00:01उज्जेन केश्री महाकाल इश्वर मंदर में अब भक्ती और भक्ती की फीस आमने सामने खड़े दिख रहे हैं
00:05संध्या हूँ या शैनार्ती हर आर्ती के लिए 2500 रुपे की एंट्री फीस और अनिवार या ऑनलाइन बुकिंग को लेकर
00:11सवाल उठ रहे हैं
00:12असल में उज्जेन में बापा महाकाल की नगरी में एक नई व्यवस्ता लागू हो गई है
00:16अब संध्या और शैनार्ती में शामिल होने के लिए शद्धाल्मों को अधिकरत वेबसाइट पर 2500 का शुल्क देकर पहले से
00:24स्लोट बुक करना होगा
00:25दो पहर 12 बज़े से संध्यार्ती और शाम 4 बज़े से शैनार्ती की ऑनलाइन बुकिंग शुरू होगी
00:30प्रवेश का समय भी तै कर दिया गया है तक ये आर्ती के दोरान भीड नियंत्रित रहे
00:35इसी को अब मद्य प्रदेश कॉंग्रेस अध्यक्ष जीतु पटवारी अधर्म बताने लगे
00:39जीतु पटवारी ने इसे 12 चरित्र बताते हुए सवाल किया है
00:42ये एक तरफ बीजोपी आस्था की बात करती है दूसरी तरफ भगवान की आर्ती की फीस ले रही है
00:47जिसके बाद धर्मस्व राज्यमंत्री ने कहा कि मुखिमंत्री से इस फैसले को लेकर चर्चा करें
00:54ये जो शिलक लिखा है ये गलत है क्योंकि हर कोई आपने विश्था से आता है यात्रा के लिए आता
01:00है
01:15पहले फ्री रहता था अभी थोड़ा सा पैसा लेना श्टार्ट कर दिया है अभी जिसके पास पैसा है तो वी
01:23आईपी वी वी आईपी दर्शन करी सकता है
01:25लेकिन गरीब आदियों का क्या अभी वो करदी दस लोग पंदरा लोग बीस लोग आ रहा है तो उनको डाई
01:29सो रुपे की हिसाब सो करीबन पास जार रुपे होता है
01:31तो एक गरीब के लिए तो उतने दूर सो लोग आता है दर्शन करने उनका अलग एक्सपेंस लगता है अभी
01:36आके यह दि आप यहां पे शायन आर्थी पे ज़्यादा पैसे दोगे तो अब यसी वाद थोड़ा सा परिशानी का
01:40सबक तो है यह
01:41मंदिर प्रशासन का कहना है कि विवस्था बहतर होगी और लोगों कुछसे सुवधा मिलेगी
01:46सवाल ये है कि इश्वर के दर्शन आर्थिक रूप से संपन लोग ही करेंगे
01:51इश्वर के दर्शन में हमारी जो सरकार है वो ऐसी वेवस्था पर नहीं कर सकती कि जो आम भक्त है
01:57उसके लिए कोई सरल तरीका निकलाए
02:00मुहन यादो जी प्रदेश के मुख्य मंत्रिय महाकाल का बखान करने में किसी भी स्पीच में वो कूर कसर नहीं
02:08छोड़ते हैं
02:08उनकी सब्वेदन शिलता कहा गई और सवाल इस बात का है कि हर चीज में पेशा मतब धर्म पेशे से
02:17तोलने लगेंगे आध्यात में पेशे से तोलने लगेंगे बोले नात एक सरष्टी ब्रहमान में ऐसा कोई बचा हुआ नहीं है
02:25ब्रहमान ही बोले नात है और अगर उन महाक
02:29के दर्शन के लिए आम जन गरीब जन को पेशे की वेदना सहनी पड़े तो इससे निर्ले जिता और कुछ
02:35नहीं हो सकती है विरोध शुरू हो गया है इसका कहा जा रहा है कि धर्म के नाम पर इस
02:39तरीके से व्यवसाई करण मंदिर का बंद हो ये जनता भी कह रही है वहां की
02:43और विपक्ष ने भी आरुख खड़ेगी देगे हमारी सरकार धर्म और संस्क्रती को लेकर चले वाली सरकार है और महाकाल
02:53लोग पर डारेक्ट सरकार का कोई यसा वो नहीं है इसमें प्रवंधन समीती ने को ये निर्णा लिया होगा तो
03:01आप मेरे संग्यान में ये बात ला
03:06कि कि इस परकार का सुल्क क्यों लिया जा रहा है प्रयास ये करेंगे कि इस परकार का कोई सुल्क
03:11ना लगए
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