00:04गोदाम भरे पड़े हैं खेतों में बंपर फसल तयार है और किसानों को सही दाम की आस है
00:10ऐसे में केंद्री सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिससे सीधे किसानों की जेब और बाजार दोनों को राहत
00:16मिलने वाली है
00:17गेहू और चीनी के निर्यात को हरी जंडी मिल चुकी है
00:21सवाल है कितना निर्यात होगा क्यों किया गया है ये फैसला और इसका असर किसवर पड़ेगा
00:27आये पूरी कहानी समझते हैं
00:29नमस्कार मेरा नाम है रिचा और आप देख रहे हैं बनिडिया हिंदी
00:32घरेलू बाजार में रिकॉर्ड पैदावार और सर्प्लस स्टॉक को देखते हुए कि इंद सरकार में बड़ा कदम उठाया है
00:38सरकार ने 25 लाग टन गेहू और 5 लाग टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दे दी है
00:48सरकार का साफ कहना है कि इस फैसले का मकसद घरेलू कीमतों में स्थिर्दा बनाए रखना और रभी सीजन की
00:55नई फसल आने से पहले किसानों को उनकी उपज और बहतर दाम दिलाना है
00:59खाद मंत्राले के मुताबिक इस समय देश में अनाज का भंडार बेहद आरामदायक स्थी में है
01:05नीजी छेतर और सरकारी एजनसियों तोनों के पास परियाब स्टॉक मौजूद है
01:09यही वज़ा है कि निर्यात खोलने से फायद सुरक्षा पर कोई खत्रा नहीं माना जा रहा है
01:14यहो की स्थिती क्यों बनी मस्बूत आकड़े इसकी गवाही देते हैं
01:18वित्वर्ष 2025-2026 के लिए नीजी कंपनियों और व्यापारियों के पास करीब 75 लाख टन गेहु का स्टॉक है
01:25जो पिछले साल के तुलना में लगबग 32 लाख टन ज्यादा है
01:29वहीं भारतिया खाद्यनेगम यानि की FCI के पास 1 अप्रेल 2026 तक केंद्रिया पूल में करीब 182 लाख टन गेहु
01:36होने का नुमान है
01:37यह मात्रा बफर नॉम से कहीं अधिक है
01:39इसके साथ ही रभी सीजन 2026 में गेहु की बुवाई का रखबा बढ़ा कर 334.174 लाख हेक्टियर पहुँच गया
01:47है
01:47जो पिछले साल 328.04 लाख हेक्टियर से बढ़ा था
01:52बढ़ा हुआ रखबा और अनुकूल मौसमी संकेत दे रहें कि इस बार भी उत्पाद मजबूत रहने वाला है
01:57ऐसे में निर्यात खोल कर बाजार में अतरिक्ट सप्लाई का दबाब कम करना सरकार की यही रणीती है
02:03चीनी उद्योग को भी मिली रहत
02:05सरकार ने गिहू के साथ-साथ चीनी मिलो को भी रहती है
02:07चीनी सब दुहाजार चेजोशाब़रियार एकशुक मिलो को अतरिक्ट पांच लाग टन चीनी निर्यात करने के अनुवधी दी गई है
02:14इससे पहले नेवेंबर 2025 में 15 लाग टन चीनी निर्यात की इजाज़त दी गई थी लेकिन जनवरी 2026 तक इसका
02:22पूरा इस्तिमाल नहीं हो पाया
02:24इस नए कोटे के साथ कड़ी शर्ते भी जोड़ी गई हैं
02:28मीलों को आवंटित कोटे का कम से कम 70% हिस्सा 30 जुन 2026 तक निर्यात करना होगा
02:34आवंटन प्रो राटा आधार पर पोगा और कोटा किसी दूसरी मेल को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा
02:40किसानों और बाजार पर क्यास
02:42निर्यात खुलने से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और पीक सीजन में डिस्ट्रेस सेल की आशंका कम होगी
02:48यानि किसानों को ओने पौने दाम पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी
02:53साथी घरेलू कीमतों को सपोर्ट मिलेगा जिससे ग्रामी नर्थ वैवस्था को मजबूती मिलने की उमीद है
02:58कुल मिलाकर सरकार का ये फैसला, उत्पाद, स्टॉक और बाजार तीनों के संतुलन को साधने की कोशिश है
03:05अब नजर इस पर रहेगी कि वैश्विक बाजार में भातिय गेव और च्विनी की मांग कितनी मजबूत रहती है
03:12और इसका फाइदा किसानों तक कितनी तेजी से पहुँचता है
03:15इस ख़बर में इतना ही, अप्रेट्स के लिए देखते रहें, वन इडिया हैंगे
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