00:00ममता बिनर्जी जी की छटपड़ा हट, बॉखला हट और घबरा हट दिखाती है कि वो आने वाले चुनावों को लेकर सहज नहीं है, सहमी हुई है और कहीं न कहीं उन कागजों में उस पेंड ड्राइब हैं, काले चिठे किसके थे, अब कहने की जुरुरत नहीं, ममता बिनर्
00:30जाएं, बाधाएं डालें, तो देखता है कि दाल में कुछ काला नहीं, यहां तो पूरी दाल चुनाव एक के बाद दूसरा हारते हैं, और फिर कभी EVM पर ठीक राप फोड़ते हैं, कभी VVPAD पर, कभी Election Commission of India पर, यह वो लोग हैं जिनको भारत की जनता नकारती हैं, लेकि
01:00उनके साथ जुड़ जाते हैं, कभी सोरोस के सुर्ख के साथ सुर मिलाते हैं, तो कभी दूसरे टूल किट का सायोग लेकर, अपनी ही संवेधानिक संस्ताओं पर प्रश्चिजन खड़ा करते हैं, और मैं इतना जुरू कहूं, जो स्वें इकलौते चुनकर पार्लैमेंट म
01:30नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्ति जो जमीन से जुड़े रहे, गरीब परिवार से आए, चाय बेचने से लेकर संगठन के कारे तक क्रम किया, आज उन्होंने देश के विकास के लिए अपना जीवन खपा दिया, अगर वो देश का कल्यान कर सकते हैं, तो अगले कई सालों त