00:00अंग्रेजों से लड़कर टीपू की शहादत हुई
00:03जेल में बैटकर टीपू तुम्हारे वीर की तरह छेछे लवलिटर नहीं लिखा अंग्रेजों को मैं माफ कर दो तुम जो
00:10बोले मैं करता हूँ
00:11टीपू तलवार लेकर अपने मुल्क को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए शहीद हो गया
00:18क्या ये बात सच नहीं है देविंदर फटनविस साब
00:22कि टीपू की लाश के पास से उसके पास से अंगोटी निकली सोने की उस पे क्या लिखावा था राम
00:29और दो हजार चौदा में बरतानिया में एक लाग चालीस हजार पाउंड में उसका हराज हुआ
00:37निन्यानवे में टीपू सुल्तान की शहादत हुई
00:42अंग्रेजों से लड़कर टीपू की शहादत हुई
00:45जेल में बैटकर टीपू तुम्हारे वीर की तरह छेचे लव लिटर नहीं लिखा अंग्रेजों को मैं माफ कर दो तुम
00:52जो बोले मैं करता हूँ
00:54टीपू तलवार लेकर अपने मुल्क को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए शहीद हो गया
01:01और अंग्रेजों को टीपू से इतना डर था कि देड़ घंटे तक टीपू की लाश पड़ी रही अंग्रेजों की फाउच
01:11के घेरे में टीपू की लाश है
01:13मगर डर रहे थे कि अगर शेर उड़ गया तो क्या होगा
01:18जब जाकर देखे तो टीपू का जिसम गरम था
01:22कि ये बात सच नहीं है देविंदर फटनविज साहब के टीपू की लाश के पास से उसके पास से अंगोटी
01:31निकली सोने की उस पे क्या लिखावा था राम
01:37उस पर राम लिखावा था
01:39और दो हजार चौदा में बरतानिया में एक लाग चालीस हजार पाउंड में उसका हराज हुआ
01:49कि ये बात जूट है
01:52कि एपी जी अब्दुलकराम ने अपनी किताब विंग्स ओफ फायर में लिखा
01:58कि भारत मौझूदा जो मिजाईल टेक्नालिजी रॉकिट टेक्नालिजी को आज कर रहा है
02:04वो टीपू के खाबों को पूरा कर रहे है
02:08एपी जी अब्दुलकराम तो आपके लिए हीरो हैं ना हमारे ने भी हमराब के लिए जादा है
02:14आप तो बोलते ने हर मुसल्मान एपी जी अब्दुलकराम को ना चाहिए ठीक है
02:20मैं खराब हूँ वो अच्छे हैं तो उनकी बात को मान लो
02:24विंग्स ओफ फायर में एपी जी अब्दुलकराम ने टीपू सुल्तान का जिकर किया
02:30अच्छा चलो ये भी मत मानो तो तुम गांधी को मानते नहीं मानते या फिर तुम गोड़से को मानते बोलो
02:35हमको
02:36गांधी ने अपनी यंग एज मैगजीन में लिखा के टीपू सुल्तान वास दे अमबाडिमेंट ओफ हिंदू मुस्लिम उनिटी
02:46यानि वो टीपू सुल्तान हिंदू और मुसल्मानों में महब्बत का यज्जाई था
02:52अब क्या गांधी को जुटा बोलेंगे आप मेरे को बोल सकते हैं
02:57क्या टीपू सुल्तान ने स्रिनगरी मत में फौज आई थी
03:06कहां से आई थी फटनविस बोलेंगे आपको मैं बोलूँगा तो फिर
03:10फौज आकर सोने का एक पुतला था उस मंदिर में लूट के लेके चले गए
03:17सारता देवी का टीपू ने वहां पर मंदिर को तामीर करवाया ग्रांट लिखे
03:281791 जुलाई 6 को टीपू ने खत लिखा था मिलकोटे को मिलकोटे की मंदिर के बारे में उसमें लिखा गया
03:36आज भी जाकर देख सकते
03:39बादेशा था टीपू टीपू डिमकराट नहीं था
03:44बादेशा और जमूरियत में फरक होता है आप एक तलाफ करो टीपू से
03:50मगर ये बोलना के नहीं टीपू इतना दुश्मन था अरे हर बादेशा को सिर्फ अपनी ताकट से मतलब रहता था
03:59माँ केलेक्शन था ओड डालने का मियार था कुछ नहीं था
04:04मगर तारीख को अगर आप तोड मोड के पेश करेंगे
04:08तो ये जरा हकीकत को पेश करना था और क्या ये बात जूट है या सच है बताओ
04:16अपाजी राम कौन थे टीपू सुल्टान की फौज के कमांडर थे
04:22ये भी बोलो आप जूट है टीपू सुल्टान के साथ थे ये लोग उनके तरजरर कौन थे
04:33खाजिन कौन थे क्रिशना राओ तो बीजेपी जो है इस तरह से तारीख को पेश करती के नफरत पैदा कर
04:42दो
04:43मगर भारत की पहली संविदान की किताब में टीपू की फोटू है या नहीं बता तो चलो
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