00:00सबसे पहले हम यह कहना चाहते हैं कि जिस AI Summit के लिए भारत ने इतनी मेहनत की,
00:05जिस Summit की वज़े से AI के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को लेकर एक नई चर्चा शुरू हुई
00:11और जिसे इंडिया's AI Moment तक कहा जा रहा है, क्या उस अंतराश्य समेलन को सिर्फ एक यूनिवरसिटी के जूट
00:17की वज़े से बरबाद मान लिया जाएगा?
00:20आप खुँच सोचें कि क्या ये सही होगा कि गलगोटिया यूनिवरसिटी के एक जूट के लिए भारत के पूरे AI
00:27Summit को सजा दी जाएगा?
00:29हम मानते हैं कि गलगोटिया यूनिवरसिटी ने जो जूट बोला, जो गलती की, वो किसी अपराद से कम नहीं है,
00:35पूरे देश की छवी को नुकसान पहुचाया, जिस समेलन को भारत अपनी आवाज बनाकर पूरी दुनिया तक ये संदेश पहुचा
00:43रहा है, कि हम भी अब �
00:45अपरिका और चाइना से पीछे नहीं रहेंगे, और अपने खुद के AI मोडल्स और टूल्स बनाएंगे, उस समेलन में चाइना
00:52के रोबोटिक डॉग को अपना बता कर, गलगोटिया यूनिवरसिटी ने भारत की छवी को बहुत बहुत बहुत बढ़ा नुकसान पहुचाय
01:01है, हमें गलगोटिया यूनिवरसिटी के ऐसे कई वीडियो में ले हैं, जिन से ये पता चलता है कि इस यूनिवरसिटी
01:06से जुड़े एक एक प्रोफेसर और चातर को इस बात की पूरी जानकारी थी, कि ये रोबोटिक डॉग इस यूनिवरसिटी
01:11से ने खुद नहीं बनाय
01:13है, बलकि इसी चाइना की एक रोबोटिक्स कमपनी यूनिट्री रोबोटिक्स से खरीदा गया, लेकिन इस बात को जानते हुए भी
01:20गलगोटिया यूनिवरसिटी की प्रोफेसर नेहा सिंग ने शब्द शाय ये कहा कि इस रोबोटिक डॉग को उनकी यूनिवरसिटी के से
01:27सेंटर आफ एक्सेलेंस ने विक्सित किया है, बड़ी बात ये कि जिब चाइना की मीडिया ने इस दावे का खंडन
01:34किया और गलगोटिया यूनिवरसिटी के जूट की पोल खोल दी, तब भी इस यूनिवरसिटी ने अपने आधिकारे बयान में इस
01:40जूट को स्वीकार नह
01:55निकल रहा है, इस यूनिवरसिटी के प्रबंधन ने अपने जूट को बचाने के लिए कई और जूट बोले, और ये
02:01कहा कि यूनिवरसिटी ने कभी इस बात का दावा नहीं किया कि इस रूबोटिक डॉग को उसके द्वारा बनाये गया
02:05है, और प्रोफेसर नेहा सिंग न
02:20नोने ही चाना के रूबोटिक डॉग को अपनी उनिवरसिटी का रूबोटिक डॉग बताया और बाद बेस जूट को छिपाने के
02:26लिए कई और जूट बोलने लगी, सुनिये
02:52इस रूबोटिक डॉग को अपने डॉग कि अपने कहा था कि आप जो टेक्नोलजी है जो रूबोट है वो आपने
02:59डॉबलब किया है उसको लिए काफी बदिखा सुना देता हूं अपने यह मैं एक लाग बार देख चुकियों जी मैं
03:08बता देती हूं मैं दोनों चीजे ख्ल
03:09कर देती हूं पहली बात तो जो आपकी रील है उसमें उसके फीचर बताए जा रहे हैं उसमें क्लेमिंग यह
03:15वो कुछ नहीं कहा गया एक जो दूसरा बाइट है उसमें यह कहा गया है कि this has been procured
03:20and this is what we the students would develop in collaboration with the centers of excellence ठीक है एक गल्गोटियाज
03:27उनिवरसिटी तो गल्गोटिय
03:39ने भी समेलन से गल्गोटियाज उनिवरस्टी के पविलियन को खाली करा लिया है और इस पविलियन की लाइटों को भी
03:45बंद कर दिया गया है हलकि यहां यह सवाल आपके मन में भी होगा कि गल्गोटियाज उनिवरस्टी समेलन में चायना
03:51के मने रोबोटिक डॉग को कैसे
03:53लेकर आई और आखिर जिन जिनके उपर ये जिम्यदारी थी प्रबंधन की उन्होंने ऐसा करने से उन्हें रोका कैसे नहीं
04:02यह बात हम इसने कह रहे हैं क्योंकि यह कोई निजी सम्मेलन तो था नहीं इस सम्मेलन का आयोजन भारत
04:08सरकार खुद करा रही है और सम्मेलन के लि�
04:16अनुमती जरूर ली गई होगी उदारन के लिए गलगोटिया उनिवर्सटी ने समेलन में अपना पविलिन लगाया तो इसके लिए पहले
04:22उसने आवेदन दिया होगा और भारत सरकार की
04:26Ministry of Electronics and Information Technology को ये बताया होगा कि वो अपने पविलिन में किस तरह के
04:31प्रोडक्स और डेमोस को दिखाना चाहती है जब मंत्राले ने गलगोटिया उनिवर्सटी के आवेदन की समीक्षा करने के बाद उसका
04:40चैन किया होगा तभी तो उसे इस समेलन में अपना पविलिन लगाने की अनुमती मिली होगी और इसलिए हमें लगता
04:47है कि पूरा मामला �
04:49जाच के दाइरे में आना चाहिए और यहां इस बात को देखने की जरूरत है कि क्या गलगोटिया उनिवर्सटी ने
04:55अपने आवेदन में सरकार को पहले से यह बताया था कि वो एक चाइनीज माल को भारत के AI समिट
05:00के मंच पर दिखाने वाली है और कहने वाली है डिवेरप्
05:05गलगोटिया उनिवर्सटी यह को लोकल सम्मेलन तो था नहीं यह AI इंडिया AI इंपक्ट इंडिया सम्मेलन था इसके अलावा यहां
05:17यह भी देखना होगा कि प्रफेसर नेहा सिंग ने जूट क्यों बोला गलगोटिया उनिवर्सटी अब यह क्यों कह रही है
05:21कि यह सारा ब�
05:34साथ साथ अपना प्रचार भी कर रही थे, आप खुझ सोची है एक university का सबसे बड़ा मकसद क्या ہوتा
05:40है
05:40उसा मकस्द यह होता है कि जादा से जादा स्टूडेंट्स आए जादा चात्र मतलब जादा पढ़ाई करने वाले चात्र मतलब
05:46जादा फीज पटल जादा कमाई और यह तब ही होता है जब चात्रों को उस
05:52उनिवर्स्टी में कुछ अलग दिखाई थे गल्गोटियाज उनिवर्स्टी का तो पूरा स्टॉल लग गया
05:59एई इंडिया समिट में अभी कितने दिनों तक इसके बड़े-बड़े अख़बारों में फुल पनने के प्रश्टहार छपते
06:08और सब किस लिए? सिर्फ इसलिए कि और भी बच्चे आकर्शित ही
06:12इस वामले में गल्गोटियाज उनिवर्स्टी पर आरूप है कि उसने चाइना के रोबोटिक डॉग को अपना बता कर अपनी छवी
06:17बेहतर करने की कोशश की
06:18ऐसा शायद को छात्रों को लुभाने के लिए किया होगा
06:21गल्गोटियाज उनिवर्सटी को लेकर यूट्यूब और सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो बनाए गए है
06:25जिनमें सीधे सीधे यह आरूप लगा आगया है
06:28कि यह उनिवर्सटी चात्रों को पढ़ाई के बाद नौकरी दिलाने के लिए प्रेस्मेंट का जो दावा करती है
06:32वो दावे बढ़ा चड़ा कर पेश किये जाते हैं
06:35इसके कई चात्र गुमरा होते हैं
06:37वो इस उनिवर्सटी में दाखिला ले ले लेते हैं
06:39ऐसा नहीं है कि यह आरोब बाकी प्राइवेट उनिवर्सटी और कॉलेजिस पर नहीं लगते हैं
06:43हमारे कहने का मतलब सिर्फ यही है कि उनिवर्सटी के प्रमोशन के लिए ऐसे जूप
06:47और ऐसे घलत प्रचार का कई बार सहारा लिया जाता है
06:51और यही कारण है कि इस मामले में भी गलगोटियाज उनिवर्सटी ने जो किया
06:54उसकी जाच होनी आवश्चक है उसे सिर्फ इस समेलन से बाहर का रास्ता दिखा कर यह मामला रफा दफा नहीं
06:59होना चाहिए
07:00आखिर यह भारत का मंच्छ था
07:03यह इंडियाज ए आई मोमेंट है और कोई प्राइविट युनिवर्सटी अगर उस पर दाग लगा
07:11तो ऐसे ही जाने देंगे आप पुझानकर हिरानी होगी कि यह उनिवर्सटी अभी दिल्ली के पास ग्रेटर नौडा में मौजूद
07:16है
07:16यहां 2015 में 8000 बच्चे पढ़ रहे थे लेकिन साल 2023 में इन चात्रों की संक्या 30,000 हो गई
07:23और यह संक्या इसले भी बढ़ी क्योंकि इस उनिवर्सटी में प्लेस्मेंट 98% तक माला जाता है
07:28इसका मतलब यह है कि अगर 100 चात्र पढ़ रहे हैं तो 98 चात्रों की पढ़ाई के बादी युनिवर्सटी की
07:34मत्स से नौकरी लग दिए
07:37हम इन चालें जो आंकड़े यह बता रहे हैं उनको चालेंज नहीं कर रहे हैं बस हम आपको यह बता
07:43रहे हैं कि इस तरह की प्राइविट युनिवर्सटी में छात्र महेंगी फीज दे कर तभी पढ़ने जाते हैं जब उन्हें
07:48अच्छी प्लेस्मेंट का भरोसा दिया था
08:05इस युनिवर्सटी ने अपने प्रचार के लिए चाइना से खरीदे गए उस रोबोटिक डॉक के ऐसे कई विडियो बनाए जिससे
08:11ऐसा लगी कि युनिवर्सटी कितने आधूने के और जादा ज्यादा चाते इस युनिवर्सटी में पढ़ने के लिए आकर्शित और यह
08:19�
08:19इस विवाद हम सिर्फ हवा में नहीं कह रहे हैं बलकि हमारे पास इसके विडियो हैं और अब मैं आपको
08:24स्क्रीन पर कुछ आंकड़े दिखाना चाहती हूं जो इस विवाद का एक दूसरा पहलू भी पूरे मुद्दे पर दिखाते हैं
08:30तो आए बड़ी स्क्रीन की तरफ �
08:32पढ़ते हैं और आपको दिखाते हैं कि गलगोटिया युनिवरस्टी की फीस क्या है स्क्रीन पर कुछ ऐसे आकड़े दिखाना चाहती
08:37हूं जो इस विवाद का एक दूसरा पहलू भी दिखाते हैं गलगोटिया युनिवरस्टी का नाम भारत की उन प्राइविट युनि�
09:00AI में BBA तो 6 लाग, AI में BSC तो 6 लाग, चाइना में बना रोबोटिक डॉग 2 लाग का
09:09और इसको दिखाकर किस तरह की फीस की तैयारी होती है आज सवाल यही है कि आखिर किस मन्शा से
09:15आप AI इंडिया इंपक्त के समेलन में जा रहे थे और चाइना से खरीदा हुआ कुता वह
09:30पीस ले लेके आप यहां पर करा रहे हैं और चाइना का कुता वहां दिखा रहे हैं, रोबोटिक डॉग, क्या
09:36जरुवत थी इसकी? भारत के AI समिट में इस यूनिवरस्टी की प्रोफेसर के जूट ने भारत का नुकसान किया और
09:43अब राहूल गानिक से लेकर विपक्ष के
09:45ने था, कई लोग इस घटना को आधार बना कर इस अंतराश्रे AI समेलन को निशाना बना रहे हैं, मजाग
09:49बनाया जा रहा है, जबकि हमें लगता है कि इस यूनिवरस्टी के जूट के लिए देश के बाकी इनोवेटर्स की
09:55महनत का मजाग बनाना, उन्हें सजा देना, सही न
10:15अब इसका भी मजाक उड़ा रहा है, पता नहीं यह थर्मो कॉल में इधर से उधर से लफीन बांदिया है,
10:20तार भी ऐसे बांदिये और यह भी वहाँ पर लगा दिया तो गलगोटिया के पावेलियन में अलग अलग अलग चीजे
10:28डिस्प्ले रखी ती, रोबो कुले के ब�
10:49अब था पैसे बांदिया है, तो बताये क्या बनाया है अपनी एक्या चीज है?
11:16लेड रबर से बाडी बना रखी है इस चीज़ रखी जाती है लेकिन आवाम तरफ पर इंटनाशनल पवेलियन है यह
11:34समिट है ड्रोन मॉडल बना रहे क्या है यह अर्मा गुल
11:38अब यह पस्ट एयर के भी बच्चों ने अगर बनाई है नॉमली आप चौती पाच्वी के जो बच्चे है ना
11:42स्कूल में वो करते हैं तो ड्रोन पर तो अभी जो रोबोर्ट था उस पर भवाल हुआ है यह मुझे
11:47एक से अलग दूसरी चीज़े भी जेख दी क्या इसी को इन
12:07दाविदार बनना है हमारी सरकार हमारे युवाओं को इनोवेशन और रिसर्च के मामले में स्थिती को सुधारना होगा कई बड़े
12:13बदलाव करने होंगे आज भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स की सूची में 38 स्थान पर है जबकि पूरी दुनिया की सबसे
12:19बड़ी य
12:32इसराइल 14 वे अमेरिका नई नई खोज करने के मामले में 30 स्थान पर है इसी तरह वर्ल्ड इंटेलेक्ट्वल प्रॉपर्टी
12:38इंडिकेटर्स के मुताबिक साल 2024 में भारत की तरफ से सिर्फ 64,000 पैटन्स के लिए आवेदन दायर हुए थे
12:45जबकि इसी दौरान चाइना ने
13:02पर सबसे ज़्यादा पैसा चाइना खर्च करता है उसके बाद अमेरिका नंबर्स आपके सामने है अमेरिका के बाद जबैन जर्मनी
13:12दक्षन कोरिया ब्रिटन का नंबर आता है हम इस सूची में सातवे स्थान पर हैं अपनी जीडिपी का शूने दशम्रों
13:186 प्रतिशत रि
13:32सबसीडी पर तो हम इतना खर्च करने को तयार हैं लेकिन हम अपने रिसर्च एंड डिवलप्मेंट पर कितना खर्च करें
13:38हैं अगर एई के यूग में हमें आगे निकलना है तो हमें कई बड़े एतिहासिक बदलाव करने का ऐसा नहीं
13:46है कि भारत के लोगों और भारत के य�
13:57पूल के हैं और यह हमारी वो ताकत है जिसे हर कोई स्वीकार करता है
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