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  • 1 hour ago
नागरी प्रचारिणी सभा में लाखों की संख्या में हस्तलिखित पन्नों की एक बड़ी श्रृंखला मौजूद हैं, लेकिन समय के साथ यह जीर्ण-शीर्ण हो चली है.

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00:26प्लेटफॉर्म पर पढ़ने का लाब मिल सकेगा।
00:29इसके लिए केंदर सरकार की महतोकांची योजना के तहट इसकी शुरुवात हुई है और वारानसी में नागरी प्रचानी सभा इस
00:36काम में उनका सहोग कर रही है।
00:59बहुत खुशी की बात है कि भारत सरकार की महतोकांची परियोजना ज्यान भारतम के अंतरगत नागरी प्रचानी सभा में हस्त
01:11लेखों के डिजिटाइजेशन का काम एक अर्थ में शुरू हो गया है।
01:19आप देख सकते हैं यहाँ पे डिजिटाइज स्कैन पांडू लिपियों को क्रॉप करके उनको रीडिबल फॉर्मेट में ले आ करके
01:29उनकी कैटलॉगिंग का और एक क्रम में उनको रखने का काम शुरू हो चुका है।
01:38पांडू लिपियों का जीनो धार जो मूल हस्त लेख हैं उनका संदक्षन करने की प्रक्रिया अभी शुरू होना बाकी है।
01:53तो मुझे लगता है कि आने वाले महीने भर में याने इस विती वर्ष के हंदर तक वो काम भी
01:59शुरू हो जाएगा।
02:00ये एक common platform होगा, एक platform तो बेशक नगरी प्रचानी सभा का होगा और चुकि भारत की सरकार इसमें
02:09शामिल है और यद्यपी भारत की सरकार के साथ जो contract हुआ है सभा का उसके अनुसार intellectual right हमारे
02:17पास से रहेगा पंडू लिपियों का।
02:19तो बहुत nominal fees पर बहुत मामूली सी कोई राशी दे करके आप catalog के हिसाब से पंडू लिपियां पुराने
02:30गरन्थादी देख पाएंगे website पर तो सारी चीज़ें digital format में easily accessible हो जाएंगे।
02:38नागरी प्रचाणी सभा की website है भारत सरकार की website है हम तो चाहेंगे कि सभा की website पर लोग
02:45आएं लेकिन अगर भारत सरकार हमसे कहेगी कि आप वो सामगरी हमारे platform पर भी शेयर कीजिए तो हम उनसे
02:53बाचीत करेंगे ये रास्ता खुला ही हुआ है
02:58ग्यान भारतम की website है वहाँ पर पांडोलिपिया है चुकि यह अभियान अभी ही शुरू हुआ है तो चीजें वहाँ
03:10पर अभी बहुत प्रभूत मात्रा में उपलब्ध नहीं है लेकिन उपलब्ध हैं बहुत दोरलब और विलक्षनल चीजें उस website पर
03:19देखने को मिल सकती ह
03:22हैं भारत सरकार की ये देश्व्यापी योजना है जहां जहां भी पांडोलिपियां हैं वहाँ वहाँ वह संदक्षित होंगी स्कैन होंगी
03:31उनका मेटाडेटा बनेगा और वो सब लोग पढ़ सकें ऐसी सूरत में ले आई जाएंगे
03:37फिल्हाल इसकी शुरुवात वारानसी के नागरी परचानी सभा में हो चुकी है और केटलॉकिंग के साथ ही हर रोज जो
03:44पुरानी पंडोलिपियां हैं उनके डिजितलाइजेशन का काम शुरू हो चुका है
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