Skip to playerSkip to main content
  • 15 hours ago
झारखंड बॉर्डर पर बसा बेंगवातरी गांव नक्सलवाद के नासूर से उजड़ गया. लेकिन, हालात सुधरने पर ग्रामीण लौटे तो उन्होंने अनोखी मांग रख दी. पढ़ें-

Category

🗞
News
Transcript
00:05चारो तरफ खुबसूरत पहाडियों से घीरा ये है छार खंड का अंतिम गाउं बेंगवात्री
00:12कभी ये गाउं खुसहाल हुआ करता था
00:15एक हजार के लग भग इसकी आबादी थी
00:18लेकिन नकसलियों की दहसत के चलते यहां से लोग धीरे धीरे पलायन कर गए
00:24गाउंवाले बताते हैं कि उनके साथ नकसली जात्ती करते थे और उनके लोट जाने के बाद पुलिस नकसलियों का साथ
00:31देने के आरोप में पिटाई करती थी
00:54जावालोग बिहार में चले गए हैं कुन-कुन गौम में गए हैं महवारी गिये हैं दर्साही लाहवारी तिन गौम में
01:01बैठा इस बिहार में इस सब इसी चेत्र में पड़ता हैं और मतलब कुछ लोग मतलब भाग गया
01:211991 से नक्सलियों की धमक इस गाउं में बढ़ने लगी थी बिहार और जार्खन का बॉर्डर होने के कारण नक्सली
01:28बेंगवातरी गाउं में आते थी और यहीं पर हथियार रखते थे
01:33गाउंवालों से पूरे डेड़ 200 जथे के लिए जबरन खाना बनवाते थे ना बनाने पर मारपीट भी की जाती थी
01:41गाउंवाले जब 2015 में बेंगवातरी लोटें तब से अब तक किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं मिली
02:10अब जब नकसली दहसत कम हुई है तो गाउंवाले धीरे धीरे अपने मूल निवास पर लोटने लगे हैं
02:16इस गाउं से वो नाता जोड़कर रखना तो चाहते हैं लेकिन चाहते हैं कि उनका गाउं जहारखन में ना हो
02:22इसे बिहार में सामिल किया जाए
02:52कि मांग कैसे पूरी होती है क्या जहारखन सरकार इनके पुनर्वास के लिए कुछ मदद करती है ताकि इन लोगों
02:59का गुस्सा कम हो और जरूरते पूरी होने के बाद सीक्वे सिकायत दूर हो जाएं
03:03अभी छेत्र कहने को जहरकन में है लेकिन बिहार से इस गाउं का बड़ा बास्ता रहा है और अब जो
03:11बेचिरागी का भी गाउं हो गया था एक बार फिर से यहां खुसाली आबादी लोटने लगे है लेकिन यहां के
03:18लोगों को कहीं ने कहीं सरकारी मदद की दर्कार जरूर
Comments

Recommended