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Modi Govt Allows Wheat and Sugar Export: सरकार ने गेहूं और चीनी निर्यात पर लिया बड़ा फैसला! क्या देश में बढ़ेंगी कीमतें या होगा किसानों का बड़ा फायदा? इस वीडियो में समझिए सरकार की पूरी इनसाइड स्टोरी।
देश के किसानों और चीनी मिलों के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में रिकॉर्ड पैदावार और सरप्लस स्टॉक को देखते हुए 25 लाख टन गेहूं और 5 लाख टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, 5 लाख टन गेहूं से बने उत्पादों (Wheat Products) के निर्यात का भी रास्ता साफ हो गया है। सरकार का यह कदम रबी सीजन की नई फसल आने से पहले किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।
देश के गोदाम फिलहाल अनाज से भरे पड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निजी कंपनियों और व्यापारियों के पास करीब 75 लाख टन गेहूं का स्टॉक है, जो पिछले साल के मुकाबले कहीं ज्यादा है। साथ ही, रबी सीजन में गेहूं की बुवाई का रकबा भी बढ़ गया है। इन्हीं स्थितियों को देखते हुए केंद्र ने यह संतुलित फैसला लिया है ताकि न केवल किसानों की आमदनी बढ़े, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा पर भी कोई आंच न आए।
चीनी मिलों के लिए भी राहत की खबर है। सरकार ने चीनी सत्र 2025-26 के लिए 5 लाख टन चीनी के अतिरिक्त निर्यात की इजाजत दी है, लेकिन इसके साथ ही कुछ सख्त शर्तें भी जोड़ी हैं। मिलों को आवंटित कोटा 30 जून 2026 तक निर्यात करना होगा। निर्यात के इस फैसले से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी बढ़ेगी और किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर नहीं बेचनी पड़ेगी।

The Indian government has officially approved the export of 2.5 million tonnes of wheat and 0.5 million tonnes of sugar, aiming to support farmers and clear surplus domestic stock. This strategic decision by the Ministry of Food is expected to stabilize domestic prices while boosting the rural economy and ensuring better remuneration for farmers ahead of the next harvest season.

#WheatExport #SugarExport #FarmersNews #ModiSarkar #OneindiaHindi

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Transcript
00:04गोदाम भरे पड़े हैं खेतों में बंपर फसल तयार है और किसानों को सही दाम की आस है
00:10ऐसे में केंद्री सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिससे सीधे किसानों की जेब और बाजार दोनों को राहत
00:16मिलने वाली है
00:17गेहू और चीनी के निर्यात को हरी जंडी मिल चुकी है
00:21सवाल है कितना निर्यात होगा क्यों किया गया है ये फैसला और इसका असर किसवर पड़ेगा
00:27आये पूरी कहानी समझते हैं
00:29नमस्कार मेरा नाम है रिचा और आप देख रहे हैं बनिडिया हिंदी
00:32घरेलू बाजार में रिकॉर्ड पैदावार और सर्प्लस स्टॉक को देखते हुए कि इंद सरकार में बड़ा कदम उठाया है
00:38सरकार ने 25 लाग टन गेहू और 5 लाग टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दे दी है
00:48सरकार का साफ कहना है कि इस फैसले का मकसद घरेलू कीमतों में स्थिर्दा बनाए रखना और रभी सीजन की
00:55नई फसल आने से पहले किसानों को उनकी उपज और बहतर दाम दिलाना है
00:59खाद मंत्राले के मुताबिक इस समय देश में अनाज का भंडार बेहद आरामदायक स्थी में है
01:05नीजी छेतर और सरकारी एजनसियों तोनों के पास परियाब स्टॉक मौजूद है
01:09यही वज़ा है कि निर्यात खोलने से फायद सुरक्षा पर कोई खत्रा नहीं माना जा रहा है
01:14यहो की स्थिती क्यों बनी मस्बूत आकड़े इसकी गवाही देते हैं
01:18वित्वर्ष 2025-2026 के लिए नीजी कंपनियों और व्यापारियों के पास करीब 75 लाख टन गेहु का स्टॉक है
01:25जो पिछले साल के तुलना में लगबग 32 लाख टन ज्यादा है
01:29वहीं भारतिया खाद्यनेगम यानि की FCI के पास 1 अप्रेल 2026 तक केंद्रिया पूल में करीब 182 लाख टन गेहु
01:36होने का नुमान है
01:37यह मात्रा बफर नॉम से कहीं अधिक है
01:39इसके साथ ही रभी सीजन 2026 में गेहु की बुवाई का रखबा बढ़ा कर 334.174 लाख हेक्टियर पहुँच गया
01:47है
01:47जो पिछले साल 328.04 लाख हेक्टियर से बढ़ा था
01:52बढ़ा हुआ रखबा और अनुकूल मौसमी संकेत दे रहें कि इस बार भी उत्पाद मजबूत रहने वाला है
01:57ऐसे में निर्यात खोल कर बाजार में अतरिक्ट सप्लाई का दबाब कम करना सरकार की यही रणीती है
02:03चीनी उद्योग को भी मिली रहत
02:05सरकार ने गिहू के साथ-साथ चीनी मिलो को भी रहती है
02:07चीनी सब दुहाजार चेजोशाब़रियार एकशुक मिलो को अतरिक्ट पांच लाग टन चीनी निर्यात करने के अनुवधी दी गई है
02:14इससे पहले नेवेंबर 2025 में 15 लाग टन चीनी निर्यात की इजाज़त दी गई थी लेकिन जनवरी 2026 तक इसका
02:22पूरा इस्तिमाल नहीं हो पाया
02:24इस नए कोटे के साथ कड़ी शर्ते भी जोड़ी गई हैं
02:28मीलों को आवंटित कोटे का कम से कम 70% हिस्सा 30 जुन 2026 तक निर्यात करना होगा
02:34आवंटन प्रो राटा आधार पर पोगा और कोटा किसी दूसरी मेल को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा
02:40किसानों और बाजार पर क्यास
02:42निर्यात खुलने से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और पीक सीजन में डिस्ट्रेस सेल की आशंका कम होगी
02:48यानि किसानों को ओने पौने दाम पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी
02:53साथी घरेलू कीमतों को सपोर्ट मिलेगा जिससे ग्रामी नर्थ वैवस्था को मजबूती मिलने की उमीद है
02:58कुल मिलाकर सरकार का ये फैसला, उत्पाद, स्टॉक और बाजार तीनों के संतुलन को साधने की कोशिश है
03:05अब नजर इस पर रहेगी कि वैश्विक बाजार में भातिय गेव और च्विनी की मांग कितनी मजबूत रहती है
03:12और इसका फाइदा किसानों तक कितनी तेजी से पहुँचता है
03:15इस ख़बर में इतना ही, अप्रेट्स के लिए देखते रहें, वन इडिया हैंगे
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