00:00देखिए दो बात हमने मैंतों की यहांश में बटकों का सम्मान करना पुझे संतों का सम्मान करना यह हमारे सब
00:06का धर्म है और करना चाहिए करते हैं हम इसलिए हम आज बोल नहीं रहे कारण क्या है कि यह
00:10यह संतों की आपस की बात्चीत है वह संत ही समाजता है करता है पुझे
00:28शंकराचारिया अवी मुक्तेश्वरानन जी को प्रयाग राज में वहां के जो कलेक्टर है वहां का जो प्रशासन है उन्होंने नोटिस
00:37थमा दिया उनको पूछा कि भाई आप शंकराचारिया है कि नहीं सावित करिये तभी से तो विवाद हो रहा है
00:42पूरे उत्तरप्रदे�
00:57को दिवाली के दिन कॉंग्रेस ने उठाया था और आपको याद है और वो समय उसमय सारे के सारे राजनेतिक
01:03देले बिल में घुज गए थे एक नहीं बोला किसी की चूनी नी वो तो संकराचार थे ना अभी अब
01:08जिन ब्रक्ति की बात कर रहे हो उस पर प्रस्मिशन है तो �
01:11को पर आप
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