00:00बुंदेलखन को अलग राज का दर्जा देने को लेकर लगातार अलग-अलग अंदोलन छड़े हैं और ऐसे एक अंदोलन के
00:08जो सुत्रधार है राजा बुंदेला और उनकी पूरी टीम यहाँ पे मौजूद है एक किताब कभी यहाँ पे विमोचन हुआ
00:16है जिसका नाम है ब�
00:25अधिकी से पलायन जो है भुकमरी, गरीबी और बेरोजगारी से तरस्त बुंदेलखन को जादा अटेंशिन की जरूरत है एक अलग
00:35दर्जे की अलग पहचान की जरूरत है इस मां को लेके लगातार पद्यात्राएं भी चल रही है और आप यहाँ
00:42पे देखे कि राजा बु
00:55का जो पॉपस है उनका जो मकसद है अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए तो आज एक किताब भी
01:01लिखी गई है और खुद एक बुंदेल खंडी ये किताब लिख रहे हैं आप लोग लगातार मैं देख रही हूं
01:07कि कई सालों से आपको जानती हूँ यह आंदोलन आज का
01:10नहीं है और यह मांगे दशकों से चलती चली आ रहे हैं अब कहां आपको लगता है कि अभी चौते
01:16चरण में आपका आपकी पध्यात्रा पहुच रही है राजा बुंदिला साब तो कहां लगता है आपको कि आगे कहां तक
01:23जाएगी और क्या लक्ष है अब यह तो नहीं मैं
01:26कह सकता हूँ कि कहां तक जाएगी लेकिन हमारा तो संगरस जारी रहेगा हम विद्रो नहीं कर रहा है हम
01:32विरोत कर रहे है हम उस राज की मांग कर रहे हैं जो अंग्रेजों के समय में था
01:36मुगलों के समय में था और ना जाने कब वो बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश और मद्ध प्रदेश में कनवार्ट हो गया
01:42तो हमारी मांग यह है कि 403 विधायकों में बुंदेलखंड के उत्तर प्रदेश के 19 विधायक हमें क्या लेके आएंगे
01:49और जो जो भी यह जनाएं हुई है धरातल पर मैं आपको बता रहा हूँ डिफेंस कोरिडोर जनता को कहीं
01:55कोई सीधा कोई लाब नहीं है और ना लाब आगे कभी होगा आपका जो एक्सप्रेस में बुंदेलखंड है उस पर
02:01भी टोल्टेक्स 600 रुपे से जाधा पड़ता है �
02:05तो ऐसी जो सरकार की उजनाएं हैं वो जने हित्में होंगी आगे भविश में लेकिन इसमय मैं नहीं है इस
02:12समय 67 प्रतिशत पलाइन है इसलिए मानिय राकष जी ने किताब भी लिखी पलाइन वहां का नौजवान पड़ लिख के
02:19भी ए में होके घर जमीन जाजा दिबिक्�
02:33की दूसरे शेरों में साथ जगह हमारी नदियों में पानी है लेकिन हमारे यहां का जाता है सुखा है यह
02:38जितने भी मैनमेट जो प्रॉब्लम्स हैं उनको समाथ करने के लिए के बल एक ही ही तरीका है हमारा राज
02:45स्वाराज और उसी राज की लड़ाई हम लड़ रहे हैं औ
03:02और इसलिए हमें सरकार से कह रहे हैं कि आपके मैनेफेस्टो में मैं खुद बीजेपी का सदस हूँ मुझे पता
03:08है कि इनके मैनेफेस्टो में हैं तीन राज बिदर्बा पुरवांचल और बुन्देलखंड तो अब यह सही समय है 27 करोड
03:14की आबादी वाले प्रदेश को बा
03:28खरीबी भुकमरी और जित जो समस्याएं हैं चाहिए वो सूखा हो एक तरीके से महिलाओं के लिए भी बहुत साथ
03:36जादा जिस तरह से ब्रून हत्या से लेके तमाम मामले हैं आपको लगता है कि एक अलग राज का दरजा
03:43जब मिलेगा तो जादा इन सब मुद्दों का हल न
03:58आ रहे हैं क्योंकि जब हम जानते हैं कि हमारे यहां पर पुनर गठन हुआ था जिले जिलों का वो
04:04इसलिए बनाए गए थे ताकि हर छेतर का संतुलित और समान रूप से विकास हो सके तो यह हम विकास
04:11की बात कर रहे हैं कि एक समान रूप से क्योंकि बुंदेल खंड हमने �
04:15उसको ये तो इतिहास में हम सब जानते बुंदिल खंड अस्तित रखता है अपना, बाद में इसको उत्रप्रदेश और मद्ध्रदेश
04:23में डिवाइट किया, उससे जो उसकी जटलता है न वो आसान नहीं हुई, वो और जटल होता गया उनकी जो
04:30प्रॉब्लम्स थी, तो मु�
04:45आती नौ सेना से रेटाइड हूँ, और मैं काफी सक्रीत आसे बुंदिल खंड को देख रहा हूँ, तो 12 मैर्स
04:501947 को जब हमारे देश में राज बनेते हैं, तो बुंदिल खंड उसमें एक पार्ट था, लेकिन फिर पुर्णर गठन
04:56आयों, 1956 में हुगा फस्ट में को, तो उस
05:12लाइने लिकी हैं, समय में लेका दो बताएं, पलाइन की पीड़ा मैं ये कहना चाहता हूँ, बुंदेली माठी ससकती रोज
05:19कहती है, पलाइन की पीड़ा बड़ी कस्ट दाई होती है, सूखे खेतों में पसीना सूख जाता है, जल जमीन जंगल
05:27का नाता तूट जाता है, स�
06:02बुंदेली माठी ससकती रोज कहती है, पलाइन की पीड़ा को ही जिस तरह से ये बता रहते हैं,
06:11इस किताब में लेखांकित किया है, आप देखिए, राकेश कुमार अगरवाल साब हमारे साथ है, और लगातार जिस तरीके से
06:19बुंदेल खंड की बात होती है, तो हमेशा प्रगति की बात नहीं होती है, जो मुख्यधारा से बिल्कुल विलुक्त है
06:28और परे हैं, बुंदे
06:41मुंदेल खन हमेशा से सरमौर रहा है लेकि दुर्भाग यह है कि पीते 75 सालों में मुंदेल खन के साथ
06:46जो दोगला बेवार हुआ है दोयम दरजे का जो बेवार हुआ है बुंदेल खन उस पीड़ा से जूज रहा है
06:53और उससे उबारने की जरुवत है माननी प्रधानमंती ज
07:10सत्र में बुंदेलखंड राज की वो घोश्रा करें तो कि अब वक्त भी है और बुंदेलखंड पैसे भी मैं आपको
07:17बता हूँ पॉलिटिकली द्रश्टी से भी बात करूँ
07:21इस किताब में बुंदेलखंड का इतिहास है बुंदेलखंड का अतीत है और बुंदेलखंड का वर्तमान है जिस तरह से बुंदेलखंड
07:29से पलायन हो रहा है बुंदेलखंड से जवानी गायब हो गई है के बल बुढ़े बुजर्ग लाचार माता पिता वहां
07:35रह गई हैं ब
07:48इज़ेपी सर्कार क्योंकि डबल इंजन की सरकार है और पहले 26 जारकर्ण ये राज्य बनाए गए तो ये वत अएकि
08:11कि
08:11214 बीपी आउस में चोटे राज बनाव समीती वहां काम करते हैं और सारे स्टेट वहीं से बना है के
08:20सियार भी आते थे यह तो राजा जी हमारे साथ हमेशा रहे हैं तो मुझे इस बात का अफसूस है
08:27कि हमारा राज बन गया आपका यह तेलंगाना बन गया 36 गर बन गया तो ब
08:40करना चाहिए देखे समय की मांग है पुकार है और बुंदेल खंड राज जो है सरकार को प्रेम से दे
08:50देना चाहिए आप प्रेम से नहीं देगा तो जनता आप वो पढ़े लिखे है बेबकूप नहीं है हम तो बराबर
08:59बोलते हैं कि इस कलम से लिखो अगर आपका आवेदन
09:05पर गंबिरता से विचार नहीं हो तो मोटा कलम लोग बनाएगा और जब मोटा कलम से लिखना सुरू करेगा तो
09:15सरकार की होस्ट ठिकाने पर आजाएगा
09:17मैं तो और भी बात बोलना चाता हूँ हमको तो राजा साहब ने ये अंदोलन का कोच डिकलियर किया है
09:26तो मैं कोच के कैसे खिलारी कैसे अच्छा खेलेगा उसके लिए मैं आया हूँ और मैं उन लोगों को वैसा
09:35कोच दे दूँगा जो आगे चलके सरकार परिशान हो जाए
09:47राज बनाओ नहीं तो सरकार को पच्टाना पड़ेगा तो बात ये कह रहे हैं कि मायावती ने एक बरी चर्चा
09:54जोरों पर थी कि मायावती की सरकार ने पूरा तयार खाका कर दिया तो आपको लगता है आगे क्या है
10:01मतलब क्यों खाका तयार है
10:02माया वठीजी के खाके में जो उन्होंने निर्ड़े लई या था वो केबिनिट में लिया था अगर विदान सावा में
10:09वो पास हो गया होता तो समझ सही खत्म हो गई है उन्होंने अपने चार मंत्रियों के बीच आनन पानन
10:14वो तै किया और वो केंद्र को भेजा जो केंद्र �
10:19निश्चत तोर पर देखे एक तो पर्सीमन होने वाला है उत्तरप्रदेश की आबादी 27 करोड़ से भी जादा है ऐसी
10:26परस्तिती में 403 से बढ़कर 700 के लगबग विदान सबाएं हो जाएंगी फिर आपकी लोग सब्सक्राइब की सीट 80 से
10:34बढ़कर और होंगी ऐसे हालात में
10:38सरकार को मजबूरन कोई न कोई फैसला लेना पड़ेगा और जो उनके सामने उच्छत नेड़ए है और सालों से जो
10:44लड़ जो संगर्श है जो बिलकुल करेक्ट है कि भई आप सब कुछ कहतो रहे हो लेकिन आप कर नी
10:50रहे हो आप हमारा पानी ले रहे हो आप हमारी बिजल
11:07Grace कि दिये हुए हैं लेकिन उन्होंने एक बात कहीं जिस से मैं सेहमत हूं उन्होंने का यह हमारी priority
11:14पड़ नहीं है आप ये बात समझएहों उन्होंने का देश
11:17के सामने इस पर जोलन बहुत सारी समझ जाएं यह प्रार्थ मिक्ता पर नहीं है लेकिन निश्यत तोर पर हम
11:23छोटे राजियों के पक्षर रहें और छोटे राज बनने चाहिए यह हम मानते हैं और हमने बनाए भी है तो
11:28अब इसके अलाबा और क्या कहा जा सकता है हम उस प्रा
11:45हादुरी और शौर्य की गाथाई मुंदेलखन से उपजी है तो आपको लगता है कि ऐसा भी है कि करो या
11:52मरो की स्थितिया सकती है आप लोगे नहीं देखिए उसके मरने की जुरूरत नहीं उसके अलाबा दूसरे भी रास्ते हैं
11:58हम यहाँ पर भूख अरताल पर बैठेंग
12:01हम धर्ना प्रदाशन करेंगे गाउं गाउं में हम लोगों को जगाएंगे देखिए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के हम पक्षदर
12:08नहीं है इसलिए अंदूलन लंबा हो गया है किसी के बेटे को मैं जेल में डलवा दू अपनी सरकारी बसें
12:14जलाओं रेल रोक
12:15हूं सरकारी दफ्तों में आग लगवा हूं यह कहां करने आए होगा भी हम खुद ही वो कर रहे हैं
12:21जो हम जिसके खलाब खड़े हैं तो हो सकता है संगर्श लंबा हो लेकिन हम जिस गती से जिन्दा हैं
12:28और अभी वही बात कह रहे हैं जिस बात को हम कहते आएं शुक्रिया ह
12:45इंतिजार का सबर का फल मीठा होता है हम यही उम्मीद करते हैं कैमरा परसन अभी शेख के साथ मौसमी
12:51सिंग दिली आज तक
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