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'यादव जी की लव स्टोरी' पर क्यों खड़ा हुआ सियासी तूफान? देखें हल्ला बोल
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00:00इसकार हला बोल पर आपका बहुत-बहुत स्वागत है आपके साथ मैं हूँ अंजिरा ओमकशफ फिल्म का टाइटल है यादव
00:05जी की लव स्टोरी लेकिन क्या ये सियासत की हेट स्टोरी है
00:08जब देश में जातिवादी राजनीती उफान पर है तब एक के बाद एक फिल्मों को लेकर हंगामा हो रहा है
00:14फिल्म यादव जी की लव स्टोरी को 27 परवरी को रिलीज होना है
00:17लेकिन इसे लेकर जगा जगा यादव समाज का विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है
00:21उत्तरप्रिदेश के संभल में फिल्म के प्रडूसर, फिल्म के डिरेक्टर और आक्टर्स के खिलाफ
00:26अब F.I.R. भी दर्ज हो चुका है
00:28इस फिल्म का विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब OTT प्लाटफॉर्म पर रिलीज होने से पहले
00:33फिल्म घुस्खोर पंड़त के टाइटल पर भी विवाद हुआ
00:36यहां तक कि इसके निर्माता निर्देशक को नाम बदलना पड़ा
00:41मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुचा था
00:43जहां प्रोडूसर्स ने उसकोर पंड़त टाइटल वापस लेने का भरोसा दिया
00:46सवाल यह है कि क्या जान बूच कर फिल्मों का ऐसा टाइटल रखा जा रहा है
00:50ताकि पब्लिसिटी मिले
00:52अभी तक नेता तो पॉलिटिक्स की एर्दगिर्द खूब अपनी अपनी जाती
00:55और किन जातियों से वोट चाहिए जातियों का नाम
00:57किसका भला हुआ किसके खिलाफ कुछ हुआ
00:59सब जाती के आधार पर ते करते हैं
01:01लेकिन यह फिल्म बालों को क्या हुआ है
01:02क्या फिल्मों के ऐसे टाइटिल से जातिवाद का जहर पहलाया जा रहा है
01:06यही आज हला बोल का विशेर पहले यह रिपोर्ट देखिए
01:11घूस खोर पंड़त के बाद अब दूसरी फिल्म पर हंगामा
01:20फिल्म यादव जी की लव स्टोरी पर जारी है पवाल
01:28संभल से प्रयाग राज तक फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन
01:36यादव जी की लव स्टोरी पर सियासी भूचाल
01:39किसी जाति विशेश को लेकर मुझे लगता है कि किसी के और राय हो सकती है
01:46लेकिन किसी भी जाति विशेश को टार्गेट नहीं करना चाहिए
01:50ये इन सब चीजों को जो सेंसर बोर्ड है उसको देखना चाहिए
01:55क्या फिल्म में यादव समाज को टार्गेट करने की कोशिश?
01:58कि जब ये कानून बन गया है तो इस पर नहीं इस कुछ जब कानून का पालन करना चाहिए
02:17क्या फिल्मों के जर्ये जाती विशेश पर साधा जा रहा है निशाना?
02:21कि अपनी मूवी चलाने के जिए कभी गुष्पूर पंडित बनाएंगे कभी यादव समाज का नाम बद्दाम करेंगे हमारे महापूर दिन
02:27को दिखते नहीं है उनके ओपर नहीं बनाएंगे
02:35तो आए चर्चा की शिरुवात करते हैं राजितिक पार्टी की तरफ से सिर्फ सुनिल सिंग साजन जी प्रवक्ता समाजवादी पार्टी
02:40के हमारे साथ जुड़े लेकिन हमने फिल्म जगत से लोगों को बुलाया है
02:43और इधर अब देश यादव जुड़ेंगे जो की अध्यक्ष है विश्व यादव परिशद के सुर्या मैथिल जुड़ रहे हैं जो
02:49राजितिक विशलेशक के तौर पर चर्चा कर रहे हैं और उधर फिल्मी दुनिया को रेप्रेसेंट करने के लिए हमने नासिर
02:54अब्द
03:13यादव जी की लव स्टोरी और जो पूरा प्लॉट बताया जा रहा है कि यादव जी अपैरेंटली रेफर्स टू अगर्ल
03:20और वो उस लड़की की जो कहानी है वो पूरी एक मुस्लिम लड़के के साथ है अभी कहरें कि जान
03:26बूच के एक डिस हार्मनी यानि एक मद्भेत �
03:29पैदा किया जा रहा है सांप्रदाइक जो सौहाग भी जो बिगारने के लिए ऐसी फिल्म बन रही है और में
03:37कहूंगा कि जान बूच के ऐसा किया जा रहा है क्योंकि मुझे नहीं समझ में आता कि यहीं के भारतिये
03:46अपना डिरेक्टर प्रोडिूसर एक
03:49ऐसी फिल्म को बनाएंगे जिसमें उनी के देश के धर्मों को चोट पहुचे गलत बात है उन्होंने आकर्षित करने के
03:58लिए इंटरेस्ट को बढ़ाने के लिए ऐसी फिल्मों के नाम रखे हैं जैसे कि एक फिल्म आई थी लिपस्टिक अंडर
04:05माई बुर्खा
04:06तो उस पे भी कुछ हुआ था थोड़ सा विवाद ये वो एक फिल्म आ रही थी मोती अंडर माई
04:13धोती उसका कुछ हुआ यानि मुझे नहीं मालूम तो नाम ऐसे डाले जाते हैं ताके लोगों में इंटरेस्ट हो
04:20कि अरे भाई या तो घूसखोर पंडिट वी जो फिल्म थी वो इसलिए बनाई गई थी कि एक तो घूसखोर
04:28जो के हर मुल्क में प्राबलम है फिर पंड़त कर दिया उससे शादा लोग जो है आकरशित होंगे लेकिन इरादा
04:37ये नहीं है कि इस देश के धर्म पर आच आए
04:43इस इस देश के धर्म के उपर प्राबलम हो फॉर एक्जामपल मुझे कोई कोई प्राबलम नहीं था अगर इसमें होता
04:53कि गूसखोर मौलवी या मौलाना या पादरी गूसखोर फादर तो मुझे फर्द नहीं पड़ता लेकिन जिनको पड़ता है उनको वो
05:04दो को दो मिला
05:06देते हैं अच्छा इसका मतलब ये होगा इरादा ये नहीं है लेकिन लोग जो है कुछ ऐसे संगड़न के वो
05:13कहते हमारे भगवान को को ठेस पहुची है मैंने ये भी का था कि भगवान का अपमान हो ही नहीं
05:21सकता अगर अपमान सील होता है तो इनसान के हृदे में या उसक
05:26उसके मस्तिश में होता है ये कहना के भगवान को अपमान किया हमारे ये गलत बात है ये मैं फिर
05:36से कहना चाहता हूं कि एक इरादे से इस इरादे से नहीं कि यहां के जो धर्म के लोग हो
05:43उनको ठेस पहुचे नहीं सुर्या मैतल जी वो कह रहे है कि पब्लिसिटी स्टन्ट
05:49पब्लिसिटी स्टन्ट वो चोट पहुचाने के लिए नहीं कर रहे है धन्यवाद अंजना जी पहले तो आपको और पुरिदेश को
05:54भारत माता की जो बंदे मात है देखिए अंजना जी ये जो जो जिस फिल्म के हम चर्चा कर रहे
06:02हैं इस फिल्म में सीधा-सीधा लव जिह
06:07लव जिहाद का मामला दिखाया गया है इसके अंदर एक मुस्लिम लड़के से यादव लड़की का एक प्रेम प्रसंग है
06:15जिस प्रकार से लव जिहाद का एंगल दिखाया गया है जो आज की रेट में देश में हो भी रहा
06:21है वहाँ पर उस मुस्लिम लड़के को एक बहुत
06:24माति सहर्दई मासूम इमान लखने वाला दिखाया गया जैसे कि मैंने कहानी पढ़ी और उसके अंदर एक जो यादर लड़की
06:33है वो उसके प्यार में पागल हो जाती है देखिए अंजिना जी यही जो गुट्टी है उसको पिला पिला कर
06:42इस देश में धर्मांत्रण और लब
06:54में इस खान बट आम नॉट टेररिस्ट चब्वीज ग्यारा में पूरगा पूरा उस समय 9-11 में पूरगा पूरा डवल्टी
07:04ओड़ा दिया डवल्ट्रेट टावर और उसके बाद भी यह का जा रहा है माइनेम इस खान बट आम अनुट टेरिस्ट
07:11एक फिल्वाई वक्त उस
07:13मुल्क उस मुल्क मूवी के अंदर है उस उस परिवार का बच्चा आतंकवाधी लेकिन उस परिवार को ऐसा महिना मंडिक
07:24करके दिखाया गया कि उससदब मसूम कोई नहीं तो एक पूरा पूरा एको सिस्टम है जो की आतंकवादियों को पाल्ले
07:32पोस्टने के लिए तैयार
07:34है उनकी जो आजेंटिटी है उसको फाइन कर रहा है और साथ इसकत लब जिहाद के बढ़ावा देने के लिए
07:42इस प्रकार की मूविया दिखा रहा है एक केडार्नाथ मूवी भी आई थी आप केडार्नाथ मूवी में देखेंगे किस प्रकार
07:48से
07:48एक मुस्लिम लड़का एक हिंदू लड़की के प्रेम में पढ़ता है और वह हिंदू लड़की जो उसके लिए कुछ भी
07:54करती है तो यह क्या दिखाने का जब विरोध करेंगे उनका कहना है कि जानबूच कर जो अग्रेसर है उसको
08:11ही विक्टम दिखाया जाता है देखे डिर
08:14लोग जब फिल्म को बनाते हैं बड़ा सोच समझ के बनाते हैं मैं यकीन से आपको बोल सकता हूँ पूरे
08:23विश्वास से के जब फिल्म बनती है और जो भी किरतार जिसको करना होता है उसके बारे में इतनी चानवीन
08:34होती है इतनी सोच विचार होती है इतने आपस में लोगों
08:39नासर जी नासर जी कौन सही रहेगा नासर जी पर आपने खुदी सरेंडर कर दिया शुरू में आपने खुदी कहा
08:44कि पॉब्लिसिटी के लिए करते हैं नाम देते हैं तो जब वो जिम्मेदारी पॉब्लिसिटी के लिए कुछ आपने बोला ना
09:05पॉब्लिसिटी के लिए करते
09:06हैं दस दस बारा लोग बैठ के काम करते हैं आखरी वक तक मालूम नहीं होता है किसको करें तो
09:13ये जो बात है ना लव जिहाद बाद बाद पर अगर मुस्लिम के साथ उसका संबंद है तो ऐसी कौन
09:19सी आफ़त आ गई आपको क्या प्रॉबलम है मुस्लिम से लव जिहाद लव �
09:34मुसलिम है तो आपकी क्या आफट आ गई आपकी जिंदगानी में कहानी है कहानी देखो नहीं देखो तो आप अपने
09:48फटा-फटा अपना एंगल घुसर दिया इसमें देखिए इस पस्ट रूप से जो जो टीजर रिलीज हुआ है उसमें साब
09:59दिखाना जा रहा है कि एक य
10:04युवप के प्रेम में पढ़ जाती है तो यह तो सीधा सीधा जहाब का एंगल आया ही ना दूसरी चीज
10:10यहां पर जो बोल रहे हैं हमारे मेत्रे मैं उनसे पूछना चाहता हूं हमें कोई परेशानी नहीं है भाई साहब
10:17कि आप प्यार करे कोई किसी से पेरें करे कोई परे
10:34कर रहे हैं जो बैटे लोरी को कंफ्यूज कर रहे है मुझे ऐसा लग रहा है सो रहा जी मैं
10:38आपको एक सेकेंड राउन में आउंगी ने ने अजिके एक सेकेंड सवाल यह है कि जाती का नाम डाल कर
10:44क्या जान बुछकर अभी तक तो पाटिया ही कर रही थी आपके नेता भी �
10:46पीडिये करते हैं यह क्या आपको लग रहा है यह सही है यह सार्थक है यह आपको लगता है जैड़ा
10:52है देख एंजना जी मुझे लगता इस तरीके के कुछ लोग एजनडा चला रहे हैं ऐसा नहीं है कि इस
10:58देश में फिल्म निर्माता बहुत अच्छे नहीं है या उन्हो
11:14कर रही थी बैमान पंडित का घूस खोर पंडित का आखिर प्रदर्शन हुआ तो और उसके पास सुप्रिम कोट में
11:22जाकर के नाम बदलने की बात आई अफिर प्रदर्शन हो रहे हम करें अगर आपकी अच्छी कहानी है अच्छी थीम
11:28है तो आप लाईए ने लेकिन उसमें ज
11:43घूसकोर पंडित वाले पर नहीं बोल रहे थे बिल्कुल बोले थे और खुल करके बोले थे और हम लोगों ने
11:50उस पर विरोध किया था कि आप घूसकोर पंडित नाम नहीं रख सकते हैं किसी समाज को आप घूसकोर नहीं
11:55बोल सकते ना और जहां तक सवाल है कि समाज बदल
12:13अभी भी जो फिल्म निर्माता है, उनके सामने मौका है, अभी तो मैंने सुना कहीं एफाई यार हुआ है, इस
12:19तरीके का महुल देश में ना बनाएं, कि उनको भी दिक्कत हो और समाज को भी दिक्कत हो.
12:26दिखाई शोईब चौदरी जी को जल्दी, शोईब जी, बतलब साफ दिख रहा है ना, हिहादव जी की लव स्टोरी, क्या
12:33करना चाह रहा है, अखिर क्या, मतलब कमाई के लिए कहां तक गिरना है, क्या अप अहसास नहीं था कि
12:39इसको लेकर प्रोटेस्ट होगा, जान बूच क
12:41करते हैं, क्या यह लोग, उसके बाद से उदर मनोजबाश पई हमारा कभी यह नहीं था कि हमें किसी को
12:46चोट पहुचाना है, किसी के रहते को, बड़ी अच्छी बात है, पहले सोच लेते हैं,
12:55शोइब जी, अलना जी, देखिए, यहां दो फिल्मों का जिकर हो रहा है, एक घुसकोर पंडित और यादव जी की
13:01लव स्टोरी, दोनों फिल्मों को कंपेर इसलिए नहीं किया रहा सकता है, क्योंकि दोनों का कंटेंट अलग है, दोनों को
13:06बनाने का इंटेंशन मेरी नदर
13:08हमें अलग है, खुसकोर पंडित, एक रियल लाइफ स्टोरी, किसी एक इंडिविज्यल की कहनी हो सकती है, और आज हम
13:16जानते हैं कि दुनिया में one of the most corrupt nation हमारा है हिंदुस्तार मेरा भारत मान, इसमें जो corrupt
13:22corruption में लीन लोग है, वो हिंदू भी है, मुसलमान भी है, सिख भी है
13:25इसाइभ यह पंडित भी होंगे, दलित है कि उसमें लुट निक्सपन हमारा है, वो इसमें हम जानानने की तो च्रहिख
13:46सब्सक्रापन की लोग हम जान के लिए, और समाज जाती के लोग इसमें से किसी एक इंडिविज्यल की कहानी है
13:52और जेनरलाइज नहीं किया गया तो उस पर हंगामा करने का कोई मतलब होना ही नहीं चाहिए था उसके उपर
13:57मैं पचास एक्जामपल आपको दे सकता हूं कलको पंडित सुक्राम जो टेलिकॉप मिनिस्चर थे उनकी मंदर के नीचे से चार
14:03करोर रुपय मिले उनकी बायपिक �
14:05तो नाम के पहले से पंडित आता देंगे क्योंकि पूरा पंडित समाज हो जागा एक करप्ट इंडिविजुल की कानी अगर
14:10कोई कही जा रही है उसमें किसी को को इतराज नी होनी चाहिए अब आते हैं इसके ओपर यादव जी
14:15की लव स्टोरी देखें ये बिल्कुल फर्स
14:20फर्स टाइमर फिल्मेकर हैं इन लोगों को ये बात समझ में आ गया इन यंग लड़कों को कि भाई अगर
14:26हम इस तरह का कोई टाइटल या को रखेंगे तो समाज में किसी को पिल लगाएगा उसे उनको फ्री पब्लिसिटी
14:34मिलेगी और उनका बिजनेस बढ़ सकता है इसके
14:41अलावा दूसरा एंगल यह भी हो सकता है मैं सिर्व कंटेंप्लेट कर रहा हूं दूसरा एंगल यह भी हो सकता
14:46है कि आने वाले अगले आट-दस महीनों में उत्तरपरदेश में चुना हो है यादव और मुसल्मान जो एक बेस
14:54वोटर माना जाता है एक पॉलिटिकल पार्ट
15:09गया और उसमें आगे क्या-क्या हुआ होगा अभी तो फिल्म आई नहीं है तो पता नहीं आगे अच्छा है
15:15अच्छा है शोईब चौदरी जी आपकी बात में समझ गए मैं बाकियों के पास जाना चाहती सूर्य मैथिल जी इसका
15:19जवाब देंगे लेकिन आपने एक चश्म
15:39तो नहीं गलत है जितना यहां पर है लेकिन ठीक है आपके दोनों अलग अलग अलग अलग अलग पावर लगा
15:44हुआ है सूर्य मैथिल जी जल्दी से कमेंट इस पर उसके बाद मैं आगे जाओ बिल्कुल लगा हुआ है सर
15:53यहां प्लेट प्लेट इस रॉंग आग्युमेंट वहां पिर यादव जी की लव स्टोरी है एक ही की बात हो रही
16:02है क्या जस्टिफिकेशन दे रहे हैं आप शॉइब जी देखिए बुले सूर्या जी यादव जी की लव स्टोरी का इंटेंचन
16:11गलत है उसमें साफ साफ दि
16:13देखिए अभी शोयब जी ने कहा कि यह तो पंडित सुखराम अरे सुन लिजिए भाई साथ बोले जल्दी बोलिये सुरह
16:20मैं आपके बीच में नहीं बोला मेरा निवेदन है कि मुझे बोलने का मौका दें कृप्या करके जी तो देखिए
16:29यहां पर किस तरह से ट्विस्ट क
16:31किया गया अंजना जी यहां पर पंडित सुखराम का नाम तो ले लिया गया लेकिन अगर मैं अब नाम लेना
16:38शुरू करूंगा यहां पर आतंग कवागियों के जो बं बांद कर फट गए अगर उनके उपर पिच्च्रे बनने लग गई
16:45तो यह सारे लोग जमीन पर आ जाए
16:49करेंगे और मैं यह पूछना चाहता हूं यहां पर दौनों लोग बैठे हैं जोधा अकबर का केवल एक फिल्म आपने
16:57पिक्च्राइशन किया ना तो जोधा अकबर इस देश के इतिहास में एक्जिस्ट करती कोई जोधा अकबर की पत्नी नहीं थी
17:07और ना उसकी रानी थी �
17:10लेकिन आपने राजपूतों को मानित करने के लिए ऐसी पिक्चर बना दी और आप यहां यह बोल रहे हैं कि
17:16यह यादव और जो मुस्लिम हैं उसके कॉंटेस्ट को तोड़ने की बात हो रही है तो यह मानसिकता है एक
17:23चीज़ और मैं बताना चाहता हूं छोती सी चक्दे इ
17:39कर फैबरिकेट कर रहे थे कौन दस लोग बैठकर ठिंक टैंक से स्क्रिप्ट लिखवा रहे थे मतनल अंत में जाकर
17:47यह सीधा सीधा आप लोगों का एक ही एजेंडा है किसी भी प्रकार से हिंदू समाज को नीचा दिखाया जाए
17:53कहीं पर भी लवजया प्हलाया जाए आतं
18:09यह असलियत है आज के समय में नासर जी इस पर एक्सप्रेशन दे रहे हैं को कहते है रहा यू
18:16कांट टेक अमें एन आक्टर फ्रम परसंट वही है देखे जी अभी हाली में ले जो घूसखोर जो पंडित की
18:23बात हो रही थी अभी कोई दो हफते हुए तो उस पे एक साब जो
18:29उसके विरुद में थे उन्होंने कहा एक फिल्म यह नहीं थी अम मदर इंडिया उसमें थी अपना नर्गिस सुनील दत
18:37राज कुमार राजिंदर कुमार बहुती फेमस फिल्म थी उनने सो बासर्ट पैसर्ट वो सहाब यह कहने लगे कि उसमें एक
18:47सीन था मदर इंडिया जो
18:59भी बात को अपना ठेहराना चाता है और वो इवल है और वो बुरा मतलब वो वहां तक चले गए
19:05जबके इन बातों का ख्याल आता नहीं था मतलब भिकारी मुल्ट था हमारा लेकिन यह बात वो महां तक ले
19:14गए अभी हाली में कह रहे थे मदर इंडिया में दिखाया था कि �
19:17पंडित ऐसा है दुस्ट है वो अपना ही अपना मामला सट तो ये लोग अच्छली क्या करते हैं आम जनता
19:26को कोई प्रॉब्लम नहीं है कुछ संगठन उठके देखते हैं अरे इसमें कुछ ऐसा है जसका हम देशी को दिखाई
19:32है लग जिहाद ये जहाद गलत बात है इतना आ�
19:47अब मतलब यह के सेलफिस्ट था गुस नहीं गुस्खोर नहीं कहूंगा नहीं तो फिर से प्रॉब्लम हो जाएगा लेकिन सही
19:54आदमी नहीं था ये दिखाए था अब होते हैं पंडित मौल वी मौल वी तिर्ग ना सुस्ट होते हैं अरे
20:02अब देशी बैठे वह अब देशी
20:16का आइना है फिलम जो दिखाए जाती है उस फिलम से पूरे समाज में एक परभाव पड़ता है अगर आप
20:24एक हिंदू, मुसलिम, सिख, इसाई, सभी जातियों को एक करके लाना चाहते हैं तो ऐसी फिलम को लाना पड़ेगा देश
20:33के अंदर जिसे कि हमारा समाज जो बट र
20:36रहा है जो हमारा हिंदू बट रहा है वो संगटित हो मजबूत हो लेकिन आज की बाते हो गई वो
20:42कह रहे हैं कि ऐसे फिलमें सुनिय अफदेश जी उनका सीधा कहना है कि आप जैसे संगठन जानबुच के बवाल
20:47करते हैं फिल्म के नाम पर उनका कहना आम जनता को को कोई फ
21:07फिल्म से इत्राज है जिस जो इसका समथर कर रहा है अगर आम उसकी बहन बेटियों के नाम से फिल्म
21:14का नाब रख दें तो क्या फिल्म अच्छी है आप अपनी बहन बेटियों के नाम से फिल्म बनाने जाते हैं
21:20बताए बना दो बना दो बना दो बना दो मुझे कोई प्रा
21:41जहां मैं आदेका हूं तो बना लो मौज़े कॉया प्रवależ नीपन गड़ता है
21:51मेरा क्या जाका है तो जाओ पर दूर से डारेंटर से मिलो ना उसको तो
22:04मैं क्यूं जाओं मैं क्यूं जाओं मैं क्यूं जाओं मैं क्यूं जाओं मैं क्यूं जाओं मैं क्यूं जाओं
22:09तो आप वो थेकेदार हो आप जाओं ना आप जाओं आप जाओं मैं आपको अनुमती देता हूं मैं अनुमती देता
22:26हूं मैं आप जाओं
22:26मैं नहीं हूँ, मैं नहीं हूँ, मैं को इठेके दार, ओ मैं गॉड, आईयो, आईयो, आईयो, मैं गॉड, आपको क्या
22:35हो गया, मेरे पीछे क्यों पड़ गया, आगे बढ़िये ना, बात कीजे आगे,
22:44अगर आपको अच्छी फिलम दिखानी है, तो हिंदुस्तान के अंदर, एक सब फिलम लेके आओ, सब लोग उसका स्वागत करेंगे,
22:53ये समाज को तोडने वाली फिलम आएंगी, बेहन बेडियो को बदनाम करने वाली फिलम आएंगी, तो हम सब उसका विरोत
23:00करेंगे, और ऐस
23:11कईयों? अज़ फिलम को यादों से पासने का काम कर रहे हो, हमसलमान को यादों से पासने काम कर रहे
23:24हो
23:30निर्देशक करने हो
23:31मैं तो इंतजार में होता हूँ कोई मुझे काम दे आपको आगे आके आपको ऐसी फिल्मों में काम भी नहीं
23:41करना हो
23:49मुझे मुझे ग्यान मत दीजे थैंक युब हरी मच आगे बढ़िए आप बात कर लीजे जिससे करनी है
23:54मेरे हाथ में कुछ नहीं है, मैं भगवान के इशारों पर चलता हूँ.
24:24कस्वों में बहुत जादा सेंसिटिविटी होती है कास्ट को लेकर लोगों में आपको रखता है कि ये भी एक वज़ा
24:45है कि
24:45बात करते हो जब आप किसी जाती को लेकर बात लेकर या महलाओं को लेकर ये तीन ऐसे बिसे हैं
24:51इतने संस्टियु थो कोई
24:54दो मिनट फीर बोलेगा तो फसफेगा तो मुझे लगता है कि जो इस फिल्म नि� dx थैनको हम लोगों ने
25:02देखा है
25:02जब फिल्म पद्मावत आई तो च्छती समाज के लोगों ने सडक पर उतरे फिर जब बहिमान घूसकोर पंड़त आई मुझे
25:13लगता है पूरे देश में समने विरोत किया क्यों एक समाज नहीं विरोत किया और इस पर भी देर सबेर
25:20जो लोग भी समझ रहे होंगे
25:22आप जातियों में बाटके धर्म में आपस में लड़ा करके भेद भाव करके या जो भी आपकी सोच हो लेकिन
25:32आपकी सोच फिल्म बना करके नाम कमाना और पैसा कमाना हो सच्छा है लेकिन समाज को आप गलत दिसा में
25:40जोग रहे हैं तो जालता है इन लोगों को बचना चाहि�
25:46कि इसमें जो अपरेटिव पार्टे ने वो सिर्फ इतना है कि हर कोई जानता है जब नाम रखता है और
25:51जब बड़े बड़े प्रोडूसर डिरेक्टर्स की बात होती है अब तो यादव जी की दुलन को आप छोड़ भी दीजे
25:56लाव स्टोरी को जो भी है जब कोई नाम रखत
26:11ही देता है इस तरह का नाम रखना क्या खलत है इसमें अगर वो कह रहे हैं कि सिस्से संभलने
26:15की जरूत है उसी में जोक रहे हैं अभी व्यक्ति की आज़ादी ऐसी तो नहीं हो सकती ना कि आप
26:20गाओं के कस्बों के शेहरों के भी अनिकों लोग सोशल मीडिया पर इसके खिल
26:41दुकान खोलने के बराबर नहीं है और यूरी है वेरी हाई लेवल उप इंटलेक्ट मेंकर इनकी बाते सुनके मुझे लग
26:46रहा है दुनिया में कुछ भी कर सकते हैं कम से कम फिल्म नहीं बना सकते हैं ना कमें टो
26:50या मैन क्वेस्टिन ठीक बात है हम सब लोग बड़े सेंस
27:10कि आती है हमारे पाद जो हम कभी कभी बनाने की कोशिश करते हैं लेकिन जो फिल्म एक वक्त के
27:15साथ जो समाज बडल रहा है और जो देश का देश में जो रूलिंग पर्टी थे उनका रुज़ान किस तरह
27:24है वो किस तरह की आईडियोलोजिक को सपोर्ड करते हैं वो फिल्म
27:41था कश्मीर फाइल जिसमें 78 लोग गवर्मेंट डेटा पर मारे गए उनको सब कुछ दिया जाएगा दिया भी जाना चाहिए
27:49और उनके ओपर फिल्म बनेगी तो उनको वार्ट भी मिलेंगे और हजारों करोर का बिजनिस भी होगा लेकिन अगर
27:542018 में एदगा में मुरदबाद की एदगा में सत्तर हजार जो मुसल्मान नमास पढ़ रहे थे उनको उपर ओपन फाइरिंग
28:03की गई और उसमें हजारों लोग की लाशे ट्रकों में भर करके फेकी गई उसका कोई लाम लेवा नहीं है
28:09अगर उसके ओपर अगर मैं फिल्म बना�
28:24है कि उनको वह सूट नहीं करता है तो इसलिए फिल्मेकर्स भी हर चीज हर सेंसिट्विटी से वाकिफ हैं हम
28:30लोग लेकिन क्योंकि सिर्फ वही चीज़ बनाने में लोग इंक्रेस्ट है जिससे उनका पैसा रिकवर हो और उनको कुछ पॉलिटिकल
28:37फाइदा भी हो जाए आ�
28:52इंटरनाश्चनल पर रिलीज होगा लेकिन दूरदर्शन का ओटिटी रिलीज नहीं करें का पिसमें उनको अपना पॉलिटिकल बेनेफिट नजर नहीं आता
29:00है वो एक मुस्लिम हीरों की कानी है सुरे मैं धन्यवाद दन्यवाद दन्यवाद दन्यवाद देखिए इन्हों
29:32जब पार्टिशन हुआ का उसके बाद चितपावन ब्रहांबनों की हत्या कांड पे पिच्चे बनानी चाहिए
29:41आपको डारेक्ट अक्षेंडे में पिच्च बाना ही चाहिए जो कि कैलकटा की जमीन थी वो खून से लाल होगाई थी
29:48नालियों में खून गहरा आता सरसल के अंग रहा है बन चुकी सुपर फ्लप होगी दोश होनी चाहिए आपको जानकारे
30:07लिए बता रहो है आपको
30:09कि मेरी बाद बोलें दीजी ना अच्छा बोलिए अरे साथ चिलीजे ना मैंने आपको क्या का कि जो हुआ वह
30:15दिखाए यह नहीं कि आप रंग रोवन करके जो हुआ उसको ना दिखाके केवल उपर उपर से लिखा देंगे एक
30:22बात और क्यों आप गूसकोर पंडिती बनात
30:37कि बाद मुस्रीब एजिए मीधि ना destin के बिच लूए हो आता दिल्स से पूरी कीजेए जल्दी तेज़ बोलिये जल्दी
31:09जी मैं कहना चाहता हूं कुछ नाम गिला रहा हूं आज तक मैंने सुना नहीं बंद प्यार नहीं सुना और
31:25एक और बात मैं कहना चाहता हूं
31:27किसी धर्म के पती कुंठा जक्त करना ये बॉलीवूड का काम नहीं है लेकिन शुरेता मुझे वो सीर्याद आ रहा
31:36है कि पूरे गाओं के अंदर बिजली नहीं थी
31:41सुनिये आप लोग पूरे गाओं में बिजली नहीं थी लेकिन मौलाना साथ को अजान सुनाई दे रही थी आप में
31:50इस प्रका से नेरेटिव गड़ रखे हैं डाकु जो होगा गपर सिंगी होगा और अच्छा आप में बलाना ही होगा
31:56खांग साथ सिरफ साहिता करेंगे और पंडिक जो होगा वह लुटे रही होगा यह जो नेरेटिव आप लोग गड़ते हैं
32:04ना नहीं नेरेटिव ये करण हमारे जो हिंदू समाज का पतन हुआ
32:11देखे जी हलो किन आई से सम्टिंग जी
32:19देखे ये एक अफ़ा सी फैली वी और बड़ा उसका फैशन बन गया है कि हिंदू धर्म खतरे में है
32:28और असलियत ये है कि इस वक्त हिंदू धर्म स्ट्रॉंगस्ट है
32:36आज तक इतना स्ट्रॉंग इतना मजबूत नहीं हुआ हिंदू धर्म
32:41लेकिन कहने में आता है हमारा धर्म खतरे में है जो के फैशन बन गया है
32:46ये बात बिलकुल गलत है तो ये बहुत मुझे को सुनने में आता है
32:51और इस बात की मैं सपष्टा से मैं आपको इस्टैब्लिश करना चाता हूँ
32:57कि इस वगत हिंदू धर्म सबसे मजबूत है
33:01सबसे स्ट्रॉंग है
33:02अपनी इतहास में इस वगत
33:04ये बात याद रखे
33:06और दूसरी बात ये है
33:08कि फिर याद रखें कि
33:12घूस खोरी, ड्राइब, भ्रस्टा चार्ट
33:15हर डिपार्टमेंट में है
33:17पुलीस के डिपार्टमेंट में है
33:19किस्टम्स के डिपार्टमेंट में है
33:21मंदिरों में जो पंडिट होते हैं
33:23या और लोग होते हैं
33:24मौनवियों में है
33:25वो जो कैथलिक जो चर्चिस होते हैं
33:28लॉयर्स में है, वकीलों में है
33:30तो अगर एक आदमी को उठाकर
33:33उन्होंने उसका उसका जो पेशा जो है रख दिया
33:36के घूसखोर लॉयर घूसखोर वकील
33:40इसका मतलब ये थोड़ी है के सारे वकील ही घूसखोर होते हैं
33:44नहीं सारे लोग ब्रस्वाचारी नहीं होते
33:47किसी भी डिपार्टमेंट में
33:48अब जैसे एक आसाराम थे जाने माने जाने माने
33:52सारे सारे लीडर हमारे उनके पैर छूते थे अब वो जेल में हैं
33:57पर आपको पता है किस लिए तो एक आदमी ऐसा हर जगा होता है
34:03दो होते हैं दस होते हैं लेकिन अगर एक आदमी को उन्होंने नाम रख दिया
34:14हम अवरसंसितिव हो गये हैं अऑर हम फिल्म वालों की बात ते हैं भी हर छीज़
34:20लगया है कुला हम टी का में पुरा समाज ही मैं फिर कह रहा हूं i
34:25अजर आप पूरा समाज ही मैं फिर ही म।हरा हूं कि जब यह की
34:39है कि लोगों का मन खुला हो गया और लोग बिना जाती देखे आपस में बात करते हैं दोस्त हैं
34:47सादियां
34:47भी करते हैं बहुत से उदाहरं में जाएंगे लेकिन आज भी समाज में भी वह सिवकारता नहीं है अगर आप
34:53किसी समाज का या किसी धर्म का नाम ले करके इस तरीके की कोई भी मूवी बनाएंगे
34:59मुझे नहीं लगता अभी भी कोई स्विकार करेगा तो ये जो फिल्म निर्माता हैं उनको ये समझना चाहिए
35:05कि ब्यापार नाम पिचर चलना ना चलना उसके साथ साथ उनकी जिम्मेदारी समाज को ले करके भी है
35:12कि कोई कहानी या कोई नाम ऐसा ना है कि वो समाज में एक दूसरे से दूरियां बढ़ाएं
35:18वैसे भी मुझे लगता है कि जो राजनेतिक महौल अपने देश में बन गया है
35:24वैसे भी लोग बटे हैं कोई हिंदू-मुसनमान कर रहा है कोई पिछडों के खिलाब बोल रहा है
35:31आप सबको एक करने के लिए जब तक कोई महम नहीं चलाएंगे मुझे लगता है इस तरीके के नामों से
35:37नेता जाती-जाती-खेले तो ठीक है
35:41आपके नेता तो कहते हैं अकिलेज जी की पीडिये कोई वोट दौम पीडिये खाली यूपी की जनता क्यों नहीं बोलते
35:47हैं
35:49ठीक बात हम कहते हैं पीडिये के साथ वो ये भी तो कहते हैं कि हम सब को जोड़ रहे
35:53हैं
35:53लेकिन पीडिये का मतलब वही न जो आजादी के बाद अभी भी पिछड़ गया है, सोसित है, वंचित है, यह
35:59हम लोग यह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार जिनके खिलाब सबसे ज़्यादा आत्याचार कर रही, आप सुचिए
36:05कि योगी जी ने आरक्षन किस
36:07का चीना, पिछड़े और दलित के बेटे और बेटियों का, किसके खिलाब सबसे ज़्यादा मुग्दमे लिखे जा रहे हैं, किसके
36:13खिलाब घर गिराए जा रहे हैं, मानी हाई कोट और मानी सर्वोच ने आले कि टिपड़ी के बावजूद अगर धरम
36:21देख करके, जाती द
36:34साथ कह सकता हूं, कि कोई भी जब जाती और धरम पर बात करके, केवल उनको छोटा करने की बात
36:42करेगा, तो मुझे नहीं लगता है कि समाजवादी पार्टी कभी भी, क्योंकि आपके दर्सक देख रहे हुए, इस बात को
36:50मैंने कई बार कहा और हमेसा कहता हूं, हम समाजवा
37:03पिछड़े दलितों और आधिवासियों के बात तो गांधी जी ने की, लोहिया जी ने की, जैप्रकास्क नरायन ने की, जैनेस
37:10और मिस्रा ने की, मोहन सिंग, आचार नरेंद्यों, इनमें कोई पिछड़ा दलित नहीं है, और ऐसे चुनावी आल्फबेट थोड़ी दिया,
37:16पिडी ए, एम वाई, ये सब क्या है, पिडी एक क्या है, नारे को आप यह नहीं कह सकते कि
37:24हम बटवारा कर रहे हैं, मतलब इर्रिस्पॉंसिबल होकर नहीं नाम रखना चाहिए, वो अपनी बात पर ठीके हुए और आप
37:30अपनी बात पर,
37:31देखे, मैं एक आपको एक्जामपल देता हूँ, एक फिल्म जिसमें कोई नाम में अपत्ती नहीं थी,
37:39मतलब कोई भी संगठन, कुछ नहीं कह सकता था, लेकिन उसे बड़ी आपत्ती हुई,
37:44और उसका नाम था पी के, फिल्म अबाउट आमिर खान, जो किसी अंतरिक से आता है,
37:50उसको बोली नहीं आती, कुछ समझ में नहीं आता है, उसके उपर इतना बवाल हुआ,
37:55लोगों को इतनी पसंद आई फिल्म, इतनी एंटर्टेनिंग थी,
37:58और किसी भी भगवान के साथ कोई भी दुरुप्योग नहीं हुआ, कुछ भी नहीं हुआ,
38:04लेकिन अभी तक, आज की तारीख में, लोग पीछे पड़े में, आपने हमारे शिवजी का मजाख उड़ाया,
38:13सच नहीं है, लेकिन जूट तक बोलते हैं ये लोग,
38:16फिल्म की कहानी है, एक अंत्रिक से आदमी आया है, उसको नहीं पता भगवान क्या होता है,
38:23तो ये लोग किसी चीज़ को भी पकड़के, कि ओ, वो मुसल्मान थी, ओ, ये लवज़ आद होगा, ओ, ये
38:30नो ने हमारे शिवजी को दिखाया, ये हमारे भगवान का अप्मान करना चाहते हैं,
38:35कितनी गलत बात है, एंटर्टेंबंट की एसी कर देते हैं, आप लोग ये सब प्रोटेस कर देते हैं, आप अपनी
38:53मांसिक, आप अपनी मांसिक कुंटा से बाहर निकलिये,
38:59अगर आपका टार्गेट केबल फिलम में पैसे कमाने का है, जैसा कि अभी पहले बोला आपनी जी मैं तो काम
39:05मांगता हूँ,
39:06तो मैं आपसे बादा करता हूँ, आप तयार हो ये, जांगूर में जिस प्रकार से लब जिहाद के मामले करवाए,
39:13कन्वर्जन करवाया, उसके पिच्चर बनाएंगे, और आप जांगूर का रोल कीजिएगा, और फिर वहाँ पर अन्स्क्रिप्ट लिखवाएंगे, और उ
39:36मैं तयार हूँ, मुझे ये शाजी कुबूल है, मैं तयार हूँ, मैं तयार हूँ, जादा भाशन मत दिजे, मैं तयार
39:49हूँ, मैं सयार नहीं हूँ, मैं तयार हूँ, मैं सयार नहीं हूँ, मैं तयार हूँ, आपने सवाल पूचा, मैं तयार
39:59हूँ, अब क्या करिए भया, मैं
40:03करिए एक रूद कि बनाइक बनाइक मेरा अचिर्वाद आपके साथ है
40:22बिल्कुल बनाओ बनाओ बनाओ बनाओ बनाओ बनाओ बनाओ बनाओ आई बनाइए भूड़ सकता है
40:31किजिए कि यह तरफ से बन सकती है बन सकते मैं क्यों बनाओं आप ठेकेदारों मैं क्यों बनाओं मैं तो
40:54एक्टर हूँ मैं कैसे बनाओं मैं तो अपना काम करके चल जाता हूँ
40:59मैं क्यों बनाओं क्या मुझे नौकरी दे रहे हैं आप यह फत्वा दे रहे हो बात को खतम करो याद
41:06लगे में
41:12आप सभी का बहुत धन्यवाद आप सभी का खास तौर पर इस पूरे घंटे आक्टिंग करने के लिए लगाता हैं
41:21आप सभी का बहुत धन्यवाद लेकिन एक बात ते हैं कि जो समवेदनाय
41:25लोगों की होती है या जो सम्वेदन शीलता है उसका ख्याल रखने में कोई दिकत नहीं है देखते रही आज
41:30तरह
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