00:00सब्सक्राइब नहीं हूँ और मुख्यमंत्री के साथ हूँ
00:10प्ले कर दो
00:11प्लाव
00:38प्ले कर दो
01:01प्ले कर दो
01:11यह प्ले के साथ हैं तो अब एक सवाल तो इनके लिए यह खड़ा होता है
01:19कि यह अखारा परिशत के अध्यक्षा है उस अखारा परिशत में निर्मल संप्रदाय भी है
01:27उदासियन संप्रदाय भी है और बैष्णो बैरागी संप्रदाय भी है प्रमचारी भी है और सन्यासी भी है
01:35अखारे सन्यासियों के हैं एक अखारा प्रमचारियों का है तीन अखारे बैष्णों के हैं और फिर उदासियों और निर्मलों के
01:43अखारे
01:43ऐसे तेरा अखाडों का ये अखाडा परिश्यत कहा जाता है
01:46तो ये पूरी अखाडा परिश्यत की और से अध्यक्षी जी बोल रहे हैं
01:51लेकिन ये ऐसा नहीं बता रहे हैं कि हमारे अखाडा परिश्यत में कोई बैठक हुई है
01:56और कोई प्रस्ताव उनके पारिद कर दिया है
01:58इसलिए प्रसम दृष्टे ये बयान
02:01इनका प्रतिकत बयान माना जा सकता है
02:03इसलिए इनसे हम कहेंगे
02:05कि अगर आप अखाड़ा परिशद के अदेख्श की रूप में
02:07ये बात कह रहे हैं
02:08कि हम नहीं हैं संगरशारी के साथ
02:12तो आपको अखाड़ा परिशद का बैठक का वो प्रस्ताव
02:17जिसमें महारशाप और हस्ताक्षर हो सभी अखाड़ों के
02:21वो प्रतर्लिशिद करना चाहिए
02:22कि क्या सभी अखाड़ों ने मिलकर
02:24इस तरह का कोई प्रस्ताव पारित किया है, अगर नहीं किया है तो वो करके तब आप सामने आईए तब
02:30तो हम पानेंगे कि अहाड़ा का अहाड़ा परिशत का वक्तवर है और अगर आप वो नहीं दिखाते हैं केवल बोलते
02:37हैं इसका मतलब ये आपका व्यक्तिकत मत है, तो �
02:45इसलिए हम आपको आपकी स्रापगोई के लिए आपको दन्यवाद देती हुगी कि कम से कम आपने साथ कह दिया है
02:52जो आपके मन था और यह पता चल गया कि आप
02:55गाए के साथ नहीं बलकि गाए के द्वारा होने वाली जो आए है जो मुख्यमंत्री कमा रहे हैं इस समय
03:01प्रुदेश को दे रहे हैं उसके साथ है इसलिए आपक जो चित्र है वह हम उस पक्ष में लगा रहा
03:10है यह जो उड़क्षा का धर में दस्रू हो रहा है इसमें बहिला
03:13चित्र रविंद्र पुरीजी महाराज का हम लगा रहा है लगा लेजिए ऐसे उदर से उदर और इसी विवाद की घड़ी
03:22में आज स्वामी अजमुक्तिस्वराजन सरस्क्राचार उन्होंने गोड़ स्थापित किया है अपने मट में इसमें साथ और बलिखा है जो लोग
03:31ब
03:50लगायों के हरत्यारे गायों के द्वेशी दूसरे धर्मों के पाए जाते थे जो हमारे धर्म के नहीं होते थे वो
03:58लोग प्राया गवहत्या करते थे और हमको चिढ़ाते थे
04:01या हमको दुख पहुंचाते थे लेकिन आज जब देश आजाद हो चुका देश में हिंदू बहुल बाता बरन है हमारी
04:12ही चुनी हुई हमारे ही वोट से बनी हुई सरकारे हैं और विशेश करके वो सरकार जो गव माता की
04:17रक्षा का वचन दे करके सक्ता में आई थी हिंद�
04:31योगी आदित नाथ जी का है उसके बाद भी गव माता की प्रति पक्षी हो कोई पटा तो चले की
04:47कॉन है तो हम लोगों ने देखा कि मुखे मंतरी जी इस बारे में कोईी विशेश संग्यान नहीं ले रहे
04:53हैं उनको कहा गया कि 40 दिन के अंदर आप करके दिखाईये कुछ
05:01और उसके बाद कल अखाड़ा परिशत के अद्यक्ष जी का बक्तवी आया
05:05कि हम मुके मंत्री जी के साथ हैं, शंकराचारी के साथ नहीं है
05:09तो जो शंकराचारी काउमाता की रक्षा की लड़ाई लड़ रहा है
05:12यह प्रशन है कि आप उसके साथ क्यों नहीं हो
05:14और जो मुके मंत्री जिसके उपर प्रशनचिन्न इस समय लगा हुआ है
05:20उसके साथ आप क्यों हो तो यह प्रशन है उनके उपर भी
05:24लेकिन कम से कम उन्होंने साथ साथ कह दिया
05:27इसलिए उनका आदर करते हुए उनको हम लोगों ने प्रतिपक्षियों में
05:30अपने विपक्ष में रख दिया है
05:33और इसी तरह से हम चाहते हैं
05:34कि देश के बड़े स्वादू हैं, संत हैं, महात्मा हैं, विद्वान हैं
05:38अपने आपको धर्मगरू, धर्माचारे कहने वाले लोग हैं
05:40वो अपना पक्ष तय कर लें
05:42कि वो किधर रहेंगे
05:43तो वो जिदर रहेंगे
05:45एक तारीक तक का मौका है
05:47एक तारीक के पहले वो अपना
05:49छोर डिशाइट कर लें
05:51ताकि उसके बाद जो धर्मगरू धर्मगरू धर्मगरू अरंभ हो
05:54उसमें पक्ष प्रतिपक्ष का जनता को ग्यान हो
05:59पहले वो आपके साथ थे
06:01बात यह है कि हमारे साथ कौन है
06:04हमारे साथ कौन नहीं है
06:05इसका ग्यान कैसे होगा
06:06इसका ग्यान तो ऐसे ही समय पर आता है
06:09तो जब हमने कहा कि गवमाता की रक्षा के लिए
06:11आईए तो उस समय तो वो हमारे साथ नहीं है
06:14तो हमारे साथ क्या थे वो यहां पोस्टर भी तो लगा हुआ आपके साथ का यह वो दिख रहे हैं
06:22कई तस्वीरों में दिखेंगे बात तो यह कोई यह जो धर्मयुद्ध शुरू हो रहा है किसी भी धर्मी के साथ
06:28तोड़े हो रहा है यह तो जो गवत्या इस समय भारत में हो
06:34हो रही है इसलिए इसमें तो हिंदु ही कोई निकल करके आएगा जो गवत्यारा होगा इसमें कहां आप दूसरा भी
06:39धर्मी आ रहा है सामने भाई और कसाई का मतलब यह हमारी मां को अपनी मां कहें वही हमारा भाई
06:46है जिसकी मां कॉवन होती है वही दो लोग आपस में भा�
07:07बात यह है कि बिल्कुल सामिल हो रही है क्योंकि जब आप गाय को मां नहीं कह पा रहा है
07:12और उसके साथ जो अपने आपको खड़ा दिखा रहा है
07:26इसका मतलब वो भी मा कहने में असमर्थ है
07:29उसकी जीब भी लड़ खड़ा रही है गाय को मा कहने में
07:31वो पशु सूची में गाय को रखा गया है उत्रपुदेश की
07:35उससे वो संतुष्ट है तो जो गाय को पशु कह रहा है
07:39और जो गाई को मा कह रहा है दोनों में अंतर है की नहीं है?
07:41वहीं अंतर इसमें दिखाई दे रहा है?
07:44का इसमें राजनेताओं की भी तस्वीरे होंगी किसी दर्मा?
07:47बात यह है कि जो भी प्रसिद्ध लोग हैं, जो भी धर्म के मामले में
07:50अपने आपको कहते हैं कि हम धर्म के लोग हैं, जो भी धर्माचारी के रूप में कभी भी प्रस्तुत हो
07:55चुका है, वो सब इसमें आता है
07:57तो आईए, अब तो देखना है ना कि कौन किधर है, और जो चुप रहेगा, वो माना जाएगा कि वो
08:03गाई के साथ तो नहीं है
08:10बात यह है कि कल शाम को ही ये बात हमारे सामने आप पत्रकार बंदूओं के मात्यम से आई थी,
08:16तब ही हमने कहा था कि कल सबेरे 11 बजे इस बारे में हम करेंगे
08:20बहुत सारे संतों महंतों का हमारे पास वीडियो आ चुका है, आ रहा है, अभी हमारे सामने अकिल भारती है,
08:30आरिया वर्थ सट दर्सन सादू मंदल के राश्ट्री ये सचीव, श्री भगवान जी आये हैं, ये भी एक बड़ी पीट
08:38के महंत है, और साड़े तीन हजार साद
08:41का जो मंदल है, उसके राश्ट्री महा सचीव हैं, इन्होंने कहा कि मैं तो आप के साथ हूँ, गाई के
08:46साथ हूँ, मैं क्यों गाई के पीपक्ष में जाऊंगा, तो ऐसे लोग आएंगे अब दीरे दीरे, सब का पता चले
08:53हैं, हाँ बिलकुल, वो जो कह रहे हैं, रबिंद
09:09कर वा रहे हैं, तो क्या असली और नकली दोनों को एक में रखना चाहिए, नहीं रखना चाहिए, तो आज
09:15रविंद गिरी जी भी नकली हिंदू है, तेकि अभी इस बारे में केवल पक्ष भी पक्ष बन रहा है, इसकी
09:23गोशना 11 मार्च को होनी है, तब तक का समय अभी है, �
09:26इसको सारजुनिक भी करेंगे, अब जो इसमें नाम जो ड़ने हैं, कुछ इधर जोडेंगे, जैसे जैसे लोग अपने बारे में
09:37स्वश्टता करते चले जाएंगे, वैसे वैसे ये सूची सम्रुद होती चले जाएगी, ति एक मार्च को हम जितने लोग आए
09:48रहेंगे, उ
10:05झाल झाल
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