00:00मैं नाम लेने ना चाहूंगा एक इन्वस्टी जो नहीं खुली थी जब जन भी नहीं हुआ था उसको इंस्ट्यूट ओफ
00:06एमिनेंस का दरजा दे दिया आपने ये भी इसी दोर में हुआ है तो जाहिर तोर पर ये जो आउट
00:12रेज है ये सिर्फ गलगोटिया के लिए नहीं ह
00:15होना चाहिए हमारे मौजुदा प्रतिमान के लिए होनी चाहिए हमारी व्यवस्थाओं के लिए होनी चाहिए
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