराओ का अख्रष्णा है, जन्मतों
02:13वो देग
02:13Thank you very much.
02:47foreign
02:48foreign
02:48foreign
02:48foreign
02:57foreign
02:58foreign
03:00foreign
03:00foreign
03:03foreign
03:04is
03:05the
03:06the
03:07the
03:07the
03:07the
03:07the
03:18the
03:23foreign
03:25foreign
03:25foreign
03:26foreign
03:27foreign
03:30कि अउसे पर निया नहीं कि अपना देश हर बत को सृत्रता देता है अैंड़ा संत्राइब करता है इसा करना
03:38जाए पोई जलब
03:46foreign
03:47foreign
03:48foreign
03:48foreign
03:49foreign
03:56foreign
04:00foreign
Comments

Recommended