00:05जमुई का ये भवन आम भवनों से बिलकुल अलग और खास है
00:11यहां अक्सर शर्माते हुई युवक युवती आपको दिख जाएंगे
00:16अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इसका कारण क्या है तो चलिए हम आपको बताते हैं
00:23दरसल जमुई मलैपूर मार्ग परिस्थित या भवन कभी जरजर यात्री शेड हुआ करता था
00:30जिसका जिन्दोधार किया गया और इसका नया नाम है शादी विवाहे तू देखा देखी भवन
00:38इसके नाम से आप समझी गए होंगे कि युवक और युवती आखिर यहां क्यों शर्माते हैं
00:45दरसल यहां गरीब और मध्यमवर्गे परिवारों के रिष्टे तै होते हैं
00:51इस भवन के निर्मान से सभी खुश हैं खास कर लड़की के परिवार वालों को बड़ी रहत मिली है
01:42काली मंदिर के संस्थापक अशोक सिंग से जानते हैं कि आखिर कैसे देखा देखी भवन बनाने का आइडिया आया
01:51जो पारी सुरिष होता था था तो लोग खता जाते थे जाव जाने के लिए मंदिर में तो जगा देने
02:11सटे हैं
02:13हमको बोलें कि यात्री सेड के पीछे में दो तो लेट्री बन बात हो।
02:17साथ जार रुपया नगा दू हमको दिये अपने पोकेट से निकाल के।
02:21साथ हजार हम अपना लगा कि चार थो लेट्री पीछे सो चले का दा हुआ हुआ
02:40यात्री शेड जो आज देखा देखी भवन का रूप ले चुका है इसका उधगाटन आरजेडी के ततकालिन सांसद और मंत्री
02:50रहे जय प्रकाश नारायन यादव ने किया
02:53आईए सुनते हैं उन्होंने क्या कहा
03:20काली मंदिर के संस्थापक की पहल पर बने इस देखा देखी भवन की देख रेक
03:25मंदिर कमीटी करता है यहां स्वचता और सभी विवस्था का विशेश ध्यान रखा जाता है ताकि लोगों को परिशानी ना
03:34हो
03:35वहीं यातरी शेड के रूप में इसका इस्तिमाल होता है फिलाल जमुई का यह देखा देखी भवन लोगों के बीच
03:43चर्चा का विशे बना हुआ है
03:46ETV भारत के लिए जमुई से राजेश कुमार की रिपोर्ट
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