- 9 months ago
Category
🎈
FunTranscript
00:00:00सब्सक्राइब
00:00:27सब्सक्राइब
00:00:30सब्सक्राइब
00:00:50सब्सक्राइब
00:01:00कि व्यांegtता कि तरिमियों इसी शायत।
00:01:02बहुत कि ऐसमे एक्दम सस्ती साभ्या.
00:01:03ये जो लेना तार ले लिया.
00:01:07जो डाइन कर्कि उतकूस तर सबूसा हां एक्दम्सुनीख
00:01:20कि भूस है इसमे कियोता है?
00:01:23कि दम मेलेन कि उतकी मिलें
00:01:27दस अुपए पाव है दस अधिये पाव है जाये क्या साथ रूपए जुड़ी पाला के चाहिए क्या कुछ रखण ताजी सब्जी ले लो तुमने किसी को गाडि का तरोधा खोलते हुआ देखा क्या ना साभ मैंने नहीं देखा तो मेरा बड़ुगा क्या हवा निकल गई
00:01:48अरे सुनो, तुमने किसी को गाड़ी के आसपास बटकते हुए देखा है?
00:01:56गाड़ी के इंदर से मेरा बटवा चोरी हो गया
00:01:57नहीं देखा साब
00:01:58तुम ही ने चुराया होगा, अब भोले बन रहे हो
00:02:01अरे नहीं साब, या अब क्या कर रहे हो?
00:02:03सालों से यहां धंदा कर रहे हैं
00:02:05सबजी बेच बेच कर मेहनत के दो पैसे कमाते हैं
00:02:07अगर चोड़ी ही करनी होती
00:02:09तो मेहनत काहे करते साब
00:02:10अभी पता चल जाएगा सालो
00:02:12नमसकार
00:02:18अमर कॉलिनी पुलिस्ताने
00:02:19मैं जेसियो शर्मा बोल रहा हूँ
00:02:20अखला मंडी से
00:02:22एक चोड़ी का केस दर्च करना है
00:02:23पूरा नाम बताईए पूरा पता बताईए
00:02:25जेसियो देवन शर्मा
00:02:26सेवंटीन दे इंजिनेरिंग कोर
00:02:28पता है गौतम भी यार
00:02:29132 बटा 34
00:02:30मैं यहां अखला सबजी मंडी आया था
00:02:32सबजी खरीदने
00:02:33मेरी गाड़ी से मेरा पतुवा चुरी हो गया
00:02:34आपके बतुवे में क्या क्या था अजेसियो साहब
00:02:36अब पतुवे में पैसे ही थे
00:02:38कितने पैसे थे
00:02:39तकरीबन 200 रुपए
00:02:40200 के नोट और 3 क्रेडिट काड़
00:02:43आपका मॉबाईल नंबर दीजिए
00:02:4498
00:02:44एक बार जब पुलिस रेजिस्टर में शिकायत एंटर की जाती है
00:03:09तो उस पर अमल करना पुलिस की ड्यूटी बन जाती है
00:03:12इसलिए जब जेसियो ने शिकायत की
00:03:14तो उसे बाकाइदा सुना गया और एंटरी भी की गई
00:03:17काफी रात हो चुकी थी
00:03:19फिर भी पुलिस ओखला मंडी पहुची
00:03:21और इस गुमशुदा बटवे की तलाश शुरू हुई
00:03:24सुनने में एक साधारन सा केस
00:03:27लेकिन क्या से क्या हो गया
00:03:44अश्राम को बटवा चोड़ी होता है यह से
00:03:47हाँ साथ एक आद्मी बुद बवाल कर रहा था
00:03:49कि मेरी गाड़ी में से बटवा चोड़ी होगी
00:03:51गाड़ी का घड़ी थी
00:03:52सार सामने घड़ी है
00:03:53बैंजाम इसार शारे सबजी वालों को राउंड अब करो
00:03:58सबके दलाजे लो कोई बचतानी जिए
00:04:00सबके तलाजे लो कोई बचतानी जिए
00:04:04सार इस पठोर में सौशो के दो नोट
00:04:25और उस फौजी अफस्याप के कंप्लेंट में भी साउसो के दो नोट थे
00:04:29उठाले साले को
00:04:30अरे साब मैंने क्या किया है
00:04:33अरे वो दो सो रुपे मेरे दिन बर की कमाई है
00:04:36मैंने कोई चोड़ी नहीं की
00:04:37उसाद भी कार यहां तेरे ठेले के बास में घड़ी थी ना
00:04:39जी हां साब
00:04:41प्राइवर का सीट के दरौजा तुम्हारे तरफ था
00:04:43तो फिर तेरे अलावा और को ने जो गाड़ी के इंदर आड़ डालेगा
00:04:46बेवग को समझता है में
00:04:47है अरे में डाल इसको
00:04:49अरे में साब अरे साब आप समझ क्यूं नहीं किया
00:04:52कराइट काट के साथ में क्या किया
00:04:59साब मेरा यकिन कीजी ये बटवा मेरा है
00:05:03और ये 200 रूपय भी मेरे
00:05:04मैने कोई बटवा नहीं चुराया
00:05:06हीरो दिन बर की तेरी कमाई जीरो थी
00:05:08नहीं बटवा पड़ावा देखा और हाथ मार लिए
00:05:11खुदा कसम साप, मेरी सबजया भी की, ये 200 रुपए मेरे दिन बर की कमाई है
00:05:15तेरा मतलब है किसी एक दो गराग ने तेसे सारी खरी दीगी
00:05:18और दिये तेरे को ये 2 सौसो की करारे नोट
00:05:21कोई भी मेला पिचका हुआ 10, 20, 50 का नोट ने, सिर्फ ये 2 हरी सौसो की पतिया
00:05:26साप, ये तो बचे हुए है, उपर से पचासी रुपए थे, का है वो?
00:05:30उसमें से पचास रुपए मैंने खेले के मालिक को दिये, बीस रुपए का खाना खाया
00:05:34और अना, पंदर रुपए वो मंडी के हवलदार जी को हफता दिया
00:05:38जुड़ बोलता है, हवलदार को हफता दिया तुने
00:05:42अमी कसम साप, दंदा हो या ना हो, हर रोज में हवलदार जी को हफता देता हूँ
00:05:47एक लफ्स भी अगर मुझसे निकाला ना, तो तेरी सारी सबजियां डंडे के साथ में हलक के नीचे गुशड़ दूँगा
00:05:54किसी दूसरे की चीज को गलत मियत से अपने बास रख लेना है, कोड़ बेपेश करो, कीड़ी की तरह रेंगेगा ना, तब साच हो लेगा, लगे जाओ इसको
00:06:14अरे साब में सच के रहा हूँ, ये बटवा में है साब, अरे मिलने कोई चोरी ने किया साब
00:06:24चोरी के केसिस में एक अलाके में हुए केसिस
00:06:54की पेशगी और सुनवाई एक साथ होती है, उपस्तित जज महादे सभी केसिस रूटीन तरीके से पढ़ लेते हैं, अकसर आरोपी की तरफ देखने का समय भी नहीं होता, मुदसर के केस में FIR दर्ज की गई थी, IPC की धारा 389 के तहट चोरी का इल्जाम था, और IPC की धारा
00:07:24ये मुदसर वाला केस खल हुआ है, ये सर, शाम तकरीबन साढ़े पांच बज़े हमारे पास में कपले नेन का फोन आया, और रात साढ़े दस बज़े हमने आरोपी को धर लिया, भड़े साप जी, मैं हाथ जोड़ता हू, मुझे कुछ बोलने का चानस तो दीजी, मैंने व
00:07:54अगला केस कॉन साथ?
00:08:24जा राका राथ?
00:08:38जलोगे, क्या क्या रहा है?
00:08:53गलत इलजाम लगाएं, कहते हैं मैंने चोरी की, अल्ला कसम मैंने आज तक कभी चोरी नहीं किये भई, अब जब तु यहां से बाहर निकलेगा ना, चोरी क्या खून भी करेगा और डकार तक नहीं लेगा, और वैसे भी तु सरकारी मेवान है, मस्त रह, लंबी छुटी समझ �
00:09:23करना है, मेरे घर पैसे बेचने हैं महने के महने, वहां मेरी अम्मी, अब्बू, मेरे भाई बयान है, अरे मेरे भोले नाथ, अपसे ये चार देवारी ही तेरा घर है, और हम समय तेरे अम्मी अब्बू, सबकुछ, इससे पहले कि जिंदीकी को एक सपना समझ कर भूल जा, स
00:09:53आने वाला नहीं है आज की रात तुझे माफ है कुई टंकी खाली कर दे आंसों की जेल में पहली रात सब की इसी तरह कठती है
00:10:07जोर्ष एक्मारि टुपर encourage उखके शुपर्ण आने कामख़र्ण बेसे बात प्सक्राय की बात प्सकर अड़्य में आदेना की जेल रात सरी रात की इसी तर्ब हो प्सक्राण पर द्राद का दो गत्या।
00:10:22लाह अक्बर, लाह अक्बर
00:10:52किया जी एक सेकंड के, मुझे, मुझे
00:11:14मुझे
00:11:15मुदसर, उसा अरट से मुझे
00:11:17हो मैमबर है, छिंप लगा सकती है तुझे
00:11:20क्यान जी, मिला दो ने इस भाई को सिश्टर से, इसका कुछ भला हो जाएगा तो सर से भला टेलेगी, सुबह, शाम, दिन, रात, बच्चों की तरह प्यूं-प्यूं करके रोता रहता है, ती मा की मईया बहन कर दिया इसने, और तुम, जो जिन्दगी पर अपने मईया बहन क
00:11:50सिस्टर जी, मैं खुदा की कसम खा के कहता हूँ, मैंने चोरी नहीं किये, शान्ती रखो मुदा सर, मेरे कुछ सवालों के जवाब दोगे, आपको जो पूछना है पूछिए, कहां से हो, बहरा इच, यूपी से, कौन-कौन है वहाँ, मेरी अम्मी, अब्बू, छोटे-छो
00:12:20साल का था मेरी, घर में बड़ी तंगी थी, बड़ी खस्ता अलग थी हमारी,
00:12:41कितने बजे की टी रेन है रे मुदसर बटा, छे बजे क्या भूजा,
00:12:45पर बेटा, वहाँ तो अकेला करेगा क्या, चार पैसे जुटा होंगा, अम्मी,
00:12:53यहां बहराई से तो ज़्यादा है मिलेंगे ना दिल्ली में, पर दिल्ली में तुझे नौकरे देगा कौन,
00:12:56कोई ना कोई तो ज़रूर देगा, अम्मी, इतना बड़ा शहर है दिल्ली,
00:13:02इतने बड़े शहर में जाके, इतना भी नखो जाना बेटा, कि हम सब को ही भूल जाओ,
00:13:08अब आप ये बूरे दिन भूल जाएंगे अबुजान, मैं जल से जल पैसे कमा कर भेजना शुरू करूँगा दिल्ली से,
00:13:14बस आप, अकबर और नजमा को पढ़ाएगा जरूए, इनका स्कूल मत चुड़वाएगा, किसी भी सुरत में ये दोनों तो बड़े अफसर बनेंगे,
00:13:24और बेटा, तेरे बिना यहां कैसे होगा, बहुत याद आएगी, बड़ी तकलीफ होगी,
00:13:31मैं जान हरे में तकलीफ दूर करने के वास्ति तो जा रहा हूने,
00:13:36और तकलीफ मुझे भी तो होगी, थोड़ा सह लेंगे, आगे के दिन बड़े अच्छे होंगे इन्शाल्लाँ,
00:13:41यहां दिल्ली में पहले कुछ दिन यहां वहां घुमता रहा, फिर पहली नोकरी में लिए, होटल में लिए,
00:14:11एक-एक पैसा सिस्टर, एक-एक पैसा जोड़कर घर वेशता था,
00:14:25कुछ पैसे अलग से भी बचा कर रखे थे, जिससे मैंने अपने कुछ की चाय की टपरी खो ली,
00:14:30पहले से दिल था, कुछ खुद का हो, छोटा ही सही,
00:14:34चाय बेच-बेच कर में ठीक ठा कमा ले था था सिस्टर, फिर सुनने में आया कि सबजी के दंदे में काफी कमाई हैं,
00:14:56तकरीबन छे मैने हो गए सिस्टर जी, मेरे सबजी के ठेले को, बड़ा कीम्ती होता ये ठेला,
00:15:02माली को किराय दो, पुलीस वालों को हफता दो, मंडी में जगा के लिए मुंसिपल्टी वालों को, गुंडों को पैसे दो,
00:15:10पैसे बचाने के लिए मैं तो मंडी में ही सोने लागा था,
00:15:13सारी की सारी कमाई घर वेचता था,
00:15:14दो महने से वह किन हालात में होंगे क्या पता
00:15:19एक तो मेरी फिक्र और उपर से पैसे भीने
00:15:21जब यह सोचता होना तो मेरी आँके बर आती है सिस्तarte
00:15:24तो तुमने वह बत्बा नहीं चुराया
00:15:26नए सिस्तर जी मैंने नहीं चुराया
00:15:28पुलिस ने जो बटबा मुझसे चीना वो मेरा ही था
00:15:30उसमें के 200 रुपे भी मेरे ही थे
00:15:32अरे मैं क्यों चोरी करूंगा
00:15:34चार साथ से मेनत करके कमा रहा हूँ
00:15:37तरक्की भी की
00:15:39अगर चोरी ही करनी होती तो बहुत पहले ही होती नहीं
00:15:42मैं अपने अम्मी अबू भाई बेंस अपकी कसम खा के कहता हूँ
00:15:45मैंने कोई चोरी नहीं की
00:15:47सिस्टल जी मैं आपके सामने हाथ जोड़ता हूँ
00:15:49मुझे यहां से बाहर निका लिए
00:15:51अगर इस बात की जरा से भी भनक मेरे घरवालों को लगी
00:15:54उनके जिन्दगी में कया मत आ जाएगे
00:15:57बिखर जाएंगे वो तूट तूट के
00:16:00मुदसर शांती रखो
00:16:03मैं तुमारी जमानत की अप्लिकेशन फाइल करूगी
00:16:05और पुलिस से जाकर भी बात करकर देखती हूँ
00:16:08शायद कुछ हो जाए
00:16:10लेकिन तुम हिम्मत मत हालना
00:16:13अपने खुदा पर भरोजा रखो
00:16:15देखे मैडम इंक्वेरी चल रही है
00:16:21हम लोग जल्दी चार्शीट फाइल करेंगे
00:16:23दो महिने से वो लड़का जेल में सड़ आए इंस्पेक्टर
00:16:27कोई सड़ वर ने रहा मैडम
00:16:28आपके और हमारे टेक्स के पैसे जाते हैं
00:16:30इन क्रिमिनल्स को जेल में पालने पोस्टने के लिए
00:16:32और वैसे भी हमें मैडम तीन महिने का समय मिलता है
00:16:35चार्शीट फाइल करने का
00:16:36अबी सिरफ दो ही महिने मैं
00:16:38एक महिना और है हमारे पास में
00:16:40इंस्पेक्टर 200 रुपे की चोरी का केस है
00:16:42कोई आतंगवादी हमले का नहीं
00:16:44ऐसी पी के इंवेस्टिगेशन चल रहे है
00:16:46जरा बता सकते आप
00:16:47जी नहीं
00:16:47बिलकुल नहीं बता सकता
00:16:49एक तो आपका लेक्चर सुनो उपर से आपको सारी रिपोर्ट भी दू
00:16:53और फिर मैडम चोरी 200 रुपे की हो या दो करोड की चोरी चोरी होती है
00:16:57आज अगर छोड़ दिया तो कल डाका डालेगा
00:17:00आप ही के खाए
00:17:00फिर अनार होते हो हमारे पास में
00:17:02मैं तुम्हारे पास आई थी ये सोचके कि शायद
00:17:05शायद थोड़ी से इंसानियत
00:17:07वरना कॉमन सेंस काम कर जाएगा
00:17:08मैं कोर्ट में अपील करूँगी
00:17:11यस सर
00:17:19गंशाम वो ओखला सबजी मंडी वाले केस की फाल ले कर गया हो
00:17:22और वो कम्लेन एंट फोजी
00:17:23उनका एस्टेट्मेंट लेना
00:17:25और उसके बाद में सबजी मंडी के सारे सबजी वालों का एस्टेट्मेन लेना
00:17:27सिस्टर जी कोर्ट जाने की बात कर रही थी
00:17:30लगभग दो महीने के बाद
00:17:32मुदसर के केस का ट्राइल शुरू हुआ
00:17:34Human Rights और Law Network की Legal Advisor सिस्टर अंजली ने
00:17:38मुदसर के लिए बेल एप्लिकेशन फाइल की
00:17:41जेसियोग देविन शर्मा
00:17:47आपने सौ नमबर पर फोन करके अपना पर्स चोरी होने की शिकाइदर्स कराई थी?
00:17:52जी हाँ, कराई थी
00:17:53तो आपका पटवा चोरी हुआ था?
00:17:54जी हाँ, चोरी हुआ थे जी हाँ, आप जा सकते हैं?
00:17:58हाँ, ये कॉल मैंने लिया था
00:17:59और इंस्पेक्टर साब के साथ ओकला मंडी ज्यादात एकिकाद करने
00:18:02हमने वहाँ मुदसर को हिरासत में लिया
00:18:05जब उसके बटवे में से हमें 200 रुपे मिले
00:18:07साहब की कार मुदसर के ठेले से लक्यर खड़ी थे
00:18:14और ड्राइबर सीट की तरफ का दरवाजा मुदसर के ठेले की तरफ था
00:18:18आरोपी को स्टेंड में बुलाओ
00:18:23तुमारा कोई वकेल नहीं है?
00:18:28जी नहीं बड़े साहब जी
00:18:30हाँ, एक सिस्टर जी मिली थी
00:18:32पर आज वो यहां इस वक्त दिखाई नहीं दे रही है
00:18:35हाँ, उन्होंने तुम्हारी जमानेस के लिए अप्लिकेशन ताखिल की है
00:18:37पहले अदालत तुम्हारे लिए वकील नुक्त करेगी
00:18:40उसके बाद ही तुम्हारे के सुनवाई होगी
00:18:42अगला के स्के है
00:19:02क्या हो मुद्ध सर वो आदालत मुझे पहले वकील देगी
00:19:24और फिर सुनवाई शुरू होगी एक तो शुरू होने में टाइम लगता है
00:19:32और जब एक बाद सुनवाई शुरू होती है
00:19:34तो खत्म होने का नाम नहीं लेती
00:19:36और इसी बीच जिन्दगी जैसे मामूली चीजे गुजरती रहती है
00:20:02मुदस्वर्ण जी में साब
00:20:20मैं अदालत की तरफ से बेजी गई हूँ
00:20:22तुम्हारी वकील हूँ
00:20:23तो क्या आज मैं घर जा पाऊंगा में साब जी
00:20:25मैं तुम्हारी बेल एप्लिकेशन आगे करूंगी
00:20:28पर पहले ये बताओ कि तुम्हारा क्या फैसला है
00:20:30मेरा फैसला?
00:20:32मैं कुछ समझा नहीं में साब जी
00:20:34मुदस्र, क्या तुम चोरी कबूल करना चाहोगे?
00:20:37अरे ऐसे कैसे
00:20:39कुछ किया ही नहीं तो क्या कबूल करो?
00:20:40देखो मेरा काम था पूछना
00:20:42ठीक है
00:20:43तुम नॉन गिल्टी प्लीड करोगे
00:20:45और तुम्हें ट्रायल फेस करना होगा
00:20:47यह क्या होता है मेम साब जी?
00:20:49मुकदमा मुदस्र
00:20:50फिल्म में देखा होगा
00:20:51सरकारी वकिल यह साबित करने की कोशिश करेंगे
00:20:53कि तुमने चोरी की है
00:20:55और हम यह साबित करने की कोशिश करेंगे
00:20:57कि तुमने चोरी नहीं की है
00:20:58Your Honor
00:21:07मेरे क्लाइंट नॉन गिल्टी प्लीड कर रहे है
00:21:09उन्हें ट्राइल फेस करना मज़ूर है
00:21:11ठीक है
00:21:13आपके पास कोई सबूत है जिससे ये साबित हो सके कि
00:21:16मुदशर अंसारी ने वो बटवा नहीं चुनाय था
00:21:18बड़े साब जी
00:21:20दिन भर कमर तोड मेहनत करके चार पैसे जूटाता हूँ
00:21:24चार मेहने से यहां जेल में हूँ
00:21:27मैं कहां से लाओंगा सबुत वबुत
00:21:29मैं बस इतना कह रहा हूँ जो मैं पहले भी कह चुका हूँ
00:21:32वो जो बटवा पुलिस के पास था वो मेरा है
00:21:34उसमें से 200 रुपे मेरे दिन भर की कमाई थी
00:21:37मैंने कोई चुरी नहीं किया साब
00:21:38मैं सच कह रहा हूँ
00:21:39ये F.I.R. में तो लिखा कि तुमने
00:21:41मोबाइल फोन और क्रेट कार्ड भी चुराए थे
00:21:43बड़े साब ये क्रेट कार्ड क्या होता है
00:21:45वो तो जेल में आने के बाद पता चला मुझे
00:21:46हाँ, बस मेरा एक सस्ते वाला मोबाइल था
00:21:50जिसे गाउ में अपने घर वालों से बात करता था
00:21:53और वो तो ये साब लोगों ने ले लिया
00:21:55चार साल से मैंने में 1000-2000 ऐसे पैसे भेशता हूँ मैं घर
00:21:59इसी पैसे से मेरा घर चलता है
00:22:01अगर मैं चौर होता तो खूप चोरिया करता ना
00:22:06घर पे जेवराज सोने हीरे वीरे भेशता
00:22:08मैं सच के रहा हूँ साब, वो 200 रुपे मेरे ही थे
00:22:13मैंने कोई चोरी नहीं किये
00:22:15वो 200 रुपे तुम्हारे पास कहाँ से आए
00:22:16सबजिया बेचकर बड़े साब
00:22:18कोई गवा है तुम्हारे पास जो ये साबित कर सके के
00:22:20वो 200 रुपे तुम्हें सबजिया बेचकर इकटे किये थे
00:22:23जी हाँ मेरे ग्राहक है ना मेरे गवा
00:22:25पर वो तो आते जाते रहते
00:22:28मैं वैसे उन्हें नहीं जानता
00:22:30उनका नाम पता कुछ नहीं मालूम है मुझे
00:22:32सर मुझे इस केस की चानबिन के लिए थोड़ा वक चाहिए
00:22:36तब तक आप मेरे क्लाइन की बेल एप्लिकेशन स्विकार लीजे
00:22:38इन्होंने और चार मेने जुडिशल कस्टेडी में बिताय है
00:22:41और मेरे क्लाइन समाज के लिए किसी भी दरका खत्रा नहीं है
00:22:44एक चोर समाज के लिए खत्रा नहीं है
00:22:46What are you saying गयत्री
00:22:48खेर इसका कोई प्रिवियस रेकॉर्ड नहीं है
00:22:52इसलिए मैं इसे जमानत दे सकता हूँ
00:22:54और जमानत की रकम होगी 10,000 रुपै
00:22:57और जो भी आदमी इसकी गरेंटी लेगा
00:23:01उसका नाम और पता मुझे चाहिए
00:23:02कर पाओगे जमानत का इंजम
00:23:04मैं कहां से करूँगा बडे साब
00:23:06मैंने तो 10,000 इकठा अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखे
00:23:10और अगर होते तो कभी ऐसे आपके सामने खड़ा ही नहीं होता ना मैं
00:23:14तुम जमानत का इंजम नहीं कर सकते
00:23:15तुमें जमानत नहीं मिल सकती
00:23:17और बेल इस गैंसल
00:23:18अगली तारिक तक इंजार करो
00:23:20नेक्स केस के है
00:23:20बडे साब जी मेरा यकीन कीजिए
00:23:22मैंने जोरी नहीं किये बडे साब जी
00:23:24मैं अपने अपनी और अप्बू की कसम करता हूँ
00:23:26बडे साब जी मैंने कुछ नहीं किया
00:23:27मेरी बात तो जोरी है बडे साब जी
00:23:5217 अगस 2010 को ये 200 रुपे की चोरी का केस शुरू हुआ
00:24:01ये रकम इतनी चोटी थी
00:24:03आरोप इतना चोटा था
00:24:04पूरा केस इतना चोटा था
00:24:06कि इसकी सुनवाई की इसे अंजाम देने की किसी को कोई जल्दी नहीं थी
00:24:10बस 19 साल का मुदसर जेल में पड़ा सड़ रहा था
00:24:14पूरे 6 महीने बीद गए
00:24:15और फिर आया फरवरी 2011 का सुनवाई का दिन
00:24:20मुदसर अंसारी तुम?
00:24:30तुम किसी और केस में आयो यहाँ?
00:24:35ओ माई गॉड!
00:24:37वो 200 रुपे वाला केस वो अब भी चल रहा है
00:24:39ट्रायल चल रहा है
00:24:46पर बेर?
00:24:48जमानत की रकम थी 10,000 रुपे
00:24:50मुदसर नहीं भर पाया
00:24:51सोनो बेर
00:24:53यह तो घलत है गाईतरी
00:24:54वो घरीब लड़का 10,000 रुपे कहां से लाता?
00:24:56वो भी 200 रुपे के चोरी के केस के लिए
00:24:58यह जज के ओर्डर्स थे
00:25:00इसमें मैं क्या कर सकती हूँ?
00:25:02आप एक फेवर करेंगे मुझे पर
00:25:03कैसा फेवर सिस्टर अंजली?
00:25:04यह केस मुझे सौब दो
00:25:05ठीक है
00:25:08अगर तुम उसकी हेल्प कर सकती हो
00:25:11तो इसमें मुझे क्या इतराज हो सकता है?
00:25:13अगले हफते सो मार्क होगी
00:25:43मुदसर?
00:25:56मुदसर मैं तुम्हे यहां से बहार निकालूँगी
00:26:05बहुत जल्द
00:26:07तुम बस
00:26:08मैं शान्ती रखोंगा
00:26:11हमत नहीं हारूंगा
00:26:14खुदा पी बरोसा रखूंगा
00:26:41आखिरकार जब मुदसर के केस की सुनवाई हुई
00:26:47तब जुलाई 2011 हो चुका था
00:26:50200 रुपे की चोरी का केस लगभग एक साल के बाद सुना जा रहा था
00:26:55और इस सुनवाई से पहले एक बहुत दुखत हादसा हुआ
00:26:59कि जए सुनाफ पहुत पहुत हुई
00:27:07पहा के लिए टुपत हुई
00:27:08इस अक कर लिए जसा उआघस से पर जगर जसे तीट entrar हर लिए पुरा हर।
00:27:20आज़ राय खर लिए झाझन de फदोव जब मारा क्षा तक्षा लिए तक लिए झाईस, आपस्यों कि अइध।
00:27:38तुम्हारे अब्बूने सही कहा था
00:27:48तुम्हारा मुदस्थर भायजान को गया दिल्ली में
00:27:53भूल गया हम सबको
00:27:56उसके अब्बू का इंतकाल हुआ
00:28:00और उसने पूद तक ना दिखाया
00:28:03कभी सोचा ना था कि हमारा मुदस्थर इतना खुदगर्स निकलेगा
00:28:09खाला मत निकालो ऐसे अलफास मुदस्थर के लिए
00:28:13जरूर कोई मजबूरी होगी किसी बड़ी मुश्किल का सामना कर रहा होगा वो
00:28:17पूरा एक साल मज़र एक साल से एक पैसा नहीं बेजा
00:28:21अरे पैसा तो दोल
00:28:25कोई खत्म नहीं कोई खबर नहीं
00:28:28हम गाहँ वाले हैं
00:28:32अनपड़ है और बेवकूफ नहीं है
00:28:35मुझे तो लगता है उसने जरूर कोई गलत काम किया है
00:28:39इसलिए आप से मूझ उपा रहा है
00:28:41ना खाला ना
00:28:42मैं कभी माने नहीं सकता कि मुदसर कोई गलत काम करेगा
00:28:47खाला मैंने सोच लिया है
00:28:49मैं दिल्ली जाओंगा
00:28:52और उसे की तरह तुम भी हम सबको भूल जाओगे
00:28:55खो जाओगे उस बड़े शेर की भूल बुले ही आवे
00:28:57मैं मुदसर को ढूड़ूँगा खाला
00:28:59मैं उसे खर लेके आओंगा
00:29:01साब एक बाद चेक कर लीजे
00:29:08हम पहले गए थे ओखला सबजी मंडी
00:29:10वहाँ जाके पता चला कि हमारे मुदसर पर कोई पुलिस केस हुआ है
00:29:14फिर हम गए अमर कॉलोनी पुलिस थाने
00:29:16वहाँ के साब ने बता है कि
00:29:18वो यहाँ इस जेल में है
00:29:19साब
00:29:19साब
00:29:20मुदसर अनसारी है बढuire एक नумर 7 में
00:29:23साब मैं एक बार मुझे उसे मिलने दीजे
00:29:25मेरा दिल क्या रहे है वह ही है साब
00:29:27बार
00:29:29मेरे अबा चार
00:29:34मुझे माँष दो अबा चार
00:29:41मुझे मां
00:29:43इतने बड़े शहर में जाके इतना भी नखो जाना बेठा कि हम सब को ही भूल जाओ
00:29:52अब आप ये बूरे दिन भूल जाएंगे अबू जान मैं जल से जल पैसे कमा कर भेजना शुरू करूँगा दिल्ली से
00:30:00जब से तुन्हे पैसे बेजने बंद किये उनकी हालत बत से बत्तर होती गई
00:30:07काने पीने के लाले पड़ गए थे हमसे जो हो सकता था हमने किया पर तू तो जानता ही है
00:30:15अभी उस तूपती नाव में सवार कैसे गए अबब बिमार रहते थे दवाईया नहीं काते थे
00:30:25कभी कहते नहीं थे पैसे नहीं है अमेशा कहते थे कि मैं टीक हूँ तेरी रहा देखा करते थे
00:30:34और फिर पांच दिन पहले त्यारे हो गए अल्दा मिया को
00:30:41सर इस लड़के की जमानत की रकम दस हजार रुपे तै की गई
00:30:58ये कहा का इंसाफ है ये लड़का बार बार कह रहा है कि इसने वो दो सो रुपे नहीं चुराए
00:31:04सर पुलिस के पास क्या सबूत है साबित करने की लिए कि मुदसर चोर है
00:31:11मैं खुट जेसीओ देवेन शर्मा से मिल चुकी हूँ सर ये रहे उसके पुलिस कम्प्लेन की कॉपी
00:31:16इसमें JCO कहते हैं कि जो बटवा पुलिस को मुदसर से बरामद हुआ वो उसका है ही नहीं
00:31:23दूसरी बात जो सबसे ज़ाधा important है सर
00:31:25पुलिस को मुदसर के बटवे से 200 रुपे के नोट मिले
00:31:29सो वाट सर क्या दुनिया के ये लास 200 रुपे के नोट है जो किसी के पास नहीं हो सकते
00:31:36क्या सबूत है JCO के चोरी के गए नोट वही है जो इस लड़के से बरामद हुए
00:31:41क्या नोट के नंबर सेम है फिंगर प्रिंट्स है क्या है
00:31:46सर कानून के मताबिक अदालत को ये साबित करना चीए कि मुदसर गुनेगार है
00:31:53लेकिन यहाँ पर तो मुदसर अपने आपको ये बेगुना साबित करने पे लगा पड़ा है
00:31:57सर रहम करो इस लड़के पर
00:31:59ये एक महनती लड़का है जिसने बड़े मुश्किल से अपने सबजी बेचने का विवसाय शुरू किया है
00:32:04ये अपने फैमिली का एक मातर कमाने वाला इंसान है
00:32:07इस पूरे केस ने मेंटली हिला के रख दिया इस लड़के को
00:32:10इस दोरान ये अपने फादर को भी खोचुका है सर
00:32:12इसके फैमिली उत्तर प्रदेश बहराईज काव में बहुत बुरे दिन देख रही है
00:32:16मेरी बिनती है आपसे सर
00:32:18विदावट एनी डिले इस लड़के को रिहा कर दीजे
00:32:21मदसर अंसारी
00:32:23कया तुम अभी ये 200 रुपए चुराने के जुर्म को कुबूल करने से इंकार करते हो
00:32:27नहीं बड़े साथ
00:32:31मुझे मेरा गुना कुबूल है
00:32:35वो बटवा मैंने चुराय था
00:32:39और वो 200 रुपए भी मैंने चुराय थे
00:32:42मैंने चुरे की ठी साथ
00:32:44जबसे इस केस के सुनवाई शुरू ये
00:32:47तुम्हें किसी भी तरह से धंकाया गया है
00:32:50मारा पीटा गया है
00:32:51तुम अब तक इस इलजाम को कबूल नहीं कर रहे थे
00:32:53अब कबूल कर रहे हो
00:32:55जी नहीं साम
00:32:56मेरे साथ कोई जोर जबरदस्ती नहीं
00:32:59नहीं किसी ने मुझे
00:33:02धंकाया है, मारा पीटा है
00:33:04बस मुझे मेरी गल्ती का एहसास हुआ है
00:33:08मैं जूट बोलता है आप से
00:33:12मैंने बाके ही में चोरी की है साथ
00:33:15क्या तुम्हें मालूम है कि अगर तुम अपने आपको दोशी मानते हो
00:33:18तो इस जुर्म के लिए तुम्हें मुझे रिम ठहराए जाएगा
00:33:20और सजा सुनाई जाएगी
00:33:21अब जो भी सजा देंगे मुझे कुबूल है बड़े साथ
00:33:24मुझे माफ कर दीजी
00:33:26और मुझे सजा दीजी
00:33:30ताकि मैं मेरी सजा काट कर
00:33:31अपनी अम्मी और अपने बाई भेंद के पास जा सको
00:33:34उन्हें मेरी जरूरत है साबची
00:33:36मुझे सजा दीजी
00:33:38आरूपी ने अपना जुर्म कबूल किया है
00:33:42आई पीजी के तहत
00:33:44मुझसर अंसारी को इस जुर्म के लिए
00:33:46तीन महीनी की सजा होनी चाहिए
00:33:47लेकिन क्योंकि वो
00:33:49बतौर अंडरे ट्राइल 11 महीने पहले ही जेल में गुजार चुका है
00:33:52यह अदालत हुक्म देती है
00:33:53कि इसे तुरंत रहा कर दिया जाए
00:33:55मुझसर चलो
00:34:16सुन मुझसर
00:34:23इधर आँ
00:34:25तुने जुर्म कभूल किया है
00:34:28आज के बाद इस इलाके में दिखाए मत दियो
00:34:30नहीं तो चोड़ी किसी ने भी की हो
00:34:33सबसे पहले तू अंदर जाएगा
00:34:46मुझसर अंदर अंदर जाएगा
00:34:53पूरे ग्यारा महीने जेल में इंतजार करने के बाद
00:34:57मुझसर अंदर जाएगा
00:35:27मुझसर को अपने ऊपर लगे
00:35:31200 रुपे की चोरी के आरोप को कुबूल करना पड़ा
00:35:34इस दौरान उसके पिता का दिहान्त हो गया
00:35:36जेल से निकल कर मुझसर अपने दोस्त के साथ
00:35:39अपने गाउं वापिस लॉट गया
00:35:41Human Rights और Law Network के लीगल एडवाईजर ने
00:35:44मुझसर की तरफ से मान हानी का केस फाइल करना चाहा
00:35:48लेकिन मुझसर से कोई कांटाट नहीं हो पा रहा है
00:35:51Human Rights और Law Network के आंखडे बताते हैं
00:35:54के देश भर में हजारों अंडर ट्राइल्स जेल में सालों सड़ते रहते हैं
00:35:58क्यूंकि उन्हें कानूनी मदद उपलब नहीं हो पाती
00:36:01200 रुपे की चोरी के केस में जमानत की रकम 10,000 रुपे
00:36:06एक तरफ लोग करोडों लूट कर ड़कार तक नहीं लेते
00:36:09अर्मों के स्कैम के बाद चुटकी बजाते छूट जाते
00:36:13और यहां सिर्फ 200 रुपे की चोरी के लिए
00:36:17एक 19 साल का लड़का अपनी जवानी के 11 महीने
00:36:20जेल की अंधिरी सलाखों के पीछे काटता है
00:36:23वो भी एक ऐसे जर्म के लिए जो कभी सावित ही नहीं हुआ
00:36:26उस लड़के ने कुबूल कर लिया ताकि उसे चुटकारा मिल सके
00:36:30इस केस में दोशी कौन है वो आदमी जिसका बटवा चोरी हुआ
00:36:34जी नहीं वो अपनी जगा बिल्कुल सही था
00:36:37क्या पुलिस दोशी है जिन्होंने उस कंप्लेंट पर अमल किया
00:36:40जी नहीं वो लोग तो अपनी डूटी कर रहे थे
00:36:44क्या हमारी अदालत दोशी है नहीं
00:36:47सालों से अदालते ऐसी चलती आ रहे हैं
00:36:49क्या कानून दोशी है कैसे हो सकता
00:36:52चोरी तो चोरी है आखिर में क्या वो जजज दोशी है
00:37:10नहीं होनी चाहिए किसी की कोई जिम्मेदारी नहीं है हमारे आज के अपिसोड की दूसरी कहान
00:37:40जिम्मेदाट खूसरी कोई टेसितने के अंपिसोड़ ञाफ युछ
00:37:46गाल्य कोई ख्रए Cand एपिसो तन हो जुछ
00:37:50मा प्रमीन वा तो
00:38:20वरिडा की? आजे!
00:38:24दीदी?
00:38:28दीदी!
00:38:30कैसी हो?
00:38:37क्या हो?
00:38:39उच्छ बोलती क्यों नहीं?
00:38:42दामार जी का है?
00:38:50क्या हुआ थे?
00:39:03पहले ही बोल दिया था
00:39:06कुछ नहीं छुपाया था उनसे
00:39:08यह से पहले ही बोल दिया था
00:39:11इतना हमारे लिए बोत मुस्किल है
00:39:13जो है इतना है
00:39:15बस
00:39:16लेकिन मा वह लोग मानते ही नहीं है
00:39:19रोज रोज भी रट
00:39:21रही पिटाई
00:39:37स्वमेशिंग जी
00:39:39मीनू मेरे भाई की बेटी सही
00:39:41लेकिन मेरे लिए सगी बेटी से कम नहीं है
00:39:44शादी में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
00:39:47आप लोग बेफ ही कर रही है
00:39:49लेकिन ये जोब मोटर साइकल
00:39:51और पचास हजार की बात कर रहे ना
00:39:53वह हमार ले बहुत मुस्किल है
00:39:55सच कहती हूं बहन जी
00:39:57अब देखिए
00:39:59अब दीपक आपका होने वाला दामाद नहीं
00:40:09पेटा है बेटा
00:40:11और आप अपनी बेटी को जो कुछ भी देंगी
00:40:13उसी की तो जिन्दगी सबरेगी
00:40:15हमारा क्या है
00:40:17बस ये दो लोग खुश रहें
00:40:19आठी तक पड़ी है मेरी बेटी
00:40:21उसके बाबुजी जिन्दा होते ना
00:40:23तो कॉलिज पूरी करती
00:40:25पड़ाई को लेकर बहुत नहीं
00:40:27नहीं जी
00:40:29पर हमारी हालत के बारे में भी सोच
00:40:33अजी अब आठ किलास पड़ियो
00:40:35या कोलिज उससे के फरक पड़ता है
00:40:37उसे तो रोटी बनानी है
00:40:39घर बार ही समालना है
00:40:41ये ना के किछी के सर पे बैठकर डिगरी जाड़नी है
00:40:43अब पत्रिया मिल गई है
00:40:47बस इन्हें मिलाना बाकी है
00:40:49अब इनके मिलने में
00:40:51कोई बाहदा नहीं आनी चाहिए
00:40:53खासकर आपकी तरफ से
00:40:55देखे सविता बहन
00:40:57कई बार है ना बड़े बड़े काम
00:40:59छोटी छोटी गलतियों की वज़े से बिगर जाते है
00:41:01सोच लीजी आप
00:41:03जेट जी की मदद से मैं
00:41:09कुछ पैसे जुटा पाई हूं
00:41:13पचीस हजार
00:41:15वो सारे के सारे दे दूंगी
00:41:19उससे ज्यादा ताकत ना है
00:41:23रहम कीजी
00:41:25और मत मांगी
00:41:27रहम भहम की क्या बात करो बेंट जी
00:41:37अब ना है ताकत तो ना है
00:41:39अब हम भी कोई लाल्ची बेड़िये तो है ना
00:41:41अब यहां तक आए है
00:41:43तो यहां से लौट की जाना मुश्कल है
00:41:45अब जो है जैसा है
00:41:48निभाएंगे
00:41:57पर फिर भी लड़के वालों ने हां कहा
00:42:06पर अंदर ये अंदर काफी नाखुश थे
00:42:09उन्हें लग रहा था कि उनके बेटे की काबिलियत की तुलना में
00:42:13उन्हें बहुत कम मिल रहा है
00:42:15नाइंसाफी हो रही है उनके बेटे के साथ
00:42:17साथ फेरों के नौ महीने बाद भी लड़के वालों के दिल में आग सुलग रही थी
00:42:23इस आग को इस प्यास को बुजाने के लिए उन्होंने लड़की को अपनी मा के घर वापस बेज दिया
00:42:28अब गरीब विदमा मा आखिर करती तो क्या करती
00:42:32कि रोज आत को आते हैं ताने मारते हैं बुरी तरह से पिटाई करते हैं हमारी और साससर भी इनका साथ देते हैं
00:42:42रोज रोज पचास हजार और मोटर साइकल की बात निकालते हैं
00:42:48मैं भी करू तो क्या करूँ तुझे यह रुखने बोलूगी
00:42:54तो तेरी बेहन इस घर में हमेशा के लिए रुप जाएगी
00:43:00कोई बेहार नहीं करेगा उस
00:43:04मैं तेरी दीदी को छोड़ के शाम तक लोटाऊंगे
00:43:20तू खयाल रखना घर का
00:43:22जी मा
00:43:23तू जाएगी
00:43:53जादी को नो मेन वो चुगे हैं जादी को इतने में तो अच्छी गाशी रगम जामा कर लियोगी अबने
00:44:05तो अब ऐसा भी नहीं है कि आपकी हालत इतने जादा खास्ता है
00:44:09सही कहे रहे हो बेटा कुछ पैसे जरूरी कठा किया है
00:44:13लेकिन ये क्यों भूल रहे हो
00:44:15मेरी दूसरी बेटी भी है निता
00:44:19अरे Sumdan
00:44:20आपके जेट जी तो कह रहे थे कि
00:44:23वो आपकी बेटीयों के पिता समाने
00:44:26अब पिता का धरम क्यों ना निभा रहे है वो
00:44:29इतना सा इntजाम तो वो अराम से कर सके हैं
00:44:33देखिए सम्धन जी, हम से कोई बात छुपी नहीं है, हम सब जानते हैं
00:44:38मिनु के पिताजी की सारी पेंशन आपके पास आती है, वो भी हर महीने
00:44:43साड साथ सु रुपे सम्धन जी, सिर्फ साड साथ सु रुपे
00:44:47आज की महेंगाई में आप भी बताईए साड़े साथ सो रुपे कितने दिन चलते हैं
00:44:54समधन जी हम भी इसी महेंगाई के जमाने में जी रहे हैं
00:44:58आपकी बेट्टी बहुत तंगी से गुजर रही है
00:45:02अरे आप मा होकर इतने कंजूसी दिखाएंगी
00:45:06तो के होगा आपकी बेट्टी का आपका खून से
00:45:12अपने खून का एक एक कत्राई कठा करके आपको सौतिया समधी जी
00:45:16रहम कीजिए
00:45:19मेरी बेटी पर जुल्म ना करे
00:45:22अपनी बेटी समझ कर रखे उसे
00:45:25अरे अब तो वो आपके घर की लक्षमी है
00:45:30सासुमा आप तो जानती है कि मेरी कंडेक्टर वाली तंका कुछ खास नहीं है
00:45:33आप उचको मोटर साइकल पचास हदार देंगी
00:45:35तब ही तो जाके कोई में नया काम चुरू करूँगा ना
00:45:38इतनी सी बात है इतनी बार आपको समझा चुका हूँ
00:45:41लेकिन आपके समझ में एक बात तक नहीं आती है
00:45:43मैं कुछ बनूँगा तभी जाके असल में ये लक्षमी बनेगी ना
00:45:46वरना बस नाम की लक्षमी किसे चाहिए
00:45:49अचा तलता हूँ
00:46:11पात साल पहले एक रोड अच्शिनन्ट में सविता के पती का दिहान ठो गया
00:46:26तीन साल पहले खुद सविता का एक रेल अक्सिनन्ट हुआ जिसमें उसे अपना एक हाथ और पैर खोना पड़ा
00:46:32अपाहिच तक्दीर के बावजूद सविता ने अपनी दोनों बेटियों की परवरिश की
00:46:37पर अब जब बड़ी बेटी पर ससुराल में हिंसा और जिल्लत का कहर तूट पड़ा था
00:46:42तो इस माँ के पास हिम्मत नहीं थी ये कहने की
00:46:45कि बेटी छोड़ दे उस चल्लात को और लौटा अपने घर
00:46:49कहने को ये सबसे सही कदम होता है कि एक पीडित लड़की
00:46:52अपने पती का घर छोड़कर अपने माईके चली आए
00:46:56लेकिन क्या ये ऑप्शन हर लड़की के पास होता है
00:46:59अकसर लड़की के माबाप ये सोचकर चुप हो जाते हैं कि समय सारे घाव भर देगा
00:47:05समय हर मर्ज की दवा है लेकिन क्या ऐसा होता है
00:47:09समीत अमा जी समीत अमा जी
00:47:14क्या हुआ परिदाबाद से आपके लिए फोन आया है
00:47:29हलो
00:47:39हलो
00:47:43सविता जी बोल रही है
00:47:45जी
00:47:46सम्धन जी मैं दिपक का चाचा
00:47:48नमस्ते जी
00:47:49कैसे भाई साब सब खेरियात
00:47:51जीना
00:47:52आप फोरण दिल्ली के लिए रवाना हो जाए
00:47:54क्यों क्या हुआ
00:47:55मेरी बेटी तो ठीक है ना
00:47:57आप जल्दी से जल्दी सब दर्जंग अस्पताल पहुँच जाए
00:48:07वो खाना बना रहे थी बहुत थोड़ा
00:48:09जल गई है
00:48:11हुआ
00:48:15हुआ
00:48:17हुआ
00:48:19हुआ
00:48:21हुआ
00:48:23हुआ
00:48:25हुआ
00:48:27हुआ
00:48:29हुआ
00:48:31हुआ
00:48:33मेडम जी
00:48:35मेडम जी हमारी बेटी को यह भरती किया रहा है
00:48:37कौन सा देपार्टमेंट?
00:48:39मेडम जी
00:48:41मेडम जी
00:48:43मेडम जी इसको क्या हुआ
00:48:45कि आप डॉक्टर से पूछ रीजे प्लीज
00:48:47और आवाज दीमी रखे
00:48:49दो गंडे पेले अद्मीट ही आपकी बेटी
00:48:51नर्स बता रहे थी कि
00:48:53जिन लोगों उसे हां लाया
00:48:55वो तो तुरंट भाग खड़ा हो गए
00:48:57इलाज का बिल तक नहीं बड़ा
00:48:59कुछ नहीं
00:49:00बज चले के
00:49:01ठीक तो हो जाएगी ना मेरी मेरो
00:49:0395%
00:49:0595% जल गई आपकी बेटी
00:49:07आपकी बेटी
00:49:09हालत बहुत ज्यादा नासुक है
00:49:11डॉक साब ये सब हुआ कैसे
00:49:13रही मैं ये कैसे बता सकता हूं
00:49:15ये तो वो लोग जाने जो उसे यहां इस हालत में लेका रहा है
00:49:17और भाग बीगा है
00:49:19आप एडवांस भर दीजिए
00:49:21और बागी जो दूसरी फॉर्मेल चीज है वो पूरी कर दीजिए
00:49:24मुझे तुरन ट्रीट्मेंट चुड़ करनी होगी
00:49:26केटिकल अलत समझते हैं हाँ
00:49:49हेलो
00:49:51दीपक बिठा
00:49:53मैं मेनु का ताओ बोल रहा हूं
00:49:55हाँ, कहिए, क्या बात है
00:49:57बताओ को तुम बिठा
00:49:59बिठा ये मेनु को क्या हुआ और कैसे हुआ
00:50:01चाचा जी ने फोन किया तो था मेनु की मम्मी को
00:50:03बताया तो है उनको सब कुछ
00:50:05मैं के बताओ अब
00:50:07अमेचा की तरह खाना जला दिया हुसने
00:50:09कुछ हुआ हुआ हुआ रसोई में
00:50:11उसी को आग लगगी और क्या
00:50:13दीपक बिठा, मेनु की तबियत बहुत खराब है
00:50:15और एसी हालत में तुम उसे अस्पताल में छोड़कर चले गए
00:50:17तो और क्या गरते हैं
00:50:19देखे हमारे अमेरों के साथ अब कोई लेने देना नहीं है
00:50:21और एक बाद और सुन लेजिए
00:50:23इस्पताल का जो बील आएगा ना
00:50:25वह हमारे नाम पे मत फढ़वाईएगा
00:50:27एक पैसा नहीं तूँगा मैं
00:50:29इसे मांगी तब तो खुब तेवर दिखाया आप सब ले
00:50:31और बार अबार अशे फोन मत किया गी जी
00:50:33और भी काम होते जिंदगी में
00:50:35दिपाक
00:50:37दिप
00:50:39क्या का
00:50:41जेट जी कुछ तो बोले
00:50:45क्या के रहते दावाची
00:50:47मा
00:50:51ताव जी वो
00:50:53चालीस हजार उपया भी देने पड़ेंगे
00:50:55चालीस हजार
00:50:57चालीस
00:50:59तुम लोगी काम करो
00:51:01तुम लोगी नहीं रुको
00:51:03मैं पैसे का इंतिजाम करके आता हूं
00:51:23मिनाक्षी के 95 प्रतिशत बर्न्स थे
00:51:31उसके अपने पदी और ससुराल
00:51:33वालों ने उसे हस्पताल
00:51:35में किसी कबार की तरह पटक दिया थे
00:51:37उसका इलाज तभी मुमकिन हुआ
00:51:39जब उसकी मा और उसके
00:51:41ताव ने हस्पताल में पैसे जमा किये
00:51:43मिनाक्षी की हालत काफी खराब थी
00:51:45बचने की उमीद लगभग जीरो थी
00:51:47लेकिन मिनाक्षी की मास सविता
00:51:49इतनी आसानी से हार मानने वालों में से नहीं थी
00:51:53अजास हजार और मोटर साइकल नहीं दी
00:52:01तो उन्होंने ऐसे बदला लिया
00:52:03ऐसे जिर जी
00:52:05जिर जी पेरी मीनो को जला दी
00:52:07अब उसब सोचने का वक्त नहीं
00:52:09है अब तो बस ये दुआ करो किसी तरह से हमारी मीनो की
00:52:13जान बज़ा होगा
00:52:15लेकिन
00:52:17जिनोंने उसके साथ ऐसा किया है
00:52:19ना
00:52:21मातारानी की कसम
00:52:23उनके साथ कुछ न कुछ होगा
00:52:25पहुत
00:52:27बुरा होगा, चर्माती है मुझे अपने अग पर कैसी माओ, मजबूरी में अपरी बेटी को आग में दखिल दिया, लेकिन मैं उसे इस आग से निकालूंगी, और उन सब को फूंग दूंगी मैं, आपको,
00:52:57सब्धर्जन्ग सब्सपिटाल थो हमारे हिलाके में पर हाथसा तो व्रिधाबाद में हुआ है, आज से चर्म हुआ, अर कहा हुआ उससे क्या फर्क पढ़ता एक तरफ आपका घर है एक तरफ इस और कर गर है अब कोई कहीं ब्या इस नहीं हूश सकता है, मैरा गर भूँग द
00:53:27शिकायत दर्ज किजे ना साब
00:53:30शिकायत तो फरिदाबाद पुलिसी लिखेंगे
00:53:32हम कुछ नहीं कर सकते
00:53:33क्या का आपने दीपक सिंग भरत नगर बसती
00:53:59हम है साब उसने और इसके परिवार वालों ने मेरी बेटी को जिंदर जलाने की कोशिश किया
00:54:04एक मुझे टेक एक मुझे जी सर अरे सिंग वो जो आज हमारे एंसी दर्ज हुई है उसकी फाइल लेके आओ
00:54:10ये सर
00:54:10मैडम आपकी बेटी का नम मीनू है या मिनाक्षी या मिनाक्षी सिंग मिनाक्षी प्यार से मिनू कहते हैं आपकी बेटी के पती दीपक सिंग ने आज सुबह एंसी करवाई है कि उनकी पतनी सुबह खाना बनाते समय जल गए और स्टेट्मेंट है कि मैं मिनाक्षी सिंग अ
00:54:40इसमें मेरे पती या सुसराल वालों का कोई हाथ नहीं है, इसलिए उन्हें दोशी ना माना जाए, जो हुआ मेरे भूल से हुआ, मिनाक्षी सिंग, और मिनाक्षी नंगुठा भी लगा है डेकलेरेशन पर, ये सब चल है, बड़ी चला की और दोके से उन्होंने अपनी जिम्
00:55:10कोशिश की है, दहेज को लेकर बहुत परिशान कर रहे थे बिचारी को, तब क्या आप सो रही थी जब आपकी बेटी को दहेज के लिए टॉर्चर किया जा रहा था, तब आपने शिकायत दर्ज क्यों नहीं करवाई, तब तो आप गुद्बनी बैठी रहें, जब इतना ब
00:55:40पड़ी लिखी है, साइन करना आता है उसे, और उने उसे मजबूर किया होगा, अंगुठा लगाने के लिए चले आइए सब, वो आप जाने और आपकी बेटी जाने, मैं इस वक्त आपका केस दर्ज नहीं कर सकता, एफाईयार लॉज नहीं होगी, जानेगर आस्ता वही है
00:56:10मैं आपको जूड़ा दिला से नहीं दूँआ, बचने के चांसे समान के चलिए एह ही नहीं है, मैं सामध के ये लुक्ता, सोने जैसी बेठी है मारी, बड़ी इमत वाली है वो, देखे मैं आपके दर्द को समझ सकता हूँ, पर मेरा काम है आपको सच बताना सुमाय नहीं ब
00:56:40मैं आपके नीचे पूरा बदन जल चुका है
00:56:42मैं आपके अपने आपको कोशना बंद कर
00:56:51कैसे नहीं कोशूँ, अपनी बेटी का दुख मैं समझ नहीं पाई
00:56:57मेरी बच्ची कितना चीती होगी, कितना रोई होगी, कितना तटपड़ाई होगी
00:57:10आप पेशन के रिष्टिदार है?
00:57:24देखे, मैं वंदना वर्मा हूँ, नाशनल कमिशन फर विमिन से आई हूँ, आपकी मदद के लिए आई हूँ
00:57:312011 में पूरे देश भर में 12,000 मौते रिपोर्ट हुई, जो दहेज को लेकर जलाने की वज़ा से हुई थी
00:57:38ये आखड़े हर साल 12 प्रतिशत से बढ़ते जा रहे हैं, ये ऐसे केसिज हैं जिनमें FIR दर्ज होती है, चार्ज़ भी साबित होते हैं, लेकिन न जाने ऐसे कितने केसिज हैं, जो ना तो रिपोर्ट होते हैं, और ना ही जिनकी तहकीकात होती हैं
00:57:54देश के लगभग सभी बड़े हॉस्पिटल्स के बर्न वार्ड में, नैशनल कमिशन आफ विमिन के प्रतिनिधी केस टू केस चेकिंग करते रहते हैं, ताकि ऐसे अन्रिपोर्टेट केस पकड़ में आ जाएं, जहां शडियंत्र की बू आ रही हैं
00:58:07देखिए सविता जी, हिम्मत ना हारें, हम आपकी बेटी को न्याई दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे
00:58:23आप एक बार भी हॉस्पिटल नहीं गए लड़की की हालत चालने, एक बार भी उसके ससराल नहीं गए इस हाथसे की तहकीकात करने
00:58:38और आपने सीधे सीधे एंसी रेजिस्टर कर दी इंस्पेक्टर
00:58:40मैडम लड़की का पती, उसकी सास और उसका चाचा खुद यहां आए थे
00:58:44और उन्होंने स्टेटमेंट दिया और लड़की का स्टेटमेंट अंगूठे के निशान के साथ दिया
00:58:49तो एंसी दर्ज नहीं करूँगा तो क्या करूँगा
00:58:50वैसे तो लड़की की माँ भी खोदिया आई थी और आपको एक बहुत बड़ा सुराक भी धिया था
00:58:55कि लड़की दस्थकत करना जानती है तो फिर यह अंगुठा लगाने का क्या मतलब
00:58:59इसके बावजूद आपने एक बार भी लड़की से मिलना जरूरी नहीं समझा
00:59:03बेगोश लोगों से मिलने का मतलब और हम ऐसा कैसे मान के चलें कि यह दहेज का केस है
00:59:09लड़की वालों ने लड़के वालों के खिलाब कभी कोई शिकायदर्ज की है
00:59:12लड़के वाले 95% बर्न्स वाली अपनी घर की बहु को अस्पताल छोड़ाए
00:59:17एक बार भी वापस नहीं गए
00:59:18इलाज के लिए एक दमड़ी बाहर नहीं निकाली
00:59:21आपको कुछ भी अटपटा नहीं लगता
00:59:23आपको ये भी अटपटा नहीं लगता
00:59:25कि एक 95% जल चुकी लड़की
00:59:27अंगुठे का निशान कैसे लगाएगी
00:59:29क्या उसने वो निशान जलने के पहले लगाया था
00:59:32या जलने के बाद
00:59:32कुछ भी नहीं लगता
00:59:34एक बार भी आपके जहन में ये नहीं आता
00:59:37कि ये केस एक एक्सिडेंटल फायर का नहीं
00:59:39परके एक डावरी बर्निंग केस है
00:59:41अगर मैं तहकीकात करूँ और पता चले कि एक्सिडेंटल फायर केस है
00:59:44तो भी दहज का केस नहीं बनता
00:59:46क्योंकि लड़की का कोई स्टेटमेंट हमारे पास नहीं है
00:59:49और जब तक F.I.R. दर्ज नहीं होती ये केस एक्सिडेंटल फायर का ही रहेगा
00:59:52ये बात आपके जहन में नहीं आती
00:59:54देखे इतना सा
01:00:10सिर्फ इतना सा सुदार है आलक में
01:00:13पर होश में कब आएगी
01:00:15ये मैं क्या कोई भी डॉक्टर नहीं क्या पाएगा
01:00:17होश में आने के कही लेवल्स होते हैं
01:00:21एक पुलिस को सीरियस स्टेट्मेंट देने की हालत
01:00:23वेल दूर है बहुत दूर
01:00:27दूर है तो हम दूर तक चलेंगे
01:00:30उमीद नहीं छोडेंगे
01:00:32पंदना जी इस केस को मैं अच्छी तरह समझ चुका हूँ
01:00:37जो कुछ भी करना होगा मैं ज़रूर करूंगा
01:00:39लेकिन इन सब के लिए लड़की का स्ट्रेट्मेंट ज़रूरी है
01:00:44डॉक्टर का कहना है कि वो बहुत जल्द होश में आएगी
01:00:47तो तब तक इंतिसार करते हैं मैं दो
01:00:49मैं 24 गंटे अवलेबल हो जैसे ही हो शाय जास काल में
01:00:55जाहे कोई भी वक्त हो I will be there
01:00:57Thank you SCM sir
01:00:58सभीता जी
01:01:08जो होया सो होया
01:01:20उसे रहने दो
01:01:22रह छेड़ोगी तो आग और फैलेगी
01:01:26सारी ख़बर आ रही है महरे पास
01:01:29पुली स्टेस्टन के चक्कर लगाय जा रहे हैं
01:01:33छिकायते की जा रही है महरे खिलाफ
01:01:35बावली हो गई है आप
01:01:37एक जवान छोरी और है आपकी
01:01:40रह ये भी भूल गई कि अब आप सिर्फ अकेली नहीं
01:01:47अधी है अधी
01:01:48रह एक टांग और एक हाथ पर आज तक कोई दोड़ जिता है
01:01:54भले ही मेरा दूसरा हाथ और मेरी दूसरी टांग कर जाए
01:02:00लेकिन आखिर में रेंगोगे तुम सब
01:02:03मानती हूँ कि तुम सब के खिलाफ आवाज उठाने में
01:02:08बहुत तेर कर दी मैंने
01:02:11और इतनी भी देर ना हुई
01:02:14कि कानून के घर में मुझे सिर्फ अंधेरा मिले
01:02:18तुम सब को जेल पी जो होगी मैं
01:02:22अपर टिकाने लगाने आया था थारी
01:02:24समझदारी तक काम लो ठंक से समझा रहा हूँ
01:02:34तुम क्या समझाओगे किसी को
01:02:37मेरी बेटी को जिंदा जला कर अपनी बहादुरी का सुबूत देने आयो मुझे
01:02:44धर पोग गए गए
01:02:46अस्पिताल में पेग कर भाग गए
01:02:49रती भारे इम्मत होती
01:02:52मेरे आने तक का इंतजार करते
01:02:55आख मिलाते मुझसे
01:02:58तुम सब को तो सजा दिला कर दम तोड़ूंगी मैं
01:03:22जलने के बाद पुरा एक हफ़ता मिनाकशी
01:03:26खोश और बेगोशी की गगार पर तडबती रही
01:03:2995 प्रतिशत तक जलने के जखमों से जूचती रही
01:03:33आखिर कार आशा और उमीद की एक गिरन नजर आई
01:03:36मिनाकशी अपना बयान देने की हालत में आ गई थी
01:03:40उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ क्या हुआ था कैसे हुआ था और क्यों हुआ था
01:04:10क्या हुआ क्या बात हो गई दीपक बेठा चल आगे बढ़ हिम्मत कर
01:04:40अब मैं देखता हुआ अब मैं देखता हुआ लोकल पुलिस टेशन कैसे अफायार दर्ज नहीं करता हुआ आई
01:05:10इस्पेक्टर जैस सर दीपक और उसके पूरे परिवार को कल सुभा कोर्ट में पेश करो
01:05:29और आपकी इन्वेस्टिगेशन की डिटेल रिपोर्ट चाहिए मचे जैस सर एक और डिटेल रिपोर्ट चाहिए
01:05:35कौनसी रिपोर्ट सर जो ये बतला है
01:05:37कि आपके ऐसी क्या मजबूरी थी कि आपने अफायार दर्ज नहीं की
01:05:41और नहीं इस केस की इन्वेस्टिगेशन शुरू की जब कि लड़की पर अटेंप्टेड मडर हुआ था
01:05:46बहुत सीरियस बात है इस्पेक्टर
01:06:03क्यों डॉक्टर साब
01:06:05देखे मिनु की हालत बहुत खराब गई थी अब कासी है डीडी थी तुम्हारी डीडी अब नहीं रहीं
01:06:14आम डेली सौड़े
01:06:17पन्सान घर्प पन्साने ममा नूरा कि अुझ को बस्टर है है?
01:06:25इन्सानल झान वुझ कपर जय है?
01:06:29ये मुझा भाव।
01:06:33पन्सा कि पन्सा देंध कितば!
01:06:41झाल वैननwo
01:06:47SDM को बयान देने के ठीक तीन दिन बाद मिनाक्षी उर्फ मीनू चल बसी
01:07:04उसके पती दीपक, दीपक की माँ और दीपक के चाचा पर सेक्शन 498A लागू हुआ
01:07:11और तीनों को हिरासत में लिया गया
01:07:13फिलाल दीपक की माँ को मेडिकल ग्राउंड्स पर रहा किया गया है
01:07:17लेकिन दीपक और दीपक के चाचा अभी भी कानूनी हिरासत में हैं
01:07:22और केस कोट में चल रहा है
01:07:43झाल झाल
01:08:13हर सुसाइटी के नोटिस बोर्ड पर, हर मंदर, हर सिनेमा घर, हर हुटेल, हर मौल के बाहर, हर मौले में
01:08:36यानि के हर पब्लिक प्लेस से अगर एक ही दस्तक बुलंद हो, कि दहेज एक प्रता नहीं बलकि एक सामाजिक रोग है, तो शायद, शायद इनसानी सोच में थोड़ी तबदीलियां आ सकती है
01:08:49दहेज नाम की इस माहमारी को रोकने का एक दूसरा तरीका भी है, हमारे बच्चों को बच्पन से ये सिखाया जाए, कि दहेज एक प्रता नहीं, बलकि एक रोग है
01:08:59अगर बच्चों के स्कूल की टेक्स बुक्स के द्वारा उन्हें दहेज के बारे में आगा किया जाए, तो शायद दहेज के खिलाफ लड़ाई में फत्य हासल हो सके
01:09:08शायद एक ऐसी नई पीडी तयार हो सके, जो दहेज प्रता को हर रूप में नकार दे
01:09:13हम अपने बच्चों को ईश्वर और अच्छे नैतिक मुल्यों के बारे में सिखाते हैं
01:09:19लेकिन हम उन्हें बुरे मुल्यों और हैवानियत से आगा क्यों नहीं कराते हैं
01:09:23क्राइम पिट्रोल में हम बार बार बच्चों की सही एजुकेशन के माध्यम से बदलाव लाने की सोच पर जोर देते हैं।
01:09:30हमारा इस बात पर दिर्ड विश्वास है कि हम जो बीच बोएंगे वैसा ही फल पाएंगे।
01:09:36तब और सिर्फ तब हम एक ऐसे समाज की कलपना कर सकते हैं जहां पर होता है, चलता है, ऐसे शब सुनाई नहीं देंगे।
01:09:45आपसे फिर मलाकात होगी क्राइम पिट्रोल दस्तर की अगले एपिसोड में तब तक अपना खयाल रखें, सुरक्षित रहें, जैहन।
01:09:52इस तरह के और वी एपिसोड देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाना ना भूलें।