- 8 months ago
Category
🎈
FunTranscript
00:00कर दो
00:01कर दो
00:02कर फिर्धाराइब
00:05इस फॉर
00:06खर्शिर
00:06कर दो
00:07कर नच्छित
00:15कर दो
00:15इस फॉर रहे यह
00:17विडि़ो पना रहे?
00:18विज़ भॉट
00:21तेरा यह वीडियो मध दिलीटी का फॉल
00:23वंदे मेरा विजय मारेगा
00:25मुझ्जय मारेगा
00:42एड़्ी इस लड़की कि लाशह में नेरु वैर के बास निली ती पहचान हो कि है
00:55वह लड़की नहरू वेहर की थी
00:58पॉंस्टमल ने जब उसका फोर्ट उसके पेरेंट्स को दिखाया तो उन्हों ने इसे अडिटिफाई कर लिये
01:03अरोई
01:05अरोई
01:07उस लड़की काना मार हुई है
01:08पेरेंट्स का कहना है कि वह कल्रा सिगर नहीं लोटी थी
01:14अरोई
01:14नशे इतना अंधा हो गया है
01:16कि अपनी पहन का वीडियो
01:19हाँ, बनाया वीडियो
01:20और अगर चाती है उसे बच के पैसे ना कमाऊ तो पैसे बे मुझे
01:23अगभ तू इतना गिर गया है
01:25कि अपनी बहन की इज़त भी बेच सकता है नशे के लिए
01:29जाते काम कर ती पैसे कमाती ही
01:33आप़ कानाती ही
01:35आर इसको पैसे चाहिए
01:37कि यह ले
01:41इयले पैसे
01:42यह ले
01:45उन्यू करनाय कर
01:46से सुख करま कर
01:48सुख एग
01:51सुख
01:51शुख
01:55सुमे कर
02:17आप लोगों की आरोही की किसी के साथ कोई दुश्मिनी थी
02:25आप लोगोंने आरोही को आखरी बार कब दिखा था खल दुपहर को
02:28ममा मैं आती हूँ हाँ कहा जा ली आरोही निशा के घर ममा कमबाइन स्टडी के लिए आपको बताया था
02:35ना
02:35पर अच्छा मैंने उसकी दोस्त को फोन किया तो उसने कहा कि
02:38हाँ अंकल आरोही तो आट बजे चली गई थी
02:40निशा वो तुमारे घर आई भी थी है उसना तुमसे जूट बोलने के लिए का
02:44तो आपको लग रहा है कि आरोही की दोस्त निशा ने आपसे जूट बोला था
02:49शायद
02:51और आपको लगता है कि आरोही का किसी के साथ अफेयर था
02:53सर आरोही का अफेयर था ही नहीं उसके फैमिली को गलत फैमी थी
02:58कैसी गलत फैमी
02:59कोई तो उसे बार-बार कॉल करता था और हाँ बहुत सारा गिफ्स भेशता था
03:04पर वो था कौन ये तो पता होगा ना तुमें
03:07नहीं सेर
03:07वो कौन था वो मैं तो क्या
03:10वो तो आरोही को भी नहीं पता था
03:13आरोही तो इन सब चीज़ों को
03:14लाइटली मतले यार
03:15मेरी बात मान एक बार अपनी पैरेंट्स से बात करके देख
03:18वो फायदा नहीं है यार
03:20उल्टा वो लोग मुझे ही गला समझेंगे
03:22उसके पैरेंट्स ने कभी उस पे ट्रस्ट किया ही नहीं
03:26और उसके फादर का नेचर बहुत जादा अनौई है
03:28फो अपने आगे किसी के नहीं सुनते
03:31कहीं ऐसा तो नहीं है कि निशा जानभूच कर उस लड़के के बारे में हमसे चुपा रही है
03:34सर अगर वो लड़का आरोई को बार बार कॉल करता था
03:36तो आरोई के कॉलिवर्ट से पता चलियागा
03:39और एक बार पता चलिया कि वो लड़का कौन है
03:40तो यह पता लगाना मुश्किल नहीं होगा, कि निशा हम से कुछ छुपा रही है या नहीं?
03:43करेक्ट, आरो ही हो निशा, दोनों के बारे में सब कुछ पता करो
03:47हो सकता है निशा उसके बारे में जानती हो, लेकिन किसी वज़े से छुपा रही हूँ
03:52करेंज़े के उसके रायाँ, करींगी मुदर भाष्ट है
03:58बंभुले, बंभंभुले
04:02खरएज।
04:03ढर मुझ्स्रे
04:07में दरता नहिए, मैं डर आता हूँ
04:10क्या पसर, क्या हुआ है
04:13क्या फरजी बाबा बना फिर ते, हम अब में डराओंगा।
04:17दराना है
04:18चल
04:19मिरे साथ चल
04:20चल ना
04:21मैं बताता हूँ,
04:21तुझे किस्को साथ करा
04:23नहीं
04:24चल
04:25नहीं
04:25नहीं
04:25चल
04:26थे
04:27सर
04:28आरोही के कोल यपॉर्ड में एक नमबर मिला है
04:30और यह नमबर किसी आलिमनम की लड़के का है
04:34मतब ये वो ही लड़का है जो बार बार आरोई को कॉल कर रहा है
04:37जी सर
04:38लेकि सर निशा के कॉल इकॉर्ड में अलिंग का नमर नहीं मिला
04:40और ये नमर पलवल के एडिस पर रेस्टर है
05:21हारा ना भूलो पार आरलिंद के कर पे तो ताला लगा ऐसा
05:24मत अब उसका आरोई के मडल से कोई ना कोई कनेक्शन जरूर है
05:27इसके फरार हो गया उससा कोचने कोई लीब
05:29आरलिंद के आसपरस में इंक्वाईरी के तो पता चला उसके आगे पीचे कोई निये
05:32लेकिन एक बात असा है
05:34आरोई का मर्डर हुआ चार दिन पहले और आरलिंद का खर पिछले दो महिने से बंद है
05:37लेकिन आरलिंद का फोन आरोई के मडर वाली रात तक फरीदाबाद में अटिव था और उसका अगर है पलवल मतलब
05:43पिछले दो महिने से वो फरीदाबाद में रह रहा है
05:45मामला को जटवटा लग रहा है
05:49एक काम करो रहा ना नीशा से बात करो देखो वालिंद के बारे में क्या होंती
05:55सर इसको मैंने कई देखा है यह तो आटो वाला है
06:06आटो वाला हाँ
06:08मैं और आरोही अकसर इसके आटो से कॉलेज से घर आते थे
06:10में तो क्या इसने कभी आरोही के साथ कोई बरत अमेज जी ही या
06:13यह सैर ऐसा तो खुच भी नहीं था
06:14वह द्यासता कुछ बोलता भी नहीं था
06:18हम पर एक बात है
06:20हम जब उसको आटो में होते थे ना
06:22तो वह मिरर से आमें देखने की कोशिश करता था
06:38सर फरिदाबाद के आउटो इस्टेंट पर हमने आलिंद के बारह बना पता किया
06:40वह हमाद दो मृए नहीं ने पहले सी आटो चला रहा था
06:42और आरहो ही के मर्डर के ब魚 से गायव है
06:45वो फरीदाबाद में कहा रह रहा था, किस के से मिल रहा था
06:47कुछ तो पता चला होगा
06:48नहीं सर, यहां उसके बारे में कोई कुछ नहीं जाता है
06:52हैरानी की बाद तो यह कि आलेंद एजूकेटर था
06:53बीटे कर रहा था उसे
06:57पलवल से पढ़ा लिखा लड़का
06:58जिसका पलवल में अपना खुद का घर था
07:00वो फरीदाबाद में ओटा चलाए
07:06ऐसा कोई पागल प्रेमी कर सकता है
07:09यह जरूर आरोही से एक तरफा प्यार करता होगा
07:12और उस रात इसने आरोही से अपने प्यार का इसहार किया होगा
07:15और मतलब सर वो कोफ्त इस सिर्फ रियाशिक आलिंद की थी
07:20कोफ्त जब प्यार महबबत की हो
07:22तो कभी-कभी उसके साथ जुन भी दस्तक देता है
07:26और यह दस्तक आरोही को रोजाना मिल रही थी
07:29चूप आरोही के माता-पिता से भी हुई थी
07:31और आरोही से भी हुई थी
07:33यह चूप क्या थी? क्यों हुई थी?
07:36यह एक बड़ा सवाल था
07:37इसका जवाब उस वद हमारी सोच से परे था
07:40उस वद हम आलिंद को ढूण रहे थे
07:43और तभी एक साथ कई और अपराद
07:45इस केस की फैरिस्ट में जुणने को तयार खड़े था
07:48सुरिए
07:50आपने लेरी भाई जगी को देखा क्या?
07:55भाई देना यार
07:56यह चाहिए है
07:57जा पहले पैसे लेका
07:58भाई बोलता हूना अगली बार दे दूँगा पैसे
08:00पहले पैसे लेका रासा
08:01भाई रहा हूना अगली बार दे दूँगा पैसे तेरको
08:03भाई रहा हूना अगली बार दे दूँगा पैसे
08:05देदो यार रहे भाई मेको क्यो नहीं दे रहा है तू
08:08देदो यार
08:09फॉर
08:11फॉर
08:12अभे रोक तो
08:13फॉर
08:16मारेगा उसे
08:17मारे बनेगा मुझे
08:19मार मुझे चलिया उसे
08:24सर आरोही की पोस्मोडम रिपोर्ट
08:27हमारा अंदर से बिलकुल सही था
08:28इसका रे भी किया गया था
08:31पोस्मोडम रिपोर्ट के हिसाब से
08:3219 सूत लंबी लोही की कील जैसी
08:34किसी नुकिली चीज को इसकी बॉड़ी में
08:36पांचे इंच गरहे तक बार-बार भूपा गया
08:37मौत की वज़े एक्सेसिब ग्लीडिम
08:41नुकिली चीज
08:44ये ऐसा क्या हो सकता है जिसे मटर वैपन बनाया गया
08:50बोला दूंका साव
08:57मज़ूल लोगा जरुवत है दो
08:59साव जोद्यारी दोगे काम करूंगा काम की बहुत जरुवत है साव
09:15कामची तेरी हालत ना चुराया पर बीक मंगने वाले जसी हो रही है
09:18मेरी बात मान तेरी सारी मुष्क्लन दूर हो जाएंगी
09:23करना क्या होगा से अरे मैं बताता हो ना अरे ओच चुंदर जल्दी ते दो ग्लास अरबत बना दे को
09:29नी ठीक और मैं पिडा रहा हूं ना यार मौज कर के देख रहा है जल्दी करना
09:37देख मैं तेरी भटी किसमत सिलने वाँ लेकिन उससे पहले ना तुझे तेरी ये इमानदारी और इस रापट छोड़ने के
09:45देख इतना इसे कुछ नहीं होगा ठीक है अगर मेरे साथ रहेगा ना तो एश करेगा
10:17आरोई की बोड़ी पर जिस मोटाई के खाब से उसके हिसाब से आइस ब्रेकर सबसे नस्लीक वैपन है
10:25हो ना हो किलर ने आइस ब्रेकर का इस्तमाल क्या हो तेकि सर ना तो क्राइम सीन के आसपास से
10:29हम ऐसा कोच मिला और नहीं आलिंद के घर से
10:32कि राना इस एरिया में जिंजिन हाडवेर शोप पर आइस ब्रेकर मिलते हैं सब प्रालिंद की फोडोगों
10:52यह जोट मुटका दुखी होने का नातक मत कीजी सब आपका दोश है आपने कभी मेरी आरोही पे भरोसा नहीं
10:59किया
10:59मैं मानता हो मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई गलती हरे मेरी आरोही नहीं रही और गलती नहीं गुना है
11:11सिर्फो लड़के नहीं मारा मेरी आरोही को उसके मौत के जिम्मेदार आप भी हो
11:16हो बढ़के ठाहन से नहीं हो अब़के आपू झाप भाइए
11:42कि अपाँ
11:46दर्द हो रहा है भाईया, मुझे माफ कर दो भाईया, सारा खाना गिर गया, घर में फूटी कोडी भी नहीं
11:54है, पर वो लंबरदार तो आपको काम दिला रहा था ना भाईया,
12:01नंबरदार अच्छा अभी नहीं है, उसके साथ नहीं करना काम हो लिए, कहीं न कहीं से पैसों के इंजाम हो
12:07जाएगा, तू परिशान बना,
12:08पैसा है हमारे पास भाईया, आज बहुत बक्षीश मिली मुझे, सबको मैंने बहुत हसाया, बस आपको दुख पहुचा दिया,
12:27बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है,
12:35बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है,
12:46बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहुत है, बहु
12:57अग बत्य कुछ जड़ जड़।
13:28म कर उससा अनिर्वेखा पर उससISS अनिर्वेखा कर उस सकम बादो कर उससस जाएं
13:57वू shoulder
14:08सर इसके पॉकेट में तो कुछ भी नहीं, लेकिन मानने का तरीका सेम है, जैसे आरूही को मारा गया है,
14:14इसे भी किसी पतली और नोकली चीज से खोप-खोप कर मारा गया है,
14:18सर, सर, सर, यहां भी उसी तरह का बियर गयन मिल ए, जैसा आरूही की लाज के बास निमलाता है,
14:25मतलब साफ है, आरूही और इसका किलर को यह की है, सर, सिर इस आदमी की बारे में पता चला
14:30है, किसी आकसल लेबर चोक के आस-पास दिखा गया था, लेबर चॉक, जीज, बोडी �
14:35जीज, बोडी आस-पास पता करो, हम लेबर चोक जाते है, सर, देखो आस-पास पता करो, तो जानता है
14:52क्या, इसको पचानते हो क्या,
15:12शर्वत पिलाओं साब, ने, इसको जानता है, हाँ साब, ये तो लंबरदार है, लंबरदार, हाँ लोग इसको यही बुलाते है,
15:25इसका असली नाम तो हमको नहीं मालू मैं, इसके बारे में कुछ और जानता है, ये कहा रहता था, इसका
15:30कोई दोस, रिश्टेदार, इतना त
15:33साथ हां लेकिन कुछ दिन पहले ये आदमी हाया था और इसके साथ एक और लड़का था यहां खड़ा था
15:39वो फिर बीच में एक बहरुपिया आया वो दराने लगा सब को फिर दो लोग आये और मारने लगे इसको
15:44पचे ब लंबरदार के पीछे जो लोग भागे थे वो कौन �
15:50नहीं साथ इतना तो मुझे नहीं मालूम और लंबरदार के बारे में साथ इस से ज़्यादा मैं कुछ नहीं जाना
15:56था यह यह वही बहरुपिया है साथ यह वही है साथ ए रोट इधर है ए पगड़ा इसका जाओ उधर
16:11जो अधर तो
16:19पड़िया ह साथ पीषा ट्रूपिया लंगे ए यह इसरे लिए टिते हां कि अन्यूद्र घूर वही बहुर्यां दुरिया टियूसे हो
16:42जड़ू
16:43आरो ही कि फ्रेंड निशा बोल रहू हूँ
16:44का निशा बोलो
16:45सर मेरी जान खत्र में है
16:47मैं अब से मिलना जाती हूँ
16:52सर एही वह जगह है
16:53मैं कल राद उधर से आरही थी
16:55तुझ कोई मेरा पीछा गर रहा था
16:56एचाना किसीने मेरी तरफ बीयर की कैंट खेकी
16:59अमन्धी अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी
17:09निर्विया अमन्धी निर्विया अमन्धी निर्विय
17:29शलूक बारा था वहू
17:30शलूक, कया शलूक, कुंसा शलूक
17:33खुछ समझ ने आया
17:34खुछ तो अज ही भी बार रहा था वहू
17:37सर मुझे लगता है जो अरुई को मारा रहा है
17:39वह मुझे भी मारना चाहता है
17:40छिब मुझे बचा लीजे सर
17:43निशा, तुम्हे फिर्फिरोगा, हमारा एक उस्टेबल तुम्हारे रहेगा, तुम्हारे गर के बार गरेगा
17:47थैंक्यू सो मज़ से
17:54तैसे खताम होगे तो घर याद आगया
17:55तेरे चक्कर मुझे अपनी जिंदकी बरबाद नहीं करनी है
17:59टुछियो करना है, कर लेकिन जा तुब एक नहीं doit look us came
18:04मैं जानता हूए दीदी
18:06मैं आपको बहुत दुख देता हूँ
18:08मैं बहुत बुरा हूँ
18:09पर मैं क्या गरोओ मेरा खुت पेभास नहीं चलता
18:12मैं बहुत पुरा हुदीदी। मैं बहुत बुराु अजप़ोऑ
18:29ए उनिय जाने दोगी एड आप साी ुँ
18:32ए उन चांची पुछ ऑर मजद को
18:35शरकी शरकी
18:37धरी मुझे मध्रो 45 शरकी
18:38आप चांची ठहुंक
18:41शरकी साना करते हम इसे उनियो छाहणा
18:44पर सब्चिक हो जाएगा तो समझतै आप सा
18:49ऑाा एकुछ Googleी नहीं नय्ची
19:02क्या जुरती पुलिस को देखर भागने की?
19:04हमने कोई गलत काम किया जो हम पुलिस से तरेंगे?
19:06आपको तो पता है ना भाईया?
19:07हमको पुलिस को देखके बहुत डर लगता है
19:10पर वो याद है ना?
19:12गाउ में हमारे जाथ पुलिस स्टेशन में क्या हुआ था?
19:19जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए
19:26जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए जिए
19:32जिए जिए जिए जिए जि
19:53सर, हाड़वेर की कई दुकान में बता गिया मैंने
19:55आलिंद ने कहीं से भी आइस ब्रीका नहीं करीदा था
19:57सर
19:59सर, गोले वाले ने ये बेहरूपिया
20:01और ये दूसरे आदमी का स्केच बनवाया है
20:03जो लंबरदार के साथ थे
20:06लेकिन सर, गोले वाले को उन दोनों आदमीयों का चहरा ठीक से याद नहीं है
20:09जिन्होंने अलंबरदार के उपर अटेक किया था
20:12ये आदमी और ये बेहरूपिया
20:14दोनों के स्केशे स्केशिस सर्कुलेट करो
20:15कैसे भी करके पता लागो उनके बारे में और आलिंद के बारे में भी
20:18सर्थ
21:02तब उसने पहचाना कि इनी दोनों ने उस दिन रगोईर पर अटेक किआए
21:06चोरी के केस में दो-चार बार अंदर भी जा चुका है
21:08इसके केंग में दो मेंबर और है पिंटू और बोलू
21:10उस गोले वाले को हमने पिंटू और बोलू की तस्वीर दिखाई
21:13तब उसने पहचाना कि इनी दोनों ने उस दिन रगवीर पे अटेक किया था
21:18वो बेरूप यार उसके साथ जो दूसा लड़का था
21:20उन दोनों का पिंटो और भोलू से क्या था रक्षन है
21:22सर ना तो इनके आपस में कनेक्शन का पता चला है
21:24और नहीं आलिंद का इन दोनों हत्यारों से कनेक्शन का पता चला है
21:27सर यह रगवीर पेशोवर कर में था
21:29इसके गैंग में दो लोग भी थे
21:30कहीं ऐसा थो नहीं
21:31कि ये तीनों लूट के एरादे से हत्या करते हूं
21:34और वोई को भी लूटा गया था लेकिन
21:36रगवीर को आपसी रंजिश के चलते मार दिया हो इन दोनों ने
21:39हो सकता है
21:41लेकिन निशा ने बताया कि उस पर हमला करने वाला अकेल आदमी था
21:46रगवीर के गैंग में दो आदमी थे
21:48इस बेरूपया के साथ भी एक लड़का था
21:49इनके अलावा सिर्फ आलिंद ऐसा है जो अकेला था
21:52इन सब के साथ साथ आलिंद को भी नोटो
21:55तब ही जाकर इस केस की गुत्तिश सुझेगी
21:57सर्ब
21:59सलापने इससे की चार लाग दबोश कर मरायो लंबरदार
22:02पता करना पड़ेगा पैसा का चुपया उसने
22:04बोलू बाई बाहर निकले तो पुलिस दबोश लेगी
22:07कुछ ताइम यहीं रुपते
22:12सर्ब मुईराबाद में एक मडर केस सामने आया है
22:15इस आदमी को भी वैसे ही मारा गया है जैसे आरोही
22:17और लंबदार रगवीर को मारा गया था
22:19और इस आदमी की डेड बोडी के पास भी सेम बियर कैन मिलाए
22:22यह किलर रफ वरीदावास से बुझरा बात मेंच गया है
22:26कई यह सीरियल किलर तो नहीं
22:38शाना
22:38सर्थ
22:39इन तीनों मडर्स में एक चीज कोमन है
22:41क्या सर्थ
22:48इसका मतलब किलर विक्टिम्स के पैर में परपजली काला धागा बांता है
22:51करेक्ट
22:51इन तीनों मडर्स का किसी ना किसी तंत्र से करेक्शन जरूर है
22:55हो सकता है तीनों विक्टिम्स का किसी तंत्र के हैं आना जाना हो
22:58शाना एक काम करो
23:00आरोही के पेरेंट से पिर से बात करो
23:02और पता करो कि आरोही का या उनका
23:03किसी तांत्री से कोई कनेक्शन है क्या
23:11नहीं सर
23:12आरोही के पेर पे कभी कोई काला धागा बांधा नहीं था
23:15पर हमारा और आरोही का कभी तांत्री के पास आना जाना नहीं दा
23:25जोपड़ पट्टी में रहता है लेकिन अभी दोनों भाई घर पे नहीं है
23:30चीक है
24:06साब अगर कुछ पूछना था तो वहीं पूछ ले थे यहां बुलाने की क्या जरूरत थी
24:09जो पूछा गया है उसका जमात दो हां साब मैं जाती थी उस लड़के के पास
24:15लेकिन वो लड़का था भी के नहीं ये मुझको डाउट है
24:19तुम उस बेरूपिय की बात कर रही हो
24:21हां साब एकदम नोटंकी था वो पैसा देता था मुझे लेकिन मेरे साथी नहीं सोता था
24:28ए कपड़ा नहीं कपड़ा नहीं तुमको पैसा दिया न अब तुम पूरी रात मेरा कर्तब देखोगी हां
24:37साब वो नाच नाच के मुझे अजीब अजीब से कड़तव दिखाता था
24:41लेकिन उसका भाई चुप चाप बाहर बैठा रहता था
24:46सुन्बे तेरे भाई ने तो कुछ नहीं किया
24:48तू करेगा क्या
24:49और वैसे भी रात बर तो
24:51अड़े अतरंगी थे दोनों भाई
24:54ठीक है तुम जा सकती हो
25:00बढ़े अजीब बात है नादा
25:02ये दोनों भाई प्रस्टिट्यूट को अपने पास बलाते थे
25:05लेकिन इसके साथ कुछ करते रहे थे
25:08जबकि आभुई के साथ रेप गवा था
25:25को मनतीय अवंतीय निर्भयूओओओओववववववववववववववववववववववववव regres inclusion
26:08सर, पहले दो मडर फरीदाबाद में, पिछला मडर मुईराबाद में, और अभी एक मडर पलवल में,
26:15मोटोस आपनीडी भी सेमी अशार, बॉढटी के बास बयर की केंच और पर में काला दागा मना है, एकसार रात
26:37को लेड़ गार आते हैं, आपके पती की किसी के साथ कोई दुश्मरी थे?
26:46नहीं
26:47आपके पती की तरह कई और लोगों की भी बढ़र हुए
26:50जिन में
26:52यह हमारे सस्पेक्ट है
27:00इन में से आप जानती किसी को
27:10नहीं साप
27:19राना मुझे लग रहा है वो और अधम से कुछ छुपा रही है
27:22पतलब सार आप क्याना चाहते हैं कि वो इन सस्पेक्ट में से किसी को जानती हैं
27:24हो सकता है
27:26आइ तिंग वो किसी दर की वेश से चुपा रही है
27:28उस औरत और उसके पती के बारे में सब कुछ बता को
27:31रिशी केश के मडर से पहले तक हम ये मानगड चल रहे थे
27:34कि ये केश किसी सीरियल किलर से जुड़ा था
27:36जिसमें तंत्र, मंत्र, प्यार, महबब, सब एंगल्स नजर आ रहे थे
27:40पर उन हत्याओं के पीछे एक कौफ्ट, एक रंज थी
27:43और ये कौफ्ट और ये रंज किसकी थी?
27:46यह हम उस वक्त नहीं समझवा रहे थे
27:48साइको लवर आलिंद, बेरूप्या रंजीद, उसका भाई कोशल,
27:52हिस्षी शिटर रगुवीर के आदमी, हम सब को ढूण रहे थे
27:55लेकिन उन हत्याओं का मकसद क्या था, उन्हें अंजाम तक पहुचाने वाला कौन था
27:59ये तब एक बड़ा सवाल बना हुआ था
28:14सर अपने खबरियों से आलिंद के बारे में टिप मिली है
28:16वो पलवल में देखा गया और वहां के घर में छिपा हुआ है
28:20उठा लो
28:20सर
28:23ऐसे कब तक भटकते रहेंगे भईया
28:24चलो फरीदाबाद में अपने जोपडे पे चलते वापस
28:27आप सही कह रहेते
28:29जब हमने कुछ किया ही नहीं तो हम डरेंगे नहीं किसी से
28:32तो परिशान मतुपत जाए कैसे घर अभी मुद्धिक
28:37कहां जाना है
28:38फरीदाबाद
28:39अरे आजाओ बैठ जाओ भाड़ा बस काही दे देना
28:41आजाओ आओ आओ आओ आओ
29:26तुना मेरी समझ में नहीं आ रहा है
29:28तुने बीटेक किया
29:30बीटेक करने के बाद रिक्षा चलाने लगा
29:32और ये मंत्र कहां से सिखा तो ने
29:34कौन सा मंत्र साफ
29:39अब बोल
29:40मैं तो आरोई के लिए पागल था साफ
29:44उसको देखने के लिए आटो चलाने लगा
29:46उसको फोन करके गिफ्ट देके उसके हां का इंतजार करता था साफ
29:50लेकिन वो
29:52साफ में ढर गया था साफ
29:55ढर गया था मैं जानता था कि आप लोग मुझे ही पकड़ोगे
29:58लेकिन मैंने मटर नहीं किया साफ
30:03का इसानी को अज़ा पोले का था
30:05सर शरिषिएष नाम के जिस आदमी की लाश हमें पलवल हाई वे मिली ती
30:13उसके बार में पता किया मैंने
30:15अस आदमी की खुद की अपनी प्र ने पहलो पर वहां भी तो रहता नहीं था
30:23कभी-कभी मिलने के लिए आता था
30:24Sir!
30:25Sir, Arlin नहीं उगल रहा है कि उसे किसी कभी मडर किया है.
30:28उसका कहना है कि वो आरोही के अलावा, किसी भी सस्पेक्ट ये विक्टिम को नहीं जानता है.
30:35Hello?
30:38What?
30:56Sir, यह देखे, यह तो वही बेरूपिया लग रहा है, और यह भी उसी मोडर सॉप्रेंडी से मारा किया है.
31:06लेकिन इसके पैर में कला धागा नहीं है.
31:09Sir, कह यहाँ साथ उने?
31:10किसी ने इसका मर्डर करने के लिए उस किलर की मोडर सॉप्रेंडी कर स्तमाल किया.
31:15हम तब तक इसी को सस्पेक्ट मान कर चल रहे थे.
31:18अब इसका मर्डर किसने क्या होगा?
31:21इसे और इसके भाई कोशल को रगवीर के आद में माल ले आए थे.
31:26कहीं असा तो नहीं है कि कोशल का भी मर्डर हो क्या होगा?
31:31असपाँ चेकर कुछ मिलता है कि मैं तब तक रिशी केश की बीव से मिलकात होगा.
31:57सर्फ ये डिटी.
32:04सर, सर जो औरत इस घर में रहती थी तो रिशीकेश के मडर के बासे ही गायव है
32:08तो पड़ोसियों से पता चला है कि वो बहरूपिया और उसका भाई दोनों यहां आये थे
32:14वो दोनों इस औरत से मिल नहीं आये थे
32:18क्या कनेक्शन हो सकता है दोनों का इस औरत से
32:20तो लोगों को उन दोनों के बारे में कुछ पता नहीं है
32:23यह आदमी इस औरत का पहला पती होगा
32:26और यह दोनों इसके मच्चे
32:31रतन फोटो स्टूडियो
32:34बल्लब करका एट्रेस है
32:37तू मा नहीं है
32:38तू नायरे टायर
32:40तेरे बास नहीं आरा चाहिए तामेर
32:47तू नहीं है
32:48तूसलो और फट पट चलते वड़े
32:51तू महा है अमारी हो तू हमसे
32:52मा नहीं हूं मैं तुम दोनों मेरे दुश्मन हो दुश्मन
32:57और फट पट खागे निकलो यह से
32:59नहीं जाएंगे
33:01जब तक हम तेरो शुन आई पती से नहीं मिले थे
33:04तेरी मज़े सुझी जी केश जी तेरा चोट अभे कभी तो मरा है वहाँ
33:09कर जीत के लिए आजू नही निकले तेरे गौर मुझे
33:14गौर
33:15ए सुनो
33:29जी साब
33:30ये होशार का गरा है नगा?
33:32आसाब घर तो ये है लेकि उसका तो काफी टाइम बडरोग कादा था
33:42गाट कुट लिये ऊसके बान
33:44है बाद भान ऊसको थिक खाँ
33:47चल्डिबार
33:50पाँ टोरी अधिक हाँ
33:52कोई पी थाँ
33:52भी है उन्हाँ मोँ भी होशाँ
33:54जोट।
33:55जोट।
33:56यह दे चोटिया, चोटिया
34:02सब यही अरश्मिकर है
34:26हूँ
34:28हूँ
34:42इसस कहा है
34:47किसने भात आतो हुँ
34:48मेरी बेहन
34:50बेहन कोण? रश्मी?
34:52हाँ साद
34:53कहा है वह?
34:58कि अखिए भी खुरी अखिए!
35:19अखिए मुझा तो बार वे तुमा बना है
35:23पहली पार अपने सके बाप भोशियार जी को बार डाला
35:26कि दीशी के इंजी को भी वारता
35:31लेकिन रंजीत को कौशल ने नहीं मारा था
35:34उसको रिशी के शंकल के बेटे ने मारा था
35:36बदला लेने के लिए
35:38तहां जाना है भाई, छोड़ दू
35:44बाग तो से
35:50कौशल को भी मारना चाहता था सर लेकिन कौशल किसी तरह से बच गया और मेरे पास आगे
35:55कौशल और उसके परिवार से रिष्टा किया है तुमारा
35:56सर हम दोनों बच्पन के दोस्त है
36:00मुझे नहीं पता था सर कि वो रंजीत के लिए इतने सारे लोगों को मार तेगा
36:05रंजीत के लिए पने बाप को मारा था बैने इस लड़की को भी मारा उसने उसकी दोस्तने मेरे भाई को
36:21मजाग करके पैरुपीया बरिक अपना पेट भालता ता निगर वो लड़की
36:25तो पर रगवीर को क्यो मारा?
36:27रगवीर के गैंग के लोग उससे अपना हिस्सा चाते थे
36:30उसने सब का हिस्सा मार लिया
36:31और उसके गैंग के लोग हमारे घर में आके हम दोनों को मारने लगे
36:34हम वासे जैसे तैसे करके भागे
36:36और हम जाकर रगवीर के घर में चिप गए
36:39हम दोनों उसके घर में छुप तो गए
36:41लेकिन मेरे अंदर आग जल रही थी
36:42तो मैं अपने अंदर की आग पुछाने के लिए
36:44इस नड़की को मारने चला गए
36:47और वो बच गई
36:48मैं वापस रगवीर के घर आया तो देखा
36:55मुहिराबाद में मैंने जिस आदमी को मारा
36:57यह वो ही आदमी था जिसने पचपन में
36:59पुलिस स्टेशन में मेरे पाई की चड़ी उता रही थी
37:02यह अंदर से भी लॉंड यह तो नहीं यह देखा जाए गया
37:04और फिर मैंने अपने सोतेले बाप को भी मार तिया
37:07उसकी वज़े से हमारी माँ में छोड़ कर चली गई थी
37:10और उस तिन उसे ने खम दोनों को जरीर भी किया थो
37:13खुझा खाना को इंदे आ कुटों को
37:43जन्जीत की अधिया रिशिकेश के बेटे सुनिल ने की थी
37:45जिसे हमने ग्रिफतार कर लिया था
37:47रगवीर गैंग के दोनों अपरादी अभी तक फरार है
37:50पर इस केस के प्राइम एक्यूज कोशल का मांसिक संतुलन ठीक नहीं था
37:54उसका बच्पन ऐसे वैशी माहोल में गुजरा था
37:57जिसमें उसका जीवन ही कुंठिट कर दिया था
37:59और जब उसने अपने पिता की हत्या का प्राश्चित करना चाहा
38:04तब वो एक ढोंगी तांत्रिक के अंधविश्वास का शिकार हुआ
38:07इस केस की इंविस्टिगेशन के दोरान हमें रश्मी पर हुए अत्याचारों का पता चला
38:11और अदालत के फैसले पर रश्मी के भाई जग्गी को रियाब सेंटर भेज दिया गया
38:16अब मैं सीनियर इस्पेक्टर भी मन्यू जिंदल आप लोगों से विदा लेता हूँ
38:19आप से फिर मुलाकात होगी एक नए केस के साथ
38:21देखते रहिए क्राइम पेट्रोल दस तक
38:24मकसद बताना नहीं
38:26बचाना है